समस्तीपुर सदर अस्पताल की आपातकालीन सेवा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ आपातकालीन कक्ष में प्रतिनियुक्त चिकित्सक डॉ. पी. डी. शर्मा पर ड्यूटी के दौरान अपने कक्ष में अनुपस्थित रहने का गंभीर आरोप लगा है। इसी बीच, गंभीर अवस्था में एक मरीज को लेकर पहुंचे परिजन इलाज के इंतजार में परेशान होते रहे और उन्होंने डॉक्टर की गैर-मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए। मामले की जानकारी मिलने पर पत्रकार श्रवण कुमार अस्पताल पहुंचे और घटना का कवरेज किया। आरोप है कि खबर प्रसारित होने के बाद ही डॉक्टर आपातकालीन कक्ष स्थित अपने कार्यालय पहुंचे। जब पत्रकार ने उनसे उनकी ड्यूटी के समय अनुपस्थिति के बारे में पूछा, तो डॉक्टर कथित तौर पर नाराज हो गए और पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की की। इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद आम लोगों में इस घटना को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। नागरिक यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि आपातकालीन सेवा में डॉक्टर मौजूद नहीं थे, तो इसकी जवाबदेही आखिर कौन तय करेगा? इसके साथ ही, पत्रकार के साथ कथित मारपीट के इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ रही है। फिलहाल, सभी की निगाहें समस्तीपुर के सिविल सर्जन पर टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है। अभी तक डॉक्टर का पक्ष और स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिसके आने का इंतजार है और प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा।
समस्तीपुर सदर अस्पताल की आपातकालीन सेवा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ आपातकालीन कक्ष में प्रतिनियुक्त चिकित्सक डॉ. पी. डी. शर्मा पर ड्यूटी के दौरान अपने कक्ष में अनुपस्थित रहने का गंभीर आरोप लगा है। इसी बीच, गंभीर अवस्था में एक मरीज को लेकर पहुंचे परिजन इलाज के इंतजार में परेशान होते रहे और उन्होंने डॉक्टर की गैर-मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए। मामले की जानकारी मिलने पर पत्रकार श्रवण कुमार अस्पताल पहुंचे और घटना का कवरेज किया। आरोप है कि खबर प्रसारित होने के बाद ही डॉक्टर आपातकालीन कक्ष स्थित अपने कार्यालय पहुंचे। जब पत्रकार ने उनसे उनकी ड्यूटी के समय अनुपस्थिति के बारे में पूछा, तो डॉक्टर कथित तौर पर नाराज हो गए और पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की की। इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद आम लोगों में इस घटना को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। नागरिक यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि आपातकालीन सेवा में डॉक्टर मौजूद नहीं थे, तो इसकी जवाबदेही आखिर कौन तय करेगा? इसके साथ ही, पत्रकार के साथ कथित मारपीट के इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ रही है। फिलहाल, सभी की निगाहें समस्तीपुर के सिविल सर्जन पर टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है। अभी तक डॉक्टर का पक्ष और स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिसके आने का इंतजार है और प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा।
- बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायत समिति भवन में बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आपदा मित्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीआरएफ के एसआई अरविंद कुमार सिंह चंदेल ने बाढ़ से पहले, बाढ़ के दौरान और बाढ़ के बाद बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखने, आपातकालीन नंबर याद रखने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की। एसडीआरएफ के एसआई ने विशेष रूप से डूबने से बचाव पर जोर देते हुए सलाह दी कि तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करें और बच्चों को नदियों, नालों व जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रखें। इस दौरान, एसडीआरएफ टीम ने राफ्ट (बचाव नौका) के सुरक्षित उपयोग, जीवन रक्षक जैकेट पहनने की अनिवार्यता और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया समझाई। इसके अतिरिक्त, सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की प्राथमिक जानकारी भी दी गई, जिसमें बताया गया कि डूबने या सांस रुकने की स्थिति में समय पर सीपीआर देकर किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। प्रतिभागियों को यह भी सलाह दी गई कि बाढ़ के बाद भी गड्ढों, तालाबों और जलजमाव वाले इलाकों में सतर्क रहें। इस अवसर पर एसडीआरएफ के सिपाही राज कारण कुशवाहा व हरिकेश कुमार, आपदा मित्र राम रूप राय, अरुण राय, धीरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, अरमान अंसारी सहित कई अन्य आपदा मित्र तथा शिक्षक मुमताज अहमद मौजूद रहे। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने इसे बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।1
- समस्तीपुर नगर परिषद क्षेत्र के गोला रोड में राधा रानी टेक्सटाइल गारमेंट्स का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। बिहार के मशहूर "गोल्डमैन" इस अवसर पर समस्तीपुर पहुँचे। रेडीमेड गारमेंट्स की इस दुकान के उद्घाटन के बाद, पटना के इन गोल्डमैन ने राज्य के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।2
- कूड़ा जलाने पर जुर्माना और जेल तक की सज़ा का प्रावधान होने के बावजूद इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। ऐसी स्थिति बन गई है कि जहाँ की प्रशासनिक व्यवस्था को 'चौपट' और 'अंधेर नगरी चौपट राजा' जैसा बताया जा रहा है। इतना ही नहीं, यह बताया गया है कि न्यूज़ चलने के बाद भी कचरे के साथ-साथ नशे की खाली बोतलों को भी जला दिया गया। यह घटना उस जगह की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहाँ इस तरह की लापरवाही लगातार जारी है।1
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पक्ष कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य सभा सांसद धर्म शीला गुप्ता ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और उन्हें देश भक्ति के प्रति तटस्थ रहने का संदेश दिया। मोहिउद्दीन नगर में यह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मरण पक्ष कार्यकर्ता सम्मेलन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पक्ष सह कार्यकर्ता सम्मेलन का समापन हुआ। इस सम्मेलन को राज्यसभा सांसद डॉ. धर्म शीला गुप्ता ने संबोधित किया।1
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की VICC कंपनी द्वारा 9 जुलाई को दरभंगा में सीधा साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा। इस भर्ती अभियान के तहत, कंपनी इलेक्ट्रीशियन से लेकर स्टील फिक्सर तक के विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन करेगी। चयनित उम्मीदवारों को 1400 से 1850 AED तक का मासिक वेतन प्रदान किया जाएगा।1
- बढ़ती लागत और फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। किसानों ने अपनी इस बिगड़ती आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार से मांग की है कि उनके किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के ऋण माफ किए जाएं, साथ ही खेती के लिए नि:शुल्क बिजली, पानी, खाद, बीज एवं कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएं। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने स्पष्ट किया है कि किसानों की इस 'हकमारी' के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड मुख्यालय पर, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम ने स्कूली बच्चों के बीच बाढ़ सुरक्षा को लेकर एक जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के काफी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिन्हें SDRF के एसआई अरविंद सिंह चंदेल ने बाढ़ सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।1
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पक्ष सह कार्यकर्ता सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर पर राज्य सभा सांसद डॉ. धर्म शीला गुप्ता ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।1