बेरुआरबारी क्षेत्र स्थित बाबा भगवान दास समाधि स्थल पर बाबा अमरनाथ सेवा समिति द्वारा आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का समापन मंगलवार को अत्यंत श्रद्धा और भक्तिपूर्ण वातावरण में हुआ। अंतिम दिवस अंतरराष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीराम ने वानर सेना के सहयोग से समुद्र पर सेतु का निर्माण कर लंका की ओर प्रस्थान किया था, जो केवल एक युद्ध नहीं, बल्कि सत्य और धर्म की स्थापना का अभियान था। उन्होंने लंका में रावण और भगवान श्रीराम के बीच हुए भीषण संग्राम का सजीव वर्णन करते हुए कहा कि अंततः अधर्म पर धर्म की विजय हुई और भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर मानवता को यह संदेश दिया कि सत्य की जीत निश्चित होती है। लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने के प्रसंग को सुनाते हुए राजन जी महाराज ने बताया कि अयोध्या दीपों और पुष्पों से सज गई थी, जहाँ जय श्रीराम के उद्घोष और मंगलगीतों से उल्लास का वातावरण था। उन्होंने गुरुजनों और ऋषि-मुनियों की पावन उपस्थिति में शुभ मुहूर्त पर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक और रामराज्य की स्थापना का भी उल्लेख किया, जिसे आदर्श शासन, न्याय और लोककल्याण का प्रतीक माना जाता है। राजन जी महाराज ने अपने उद्बोधन में यह भी कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म, त्याग, मर्यादा, करुणा और आदर्श आचरण की अमूल्य सीख देता है, और यदि प्रत्येक व्यक्ति इन आदर्शों को अपने जीवन में अपना ले, तो समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिकता का वातावरण स्वतः स्थापित हो सकता है। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए और पूरा पंडाल भक्ति, श्रद्धा तथा उल्लास के वातावरण से गूंज उठा। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी, पूर्व विधायक संजय यादव, विश्राम सिंह, शांत स्वरूप सिंह, राकेश सिंह, राकेश महाजन, बिरजू साहनी, बृजनाथ सिंह, अमरजीत सिंह, प्रमोद सिंह, मिथलेश तिवारी, रेखा सिंह, ममता सिंह, नितेश सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
बेरुआरबारी क्षेत्र स्थित बाबा भगवान दास समाधि स्थल पर बाबा अमरनाथ सेवा समिति द्वारा आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का समापन मंगलवार को अत्यंत श्रद्धा और भक्तिपूर्ण वातावरण में हुआ। अंतिम दिवस अंतरराष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीराम ने वानर सेना के सहयोग से समुद्र पर सेतु का निर्माण कर लंका की ओर प्रस्थान किया था, जो केवल एक युद्ध नहीं, बल्कि सत्य और धर्म की स्थापना का अभियान था। उन्होंने लंका में रावण और भगवान श्रीराम के बीच हुए भीषण संग्राम का सजीव वर्णन करते हुए कहा कि अंततः अधर्म पर धर्म की विजय हुई और भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर मानवता को यह संदेश दिया कि सत्य की जीत निश्चित होती है। लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने के प्रसंग को सुनाते हुए राजन जी महाराज ने बताया कि अयोध्या दीपों और पुष्पों से सज गई थी, जहाँ जय श्रीराम के उद्घोष और मंगलगीतों से उल्लास का वातावरण था। उन्होंने गुरुजनों और ऋषि-मुनियों की पावन उपस्थिति में शुभ मुहूर्त पर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक और रामराज्य की स्थापना का भी उल्लेख किया, जिसे आदर्श शासन, न्याय और लोककल्याण का प्रतीक माना जाता है। राजन जी महाराज ने अपने उद्बोधन में यह भी कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म, त्याग, मर्यादा, करुणा और आदर्श आचरण की अमूल्य सीख देता है, और यदि प्रत्येक व्यक्ति इन आदर्शों को अपने जीवन में अपना ले, तो समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिकता का वातावरण स्वतः स्थापित हो सकता है। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए और पूरा पंडाल भक्ति, श्रद्धा तथा उल्लास के वातावरण से गूंज उठा। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी, पूर्व विधायक संजय यादव, विश्राम सिंह, शांत स्वरूप सिंह, राकेश सिंह, राकेश महाजन, बिरजू साहनी, बृजनाथ सिंह, अमरजीत सिंह, प्रमोद सिंह, मिथलेश तिवारी, रेखा सिंह, ममता सिंह, नितेश सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
