अलवर शहर के प्रमुख और व्यस्त काशीराम चौराहे की सड़क पर बना एक बड़ा गड्ढा इन दिनों लोगों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गया है। यह विशाल गड्ढा न केवल यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है, बल्कि इससे राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। रोजाना इस मार्ग से हजारों लोग गुजरते हैं और सड़क की इस खराब स्थिति के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह गड्ढा काफी समय से मौजूद है और धीरे-धीरे इसका आकार लगातार बढ़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों को इससे सबसे अधिक दिक्कतें आ रही हैं, क्योंकि गड्ढे से बचने के प्रयास में वे कई बार संतुलन खो बैठते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। वहीं, चारपहिया वाहन चालकों को भी अचानक ब्रेक लगाने या रास्ता बदलने पर मजबूर होना पड़ता है, जिससे चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था बाधित हो रही है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी इस गड्ढे के कारण परेशान हैं, जबकि रात के समय पर्याप्त रोशनी न होने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि गड्ढा साफ दिखाई नहीं देता और किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का आरोप है कि सड़क की इस बदहाल स्थिति के बावजूद संबंधित विभाग और नगर परिषद ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। बार-बार शिकायतें करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन एक ओर विकास और स्मार्ट सिटी की बातें करता है, वहीं दूसरी ओर आमजन की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी कर रहा है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन, नगर परिषद और सार्वजनिक निर्माण विभाग से तुरंत काशीराम चौराहे पर बने इस गड्ढे की मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह गड्ढा किसी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। फिलहाल, काशीराम चौराहे पर यह गड्ढा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है, और आमजन सुरक्षित तथा सुगम यातायात की मांग कर रहे हैं।
अलवर शहर के प्रमुख और व्यस्त काशीराम चौराहे की सड़क पर बना एक बड़ा गड्ढा इन दिनों लोगों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गया है। यह विशाल गड्ढा न केवल यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है, बल्कि इससे राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। रोजाना इस मार्ग से हजारों लोग गुजरते हैं और सड़क की इस खराब स्थिति के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह गड्ढा काफी समय
से मौजूद है और धीरे-धीरे इसका आकार लगातार बढ़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों को इससे सबसे अधिक दिक्कतें आ रही हैं, क्योंकि गड्ढे से बचने के प्रयास में वे कई बार संतुलन खो बैठते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। वहीं, चारपहिया वाहन चालकों को भी अचानक ब्रेक लगाने या रास्ता बदलने पर मजबूर होना पड़ता है, जिससे चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था बाधित हो रही है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी इस गड्ढे के कारण परेशान हैं, जबकि रात के
समय पर्याप्त रोशनी न होने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि गड्ढा साफ दिखाई नहीं देता और किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का आरोप है कि सड़क की इस बदहाल स्थिति के बावजूद संबंधित विभाग और नगर परिषद ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। बार-बार शिकायतें करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन एक ओर विकास और स्मार्ट सिटी की बातें करता है, वहीं दूसरी ओर आमजन की मूलभूत सुविधाओं की
अनदेखी कर रहा है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन, नगर परिषद और सार्वजनिक निर्माण विभाग से तुरंत काशीराम चौराहे पर बने इस गड्ढे की मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह गड्ढा किसी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। फिलहाल, काशीराम चौराहे पर यह गड्ढा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है, और आमजन सुरक्षित तथा सुगम यातायात की मांग कर रहे हैं।
- किशनगढ़ बास के विधायक दीपचंद खेरिया ने जयपुर विधानसभा में आयोजित समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। लगातार तीसरे दिन चल रही इस समिति की बैठक के दौरान, विधायक खेरिया ने किशनगढ़ बास विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ पूरे प्रदेश की समस्याओं के समाधान के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।1
- राजस्थान के बानसूर स्थित वीआईपी कॉलोनी में एक प्लांट मौजूद है।1
- विराटनगर के तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में ग्राम पंचायत पूरावाला के श्यामपुरा गांव में सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं पर एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का संचालन पैरा लीगल वॉलंटियर दाताराम गुर्जर ने किया, जिन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को बिजली, पानी, परिवहन, डाक, टेलीफोन, बीमा और अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े उनके अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। श्री गुर्जर ने यह भी बताया कि सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित किसी भी विवाद का निपटारा स्थायी लोक अदालत में बिना किसी खर्च के करवाया जा सकता है। इस जागरूकता शिविर में कुल 70 ग्रामीणों ने भाग लिया, जिन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को समझा।1
- राजस्थान के तिजारा क्षेत्र में सड़क चौड़ाइकरण के कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर 'सर्व समाज' ने उपखंड अधिकारी संजीव वर्मा को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम दिया गया है, जिसमें इन अनियमितताओं पर ध्यान आकर्षित किया गया है।1
- जम्मू-कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण जोजिला सुरंग का अंतिम 'ब्रेकथ्रू' सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और एलजी मनोज सिन्हा उपस्थित रहे। इस परियोजना के सफल समापन से अब यह क्षेत्र पूरे साल कनेक्टिविटी की सुविधा प्राप्त करेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास का सपना तेजी से हकीकत में बदल रहा है।1
- अलवर, राजस्थान से मिली खबर के अनुसार, पत्रकार महेंद्र सिंह सोनवाल ने प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली के एक बयान को साझा किया है। इस बयान में टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि 'विजयी सरकार' प्रशासन पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है।1
- विराटनगर क्षेत्र के नवरंगपुरा गांव में, मवेशियों का शिकार करने वाले एक बघेरे के बच्चे को वन विभाग द्वारा पिंजरा लगाकर सफलतापूर्वक पकड़ा गया।1
- नूंह जिले में बॉडी कोठी के पास पुलिस और गौतस्करों के बीच एक मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहा।1