Shuru
Apke Nagar Ki App…
गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर विधान भवन के सामने समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए मुफ्त उपले बांटे लखनऊ में गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर विरोध प्रदर्शन। विधान भवन के सामने समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए मुफ्त उपले बांटे। प्रदर्शनकारी जमीन पर उपलों का ढेर लगाकर नारे लगाते हुए कहते रहे – “उपले ले लो, उपले ले लो"। बाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
Prabhat Kashyap
गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर विधान भवन के सामने समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए मुफ्त उपले बांटे लखनऊ में गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर विरोध प्रदर्शन। विधान भवन के सामने समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए मुफ्त उपले बांटे। प्रदर्शनकारी जमीन पर उपलों का ढेर लगाकर नारे लगाते हुए कहते रहे – “उपले ले लो, उपले ले लो"। बाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
More news from Lucknow and nearby areas
- 🚨 मेगा ब्रेकिंग | #अम्बेडकरनगर में गैस किल्लत पर बड़ा धमाका 🚨अम्बेडकरनगर में LPG गैस की भारी किल्लत को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। शासन-प्रशासन भले ही गैस आपूर्ति को सामान्य बताने के दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयान कर रही है। जनपद मुख्यालय के दो बड़े और प्रतिष्ठित व्यवसायियों ने कैमरे के सामने आकर प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी। जिले के मशहूर साहू मिष्ठान भंडार के मालिक संदीप साहू और मौसम बहार स्वीट हाउस के प्रोप्राइटर आनंद का गुस्सा मीडिया के सामने फूट पड़ा। दोनों व्यापारियों ने साफ शब्दों में कहा कि LPG गैस की भीषण किल्लत ने उनके व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई बार दुकान बंद करने की नौबत आ जाती है। 🗣️ संदीप साहू का बयान: “ग्राहकों की सेवा करना हमारा धर्म है, लेकिन गैस न मिलने की वजह से मिठाई और अन्य सामान बनाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों का खर्च चलाना भी भारी पड़ रहा है। अगर यही हाल रहा तो कारोबार बंद करना पड़ सकता है।” 🗣️ आनंद का आरोप: “जिले में गैस की आपूर्ति को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वो सिर्फ कागजों में हैं। जमीनी स्तर पर व्यापारियों और आम लोगों को गैस के लिए भटकना पड़ रहा है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो कई प्रतिष्ठानों पर ताला लग सकता है।” ⚠️ अब उठ रहे बड़े सवाल 👉 जब प्रशासन गैस आपूर्ति को सामान्य बता रहा है तो जमीनी स्तर पर इतनी बड़ी किल्लत क्यों? 👉 आखिर गैस की सप्लाई कहां अटक रही है? 👉 क्या जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस कदम उठाएंगे? इस खुलासे के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है और व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। 🔥 अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो अम्बेडकर नगर में व्यापारियों का बड़ा आंदोलन भी देखने को मिल सकता है। 📢 यह मुद्दा अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुका है। #india #facebook #suyashkumarmishra #suyashmishra #suyashkumar #suyash #india #facebook #AmbedkarNagar #jalalpur #photo #news #PMO #PMOIndia #NarendraModi #अयोध्या #ayodhya #dmambedkarnagar #viral #video #reels #UPGovt #UPGovernment #YogiAdityanath #MYogiAdityanath DM Ambedkarnagar MYogiAdityanath Narendra Modi1
- लखनऊ=.. मलिहाबाद नगर पंचायत अध्यक्ष एहसान अजीज खान को कुछ अज्ञात लोगों ने धर कर पीटा. गढ़ी संजर खान में ईद गहा साफ सफाई करा रहे अहसान अजीज खा को अचानक से आकर कुछ युवकों में पीट दिया सूत्रों की माने तो पूर्व में विवाद होने पर हुई मारपीट गाड़ी पर हुई दो राउंड फायरिंग एक दर्जन लोगों ने मिलकर पिटा विवाद के दौरान दबंगों ने जान से मारने की धमकी दी मलिहाबाद थाने पर पिटाई करने वाले युवकों पर कार्यवाही की कर रहे माँग जानकारी के मुताबिक एहसान अजीज खान अपने चार से पांच साथियों के साथ ईदगाह में सफाई का कार्य करने गए थे उसी समय कुछ अज्ञात लोगों ने आकर एहसान अजीज खान को खूब पीटा. जानकारी के मुताबिक पिछले विवाद को लेकर ऐसा अहसान खान नगर पंचायत अध्यक्ष को पीटा गया2
