सीधी जिले में पिछले 5-6 वर्षों से विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर चल रहे संघर्ष की कड़ी में, शुक्रवार को छात्र-छात्राओं ने एक बार फिर जोरदार प्रदर्शन किया। 'सीधी मांगे विश्वविद्यालय' अभियान के तहत सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए और प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जिले में जल्द से जल्द विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि सीधी जिले में अभी तक विश्वविद्यालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण यहां के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए करीब 200 किलोमीटर से अधिक दूर दूसरे जिलों या प्रदेशों का रुख करना पड़ता है। इससे सबसे अधिक परेशानियों का सामना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को करना पड़ रहा है। छात्रों ने विश्वास व्यक्त किया कि सीधी जिले में विश्वविद्यालय स्थापित होने से हजारों विद्यार्थियों को बाहर जाकर पढ़ाई करने की मजबूरी से राहत मिलेगी और जिले में शिक्षा का स्तर भी मजबूत होगा। 'सीधी मांगे विश्वविद्यालय' छात्र संगठन के नेतृत्वकर्ता इंद्रलाल पटेल ने जिले में विश्वविद्यालय न होने पर अपनी चिंता जताई। ज्ञापन का वाचन करते हुए छात्र अमरदीप पटेल ने बताया कि विश्वविद्यालय की इस मांग को लेकर पहले भी कई जनप्रतिनिधियों, जिनमें विधायक और सांसद भी शामिल हैं, को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से अन्य जनप्रतिनिधियों को भी कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में यह आंदोलन और भी बड़ा रूप धारण करेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में इंद्रलाल, ज्योति पटेल, मुस्कान द्विवेदी, रोहित साहू, राजेश साहू, शुभम साहू, कृपा शंकर, विनोद सिंह, अनूप सिंह, सुमित पटेल, अमरदीप पटेल, गौरव पटेल, नीरज पटेल, शिवम पटेल, विकास पटेल, आरती पटेल, भारती पटेल, ओंकारेश्वर पटेल, हिमांशु सिंह, भूमिका वर्मा, अंजली वर्मा, नंदिता पटेल, शोभा यादव, रामलाल पटेल, संतोष कुमार पटेल, मोहित कोरी, प्रांजल कुमार पाठक, शंकर दयाल तिवारी, अर्पित सोनी, दीपिका बरेलिया, विक्रम केवट, अभिषेक सिंह चौहान, प्रियंका प्रजापति, अंजलि पुनाडिया, अंजलि साहू, प्रीति पटेल, गायत्री यादव, संध्या यादव, विभा यादव, पूनम यादव, प्रीति जायसवाल, साक्षी जायसवाल, कार्तिक कुशवाहा, अमन जयसवाल, सुलोचना पनिका, रितिका पटेल, दिव्या केवट, प्रिया पटेल, कल्याणी नामदेव आदि सहित कई अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सीधी जिले में पिछले 5-6 वर्षों से विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर चल रहे संघर्ष की कड़ी में, शुक्रवार को छात्र-छात्राओं ने एक बार फिर जोरदार प्रदर्शन किया। 'सीधी मांगे विश्वविद्यालय' अभियान के तहत सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए और प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जिले में जल्द से जल्द विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि सीधी जिले में अभी तक विश्वविद्यालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण यहां के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए करीब 200 किलोमीटर से अधिक दूर दूसरे जिलों या प्रदेशों का रुख करना पड़ता है। इससे सबसे अधिक परेशानियों का सामना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को करना पड़ रहा है।
छात्रों ने विश्वास व्यक्त किया कि सीधी जिले में विश्वविद्यालय स्थापित होने से हजारों विद्यार्थियों को बाहर जाकर पढ़ाई करने की मजबूरी से राहत मिलेगी और जिले में शिक्षा का स्तर भी मजबूत होगा। 'सीधी मांगे विश्वविद्यालय' छात्र संगठन के नेतृत्वकर्ता इंद्रलाल पटेल ने जिले में विश्वविद्यालय न होने पर अपनी चिंता जताई। ज्ञापन का वाचन करते हुए छात्र अमरदीप पटेल ने बताया कि विश्वविद्यालय की इस मांग को लेकर पहले भी कई जनप्रतिनिधियों, जिनमें विधायक और सांसद भी शामिल हैं, को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से अन्य जनप्रतिनिधियों को भी कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया
गया तो आने वाले समय में यह आंदोलन और भी बड़ा रूप धारण करेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में इंद्रलाल, ज्योति पटेल, मुस्कान द्विवेदी, रोहित साहू, राजेश साहू, शुभम साहू, कृपा शंकर, विनोद सिंह, अनूप सिंह, सुमित पटेल, अमरदीप पटेल, गौरव पटेल, नीरज पटेल, शिवम पटेल, विकास पटेल, आरती पटेल, भारती पटेल, ओंकारेश्वर पटेल, हिमांशु सिंह, भूमिका वर्मा, अंजली वर्मा, नंदिता पटेल, शोभा यादव, रामलाल पटेल, संतोष कुमार पटेल, मोहित कोरी, प्रांजल कुमार पाठक, शंकर दयाल तिवारी, अर्पित सोनी, दीपिका बरेलिया, विक्रम केवट, अभिषेक सिंह चौहान, प्रियंका प्रजापति, अंजलि पुनाडिया, अंजलि साहू, प्रीति पटेल, गायत्री यादव, संध्या यादव, विभा यादव, पूनम यादव, प्रीति जायसवाल, साक्षी जायसवाल, कार्तिक कुशवाहा, अमन जयसवाल, सुलोचना पनिका, रितिका पटेल, दिव्या केवट, प्रिया पटेल, कल्याणी नामदेव आदि सहित कई अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
- राजस्थान के चूरू जिले में एक भीषण धूल भरी आंधी और रेत के बवंडर ने ऐसा कहर बरपाया कि दोपहर में ही आसमान पर घना अंधेरा छा गया, जिससे माहौल पूरी तरह रात जैसा लगने लगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक से तेज हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते रेत का एक विशाल गुबार पूरे इलाके में फैल गया, जिसने कुछ ही मिनटों के भीतर दिन के उजाले को पूरी तरह निगल लिया। यह भयंकर रेत का बवंडर 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से आया है, जिसने गंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू और सीकर सहित राजस्थान के कई जिलों को प्रभावित किया है। इस तूफानी मौसम के कारण इन क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हो रही है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।1
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