Shuru
Apke Nagar Ki App…
देवरी पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उन्होंने एक हैरान करने वाली चोरी का खुलासा किया है। इस मामले में बेटे ने ही लालच में आकर अपने ही घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। देवरी पुलिस ने सूक्ष्म विवेचना और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने ₹7.57 लाख मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और ₹1 लाख नगद सहित चोरी का संपूर्ण माल बरामद कर लिया है। इस कार्रवाई से यह साबित होता है कि अपराधी चाहे कितना भी करीबी क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।
SUNEEL SINGH
देवरी पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उन्होंने एक हैरान करने वाली चोरी का खुलासा किया है। इस मामले में बेटे ने ही लालच में आकर अपने ही घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। देवरी पुलिस ने सूक्ष्म विवेचना और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने ₹7.57 लाख मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और ₹1 लाख नगद सहित चोरी का संपूर्ण माल बरामद कर लिया है। इस कार्रवाई से यह साबित होता है कि अपराधी चाहे कितना भी करीबी क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में सागर जिले की खुरई तहसील के ग्राम खिमलासा में एक जन-जागरण नशा मुक्ति रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे से दूर रहने की सलाह देना था। आयोजन के दौरान, रैली में शामिल लोगों को नशा न करने के लिए प्रेरित किया गया। विशेष रूप से, आने वाली युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में जाने से रोकने के तरीकों पर जोर दिया गया। इसके लिए, परम् पूज्य गुरुदेव आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा द्वारा लिखित साहित्य भी भेंट किया गया, जिसमें नशा मुक्ति के लिए गुरु संदेश समाहित था। इस जागरूकता रैली में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तहसील समन्वयक यशपाल सिंह चंदेल, तहसील प्रभारी (स्वावलंबन शिक्षण प्रशिक्षण) श्री भगवतशरण गोस्वामी, तहसील प्रभारी (युवा जोड़ो अभियान) डॉक्टर अभिनवसागर विश्वकर्मा, श्री शरद संज्ञा, श्री आशीष गोस्वामी, श्री कृपासागर विश्वकर्मा, श्री धर्मेंद्र उपाध्याय, श्री यशवर्धन चंदेल, श्री हरिओम कुर्मी, श्री लखन पाल, श्री हरीश कुशवाहा, श्री राजाराम साहू, निखिल साहू, श्री सुरेश विश्वकर्मा, श्री चंदू पटेल, श्री सुमित विश्वकर्मा, सरदार सेन, श्री आशीष नेमा और तांती कुशवाहा सहित सभी क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।3
- बुंदेलखंड के संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुँचे। उन्होंने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार ने पारंपरिक तेरहवीं की प्रथा न अपनाकर उनकी स्मृति में वृक्षों का वितरण कर एक अनूठी पहल की है। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं न करके उनकी स्मृति में वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके परिवार के लगाव को दर्शाता है। उन्होंने जोर दिया कि यदि आज हम जितना पानी कूलरों में डाल रहे हैं, उतने वृक्ष लगाए होते और वे कटे न होते, तो हमें आज पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। संत ने सभी से अनुरोध किया कि इस परंपरा को अपनाकर 'हरि के नाम पर हरियाली लगाएं' ताकि शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु प्राप्त हो सके। उन्होंने धनोरा परिवार को आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की ओर कदम बढ़ाने के लिए साधुवाद दिया, इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर स्वयं एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे। उनके निधन के बाद परिवार ने तेरहवीं की प्रथा न कर श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का निर्णय लिया था, जो उनके प्रकृति प्रेम की विरासत को आगे बढ़ाता है।4
- यह संदेश दिया गया है कि 'नया भारत' कैसा होगा, चाहे वह जाति-मुक्त समाज की ओर बढ़े या न बढ़े, इसका भविष्य पूरी तरह से आप सभी लोगों पर निर्भर करता है।1
- विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर बीना स्थित गायत्री शक्ति पीठ द्वारा नशा मुक्ति जन-जागरण के लिए एक भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। रविवार सुबह गायत्री शक्ति पीठ परिसर से शुरू हुई इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में संदेश लिखी तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से जनजागरण किया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को तम्बाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान "नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें", "धूम्रपान छोड़ें, स्वस्थ जीवन अपनाएं" और "नशा मुक्त भारत-स्वस्थ भारत" जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशा सिर्फ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। रैली में शामिल युवाओं ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन गायत्री शक्ति पीठ परिसर में हुआ, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ ली। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी समाज के हित में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।1
- बुंदेलखंड के संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी शुक्रवार को पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार ने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की तेरहवीं न करके, उनकी स्मृति में वृक्षों का वितरण करने का निर्णय लिया है, जिसे संतों ने पर्यावरण के प्रति लगाव का प्रतीक बताया। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं की जगह वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके परिवार के गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने इस अवसर पर टिप्पणी की कि “जितना पानी आज हम कूलरों में डाल रहे हैं, यदि हमने उतने वृक्ष लगाए होते और वृक्ष कटे न होते तो आज हमें यह पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।” संत विपिन बिहारी जी ने सभी से अनुरोध किया कि इस परंपरा को अपनाकर ‘हरि के नाम पर हरियाली’ लगाएं, जिससे शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु प्राप्त हो सके। उन्होंने धनोरा परिवार को साधुवाद दिया, जिन्होंने आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की दिशा में कदम बढ़ाया है, और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल करार दिया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे, और उनके निधन के बाद परिवार ने तेरहवीं प्रथा न अपनाकर श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था।1
- विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर बीना में गायत्री शक्ति पीठ द्वारा नशा मुक्ति जन-जागरण हेतु एक भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। यह रैली रविवार सुबह 9:00 बजे गायत्री शक्ति पीठ परिसर से प्रारंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, समाजसेवी और श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हुए। रैली का मुख्य उद्देश्य समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। प्रतिभागियों ने “नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें” तथा “धूम्रपान छोड़ें, स्वस्थ जीवन अपनाएं” जैसे नारों के साथ शहर के विभिन्न मार्गों से होकर जन-जागरण किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का कर्तव्य निभाने का आह्वान किया। रैली में युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और समाज में एक सकारात्मक संदेश देने का संकल्प लिया। आयोजकों ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियानों को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम का समापन गायत्री शक्ति पीठ परिसर में “नशा मुक्त भारत – स्वस्थ भारत” के संकल्प के साथ हुआ।4
- सागर के व्यस्त राधा तिराहे पर कोतवाली थाना पुलिस का आम जनता के साथ एक बार फिर संवेदनहीन और आक्रामक व्यवहार देखने को मिला। बीती शाम वाहन चेकिंग के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर मनमानी की, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने एक बाइक चालक को रोका और बिना शालीनता के सीधे उसकी गाड़ी से चाबी निकाल ली। जब नागरिक ने पुलिस के इस गैर-कानूनी और अपमानजनक व्यवहार का विरोध किया, तो पुलिसकर्मी अपनी गलती सुधारने के बजाय उल्टा उसी पर भड़क गए। इस तीखी बहसबाजी के कारण व्यस्त तिराहे पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। खुद को घिरता और किरकिरी होते देख पुलिस ने अपनी कमियों को छुपाने के लिए सत्ता और वर्दी का रौब दिखाना शुरू कर दिया। स्थिति को संभालने के बजाय, पुलिस ने तत्काल सख्ती दिखाते हुए उस युवक को एक अपराधी की तरह हिरासत में ले लिया। पुलिस ने अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए युवक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत आनन-फानन में प्रकरण दर्ज किया और उसका वाहन जब्त कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का हवाला देकर आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरी घटना से स्पष्ट है कि कोतवाली पुलिस आम जनता के साथ मित्रवत व्यवहार करने के बजाय डराने और दबाने की नीति पर काम कर रही है।1