चंबा: चमीनू–छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क की मांग तेज, डीसी ने सर्वे के दिए आदेश। मोहम्मद आशिक चंबा हिमाचल प्रदेश चंबा जिला के विकास खंड चम्बा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरौर में चमीनू गांव से छमेरी सेल तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में आज इलाके के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल से मिला और वर्षों से लंबित इस मांग को जल्द पूरा करने की गुहार लगाई। प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विकास खंड अधिकारी चम्बा को निर्देश दिए कि वे जल्द ही संबंधित क्षेत्र का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि आगे आवश्यक कदम उठाए जा सकें। वॉइस ओवर: प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों का कहना है कि चमीनू से छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण उनकी वर्षों पुरानी मांग है, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि पूर्व विधायक द्वारा इस सड़क के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाई गई थी, वहीं जिला परिषद मद से भी सात लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। बावजूद इसके, यह राशि यहां खर्च न होकर वापस चली गई। लोगों के अनुसार इस मार्ग पर प्राइमरी स्कूल अंदरोलु भी स्थित है, जहां बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर आते-जाते हैं। सड़क सुविधा न होने से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द एम्बुलेंस योग्य सड़क निर्माण की मांग की है। बाइट:स्थानीय लोग
चंबा: चमीनू–छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क की मांग तेज, डीसी ने सर्वे के दिए आदेश। मोहम्मद आशिक चंबा हिमाचल प्रदेश चंबा जिला के विकास खंड चम्बा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरौर में चमीनू गांव से छमेरी सेल तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में आज इलाके के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल से मिला और वर्षों से लंबित इस मांग को जल्द पूरा करने की गुहार लगाई। प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विकास खंड अधिकारी चम्बा को निर्देश दिए कि वे जल्द ही संबंधित क्षेत्र का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि आगे आवश्यक कदम उठाए जा सकें। वॉइस ओवर: प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों का कहना है कि चमीनू से छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण उनकी वर्षों पुरानी मांग है, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि पूर्व विधायक द्वारा इस सड़क के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाई गई थी, वहीं जिला परिषद मद से भी सात लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। बावजूद इसके, यह राशि यहां खर्च न होकर वापस चली गई। लोगों के अनुसार इस मार्ग पर प्राइमरी स्कूल अंदरोलु भी स्थित है, जहां बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर आते-जाते हैं। सड़क सुविधा न होने से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द एम्बुलेंस योग्य सड़क निर्माण की मांग की है। बाइट:स्थानीय लोग
- उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जटहेडी स्कूल में आर्यन कुमार जिन्हें डीसी ऑफिस से नियुक्त किया गया था ने एक दिवसीय कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में छात्रों और अध्यापकों को साइबर सिक्योरिटी/क्राइम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि साइबर सिक्योरिटी/ क्राइम कंप्यूटर, इंटरनेट या डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके किया जाने वाला कोई भी गैरकानूनी काम है, जिसमें लोगों की निजी जानकारी चुराना, वित्तीय धोखाधड़ी करना, हैकिंग करना, मैलवेयर फैलाना, फ़िशिंग करना या किसी को ऑनलाइन धमकाना शामिल है, जिसका उद्देश्य पैसा, डेटा चुराना या डिजिटल सिस्टम को बाधित करना होता है। आर्यन कुमार ने बताया कि साइबर अपराध के मुख्य प्रकार इस प्रकार है :हैकिंग : कंप्यूटर सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश करना और डेटा चुराना या बदलना।फ़िशिंग : नकली वेबसाइट या ईमेल के ज़रिए संवेदनशील जानकारी (जैसे पासवर्ड, बैंक डिटेल्स) हासिल करना।मैलवेयर : वायरस, रैंसमवेयर जैसे दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर फैलाना जो सिस्टम को नुकसान पहुँचाते हैं या डेटा को एन्क्रिप्ट करके फिरौती मांगते हैं।पहचान की चोरी: किसी की व्यक्तिगत जानकारी चुराकर उसका गलत इस्तेमाल करना। साइबर स्टॉकिंग और बुलीइंग ऑनलाइन लगातार परेशान करना, पीछा करना, धमकाना या अपमानित करना।ऑनलाइन धोखाधड़ी : नकली ऑफ़र या कॉल के ज़रिए पैसे चुराना। रैंसमवेयर : डेटा को लॉक करके फिरौती वसूलना। आर्यन कुमार ने साइबर अपराध की रिपोर्ट करने के लिए मुख्य पोर्टल cybercrime.gov.in है और हेल्पलाइन नंबर 1930 है, जिस पर आप ऑनलाइन धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्ट कर सकते हैं; इस पोर्टल के माध्यम से आप सभी प्रकार की साइबर घटनाओं की शिकाय1