- रहीमाबाद के रुसेना गांव में 28 साल बाद घर लौटा बेटा, मां की आंखों से खुशी के आंसू। रोज़गार की तलाश में गया शिवनाथ 28 साल बाद गांव लौटा, परिवार ने गले लगाकर स्वागत किया। मां कलावती ने बेटे को सीने से लगाया, वर्षों बाद बेटे को देखकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। 28 साल पहले मुजफ्फरनगर गया शिवनाथ, मेरठ में बंधक बनाकर उससे जबरन काम कराया जाता रहा। एक दयालु व्यक्ति ने 500 रुपये देकर शिवनाथ को बंधन से मुक्त कराया, ट्रेन में बैठाया। किसी तरह लखनऊ पहुंचा शिवनाथ, फिर पैदल चलते हुए रविवार सुबह अपने गांव रुसेना पहुंचा। बेटे को अचानक सामने देखकर मां और छोटे भाई वीरेंद्र की आंखों से खुशी छलक पड़ी। वर्षों बाद घर लौटे शिवनाथ को देखने के लिए गांव में लोगों की भीड़ लग गई। घर पहुंचने के बाद नाई बुलाकर शिवनाथ के बढ़े बाल और दाढ़ी कटवाई गई। 28 साल बाद बेटे के लौटने से परिवार में खुशी की लहर, गांव में चर्चा का विषय बना।1
- विरोध प्रदर्शन हेतु संबोधन उपस्थित साथियों, मातृशक्ति और पत्रकार बंधुओं! मैं सोनी शुक्ला क्रांति, राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति, आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के विरुद्ध बिगुल फूंकने के लिए आपके बीच खड़ी हूँ। साथियों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया—'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इस वाक्यांश के लिए विकल्पों में 'Pandit' शब्द का प्रयोग करना न केवल मूर्खतापूर्ण है, बल्कि यह एक गहरी साजिश और पूरे समाज का अपमान है। क्या शासन-प्रशासन की नज़र में किसी वर्ग विशेष की पहचान इतनी सस्ती है? मैं इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा और भर्त्सना करती हूँ। मुख्य मांगें और चेतावनी: विशेषज्ञों पर कार्रवाई: ऐसे भद्दे विकल्प तैयार करने वाले मानसिक रूप से दिवालिया विशेषज्ञों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। सार्वजनिक क्षमा: भर्ती बोर्ड इस अपमानजनक त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और प्रश्न को निरस्त करे। 31 नंबर प्रश्न अवसर के अनुसार बदल जाने वाला इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए 1 सदाचारी 2 पंडित 3 अवसरवादी 4 निष्कपट 32 दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द दीजिए गरिमा का सम्मान: हम परीक्षा की शुचिता और हर नागरिक के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे। सरकार कान खोलकर सुन ले, हम केवल कलम चलाना नहीं जानते, हम अपने सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना भी जानते हैं। जनहित सर्व समाज सेवा समिति इस अन्याय के विरुद्ध तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक दोषियों पर गाज नहीं गिरती। हमारा विशिष्ट नारा जो सत्ता के गलियारों तक गूँजना चाहिए: "सम्मान की लड़ाई में, अब न कोई ढिलाई है, कुर्सी छोड़ो ओ हुक्मरानों, अब जनता ने आंख दिखाई है!" "जो समाज का मान नहीं, वो हमारा भगवान नहीं!" जय हिंद! जय भारत! सोनी शुक्ला क्रांति राष्ट्रीय अध्यक्ष, कवयित्री जनहित सर्व समाज सेवा समिति1
- विरोध प्रदर्शन हेतु संबोधन उपस्थित साथियों, मातृशक्ति और पत्रकार बंधुओं! मैं सोनी शुक्ला क्रांति, राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति, आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के विरुद्ध बिगुल फूंकने के लिए आपके बीच खड़ी हूँ। साथियों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया—'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इस वाक्यांश के लिए विकल्पों में 'Pandit' शब्द का प्रयोग करना न केवल मूर्खतापूर्ण है, बल्कि यह एक गहरी साजिश और पूरे समाज का अपमान है। क्या शासन-प्रशासन की नज़र में किसी वर्ग विशेष की पहचान इतनी सस्ती है? मैं इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा और भर्त्सना करती हूँ। मुख्य मांगें और चेतावनी: विशेषज्ञों पर कार्रवाई: ऐसे भद्दे विकल्प तैयार करने वाले मानसिक रूप से दिवालिया विशेषज्ञों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। सार्वजनिक क्षमा: भर्ती बोर्ड इस अपमानजनक त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और प्रश्न को निरस्त करे। 