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सिकंद्राराऊ उप जिलाधिकारी ने राशन डीलरों के साथ की बैठक
Mohit kumar
सिकंद्राराऊ उप जिलाधिकारी ने राशन डीलरों के साथ की बैठक
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- जट्टारी चौकी में चोरी न खुलने पर पुलिस का अमानवीय रवैया, गरीब मजदूरों को 48 घंटे से अधिक समय तक अवैध हिरासत में रखने का आरोप अलीगढ़। थाना टप्पल के अंतर्गत आने वाली जट्टारी चौकी में हुई चोरी की घटना को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तीन रात बीत जाने के बावजूद चोरी का खुलासा न होने से परेशान पुलिस ने अब कथित तौर पर आसान शिकार के रूप में गरीब मजदूर और झोपड़ी में रहने वाले लोगों को उठाकर चौकी में पूछताछ के नाम पर बिठा लिया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जट्टारी चौकी में 60 वर्ष से लेकर अधेड़ उम्र तक के कई निर्दोष लोगों को 48 घंटे से भी अधिक समय से अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। इन लोगों को न तो समय पर खाना दिया गया और न ही पानी, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। स्थिति इतनी भयावह है कि 80 साल के बुजुर्ग भी चौकी में बैठे अपने घर लौटने और भोजन मिलने की आस लगाए हुए हैं, जबकि उनके परिजन चौकी के बाहर रो-रोकर पुलिस से गुहार लगा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि पूछताछ के दौरान चौकी प्रभारी की मौजूदगी में थाना टप्पल में तैनात एक हेड मोहर्र द्वारा लोगों को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित (टॉर्चर) किया गया। पीड़ितों का कहना है कि चोरी से उनका कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी सिर्फ गरीब और असहाय होने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस के पास ठोस साक्ष्य नहीं हैं तो इस तरह निर्दोष, बुजुर्ग और मजदूर वर्ग के लोगों को हिरासत में रखना मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। अब सवाल यह उठता है कि क्या चोरी न खुलने की नाकामी का ठीकरा गरीबों पर फोड़ा जा रहा है? क्या कानून सिर्फ कमजोर वर्ग के लिए ही सख़्त है? पीड़ित परिवारों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं उच्च अधिकारियों की चुप्पी भी इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना रही है।2