वाणावर पहाड़ के नही रहे महान संत मौनिया बाबा वाणावर पहाड़ के पाताल गंगा क्षेत्र में निवास करने वाले महान संत मौनिया बाबा का गुरुवार के दिन निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि मौनिया बाबा लगभग 70 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे थे और उन्होंने पाताल गंगा के पास अपना आश्रम बना लिया था। खास बात यह रही कि यहां आने के कुछ समय बाद ही उन्होंने मौनव्रत धारण कर लिया था और करीब 50 वर्षों से अधिक समय तक पूर्ण मौन में ही साधना करते रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाबा का जीवन अत्यंत सादगीपूर्ण और तपस्वी था। वे बचपन में ही इस पहाड़ पर आ गए थे और तब से यहीं रहकर तपस्या में लीन रहे। उनके प्रति लोगों की गहरी आस्था और श्रद्धा थी। बाबा ज निधन पर शुक्रवार की शाम 4 बजे बाबा सिद्धनाथ मंदिर निर्माण समिति के भानु प्रताप उर्फ गुड्डू सिंह, पुजारी छोटू बाबा, धर्मेंद्र पांडे, राजेश यादव, सत्येंद्र यादव, गोरेलाल यादव, अरविंद यादव, आकाश कुमार, अजीत पांडे, मुन्ना पांडे, मंटू पांडे, संतोष पांडे, दिलीप पांडे सहित कई लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
वाणावर पहाड़ के नही रहे महान संत मौनिया बाबा वाणावर पहाड़ के पाताल गंगा क्षेत्र में निवास करने वाले महान संत मौनिया बाबा का गुरुवार के दिन निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि मौनिया बाबा लगभग 70 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे थे और उन्होंने पाताल गंगा के पास अपना आश्रम बना लिया था। खास बात यह रही कि यहां आने के कुछ समय बाद ही उन्होंने मौनव्रत धारण कर लिया था और करीब 50 वर्षों से अधिक समय तक पूर्ण मौन में ही साधना करते रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाबा का जीवन अत्यंत सादगीपूर्ण और तपस्वी था। वे बचपन में ही इस पहाड़ पर आ गए थे और तब से यहीं रहकर तपस्या में लीन रहे। उनके प्रति लोगों की गहरी आस्था और श्रद्धा थी। बाबा ज निधन पर शुक्रवार की शाम 4 बजे बाबा सिद्धनाथ मंदिर निर्माण समिति के भानु प्रताप उर्फ गुड्डू सिंह, पुजारी छोटू बाबा, धर्मेंद्र पांडे, राजेश यादव, सत्येंद्र यादव, गोरेलाल यादव, अरविंद यादव, आकाश कुमार, अजीत पांडे, मुन्ना पांडे, मंटू पांडे, संतोष पांडे, दिलीप पांडे सहित कई लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
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- बंशी प्रखण्ड के बीथरा में मजदूर दिवस मनाते सीपीआई कार्यकर्ता।इस कार्यक्रम में सीपीआई के जिला सचिव कॉमरेड अरुण कुमार पासवान (अधिवक्ता), सचिव मंडल सदस्य सह, मानिकपुर पंचायत के पूर्व मुखिया मनोज कुमार अकेला, रहे मौजूद। इस कार्यक्रम का झंडा तोलन कॉमरेड श्याम दास ने किया। इस कार्यक्रम में दर्जनों मजदूर साथी रहे मौजूद।4
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- नालंदा जिले के हिलसा प्रखंड के ग्राम माजिदपुर से नगरनौसा जा रही बारात में एक ओर जहां खुशी का माहौल था, वहीं एक दर्दनाक हादसे ने सबको चौंका दिया। बारात के दौरान पटाखा (बम) जलाते समय दूल्हे के चाचा गंभीर रूप से झुलस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जश्न के बीच दूल्हे के चाचा पटाखा जला रहे थे, तभी अचानक तेज विस्फोट हो गया और उनका हाथ बुरी तरह जल गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन इस बीच दूल्हे के चाचा ने अद्भुत धैर्य और साहस का परिचय दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने शादी की रस्मों में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आने दिया। अपने जले हुए हाथ के दर्द को सहते हुए वे लगातार मौजूद रहे, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। परिजनों और ग्रामीणों ने उनके इस त्याग और सहनशीलता की सराहना की है। शादी संपन्न होने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। यह घटना जहां एक ओर सावधानी बरतने का संदेश देती है, वहीं दूल्हे के चाचा के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल भी पेश करती है।1