- पश्चिम चंपारण (बेतिया) के पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कार्यालय बेतिया में प्रारक्ष अवर निरीक्षक (परिचारी) से प्रारक्ष पुलिस निरीक्षक (परिचारी प्रवर) के पद पर प्रोन्नति के अवसर पर एक गरिमामय पाइपिंग समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-01, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) और पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान, पदोन्नत पुलिसकर्मियों को नए पद की प्रतीकात्मक पाइपिंग कर सम्मानित किया गया। उपस्थित सभी अधिकारियों ने उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। यह पूरा आयोजन सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिससे पुलिस बल के मनोबल और एकता का सकारात्मक संदेश भी प्रसारित हुआ।1
- बेतिया शहर स्थित कालीबाग मंदिर परिसर के पोखरे में एक युवक का शव मिलने से मंगलवार को इलाके में सनसनी फैल गई। पोखरे के पानी में शव तैरता देख स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही कालीबाग थाना अध्यक्ष अजय चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को पोखरे से बाहर निकलवाया और उसकी पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंदिर के गेट के पास एक साइकिल खड़ी मिली है, जिस पर एक बैग बंधा था। बैग से कपड़े और एक मोबाइल चार्जर बरामद हुआ है। हालांकि, मृत युवक की पहचान और वह किस क्षेत्र का रहने वाला था, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसके फोटो और उपलब्ध जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मृतक की पहचान कर सके तो तत्काल कालीबाग थाना से संपर्क करे। फिलहाल, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा पहचान के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।1
- पूर्वी चंपारण में लोगों को असहनीय गर्मी से राहत मिली है। भीषण गर्मी से त्रस्त लोग बारिश होने के बाद अब सुकून महसूस कर रहे हैं।1
- ट्रेन में यात्रा करते समय एक टीटीई और एक युवक के बीच टिकट को लेकर जोरदार झड़प हो गई। यह पूरा वाकया यात्रा के दौरान घटित हुआ।1
- यह वीडियो मानव नेत्र के एक अत्यंत महत्वपूर्ण दृष्टि दोष, अबिन्दुकता, के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा। इसमें समझाया जाएगा कि अबिन्दुकता क्या है और यह क्यों होता है।1
- मानसून की सक्रियता और सोमवार को हुई बारिश के बाद बेतिया शहर में संभावित जलजमाव की स्थिति को देखते हुए नगर निगम प्रशासन अलर्ट हो गया है। इसी क्रम में, महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने मंगलवार को शहर के विभिन्न सघन आबादी वाले क्षेत्रों का दौरा कर नालों की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और सफाई कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, महापौर ने मीना बाजार और टाउन हॉल सहित कई संवेदनशील इलाकों में मिनी पोकलेन मशीन से चल रहे नाला सफाई अभियान का जायजा लिया। उन्होंने कई मुख्य नालों में तलहटी तक जमी सिल्ट, प्लास्टिक और अन्य कचरा पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद, उन्होंने सिटी मैनेजर और स्वच्छता अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी जाम नालों की गहराई तक सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह सुचारु हो सके। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने स्पष्ट किया कि बरसात के मौसम में शहरवासियों को जलजमाव की समस्या से निजात दिलाना नगर निगम प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और विशेष सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महापौर ने शहरवासियों से भी अपील की कि वे नालों में कचरा न डालें, ताकि जल निकासी व्यवस्था बाधित न हो। नगर निगम का मानना है कि मुख्य नालों की प्रभावी सफाई और समय पर उड़ाही से इस मानसून में शहर को जलजमाव की समस्या से काफी हद तक बचाया जा सकेगा।1
- पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ एक दिवसीय जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाकर माहौल को गर्मा दिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर अपना गहरा आक्रोश प्रकट किया। धरना-प्रदर्शन में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार देश में लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं, जिसके कारण आम जनता में भारी नाराजगी व्याप्त है। नेताओं ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर भी सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह मामला सीधे तौर पर देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, और इस पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही महंगाई, बेरोजगारी और परीक्षा घोटालों जैसे गंभीर मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो उनके आंदोलन को और अधिक व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा।1
- बेरुआरबारी क्षेत्र के बाबा अमरनाथ करिहरा बेरूआरबारी मंदिर प्रांगण में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन अंतरराष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता शबरी के दिव्य मिलन का मार्मिक प्रसंग सुनाया। इस भावपूर्ण वर्णन से पूरा पंडाल भक्ति, प्रेम और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर होकर प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाने लगे और उनकी आंखें नम हो गईं। महाराज जी ने बताया कि भरत मिलाप के पश्चात् भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ माता शबरी के आश्रम पहुँचे, जो अपने गुरु के वचन के अनुसार वर्षों से प्रभु के आगमन की प्रतीक्षा कर रही थीं। माता शबरी ने अत्यंत प्रेम और अपार श्रद्धा के साथ उनका स्वागत किया और उन्हें चख-चखकर मीठे बेर अर्पित किए। भगवान श्रीराम ने उन बेरों में छिपे निष्कलुष प्रेम, समर्पण और अटूट भक्ति को सहर्ष स्वीकार कर यह शाश्वत संदेश दिया कि ईश्वर के दरबार में न जाति का महत्व है, न धन-वैभव का, बल्कि सच्ची श्रद्धा, निर्मल हृदय और निष्काम भक्ति ही सबसे बड़ी आराधना है। राजन जी महाराज ने इस बात पर जोर दिया कि भगवान श्रीराम ने माता शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश देकर यह स्पष्ट किया कि भक्त और भगवान का संबंध केवल प्रेम, विश्वास और समर्पण पर आधारित होता है। राजन जी महाराज के अनुसार, माता शबरी का यह प्रसंग आज भी समाज को सेवा, समानता, करुणा और भक्ति का अमूल्य संदेश प्रदान करता है, साथ ही हर व्यक्ति को अहंकार त्यागकर प्रेम और विनम्रता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा के इस अत्यंत भावुक क्षण को सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं की आँखें अश्रुपूरित हो गईं और पूरा कथा पंडाल श्रीराम के जयघोष व भक्ति रस से गूँज उठा। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, राकेश सिंह, पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, पूर्व विधायक संजय यादव, ईश्वर दयाल मिश्रा, विश्राम सिंह, शांत स्वरूप सिंह, शशिकांत ओझा, मिथुन सिंह, राकेश महाजन सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र सिंह मुन्ना ने किया।1
- गोपालगंज में आई तेज़ आंधी और बारिश ने लगभग 37 करोड़ रुपये की लागत से बने मॉडल सदर अस्पताल के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने करोड़ों रुपये खर्च कर निर्मित इस अस्पताल की असलियत उजागर कर दी है। आंधी-बारिश के कारण अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार की फॉल्स सीलिंग क्षतिग्रस्त हो गई और उसके कई हिस्से उखड़कर गिर गए। इसके साथ ही, अस्पताल के फायर फाइटिंग सिस्टम की पाइपलाइन से भी तेज़ी से पानी का रिसाव होने लगा, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। इन घटनाओं के चलते अस्पताल के निर्माण कार्य की गुणवत्ता और इसकी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। जहाँ तहाँ से पानी गिरने और सीलिंग उखड़ने का वीडियो वायरल होने के बाद, यह स्पष्ट है कि 37 करोड़ रुपये के इस मॉडल सदर अस्पताल की पोल खुल गई है।1