अमेठी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पिछले करीब एक महीने से डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में एक्स-रे जांच की सुविधा ठप होने के कारण मरीजों को गौरीगंज स्थित जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच मरीजों को अतिरिक्त खर्च और लंबी दूरी तय करने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार, सीएचसी अमेठी में प्रतिदिन लगभग 30 से 50 मरीज एक्स-रे जांच के लिए पहुँचते हैं, जिनमें दुर्घटना में घायल, हड्डी रोग से पीड़ित तथा सीने संबंधी बीमारियों के मरीज शामिल होते हैं। मशीन खराब होने से मरीजों को या तो बिना जांच के लौटना पड़ रहा है या फिर निजी जांच केंद्रों पर अधिक धनराशि खर्च कर एक्स-रे कराना पड़ रहा है। मरीज राहुल कुमार, मोहित, नितिन सोनी, गीता, नीतू और पूनम ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि डॉक्टर जांच की सलाह देते हैं, लेकिन मशीन खराब होने के कारण उन्हें कई किलोमीटर दूर गौरीगंज जिला अस्पताल जाना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गर्मी के मौसम में यह समस्या बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर मरीजों के लिए और भी बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मशीन की मरम्मत न होने पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जिससे जांच में देरी और इलाज में भी विलंब हो रहा है। इस संबंध में, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी के प्रभारी डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि डिजिटल एक्स-रे मशीन में तकनीकी खराबी आ गई है। उन्होंने जानकारी दी कि मशीन की मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी और उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। डॉ. सिंह ने आश्वासन दिया कि जल्द ही तकनीकी टीम द्वारा मशीन को ठीक कराया जाएगा, जिसके बाद एक्स-रे जांच की सुविधा फिर से शुरू हो जाएगी। उन्होंने मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर जिला अस्पताल गौरीगंज में जांच कराने की सलाह भी दी है।
अमेठी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पिछले करीब एक महीने से डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में एक्स-रे जांच की सुविधा ठप होने के कारण मरीजों को गौरीगंज स्थित जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच मरीजों को अतिरिक्त खर्च और लंबी दूरी तय करने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार, सीएचसी अमेठी में प्रतिदिन लगभग 30 से 50 मरीज एक्स-रे जांच के लिए पहुँचते हैं, जिनमें दुर्घटना में घायल, हड्डी रोग से पीड़ित तथा सीने संबंधी बीमारियों के मरीज शामिल होते हैं। मशीन खराब होने से मरीजों को या तो बिना जांच के लौटना पड़ रहा है या फिर निजी जांच केंद्रों पर अधिक धनराशि खर्च कर एक्स-रे कराना पड़ रहा है। मरीज राहुल कुमार, मोहित, नितिन सोनी, गीता, नीतू और पूनम ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि डॉक्टर जांच की सलाह देते हैं, लेकिन मशीन खराब
होने के कारण उन्हें कई किलोमीटर दूर गौरीगंज जिला अस्पताल जाना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गर्मी के मौसम में यह समस्या बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर मरीजों के लिए और भी बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मशीन की मरम्मत न होने पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जिससे जांच में देरी और इलाज में भी विलंब हो रहा है। इस संबंध में, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी के प्रभारी डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि डिजिटल एक्स-रे मशीन में तकनीकी खराबी आ गई है। उन्होंने जानकारी दी कि मशीन की मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी और उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। डॉ. सिंह ने आश्वासन दिया कि जल्द ही तकनीकी टीम द्वारा मशीन को ठीक कराया जाएगा, जिसके बाद एक्स-रे जांच की सुविधा फिर से शुरू हो जाएगी। उन्होंने मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर जिला अस्पताल गौरीगंज में जांच कराने की सलाह भी दी है।
- अमेठी विधानसभा क्षेत्र-186 में समाजसेवी अनुराग प्रजापति द्वारा एक विशाल जन-स्नेह भोज और भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों, माताओं-बहनों, युवाओं और जरूरतमंद लोगों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की और प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम और बजरंगबली के चित्र पर माल्यार्पण और पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए अनुराग प्रजापति ने कहा कि भारतीय संस्कृति में अन्नदान को सर्वोच्च दान माना गया है, और समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा तथा सहयोग पहुंचाना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज सेवा, परोपकार और जनकल्याण की भावना ही उनके संस्कारों की पहचान है, तथा क्षेत्रवासियों का स्नेह, विश्वास एवं आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है, जिसके बल पर वे निरंतर जनसेवा के कार्यों में जुटे हुए हैं। उन्होंने इस अवसर पर "नर सेवा ही नारायण सेवा है तथा अन्नदान सबसे बड़ा पुण्यदान है" का संदेश भी दिया। इस भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सराहना की। अनुराग प्रजापति ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी सहयोगियों, क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान प्रोफेसर रूदल यादव, महावीर कश्यप, अरुण प्रजापति, हरिलाल प्रजापति, हरिराम मौर्य, दीपक सरोज, विजय जोरिया, बृजेश यादव, बजरंग श्रीवास्तव, प्रदुम मौर्य, कुंदन सरोज, बलराम यादव, निसार अहमद, पिंटू खान सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।3
- लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत खिन्नी चौराहे के पास कृष्णा जायसवाल देसी शराब ठेके के बाहर बीच सड़क पर भयंकर मारपीट हुई। इस घटना के कारण यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। यह स्थिति इस बात पर सवाल खड़े करती है कि शराब ठेकों पर आए दिन होने वाले ऐसे बवालों के बावजूद क्षेत्रीय पुलिस और आबकारी विभाग क्यों कोई कार्यवाही नहीं करते।1
- प्रतापगढ़ में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, जिलाधिकारी अभिषेक पांडे ने जनपद में चल रहे कार्यक्रमों में संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवा, संस्कार, सुशासन और सम्मान की भावना पर विस्तृत चर्चा की। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से आमजन के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों को भी रेखांकित किया। यह कार्यक्रम समेकित जनकल्याण एवं जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर जिलाधिकारी अभिषेक पांडे ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में 14 जून को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) द्वारा एक विशाल कार्यकर्ता महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।1
- कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से सीओ पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने देर रात क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न ड्यूटी प्वाइंटों, पिकेटों और डायल-112 वाहनों की जांच की, जिसमें पुलिसकर्मियों की उपस्थिति, सतर्कता और कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान, सीओ ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से आवश्यक जानकारी ली और ड्यूटी रजिस्टर व अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया। जांच में कुछ स्थानों पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों को कड़ी फटकार लगाई गई तथा भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी दी गई। सीओ ने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि वे ड्यूटी के दौरान पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, साथ ही आमजन से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस औचक निरीक्षण के मौके पर पट्टी कोतवाल आनंदपाल सिंह भदौरिया और कस्बा प्रभारी प्रशांत कटियार सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। पट्टी कोतवाल आनंदपाल सिंह भदौरिया ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना क्षेत्र में लगातार रात्रि गश्त, डायल-112 की निगरानी और पुलिस व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के प्रति पूरी तरह सजग रहने के निर्देश दिए और कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना तथा आमजन को सुरक्षा का बेहतर माहौल उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता है। देर रात हुए इस निरीक्षण से पुलिसकर्मियों में अनुशासन और जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ने की बात भी उन्होंने कही।1
- सुलतानपुर के चांदा/रामगंज/कोइरीपुर से 11 जून को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसकी सच्चाई जानने के लिए आज जाँच की गई। इस जाँच में सामने आया कि कक्षा 12 के छात्र आफताब (रामगंज) और कक्षा 11 के छात्र जीशान (दोस्तपुर) जैसे निरीह बच्चों को 'योगी बाबा के संरक्षित गुंडों' ने जबरन नारे लगवाए। इतना ही नहीं, उन्हें बेरहमी से पीटा भी गया और इन गुंडों ने खुद ही इस घटना का वीडियो वायरल कर दिया। पीड़ितों से सपा नेता शिक्षक श्यामलाल निषाद 'गुरुजी' ने मुलाकात की।1
- उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 'जय जय जय' के भक्तिपूर्ण उद्घोषों के साथ शनिदेव को नमन किया गया है।1
- शनिवार की सुबह अमेठी में अचानक काले बादल छा गए, जिसके बाद तेज हवा के साथ भारी बरसात शुरू हो गई। इस आकस्मिक मौसम परिवर्तन के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया और पूरे क्षेत्र का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज बरसात के चलते सीएचसी परिसर, तहसील परिसर, पशु अस्पताल, रामलीला मैदान, उपनिबंधक कार्यालय और ब्लॉक परिसर सहित कई जगहों पर पानी भर गया। मन्धर पट्टी संग्रामपुर मोड़ के पास बने अंडरपास में भी जलभराव हो गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। इसके साथ ही, सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।1