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कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (छोटी सरवा में श्रद्धा भक्ति और आस्था के साथ मनाई हनुमान जयंती संगीत मय सुंदर काण्ड व प्रसादी वितरण हुआ संपन्न) मंगल को जन्मे मंगल ही करते श्री राम भक्त हनुमान जी हां राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ पावर हाउस में हनुमान जयंती पर हनुमान मंदिर पर भव्य सिंगार किया गया वहीं खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के गांव छोटी सरवा में हनुमान जयंती पर हनुमान मंदिर पर रंग रोगन बाबा का आक्रशक चोला चढ़ाया समाजसेवी देवेन्द्र कुमार जोशी ने बताया कि हनुमान जयंती पर संगित मय सुंदर काण्ड का आयोजन रखा गया,व प्रसादी वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें छोटी सरवा के हनुमान भक्तो ने बड चढ़ हनुमान जयंती के पवित्र मोके पर शामिल हों कर हनुमान जयंती को श्रद्धा भक्ति और आस्था के साथ मनाया
Dharmendra Soni
कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (छोटी सरवा में श्रद्धा भक्ति और आस्था के साथ मनाई हनुमान जयंती संगीत मय सुंदर काण्ड व प्रसादी वितरण हुआ संपन्न) मंगल को जन्मे मंगल ही करते श्री राम भक्त हनुमान जी हां राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ पावर हाउस में हनुमान जयंती पर हनुमान मंदिर पर भव्य सिंगार किया गया वहीं खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के गांव छोटी सरवा में हनुमान जयंती पर हनुमान मंदिर पर रंग रोगन बाबा का आक्रशक चोला चढ़ाया समाजसेवी देवेन्द्र कुमार जोशी ने बताया कि हनुमान जयंती पर संगित मय सुंदर काण्ड का आयोजन रखा गया,व प्रसादी वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें छोटी सरवा के हनुमान भक्तो ने बड चढ़ हनुमान जयंती के पवित्र मोके पर शामिल हों कर हनुमान जयंती को श्रद्धा भक्ति और आस्था के साथ मनाया
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- *कुशलगढ़ में हनुमान जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा: नगर हुआ भक्तिमय उमंग और उत्साह से माईई राम भक्त हनुमान जी की जयंती राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़: में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा दशामाता मंदिर से शुरू होकर बावलियां खाल हनुमान मंदिर पर समाप्त हुई।शोभायात्रा नईआबादी, पुलिस चौकी, गणपति मंदिर, नीलकंठ महादेव, गादिया गली, रतलाम रोड, गांधी चौक, नहेरूमार्ग से गुजरी। पूरे नगर में 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के उद्घोष गूंज उठे। नगर के प्रमुख चौराहों और मार्गों को केसरिया ध्वजों और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। यात्रा में भगवान राम मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। स्थानीय महारुद्र व्यायामशाला कुशलगढ़ अखाड़ों के युवाओं ने अपनी लाठी-काठी और साहसिक करतबों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड-बाजों की मधुर धुन पर श्रद्धालु थिरकते नजर आए और भजनों की धुन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह नगर वासियों और व्यापार मंडलों द्वारा पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया।व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। शोभायात्रा के मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। शोभायात्रा के समापन पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया, जहाँ श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।इस शोभायात्रा में सैकड़ों भक्तजन मौजूद थे।4
- Post by Rahul Meda1