31 नंबर प्रश्न अवसर के अनुसार बदल जाने वाला इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए 1 सदाचारी 2 पंडित 3 अवसरवादी 4 निष्कपट 32 दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द दीजिए गरिमा का सम्मान: हम परीक्षा की शुचिता और हर नागरिक के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे। सरकार कान खोलकर सुन ले, हम केवल कलम चलाना नहीं जानते, हम अपने सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना भी जानते हैं। जनहित सर्व समाज सेवा समिति इस अन्याय के विरुद्ध तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक दोषियों पर गाज नहीं गिरती। हमारा विशिष्ट नारा जो सत्ता के गलियारों तक गूँजना चाहिए: "सम्मान की लड़ाई में, अब न कोई ढिलाई है, कुर्सी छोड़ो ओ हुक्मरानों, अब जनता ने आंख दिखाई है!" "जो समाज का मान नहीं, वो हमारा भगवान नहीं!" जय हिंद! जय भारत! सोनी शुक्ला क्रांति राष्ट्रीय अध्यक्ष, कवयित्री जनहित सर्व समाज सेवा समिति1
- ब्रेकिंग न्यूज़: राजधानी लखनऊ में 'रिकवरी माफिया' का आतंक, खाकी पर उठे सवाल! । लखनऊ: पीजीआई थाना क्षेत्र के कल्ली पश्चिम में रिकवरी एजेंटों की सरेआम गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, खुद को फाइनेंस कंपनी का एजेंट बताने वाले दबंग बिना किसी कानूनी नोटिस के सड़कों पर गाड़ियाँ रोककर जबरन ज़ब्त कर रहे हैं। सरेराह हो रही इस लूट ने प्रशासन की कार्यशैली और भ्रष्टाचार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में असुरक्षा और दहशत का माहौल है। Lucknow Police UP Police1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। चेकिंग के दौरान एक कार को बिना नंबर प्लेट और काली फिल्म लगी होने के कारण रोका गया। बताया जा रहा है कि चालक ने खुद को भाजपा नेता का रिश्तेदार बताकर बचने की कोशिश की। इस पर एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल ने साफ शब्दों में कहा, “तुम्हारे फूफा चाहे प्रेसिडेंट हों, चालान तो होगा।” इसके बाद वाहन का चालान कर दिया गया। यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने अभियान चलाकर कुल 172 वाहनों का चालान किया और ₹86 हजार से ज्यादा का जुर्माना वसूला।1
- 13 सालों तक बिस्तर पर अचेत अवस्था में जीवन बिताने वाले गाजियाबाद के हरीश राणा को आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु की मंजूरी मिल गई.दिल्ली एम्स में उनके लाइफ सपोर्ट को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस बीच उनकी अंतिम विदाई से जुड़ा एक इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर लोग भावुक हो रहे हैं.1
- विरोध प्रदर्शन हेतु संबोधन उपस्थित साथियों, मातृशक्ति और पत्रकार बंधुओं! मैं सोनी शुक्ला क्रांति, राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति, आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के विरुद्ध बिगुल फूंकने के लिए आपके बीच खड़ी हूँ। साथियों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया—'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इस वाक्यांश के लिए विकल्पों में 'Pandit' शब्द का प्रयोग करना न केवल मूर्खतापूर्ण है, बल्कि यह एक गहरी साजिश और पूरे समाज का अपमान है। क्या शासन-प्रशासन की नज़र में किसी वर्ग विशेष की पहचान इतनी सस्ती है? मैं इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा और भर्त्सना करती हूँ। मुख्य मांगें और चेतावनी: विशेषज्ञों पर कार्रवाई: ऐसे भद्दे विकल्प तैयार करने वाले मानसिक रूप से दिवालिया विशेषज्ञों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। सार्वजनिक क्षमा: भर्ती बोर्ड इस अपमानजनक त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और प्रश्न को निरस्त करे। 31 नंबर प्रश्न अवसर के अनुसार बदल जाने वाला इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए 1 सदाचारी 2 पंडित 3 अवसरवादी 4 निष्कपट 32 दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द दीजिए गरिमा का सम्मान: हम परीक्षा की शुचिता और हर नागरिक के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे। सरकार कान खोलकर सुन ले, हम केवल कलम चलाना नहीं जानते, हम अपने सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना भी जानते हैं। जनहित सर्व समाज सेवा समिति इस अन्याय के विरुद्ध तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक दोषियों पर गाज नहीं गिरती। हमारा विशिष्ट नारा जो सत्ता के गलियारों तक गूँजना चाहिए: "सम्मान की लड़ाई में, अब न कोई ढिलाई है, कुर्सी छोड़ो ओ हुक्मरानों, अब जनता ने आंख दिखाई है!" "जो समाज का मान नहीं, वो हमारा भगवान नहीं!" जय हिंद! जय भारत! सोनी शुक्ला क्रांति राष्ट्रीय अध्यक्ष, कवयित्री जनहित सर्व समाज सेवा समिति1