राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) के मद्देनजर, जो 21 जून, 2026 को आयोजित होने वाली है, उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। मण्डल रेल प्रबंधक श्री रजनीश अग्रवाल के निर्देश पर, सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं, तथा मण्डल कार्यालय के वॉर रूम से स्टेशनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इन तैयारियों के तहत, प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर परीक्षार्थियों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। इन हेल्प डेस्क के माध्यम से, अभ्यर्थियों को ट्रेन और प्लेटफॉर्म से संबंधित जानकारी, स्टेशन परिसर में मार्गदर्शन, स्थानीय परिवहन संबंधी आवश्यक विवरण, और किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर तुरंत सहायता प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में सुविधा प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, संभावित अतिरिक्त भीड़भाड़ को देखते हुए स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है, और यात्रियों तथा परीक्षार्थियों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए निरंतर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। टिकट काउंटरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों से संबंधित घोषणाओं की नियमित व्यवस्था बनाए रखने, तथा एटीवीएम और अन्य टिकटिंग मशीनों के सुचारु संचालन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल सहित प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त रैकों का प्रावधान भी रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल संचालित कर यात्रियों और परीक्षार्थियों को सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। आवश्यकतानुसार विशेष गाड़ियों के संचालन की व्यवस्था भी रखी गई है। प्रयागराज मंडल परीक्षार्थियों की सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) के मद्देनजर, जो 21 जून, 2026 को आयोजित होने वाली है, उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। मण्डल रेल प्रबंधक श्री रजनीश अग्रवाल के निर्देश पर, सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं, तथा मण्डल कार्यालय के वॉर रूम से स्टेशनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इन तैयारियों के तहत, प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर परीक्षार्थियों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। इन हेल्प डेस्क के माध्यम से, अभ्यर्थियों को ट्रेन और प्लेटफॉर्म से संबंधित जानकारी, स्टेशन परिसर में मार्गदर्शन, स्थानीय परिवहन संबंधी आवश्यक विवरण, और किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर तुरंत सहायता प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में सुविधा प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, संभावित अतिरिक्त भीड़भाड़ को देखते हुए स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है, और यात्रियों तथा परीक्षार्थियों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए निरंतर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। टिकट काउंटरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों से संबंधित घोषणाओं की नियमित व्यवस्था बनाए रखने, तथा एटीवीएम और अन्य टिकटिंग मशीनों के सुचारु संचालन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल सहित प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त रैकों का प्रावधान भी रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल संचालित कर यात्रियों और परीक्षार्थियों को सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। आवश्यकतानुसार विशेष गाड़ियों के संचालन की व्यवस्था भी रखी गई है। प्रयागराज मंडल परीक्षार्थियों की सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
- मोहिनी शुक्ला ने दर्शकों का चटपटी और मीठी-मीठी खबरों के साथ स्वागत किया। उन्होंने सभी से उनके साथ बने रहने का आग्रह किया और अपनी प्रस्तुति का समापन 'थैंक यू राधे राधे' कहकर किया।1
- प्रयागराज के घुरपुर थाना क्षेत्र में हवाई पट्टी के पास झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। सूचना मिलने पर घुरपुर पुलिस और फॉरेंसिक टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल में जुटी हुई है।1
- प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वरिष्ठ पत्रकार आलोक मालवीय की माताश्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस खबर की जानकारी जेजीई न्यूज द्वारा दी गई है।1
