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सतना में कोई रिश्ता नहीं करना चाहता" — बदहाली पर भड़के विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा सतना नगर निगम परिषद की बैठक में विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने शहर की दुर्दशा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि निगम ने शहर की ऐसी हालत कर दी है कि अब लोग सतना में रिश्ता तक नहीं करना चाहते। चारों तरफ गंदगी की बदबू फैल चुकी है भाजपा महापौर के झूठ का गुब्बारा नगर निगम में जाकर फोड़ा*
प्रखर प्रवक्ता न्यूज
सतना में कोई रिश्ता नहीं करना चाहता" — बदहाली पर भड़के विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा सतना नगर निगम परिषद की बैठक में विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने शहर की दुर्दशा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि निगम ने शहर की ऐसी हालत कर दी है कि अब लोग सतना में रिश्ता तक नहीं करना चाहते। चारों तरफ गंदगी की बदबू फैल चुकी है भाजपा महापौर के झूठ का गुब्बारा नगर निगम में जाकर फोड़ा*
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- मरीज को चारपाई पर अस्पताल ले गए ग्रामीणः चित्रकूट के रामपुर बेलरी गांव में सड़क नहीं, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने सरकार को घेरा चित्रकूट में गांव तक सड़क नहीं होने का खामियाजा एक मरीज को भुगतना पड़ा। चित्रकूट जिले की मऊ तहसील के रामपुर बेलरी गांव में ग्रामीण मरीज को चारपाई पर लिटाकर अस्पताल ले गए। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मरीज की पहचान और उसकी स्वाय स्थिति की नकारी सामने नहीं आई उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी सामने नहीं आई है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में सड़क नहीं होने से आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल होता है। इस बार भी मरीज को चारपाई पर लिटाकर ले जाना पड़ा। घटना के बाद एंबुलेंस की गांव तक पहुंच और मरीजों को समय पर इलाज मिलने की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने सरकार को घेरा वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव विकास और बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के दावे करती है, लेकिन रामपुर बेलरी में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए चारपाई का सहारा लेना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भी परेशानी ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने से गंभीर मरीजों के साथ गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और हादसों में घायल लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती है तो मरीजों को समय पर अस्पताल कैसे पहुंचाया जाएगा, यह बड़ा सवाल है। सड़क निर्माण पर प्रशासन की चुप्पी वीडियो वायरल होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन गांव तक सड़क बनवाने के लिए पहल करेगा। हालांकि, सड़क निर्माण को लेकर अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मरीज को चारपाई पर अस्पताल ले गए ग्रामीणः चित्रकूट के रामपुर बेलरी गांव में सड़क नहीं, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने सरकार को घेरा चित्रकूट में गांव तक सड़क नहीं होने का खामियाजा एक मरीज को भुगतना पड़ा। चित्रकूट जिले की मऊ तहसील के रामपुर बेलरी गांव में ग्रामीण मरीज को चारपाई पर लिटाकर अस्पताल ले गए। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मरीज की पहचान और उसकी स्वाय स्थिति की नकारी सामने नहीं आई उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी सामने नहीं आई है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में सड़क नहीं होने से आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल होता है। इस बार भी मरीज को चारपाई पर लिटाकर ले जाना पड़ा। घटना के बाद एंबुलेंस की गांव तक पहुंच और मरीजों को समय पर इलाज मिलने की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने सरकार को घेरा वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव विकास और बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के दावे करती है, लेकिन रामपुर बेलरी में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए चारपाई का सहारा लेना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भी परेशानी ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने से गंभीर मरीजों के साथ गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और हादसों में घायल लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती है तो मरीजों को समय पर अस्पताल कैसे पहुंचाया जाएगा, यह बड़ा सवाल है। सड़क निर्माण पर प्रशासन की चुप्पी वीडियो वायरल होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन गांव तक सड़क बनवाने के लिए पहल करेगा। हालांकि, सड़क निर्माण को लेकर अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- 😱 चींटियों को हवा में उछालकर शिकार करती है ये मकड़ी! वैज्ञानिक भी हैरान | कुदरत का अनोखा कारनामा दुनिया में शिकार करने के कई तरीके देखे गए हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की छोटी-सी बॉलिस्टा मकड़ी का तरीका बेहद अनोखा है। यह मकड़ी रेशम जैसे मजबूत धागे से स्प्रिंग वाला जाल तैयार करती है। जैसे ही हरी पेड़ वाली चींटी उस धागे को काटती है, वह गुलेल की तरह उछलकर सीधे मकड़ी के जाल में जा गिरती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह मकड़ी खास तौर पर इसी चींटी का शिकार करती दिखाई दी है। प्रकृति की इस अद्भुत तकनीक ने शोधकर्ताओं का ध्यान खींचा है। स्रोत: Mongabay, 23 अक्टूबर 2026; शोध Current Biology में प्रकाशित।1
- बैठे हैं लोग इंतजार में आप हाथ तो रखिए कौन कहता हैं मोहब्बत नहीं बिकती आप खरीदने की औकात तो रखिए बैठे हैं लोग इंतजार में आप हाथ तो रखिए कौन कहता हैं मोहब्बत नहीं बिकती आप खरीदने की औकात तो रखिए1
- गुनौर CHC में विधायक के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, कई कर्मचारी मिले नदारद! रिपोर्टर – अशोक विश्वकर्मा गुनौर CHC में विधायक के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, कई कर्मचारी मिले नदारद! प्रसूताओं को पोषण आहार नहीं मिलने की शिकायत, चार्ट बोर्ड तक गायब; डॉक्टर को लगाई फटकार, सुधार के दिए निर्देश सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुनौर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत जानने पहुंचे गुनौर विधायक डॉ. राजेश कुमार वर्मा के औचक निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी अपने निर्धारित कार्यस्थल पर अनुपस्थित मिले। व्यवस्थाओं को लेकर विधायक ने संबंधित डॉक्टर को फटकार लगाते हुए सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रसूताओं को शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुसार पोषण आहार नहीं मिलने की शिकायत सामने आई। अस्पताल में प्रसूताओं को दिए जाने वाले पोषण आहार की जानकारी प्रदर्शित करने वाला चार्ट बोर्ड भी नदारद मिला। इससे अस्पताल की पोषण आहार व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। वहीं, विधायक के निरीक्षण से पहले अस्पताल परिसर में सफाई ठेकेदार द्वारा साफ-सफाई कराई जा रही थी। इसको लेकर अस्पताल की नियमित सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठे। आखिर निरीक्षण से पहले ही व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद क्यों शुरू होती है? निरीक्षण के दौरान गुनौर एसडीएम नरेंद्र सिंह धुर्वे, तहसीलदार हेमंत अवधिया एवं मेडिकल ऑफिसर डॉ. ओंकारनाथ सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे। अब बड़ा सवाल यह है कि निरीक्षण में सामने आई खामियों पर केवल निर्देश जारी होंगे या स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार भी देखने को मिलेगा? क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, प्रसूताओं को निर्धारित पोषण आहार और अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।4
- मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन शुभ शुक्रवार।। मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन प्राप्त करें 🚩 जय श्री कृष्णा 🚩1