- आधुनिक दौर में जहां शादियों में लग्जरी कारों और बड़ी बारातों का चलन बढ़ गया है, वहीं क्षेत्र के बिलडी गांव में एक अनोखी और परंपरागत अंदाज में बारात निकालकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया। बिलडी निवासी दीपक मुनिया पुत्र पुनिया मुनिया अपनी शादी के लिए ऊंटों की सवारी पर बारात लेकर निकले तो इसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गांव में पहली बार इतने बड़े स्तर पर ऊंटों की सवारी के साथ बारात निकाली गई, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। दीपक मुनिया अपनी दुल्हन कल्पना गरासिया पुत्री अशोक गरासिया को ब्याहने के लिए करीब एक दर्जन से अधिक ऊंटों पर सवार होकर बारात लेकर निकले। लगभग 500 से अधिक बाराती इस अनोखी बारात में शामिल हुए। बारात बिलडी गांव से रवाना होकर सात से आठ किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गरासिया बिलडी पहुंची। रास्ते भर ग्रामीणों ने इस अनूठी बारात को देखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े होकर स्वागत किया। दुल्हन की तरह सजे ऊंट बने आकर्षण का केंद्र— बारात में शामिल सभी ऊंटों को दुल्हन की तरह रंग-बिरंगे कपड़ों, घंटियों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। ऊंटों की सजी-धजी सवारी लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। दूल्हा और उसके परिजन भी कुछ ऊंटों पर सवार होकर बारात में शामिल हुए, जबकि कई बाराती ऊंटों के साथ चलते हुए नाचते-गाते शादी स्थल तक पहुंचे। इस अनूठे नजारे को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच गए। परंपरा को बढ़ावा देने की पहल— दूल्हे के पिता पुनिया मुनिया पुत्र दिता मुनिया ने बताया कि इससे पहले गत वर्ष भी उनके भतीजे की शादी में ऊंटों की सवारी से बारात निकाली गई थी। इस बार अपने पुत्र दीपक की शादी में भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि यदि समाज में इस प्रकार की परंपरा को बढ़ावा मिलेगा तो रेगिस्तान के इस महत्वपूर्ण पशु के पालन-पोषण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वाहनों की भीड़ से बेहतर परंपरागत तरीका— पुनिया मुनिया ने बताया कि आजकल एक बारात में दर्जनों कार, बोलेरो, बस और अन्य वाहनों का उपयोग होता है, जिससे खर्च भी अधिक होता है और भीड़भाड़ भी बढ़ती है। पहले जहां एक बारात में सौ से अधिक वाहन निकलते थे और लाखों रुपए खर्च हो जाते थे, वहीं ऊंटों की सवारी से कम खर्च में पारंपरिक और यादगार आयोजन किया जा सकता है। इस बारात में सात से आठ किलोमीटर तक बाराती ऊंटों के साथ नाचते-गाते चलते रहे, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और उल्लास का अनोखा रंग देखने को मिला। दूल्हा व परिजन पहुंचे विवाह मंडप तक— दूल्हा व उसके परिजन अनीता मुनिया, अनिता गरासिया, निकीता पुत्री दामाद सुनिल बारीया, निशा पुत्री दामाद सुनिल भाई, आस्था खातु भाई, मोहन भाई, नरसिंह भाई, कानु भाई, प्रकाश, दिनेश, भुरजी भाई, कलु भाई, मातु भाई, लखमा वडखिया, लकसी, भारत वडखिया, गिरूं, सवजी, कार्तिक, प्रभु, राकेश पुत्र बहादुर वडखिया, पुनमचंद वडखिया, दुदा पुत्र जागींड, तेरसिंह सोहन, लालु, हुरमल, पंकज, रकमा, नकजी, कानसेंग पुत्र दला वयडा परिवार, सरपंच शंकरलाल, कालु, साहील, संजय जखोडीया परिवार समेत कुछ ऊंटों पर सवार होकर तो कुछ ऊंटों के साथ चलती लोरी में बैठकर विवाह मंडप तक पहुंचे।1
- Post by Tiger a c j 26 news1
- Post by Bapulal Ahari1
- लखपति दीदियों को दिया आत्मरक्षा का प्रशिक्षण एवं टेबलेट किये वितरित सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा के मुख्य आतिथ्य मे कार्यक्रम हुआ आयोजित लखपति दीदियों को टेबलेट का वितरण कार्यक्रम का आयोजन सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा के मुख्य आतिथ्य में किया गया। राजीविका महिला समूह से सागवाड़ा ब्लॉक् की 10 लखपति दीदियों को टेबलेट का वितरण सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा के द्वारा किया गया । कार्यक्रम में भोपाल सिंह, चन्दन सिंह ब्लॉक विकास अधिकारी हीराराम मौजूद रहें। इस अवसर पर राजीविका महिला समूह से जुडी सागवाड़ा ब्लॉक की लखपति दीदी व सुरक्षा सखियों के लिए ब्लॉक स्तरीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में किया गया। हैड कांस्टेबल स्नेहलता एवं फ्मीनाक्षी ने महिलाओं को विभिन्न प्रकार के आत्मरक्षा कौशल व कर्तव्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया। संचालन जिला प्रबंधक पकंज दवे ने किया।1
