टिहरी: शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर सीडीओ सख्त, कमजोर परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों को मिलेगी प्राथमिकता मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), नई टिहरी की कार्यक्रम परामर्शी समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में डायट की वर्ष 2025-26 की प्रगति समीक्षा के साथ-साथ वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान डायट के द्वारा समग्र शिक्षा में संपादित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) के अंतर्गत 1,161 शिक्षकों, कौशलम प्रशिक्षण के तहत 912 शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 212 कार्यकर्त्रियों, आनन्दम कार्यक्रम के तहत 247 शिक्षकों, अबेकस कार्यक्रम केइ अंतर्गत 82 शिक्षकों तथा एसएमसी प्रशिक्षण के तहत 150 एसएमसी सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में आयोजित होने वाले समस्त शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तृत कार्ययोजना समय से उपलब्ध कराया जाए, ताकि वरिष्ठ अधिकारी भी प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर इसकी गुणवत्ता का अवलोकन कर सकें। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत संतोषजनक नहीं रहा है, उन विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए, जिससे प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे। मुख्य विकास अधिकारी ने डायट अधिकारियों को निर्देशित किया कि विगत वर्ष प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराई जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि प्रशिक्षण का विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं परीक्षा परिणामों पर क्या प्रभाव पड़ा। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी व्यवस्था, मूल्यांकन प्रणाली तथा उनसे प्राप्त उपलब्धियों का भी विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में डायट अधिकारियों ने संस्थान की आवश्यकताओं से संबंधित विभिन्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने डायट में दैनिक मजदूरी के आधार पर एक सफाई कर्मी की व्यवस्था किए जाने तथा जनपद के छात्र-छात्राओं के लिए एक्सपोजर विजिट आयोजित करने हेतु आवश्यक बजट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। बैठक में प्राचार्य डायट सुमेर सिंह कैन्तुरा, प्रवक्ता देवेंद्र भंडारी, नरेंद्र कुमाईं, डॉ. वीर सिंह, राजेंद्र प्रसाद बडोनी, बीआरपी चंबा विकास महर, सीआरपी पांगरखाल आँचल सेमवाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दिनेश चन्द रमोला, डॉ. अजय कुमार चौरसिया, अभिषेक शुक्ला सहित वर्चुअल माध्यम से मुख्य शिक्षा अधिकारी कमला तथा कार्यक्रम परामर्शी समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
टिहरी: शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर सीडीओ सख्त, कमजोर परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों को मिलेगी प्राथमिकता मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), नई टिहरी की कार्यक्रम परामर्शी समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में डायट की वर्ष 2025-26 की प्रगति समीक्षा के साथ-साथ वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान डायट के द्वारा समग्र शिक्षा में संपादित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) के अंतर्गत 1,161 शिक्षकों, कौशलम प्रशिक्षण के तहत 912 शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 212 कार्यकर्त्रियों, आनन्दम कार्यक्रम के तहत 247 शिक्षकों, अबेकस कार्यक्रम केइ अंतर्गत 82 शिक्षकों तथा एसएमसी प्रशिक्षण के तहत 150 एसएमसी सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में आयोजित होने वाले समस्त शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तृत कार्ययोजना समय से उपलब्ध कराया जाए, ताकि वरिष्ठ अधिकारी भी प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर इसकी गुणवत्ता का अवलोकन कर सकें। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत संतोषजनक नहीं रहा है, उन विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए, जिससे प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे। मुख्य विकास अधिकारी ने डायट अधिकारियों को निर्देशित किया कि विगत वर्ष प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराई जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि प्रशिक्षण का विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं परीक्षा परिणामों पर क्या प्रभाव पड़ा। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी व्यवस्था, मूल्यांकन प्रणाली तथा उनसे प्राप्त उपलब्धियों का भी विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में डायट अधिकारियों ने संस्थान की आवश्यकताओं से संबंधित विभिन्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने डायट में दैनिक मजदूरी के आधार पर एक सफाई कर्मी की व्यवस्था किए जाने तथा जनपद के छात्र-छात्राओं के लिए एक्सपोजर विजिट आयोजित करने हेतु आवश्यक बजट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। बैठक में प्राचार्य डायट सुमेर सिंह कैन्तुरा, प्रवक्ता देवेंद्र भंडारी, नरेंद्र कुमाईं, डॉ. वीर सिंह, राजेंद्र प्रसाद बडोनी, बीआरपी चंबा विकास महर, सीआरपी पांगरखाल आँचल सेमवाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दिनेश चन्द रमोला, डॉ. अजय कुमार चौरसिया, अभिषेक शुक्ला सहित वर्चुअल माध्यम से मुख्य शिक्षा अधिकारी कमला तथा कार्यक्रम परामर्शी समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
