बडे धूमधाम से भागवत की कलश यात्रा के साथ हुआ भागवत कथा का शुभारम्भ गौण्डा कस्बा के नगला दरबर वार्ड न0 5 में बैंड बाजों के साथ बडे बडे धूमधाम से भागवत की कलश यात्रा निकाली गयी जो कि बस स्टैण्ड , खैर रोड, अलीगढ रोड, थाना रोड , मैन मार्केट होते हुये भागवत कथा स्थल पर पहॅुची वही मातायें बहिनाओे ने सिर पर कलश रखकर गाॅव का भ्रमण किया जगह जगह फूल मालाओं से स्वागत किया और पुष्प वर्षा की गयी सुन्दर सुन्दर भजनों के साथ माताओ बहिनाओं ने नुत्य किया उसके बाद कथा स्थल पर पंडित जी द्वारा हवन यज्ञ कराया गया उसके बाद कथा व्यास अजीत आनन्द जी महाराज के मुखारबिन्द से कथा का श्रवण कराया गया । कथा व्यास अजीत आनन्द जी महाराज ने कथा के महत्व, श्रीमद्भागवत का सार, और धुंधकारी की कहानी से शुरुआत होती है, जहाँ कथावाचक बताते हैं कि कैसे धुंधकारी प्रेत योनि में भटक रहा था और उसे मुक्ति दिलाने के लिए उसके भाई गोकर्ण ने भागवत कथा का आयोजन किया, जिसमें पहले दिन पहले गांठ का भेदन हुआ, जिससे मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ और अंततः भगवान स्वयं धुंधकारी को लेने आए। इसी बीच एक सुन्दर सा भजन गाया गया जिससे प्रसन्न होकर भक्तगणों ने नृत्य किया उसके बाद प्रसाद वितरण किया गया । इस मौके पर संयोजक घूरे सिंह प्रधान पति , मास्टर रामस्वरूप, कुमरपाल सिंह, भूरी सिंह, देशराज सिंह, मोनू, सोनू , ज्ञानेन्द्र सिंह, यशपाल सिंह, राहुल कोबरा, ऋषि पंडित जी, पप्पू सिह, बच्चू सिंह, बालमुकन्द, भगवत सिंह, अशोक पंडित, हरीशंकर हलवाई, भूपेन्द्र सिंह आदि सेेकडों भक्त गण मौजूद रहे।
बडे धूमधाम से भागवत की कलश यात्रा के साथ हुआ भागवत कथा का शुभारम्भ गौण्डा कस्बा के नगला दरबर वार्ड न0 5 में बैंड बाजों के साथ बडे बडे धूमधाम से भागवत की कलश यात्रा निकाली गयी जो कि बस स्टैण्ड , खैर रोड, अलीगढ रोड, थाना रोड , मैन मार्केट होते हुये भागवत कथा स्थल पर पहॅुची वही मातायें बहिनाओे ने सिर पर कलश रखकर गाॅव का भ्रमण किया जगह जगह फूल मालाओं से स्वागत किया और पुष्प वर्षा की गयी सुन्दर सुन्दर भजनों के साथ माताओ बहिनाओं ने नुत्य किया उसके बाद कथा स्थल पर पंडित जी द्वारा हवन यज्ञ कराया गया उसके बाद कथा व्यास अजीत आनन्द जी महाराज के मुखारबिन्द से कथा का श्रवण कराया गया । कथा व्यास अजीत आनन्द जी महाराज ने कथा के महत्व, श्रीमद्भागवत का सार, और धुंधकारी की कहानी से शुरुआत होती है, जहाँ कथावाचक बताते हैं कि कैसे धुंधकारी प्रेत योनि में भटक रहा था और उसे मुक्ति दिलाने के लिए उसके भाई गोकर्ण ने भागवत कथा का आयोजन किया, जिसमें पहले दिन पहले गांठ का भेदन हुआ, जिससे मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ और अंततः भगवान स्वयं धुंधकारी को लेने आए। इसी बीच एक सुन्दर सा भजन गाया गया जिससे प्रसन्न होकर भक्तगणों ने नृत्य किया उसके बाद प्रसाद वितरण किया गया । इस मौके पर संयोजक घूरे सिंह प्रधान पति , मास्टर रामस्वरूप, कुमरपाल सिंह, भूरी सिंह, देशराज सिंह, मोनू, सोनू , ज्ञानेन्द्र सिंह, यशपाल सिंह, राहुल कोबरा, ऋषि पंडित जी, पप्पू सिह, बच्चू सिंह, बालमुकन्द, भगवत सिंह, अशोक पंडित, हरीशंकर हलवाई, भूपेन्द्र सिंह आदि सेेकडों भक्त गण मौजूद रहे।
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- हाथरस जिले के थाना कोतवाली चंदपा क्षेत्र के गांव परसारा में सुलह-समझौते के लिए बुलाई गई पंचायत उस समय हिंसा में बदल गई, जब दो पक्षों के बीच लाठी-डंडे और सरिया चलने लगे। पंचायत के दौरान अचानक हुई मारपीट से गांव में भगदड़ मच गई। इस झड़प में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने वायरल वीडियो और पीड़ितों की तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।1