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- नेशनल पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में चिंतपूर्णी मोइन के सतवीर सिंह का शानदार प्रदर्शन, 72 किलोग्राम वर्ग में चौथा स्थान खबर: रुड़की (उत्तराखंड) के COER यूनिवर्सिटी में आयोजित नेशनल पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश के पैरा एथलिट्स ने बेहतरीन प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया। चिंतपूर्णी मोइन निवासी सतवीर सिंह ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार खेल दिखाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया।यह चैंपियनशिप 16 से 18 जनवरी तक Paralympic Committee of India द्वारा आयोजित की गई, जिसमें पूरे भारत से करीब 300 पैरा पावरलिफ्टरों ने भाग लिया। कड़े मुकाबलों के बीच सतवीर सिंह ने अपने हौसले और मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल की।गौरतलब है कि सतवीर सिंह पेशे से मुख्याध्यापक हैं और दिव्यांग होते हुए भी खेलों के प्रति उनका समर्पण प्रेरणादायक है। उन्होंने यह साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम के बल पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। इस प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए सतवीर सिंह के साथ किन्नौर जिले से युधिष्ठिर सिंह नेगी ने भी 72 किलोग्राम भार श्रेणी में भाग लिया और प्रदेश का मान बढ़ाया। भरवाई से अमन शर्मा की रिपोर्ट2
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- gaurav titus baddi 📍 comedy 😂1
- चंबा की 50 प्राथमिक पाठशालाओं में एक वर्षीय अप्रेंटिसशिप का मौका, NATS पोर्टल पर 24 जनवरी तक करें आवेदन। चंबा जिला के शिक्षित युवाओं के लिए सुनहरा अवसर सामने आया है। जिला चंबा की 50 प्राथमिक पाठशालाओं में एक वर्ष की अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship) के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह अप्रेंटिसशिप भारत सरकार के राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना (NATS) के तहत करवाई जाएगी। उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा चंबा द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार यह प्रशिक्षण विभिन्न शिक्षा खंडों की चयनित प्राथमिक पाठशालाओं में दिया जाएगा। अप्रेंटिसशिप के लिए डीएलएड/जेबीटी डिप्लोमा धारक पात्र होंगे, जिनका डिप्लोमा वर्ष 2021 के बाद का होना चाहिए। आवेदक का स्वरोजगार में संलग्न न होना और किसी प्रकार का पूर्व कार्य अनुभव न होना अनिवार्य है। अप्रेंटिसशिप की अवधि एक वर्ष होगी। प्रशिक्षण अवधि के दौरान अभ्यर्थियों को ₹10,600 प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा, जिसमें से 50 प्रतिशत राशि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी, जबकि शेष राशि जिला प्रशासन द्वारा दी जाएगी। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर भारत सरकार द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, जो पूरे देश में रोजगार कार्यालयों में कार्य अनुभव के रूप में मान्य होगा। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि इस अप्रेंटिसशिप के आधार पर भविष्य में किसी भी प्रकार की सरकारी नौकरी का दावा नहीं किया जा सकेगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को NATS पोर्टल https://nats.education.gov.in पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। NATS पोर्टल पर पंजीकरण की अंतिम तिथि 24 जनवरी 2026 है, जबकि पंजीकरण आईडी व 12 अंकों की जानकारी ई-मेल के माध्यम से 25 जनवरी 2026 तक ddeechamba@rediffmail.com पर भेजनी होगी। आवेदन के लिए आधार कार्ड, वैध व्यक्तिगत ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो, आधार से लिंक बैंक खाता विवरण तथा बैंक पासबुक का प्रथम पृष्ठ अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय चंबा से संपर्क कर सकते हैं।1
- हिमाचल केशक्तिपीठ श्री चिंतपूर्णी मंदिर से सोमवार सुबह सवेरे कर माता रानी के आरती दर्शन4
- gaurav titus baddi 📍 comedy 😂1