- क्या है सच्चाई?? विधानसभा घनसाली uttrakhand Tehri Garhwal1
- मसूरी में 200 साल पुरानी कब्रगाह और अंतिम नमाज स्थल को प्रशासन ने किया ध्वस्त, मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश, कुछ देर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग किया जाम। NIU रिपोर्टर - सुनील सोनकर मसूरी के लक्ष्मणपुरी क्षेत्र में शनिवार को एक धार्मिक ढांचे को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए और राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि नगर पालिका परिषद की है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर कार्रवाई की गई, वह कोई नई संरचना नहीं थी, बल्कि वर्षों से उनके धार्मिक और सामाजिक उपयोग में रहा स्थल है। उनका दावा है कि यह स्थान करीब 200 वर्ष पुराना है तथा यहां उनके पूर्वज दफन हैं। समुदाय के लोगों ने कहा कि प्रशासन जिस संरचना को मस्जिद बता रहा है, वह नियमित नमाज के लिए उपयोग होने वाली मस्जिद नहीं, बल्कि एक टीनशेड है जहां अंतिम संस्कार के बाद मृतकों की अंतिम नमाज अदा की जाती रही है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि बिना उनकी भावनाओं को समझे कार्रवाई की गई। उनका कहना था कि यदि यह भूमि वास्तव में सरकारी थी तो इतने वर्षों तक इस पर किसी प्रकार का विवाद या कार्रवाई क्यों नहीं हुई। समुदाय के लोगों ने कहा कि धार्मिक स्थलों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। कार्रवाई के विरोध में लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वहीं एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने कहा कि संबंधित भूमि न तो वक्फ बोर्ड की है और न ही किसी निजी व्यक्ति अथवा समुदाय के स्वामित्व में है। संयुक्त जांच में यह भूमि नगर पालिका परिषद मसूरी की पाई गई है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद, छावनी परिषद और वक्फ बोर्ड से जुड़े अभिलेखों की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संरचना पालिका की भूमि पर बनी थी और अतिक्रमण की श्रेणी में आती थी। एसडीएम के अनुसार प्रशासन की ओर से संबंधित पक्ष को तीन बार नोटिस जारी कर स्वेच्छा से संरचना हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नोटिसों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद नियमानुसार पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और कानून से ऊपर कोई नहीं है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है, जबकि समुदाय के लोगों ने मामले को लेकर आगे भी कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की बात कही है।1
- सबसे जूनियर सहायक अल्पसंख्यक अधिकारी श्री भगवती प्रसाद त्रिवेदी को जनपद देहरादून में नियमों के विरुद्ध जिला अल्पसंख्यक अधिकारी बनाए जाने का मैं विरोध करता हूँ। क्योंकि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कर्मचारी मोहसिन खान की मृत्यु से संबंधित प्रकरण में इनकी भूमिका की सीबी-सीआईडी जाँच चल रही है तथा यह मामला माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल में भी चल रहा है। ओर इनको अल्पसंख्यक आयोग में सचिव बनाने की बात भी चल रही है साथ ही इनकी ग्रेड पे ₹2800 है, जबकि संबंधित पद के लिए ₹5400 ग्रेड पे होना आवश्यक है। यह नियुक्ति अल्पसंख्यक विभाग के वरिष्ठ सहायकों के साथ अन्याय एवं उनका अपमान है और अल्पसंख्यक समाज का भी अपमान है। माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्र अनुरोध है कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को ध्यान में रखते हुए श्री भगवती प्रसाद त्रिवेदी को जनपद देहरादून में तैनात न रखा जाए तथा इस मामले में नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाए।1
- हरिद्वार के रुड़की में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कलश यात्रा में हुए शामिल देशराज कर्णवाल ने कर दिया बड़ा ऐलान1
- शिक्षकों की भारी कमी से 73 बच्चों का भविष्य की चिंता में, अब स्कूल भवन पर भी संकट के बादल। हालात ऐसे बन गए हैं कि बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए दूसरे स्कूल में शिफ्ट करना पड़ सकता है। सुनिए संजय बडोनी जी से , जल्दी दूसरी बीडीओ आयेगी1
- करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश का आरोपी सहारनपुर से गिरफ्तार 🚨 The Aman Times | देहरादून 🚔 ऑपरेशन प्रहार: करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश का आरोपी सहारनपुर से गिरफ्तार एसएसपी देहरादून के निर्देशन में ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस ने भू-माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की भूमि हड़पने की साजिश में शामिल फरार आरोपी राजकमल को सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 10 वर्ष पहले मृत व्यक्ति के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर कूटरचित पावर ऑफ अटॉर्नी/दस्तावेज तैयार किए और उन्हीं के आधार पर वादी की करोड़ों की संपत्ति पर स्टे लेने का प्रयास किया। इस मामले में मुख्य अभियुक्ता बबीता देवी को दून पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब फरार चल रहे दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।1