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- पांच जगह है नदी की धार.. यहां कम ही रखना रफ्तार मांट। बलदेव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे के कारण तलाशने के लिए मथुरा आई आईआईटी दिल्ली की टीम ने माना कि पूरे एक्सप्रेस वे पर पांच स्थान ऐसे हैं, जहां नदी बेहद पास है। ऐसे में इन स्थानों पर सर्दियों में घना कोहरा छा जाता है, जिसे रोका नहीं जा सकता। उपाय केवल यह है कि जागरूक होना पड़ेगा। गति पर अंकुश लगाना होगा और ऐसी टीम को लगातार सक्रिय रखना पड़ेगा जो मुसाफिरों को सजग कर सके। कोहरे में उन्हें ड्राइव करने से रोक सके। यह दुर्घटना भी घने कोहरे के कारण हुई। यमुना एक्सप्रेसवे पर बलदेव क्षेत्र में माइल स्टोन 127 पर 16 दिसंबर को भीषण सड़क हादसा हुआ था, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई। दो लापता हैं और लगभग सौ लोग घायल हुए। अब लगातार अलग टीमें इसकी जांच कर रही हैं। शनिवार को दिल्ली आईआईटी की टीम ने यमुना एक्सप्रेसवे के अधिकारियों के साथ पूरे एक्सप्रेस वे निरीक्षण किया। जाबरा टोल प्लाजा पर बैठक की। यमुना एक्सप्रेसवे के जीएम आनंद ब्रजराज सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर हादसे न हों, इसके लिए पुलिस अधिकारियों के साथ भी बैठक की गई। इस पूरी जांच में सामने आया कि पूरे 165 किलोमीटर के यमुना एक्सप्रेसवे पर पांच स्थान ऐसे हैं जहां यमुना नदी बेहद पास होकर बहती है। इनमें मथुरा में चार स्थान हैं जहां यमुना और एक स्थान शुरुआती बिंदू ग्रेटर नोएडा जहां यमुना के साथ ही हिंडन एक्सप्रेस वे से सटी है। इन सभी स्थानों पर सर्दियों में नदी के कारण कोहरा ज्यादा छा जाता है जो एक्सप्रेस पर भी आता है। बलदेव में भी दुर्घटना का कारण यह कोहरा रहा, क्योंकि यहां से यमुना मात्र डेढ़ किमी दूर है। जीएम के मुताबिक आईआईटी टीम द्वारा सुझाव निकाले जा रहे हैं, जिनको अमल में भी लाया जा रहा है। इस मौके पर आईआईटी टीम दिल्ली से प्रोफेसर गीतम तिवारी, प्रोफेसर प्रवीण कुमार, प्रोफेसर मनीष मनोहरे, जयप्रकाश, डीजीएम आरबी सिंह, जेके शर्मा, सोमनाथ सिन्हा, सीओ मांट संदीप सिंह, एजीएम भरत सिंह राठौर, डीके शर्मा, मेनेजर देवेंद्र सिंह वीरगोटा, टोल चौकी प्रभारी भुवनेश दीक्षित आदि मौजूद रहे। काफिलों के रूप में निकाले जा रहे वाहन जीएम के मुताबिक सबसे पहले गति पर अंकुश लगाना होगा। अब रात को अक्सर लगातार घना कोहरा छा रहा है। ऐसे में हादसों को रोकने के लिए सभी टोल प्लाजा पर एहतियाती कदम उठाए हैं। यमुना एक्सप्रेसवे से काफिलों के रूप में गाड़ियों को निकाला जा रहा है, ताकि घने कोहरे और जीरो विजिबिलिटी में किसी बड़े हादसे की आशंका से बचा जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक टीम बनी है जो इस स्थिति में वाहनों का संचालन रोक सके। स्पीड नियंत्रित कर सके और वाहनों को एक सुरक्षित स्थान पर रोक से। पूरी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। शिविर का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत शनिवार को जाबरा टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए शिविर लगाया गया, जिसका शुभारंभ जीएम आनंद ब्रजराज और एजीएम भरत सिंह राठौर ने फीता काटकर किया। मैनेजर देवेंद्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत वाहनों पर रिफ्लेकेटर टैप, सड़क सुरक्षा संबंधी पम्फलेट लगाए जा रहे हैं। वाहन चालकों को रात में चाय पिलाई जा रही है। साथ ही टोल प्लाजा पर कोहरा को माइक से लगातार चौकन्ना किया जा रहा है। ये हैं नदी के निकटवर्ती पांच स्थान, जहां छा जाता है कोहरा माइल 01 - यह ग्रेटर नोएडा के शुरुआत में स्थित है। एक्सप्रेसवे का शून्य बिंदु परी चौक, ग्रेटर नोएडा के पास है। यहां यमुना और हिंडन दोनों ही पास हैं। माइल 81 - ये स्थान सुरीर क्षेत्र में आता है। ग्रेटर नोएडा से आते समय मथुरा की सीमा में पड़ता है। माइल 101 - यह क्षेत्र मथुरा राया कट और वृन्दावन/मथुरा की ओर जाने वाले प्रमुख इंटरचेंज के पास स्थित है। माइल 127 - यह स्थान मथुरा और आगरा की सीमा के करीब है। यह मुख्य रूप से मथुरा जिले के दक्षिणी हिस्से (बलदेव क्षेत्र) में आता है। माइल 142 - यह आगरा जिले में प्रवेश करने के बाद का क्षेत्र है, जो खंदौली के आसपास है। यहां से अलीगढ़-आगरा राजमार्ग की ओर संपर्क मिलता है।1
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- Post by Dinesh Yadav Dk Bahia Dinesh Yadav Dk Bahia1