- जेफरी एपस्टीन विवाद के बीच हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर नागौद में कांग्रेस का विरोध, फूंका पुतला जेफरी एपस्टीन विवाद के बीच हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर नागौद में कांग्रेस का विरोध, फूंका पुतला नागौद। भारतीय जनता पार्टी द्वारा मध्यप्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को प्रत्याशी घोषित किए जाने के विरोध में शुक्रवार को नागौद में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला दहन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी के निर्देशानुसार एवं जिला कांग्रेस कमेटी के मार्गदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नागौद के तत्वावधान में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्री महेंद्र प्रताप सिंह ने किया। नागौद बस स्टैंड पर एकत्रित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने के मुद्दे के बावजूद भाजपा द्वारा उन्हें मध्यप्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी बनाया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेसजनों ने इस मामले में भाजपा से जवाबदेही तय करने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार मुर्दाबाद, राहुल गांधी जिंदाबाद एवं कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाते हुए हरदीप सिंह पुरी का पुतला दहन किया। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह, नगर कांग्रेस अध्यक्ष मुख्तियार अहमद सिद्दीकी, जिला पंचायत सदस्य संध्या कुशवाहा, ओबीसी ब्लॉक अध्यक्ष अभिलाष कुशवाहा, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष अक्षत सिंह, युवा कांग्रेस विधानसभा उपाध्यक्ष सत्येंद्र 'सत्तू' कुशवाहा, विनोद कुशवाहा, सेवादल ब्लॉक अध्यक्ष आशीष कपाड़िया, नगर सेवादल अध्यक्ष दिनेश सिंह, सत्तू सिंह, युवा कांग्रेस के पूर्व जिला प्रवक्ता धर्मेंद्र रजक, अंबर कुशवाहा, दीपक सोनी, विक्रम दहिया, लकी दहिया, हिमांशु कुशवाहा, राजेश कुशवाहा सहित वरिष्ठ कांग्रेसजन एवं युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल और ओबीसी कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।4
- मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के बागेश्वर धाम आयोजन में पन्ना इकाई को मिली जिम्मेदारी फरवरी माह में होगा प्रांतीय अधिवेशन बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर नेकी घोषणा जिला अध्यक्ष धनंजय श्रीवास्तव का हुआ संवाद1
- शहर फैलता गया, पुलिस व्यवस्था सिमटी रही! सिविल लाइन को थाना बनाने की मांग ने खोली व्यवस्था की जरूरत बांदा। शहर की आबादी बढ़ रही है, रिहायशी कॉलोनियों का दायरा फैल रहा है और सरकारी संस्थानों का महत्व भी लगातार बढ़ रहा है, लेकिन पुलिस व्यवस्था का ढांचा शहर की बदलती जरूरतों के अनुरूप कितना विकसित हुआ है, यह सवाल अब उठने लगा है। इसी जरूरत को रेखांकित करते हुए जिला अधिवक्ता संघ ने सिविल लाइन पुलिस चौकी को उच्चीकृत कर पूर्ण थाना बनाए जाने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष विमल कुमार सिंह 'वी.के. सिंह' एडवोकेट ने 30 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर इस दिशा में ठोस पहल की मांग की। ज्ञापन में तर्क दिया गया कि सिविल लाइन, इंदिरा नगर और तुलसी नगर क्षेत्र में जिला न्यायालय, आयुक्त कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय, आयकर कार्यालय सहित अनेक महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान और बड़ी आवासीय कॉलोनियां स्थित हैं। ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था केवल चौकी के भरोसे छोड़ना भविष्य की आवश्यकताओं के लिहाज से पर्याप्त नहीं माना जा सकता। अधिवक्ता संघ का कहना है कि कोतवाली नगर पहले से ही शहर के व्यस्ततम बाजार क्षेत्र की कानून-व्यवस्था संभाल रही है। ऐसे में दूरस्थ क्षेत्रों में कोई घटना होने पर पुलिस की तत्काल पहुंच प्रभावित हो सकती है। अलग थाना स्थापित होने से पुलिस बल की उपलब्धता, गश्त, त्वरित कार्रवाई और शिकायतों के निस्तारण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। दरअसल, कानून-व्यवस्था केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने का नाम नहीं, बल्कि अपराध की आशंका को रोकने और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करने की व्यवस्था भी है। जब शहर का भूगोल बदल रहा हो, आबादी नए इलाकों में बस रही हो और प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ रही हों, तब पुलिस व्यवस्था का पुराने ढर्रे पर बने रहना व्यावहारिक नहीं कहा जा सकता।अधिवक्ता संघ ने पुलिस अधीक्षक से सिविल लाइन चौकी को थाना बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस उपमहानिरीक्षक चित्रकूटधाम परिक्षेत्र और जिलाधिकारी को भी भेजी गई है।अब देखना यह है कि शहर की बढ़ती जरूरतों को पुलिस प्रशासन समय रहते समझता है या फिर किसी बड़ी घटना के बाद ही व्यवस्था के विस्तार की आवश्यकता महसूस की जाएगी। सुरक्षा का तकाजा है कि पुलिस व्यवस्था शहर के पीछे नहीं, शहर की जरूरतों के साथ कदमताल करे।1