बकरीद (ईद-उल-अज़हा) के अवसर पर गुरुवार सुबह कटिहार के ललियाही ईदगाह में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में लोग नए परिधानों में सुबह से ही ईदगाह पहुंचने लगे, जहाँ तय समय पर अमन, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए विशेष नमाज़ अदा की गई। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी, जिससे पूरे क्षेत्र में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। इस पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। ललियाही ईदगाह परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे। सदर डीएसपी और साइबर डीएसपी सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं जवान मौके पर तैनात रहे, जिन्होंने ईदगाह परिसर, मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की लगातार निगरानी की। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। वहीं, स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था के प्रति प्रशासन की तत्परता की सराहना की। शांतिपूर्ण माहौल में नमाज़ अदा होने के बाद सभी लोग अपने-अपने घरों को लौट गए।
बकरीद (ईद-उल-अज़हा) के अवसर पर गुरुवार सुबह कटिहार के ललियाही ईदगाह में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में लोग नए परिधानों में सुबह से ही ईदगाह पहुंचने लगे, जहाँ तय समय पर अमन, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए विशेष नमाज़ अदा की गई। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी, जिससे पूरे क्षेत्र में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। इस पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी
तरह सतर्क दिखा। ललियाही ईदगाह परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे। सदर डीएसपी और साइबर डीएसपी सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं जवान मौके पर तैनात रहे, जिन्होंने ईदगाह परिसर, मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की लगातार निगरानी की। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। वहीं, स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था के प्रति प्रशासन की तत्परता की सराहना की। शांतिपूर्ण माहौल में नमाज़ अदा होने के बाद सभी लोग अपने-अपने घरों को लौट गए।
- कटिहार जिले के आजमनगर में पिछले 15 सालों से एक प्रमुख सड़क की स्थिति दयनीय बनी हुई है, जहाँ रोड जर्जर हालत में है और पानी के निकास की भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। यह सड़क आजमनगर मार्केट को जोड़ने वाली मुख्य मार्ग है, जिसकी बदहाली के कारण वार्ड नंबर 5 और 7/8 के निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महलदार टोला ठाकुरबाड़ी क्षेत्र में, ग्रामीणों को घर से निकलते ही जलभराव की समस्या झेलनी पड़ती है। इस जलभराव के कारण आए दिन स्कूल जाने वाले बच्चे भी गिर जाते हैं। पिछले डेढ़ दशक से चली आ रही यह समस्या स्थानीय लोगों के लिए लगातार गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है।2
- मथुरापुर और प्यालापुर क्षेत्रों में सड़कें पूरी तरह से बारिश के पानी से भर गई हैं। यह स्थिति कल शाम लगभग 5:30 बजे आई जोरदार बारिश और आंधी-तूफान के कारण उत्पन्न हुई, जिसमें गरज के साथ पानी बरसा। लोगों और बच्चों को आंधी-तूफान और बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, साथ ही यह भी अपील की गई है कि बारिश होने पर घर से बाहर न निकलें।1
- मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण जहां एक ओर माहौल सुहाना हो गया है, वहीं झमाझम बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। इस बरसात के चलते अब किसान आसानी से पशुओं के लिए चारा और भदुई मक्का की खेती कर पाएंगे। साथ ही, आम लोगों को भी भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।1
- साहेबगंज जिले के मदनसाही रोड की सड़क की अत्यंत खराब हालत पर स्थानीय लोगों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सड़क की दुर्दशा के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिससे लोग काफी परेशान हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, लोगों ने सरकार से बार-बार गुहार लगाई है कि इस सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि हादसों पर लगाम लग सके। उन्होंने यह भी निवेदन किया है कि उनकी यह वीडियो और आवाज सरकार तक पहुँचाई जाए, ताकि उनकी समस्या पर तत्काल ध्यान दिया जा सके।1
- बंशीपुर बेला में BPL क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य आगाज़ हो गया है। इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है।1
- भागलपुर के सनोखर थाना क्षेत्र के सीलन गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां देवर-भाभी के रिश्ते ने ऐसा मोड़ लिया कि पूरा गांव हैरान रह गया। मोनी कुमारी की शादी साल 2018 में धर्मवीर साह से हिंदू रीति-रिवाज के साथ हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। पति के काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहने के कारण पति-पत्नी के रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगीं। इसी दौरान मोनी कुमारी की मुलाकात घर के बगल में रहने वाले दिलखुश यादव से हुई। पहले बातचीत शुरू हुई, फिर मुलाकातों का सिलसिला बढ़ता गया और यह रिश्ता प्यार में बदल गया। महिला का कहना है कि दिलखुश अक्सर उनके घर आता-जाया करता था, जिससे उनकी नजदीकियां बढ़ती चली गईं। यह प्यार इतना गहरा हो गया कि महिला अपने पति और दो बच्चों को छोड़कर दिलखुश यादव के साथ रहने चली आई। महिला ने दावा किया है कि वह इस समय दिलखुश से दो महीने की गर्भवती भी है। हालांकि, गांव में इस मामले को लेकर अब तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि महिला कभी दिलखुश यादव के घर रहती है तो कभी अपने पहले पति के घर भी चली जाती है, जिस कारण मामला अब विवाद का रूप लेता जा रहा है। मोनी कुमारी ने साफ कहा है कि वह दिलखुश यादव के साथ ही रहना चाहती हैं, लेकिन पुराने रिश्तों और बच्चों की याद आने पर वह कभी-कभी पहले पति के घर भी चली जाती हैं। फिलहाल, यह पूरा प्रकरण पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और गांव में लोग इसे लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।1
- एक तीखा सवाल उठाया गया है कि क्या बिहार के मुख्यमंत्री का ध्यान गुजरात से संबंधित चिंताओं पर अधिक केंद्रित है। इस प्रश्न के साथ इस बात पर भी जोर दिया गया है कि प्रशांत किशोर ने पहले जो कहा था, वह अब बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में सच होता दिख रहा है। यह पूरी चर्चा प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान और बिहार के संदर्भ में की गई है।1
- युवाओं को 'कॉकरोच' कहने वाले एक बयान पर अपूर्व विक्रम शाह ने 'करारा जवाब' दिया है। इस जोरदार पलटवार के बाद अब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के साथ-साथ 'कॉकरोच वेव', 'कॉकरोच क्रांति' और 'कॉकरोच आर्मी' जैसे शब्द भी ज़ोरों पर चर्चा का विषय बन गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम को एक 'वायरल भाषण', 'फनी पॉलिटिक्स' और 'पॉलिटिकल मीम' के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें 'कॉकरोच शक्ति' के माध्यम से जवाब देने का प्रयास किया गया है।1
- ओडिशा के पुरी में एक घटना सामने आई है जहाँ अधिकारियों द्वारा एक ठेलेवाले को अवैध वेंडिंग के आरोप में हटाए जाने के बाद, स्थानीय लोगों ने उसकी खाजा मिठाइयों को लूट लिया।1