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- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी की क़लम से,, (धिक्कार है इंसान, नहीं पाल सकते गौ माता व मुक बधिर पशुओं को तो गौ शाला में क्यों नहीं करते गौ माता व मुक बधिर पशुओं को दान!) एक और हमारे हिन्दू धर्म में गौ माता को राष्ट माता का दर्जा व गौ हत्या व गौ माता की रक्षा करने का दम तो सीना तानकर करते हैं वहीं वैदो पुराणों ग्रंथों में गौ माता को बड़े ही सम्मान के साथ पुजा जाता है गौ माता में 33कोटी देवी देवताओं का निवास भी होता है पुरे भारत वर्ष में गौ सेवको व गौ शालाओं की कमी नहीं है सरकार व दान दाता खुले मन से दान देते हैं ताकी हमारी गौ माता स्वच्छ व स्वास्थ्य रहें लेकिन दुर्भाग्य की बात है राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ नगर में कचरा संग्रह करने की जगह पर हमारी गौ माता प्लास्टिक तथा गंदगी खां कर अपने पेट की भुख मिटाने को विवश हे वहीं चाहे नगरपालिका हो या गौ सेवक या दानदाता,या उपखंड प्रसासन हो या राजनीतिक दलों के उंचे पदो पर बैठे जनप्रतिनिधि सब के सब जान कर क्यु अंजान बने बैठे हुएं क्यों है !हम आज कुशलगढ़ नगर पर अपनी क़लम से सभी को अवगत कराने का एक अहम् प्रयास कर रहे हैं हमने जब कुशलगढ़ में बने कचरा संग्रह की और रुख किया तो ज़हां पंचायत समिति विद्या का मंदिर भगवान भोलेनाथ यानी नागनाथ मंदिर बाबा रामदेव का मंदिर महश्री वाल्मीकि का आश्रय वहीं कुशलगढ़ से थांदला मार्ग पर उप खंड अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, तहसीलदार,व सार्वजनिक निर्माण विभाग का रेस्ट हाउस,व रामगढ़ बस स्टैंड भी हे ज़हां सरकार व नगरपालिका ने पुरे नगर का सुखा तथा गिला कचरा उठाकर गांव बाहर कचरे का निस्तारण करना चाहिए ताकि नगर के आसपास गंदगी ना फेले व स्वच्छ सन्देश की रेंकिंग में कुशलगढ़ का नाम रोशन हो,मगर जब सभी जिम्मेदार लोगों ने कचरा संग्रह में गौ माता व मुक बधिर पशुओं को इस तरह खुला छोड़ रखा है ताकी कुशलगढ़ के घरों का गंदा कचरा इन मुक बधिरों के मुह का निवाला बन कर, उन्हें बिमारी तथा मवैशियो की मौत का कारण बने इतना ही नहीं कचरा संग्रह केन्द्र पर फाटक तक नहीं ताकी मुक बधिर पशु गंदगी में विचरण ना करें वहीं कुशलगढ़ नगर में गौ रक्षकों की कमी नहीं लैकिन शहीद भगतसिंह बस स्टैंड पर बनी पिने के पानी की प्याऊ के समीप डाली गई कचरे की गंदगी से गौ माता अपनी भुख मिटाने को विवश क्यों है इतना ही नहीं कुशलगढ़ में हिरन नदी के किनारों पर भी नगर की गंदगी सभी जिम्मेदारों के मुंह को चिढ़ाती नजर क्यों आती है भारत के प्रधानमंत्री भी स्वच्छ भारत मीशन का संदेश व नारा दे कर अरबों रुपए खर्च कर गंदगी से निजात पाने के लिए कुबेर के खजाने से धन भी उपलब्ध कराते हैं फिर भी कुशलगढ़ में कचरा संग्रह क्यु प्रदुषण मुक्त नहीं हो रहा है क्या हम सब सिर्फ मिडीया की सुर्खियों में रहने का दिखावा क्यों करने पर तुले हुए हैं!यदी वास्तव में कुशलगढ़ नगर को स्वस्थ और स्वच्छ बनाना है तो सभी अपना अहम दायित्व समझ कर कचरा संग्रह पर फाटक व गंदगी को पशु अपना आहार ना बनाएं व हमारा कुशलगढ़ एक नई मिसाल कायम करे देखना यह होगा कि क्या कुशलगढ़ नगर में कचरा संग्रह का सही से निस्तारण कब होगा कब हमारी गौ माता, गंदगी को अपना आहार नहीं बनाएगी यह तो वक्त ही बताएगा?4