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बेगूसराय जिला अधिकारी रिची पांडेय ने अपने कार्यालय कक्ष पर किया प्रेस कॉन्फ्रेंस।
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बेगूसराय जिला अधिकारी रिची पांडेय ने अपने कार्यालय कक्ष पर किया प्रेस कॉन्फ्रेंस।
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- 24 घंटे बाद मिला आदित्य का शव, मोकामा की रेस्क्यू व्यवस्था पर उठे सवाल 24 घंटे की तलाश के बाद मिला 12 वर्षीय आदित्य का शव, रेस्क्यू व्यवस्था पर उठे सवाल मोकामा। तपस्वी गंगा घाट पर गंगा स्नान के दौरान डूबे 12 वर्षीय आदित्य कुमार का शव करीब 24 घंटे की लगातार खोजबीन के बाद बरामद कर लिया गया। आदित्य सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे दो दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने पहुंचा था। स्नान के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। सूचना मिलने के बाद स्थानीय गोताखोरों ने करीब 10 मिनट के अंदर गंगा में उतरकर उसकी तलाश शुरू कर दी। स्थानीय गोताखोरों के साथ मंगलवार सुबह से एसडीआरएफ की टीम भी खोजबीन में जुटी रही। लगातार प्रयास के बाद आदित्य का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद प्रशासन की टीम आगे की कार्रवाई में जुट गई। पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। आदित्य मोकामा के गौशाला रोड, गोला निवासी स्व. जुगनू दास का छोटा बेटा था। शव मिलने की सूचना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना ने मोकामा में डूबने की घटनाओं के दौरान रेस्क्यू व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में गंगा में डूबने की घटनाएं लगातार होती रहती हैं, इसके बावजूद मोकामा में एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती नहीं है। आपात स्थिति में टीम को बुलाने के लिए प्रशासन को वाहन की व्यवस्था कर टीम को लाना पड़ता है। वहीं स्थानीय गोताखोर तत्काल मौके पर पहुंचकर अपनी जान जोखिम में डालते हैं। स्थानीय जानकारी के अनुसार, कई मामलों में उन्हें 500 रुपये से भी कम मानदेय मिलता है और भुगतान में कई-कई महीने लग जाते हैं। सवाल है कि जान जोखिम में डालकर बचाव कार्य करने वाले गोताखोरों को समय पर मानदेय क्यों नहीं मिलता? क्या उनके लिए प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण, बीमा और उचित मानदेय की स्थायी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए? आदित्य की घटना ने मोकामा में स्थायी रेस्क्यू व्यवस्था की जरूरत को फिर सामने ला दिया है.1
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