- प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने के सामने स्थित बाल सुधार गृह का मामला गरमा गया है, जहां 20 जून 2026 को परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया कि उनके नाबालिग बच्चे को कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद रिहा नहीं किया गया, बल्कि उसके साथ मारपीट की गई। माता-पिता का कहना है कि जमानत आदेश की प्रति जमा करने के बाद भी प्रशासन ने बच्चे को छोड़ने में देरी की, और इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने बच्चे की पिटाई की। बच्चे के शरीर पर चोट के निशान पाए जाने से परिजन अत्यधिक आक्रोशित हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला अदालत के कई अधिवक्ता बाल सुधार गृह पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों ने थाने के सामने नारेबाजी करते हुए दोषी कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई करने और बाल सुधार गृह प्रभारी को निलंबित करने की मांग की। यह हंगामा लगभग एक घंटे तक चलता रहा। मौके पर पहुंचे एसीपी खुल्दाबाद ने अधिवक्ताओं और परिजनों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी, क्योंकि जमानत के बाद मारपीट का आरोप बेहद गंभीर है। एसीपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, नाबालिग को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और जमानत आदेश के तहत उसकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला स्तर पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। किशोर न्याय अधिनियम के तहत, जमानत मिलने के बाद नाबालिग को तुरंत रिहा करना अनिवार्य है, और किसी भी प्रकार की हिंसा या मानसिक प्रताड़ना एक दंडनीय अपराध है।1
- कौशाम्बी में एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक सवार युवक को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही युवक की दर्दनाक मौत हो गई। यह बाइक सवार युवक प्रयागराज से कानपुर की तरफ हाइवे के किनारे से जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यह मामला सैनी थाना क्षेत्र के पहाड़पुर कोदन नेशनल हाईवे के पास का है।1
- कौशाम्बी जिले के मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के कोतारी पश्चिम स्थित न्यू प्रीति अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से एक महिला की जान चली गई। इस घटना के बाद, परिजनों ने मंझनपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की, उनका मोबाइल छीना और बिना पंचनामा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पति, सुरसेना कोतवाली सराय अकिल निवासी लवकेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी मुन्नी देवी को 6 दिन पहले उनके मायके वालों ने बिना उनकी जानकारी के न्यू प्रीति अस्पताल में भर्ती कराया था। वहाँ उनका ऑपरेशन हुआ और इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। लवकेश कुमार ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया, जिसके कारण मुन्नी देवी की मौत हुई। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कौशाम्बी जिले में 'नामी डॉक्टरों का बोर्ड लगाकर' जगह-जगह ऐसे 'मानक विहीन' अस्पताल चलाए जा रहे हैं, जो कथित तौर पर 'मौत बांट रहे हैं', और जिनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर 'जिम्मेदारों की मेहरबानी' पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मुन्नी देवी की मौत की खबर जब ससुराल वालों को मिली तो काफी संख्या में लोग मौके पर पहुँचे। लवकेश कुमार ने मंझनपुर पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने मौके पर उनके साथ जबरन मारपीट की, उनका मोबाइल छीन लिया और बिना पंचनामा तैयार किए ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच, अस्पताल के डॉक्टर और अन्य स्टाफ मौके से फरार बताए जा रहे हैं। मंझनपुर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जाँच में जुटी है।1
- प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, पीडीए की टीम ने सोराँव के लाल खातून क्षेत्र में आठ बीघा अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान, आठ बीघा जमीन पर की गई अवैध प्लॉटिंग में बनाई गई बाउंड्रियों को एक-एक कर बुलडोजर से ढहाया गया।2
- शनिवार सुबह रेणुकूट के हाथीनाला-रेणुकूट मार्ग पर स्थित हथवानी मोड़ के पास एक डीजल टैंकर और कोयला लदे ट्रेलर के बीच भीषण टक्कर हो गई, जिसमें टैंकर चालक की जान चली गई। इस दुर्घटना के कारण मार्ग पर कई घंटों तक लंबा जाम लगा रहा और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाथीनाला की ओर से वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर जा रहे डीजल लदे टैंकर को सामने से आ रहे कोयला लदे ट्रेलर ने ओवरटेक करने की कोशिश में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में टैंकर चालक राजू यादव (35 वर्ष), जो सिरसा बाबतपुर, वाराणसी के निवासी हृदय यादव के पुत्र थे, गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, ट्रेलर चालक सुरक्षित बताया गया है। घटना की सूचना मिलते ही राहगीरों ने हाथीनाला पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंचे समाजसेवी विजय प्रताप सिंह और पुलिसकर्मियों ने घायल चालक को एंबुलेंस से चोपन अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर हालत के कारण इलाज के दौरान राजू यादव की मृत्यु हो गई। दुर्घटना के बाद टैंकर से डीजल सड़क पर फैलने लगा, जिसे देखकर आसपास के ग्रामीण बाल्टी और गैलन लेकर डीजल भरने के लिए मौके पर आ पहुंचे। सड़क पर फैले डीजल के कारण वाहनों के पहियों के फिसलने और आगे दुर्घटना होने की आशंका बढ़ गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मुर्धवा मोड़ और हाथीनाला से आने वाले वाहनों को दुद्धी मार्ग की ओर मोड़ दिया। क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद लगभग तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद ही यातायात सामान्य हो सका। थाना प्रभारी उदयभान राव ने बताया कि टैंकर चालक की उपचार के दौरान मौत हो गई है। शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और दुर्घटना के कारणों की भी विस्तृत जांच की जा रही है।1