उत्तर प्रदेश के बिजनौर में थाना मंडावली से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले थाना प्रभारी पर रुपये लेने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसकी जांच क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद को सौंपी गई थी। अब उसी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अपनी शिकायत दर्ज कराने के ठीक अगले ही दिन उसकी खड़ी चरी की फसल काट दी गई, जिसे पीड़ित ने प्रतिशोधात्मक कार्रवाई करार दिया है। नियामतपुर गांव निवासी शैंकी कुमार का आरोप है कि उन्होंने 29 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक को एक विस्तृत शिकायत दी थी, जिसमें थाना प्रभारी पर जमीन विवाद के संबंध में कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। शैंकी कुमार का दावा है कि उनकी शिकायत के बाद जांच शुरू हुई और इसके अगले ही दिन सुबह उनकी खड़ी चरी की फसल काट दी गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। पीड़ित ने इस घटना को अपनी शिकायत के बाद हुई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताते हुए क्षेत्राधिकारी और उपजिलाधिकारी नजीबाबाद को अलग-अलग प्रार्थना-पत्र दिए हैं। इन प्रार्थना-पत्रों में उन्होंने निष्पक्ष जांच, नुकसान के आकलन और दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने यह भी बताया है कि थाना प्रभारी के विरुद्ध उनके पहले से लगाए गए रुपयों के आरोपों की जांच अभी चल रही है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसकी सत्यता की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इस पूरे प्रकरण में अब सभी की निगाहें जांच के परिणामों पर टिकी हुई हैं।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में थाना मंडावली से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले थाना प्रभारी पर रुपये लेने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसकी जांच क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद को सौंपी गई थी। अब उसी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अपनी शिकायत दर्ज कराने के ठीक अगले ही दिन उसकी खड़ी चरी की फसल काट दी गई, जिसे पीड़ित ने प्रतिशोधात्मक कार्रवाई करार दिया है। नियामतपुर गांव निवासी शैंकी कुमार का आरोप है कि उन्होंने 29 जून 2026 को पुलिस
अधीक्षक को एक विस्तृत शिकायत दी थी, जिसमें थाना प्रभारी पर जमीन विवाद के संबंध में कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। शैंकी कुमार का दावा है कि उनकी शिकायत के बाद जांच शुरू हुई और इसके अगले ही दिन सुबह उनकी खड़ी चरी की फसल काट दी गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। पीड़ित ने इस घटना को अपनी शिकायत के बाद हुई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताते हुए क्षेत्राधिकारी और उपजिलाधिकारी नजीबाबाद को अलग-अलग प्रार्थना-पत्र दिए हैं। इन प्रार्थना-पत्रों में उन्होंने
निष्पक्ष जांच, नुकसान के आकलन और दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने यह भी बताया है कि थाना प्रभारी के विरुद्ध उनके पहले से लगाए गए रुपयों के आरोपों की जांच अभी चल रही है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसकी सत्यता की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इस पूरे प्रकरण में अब सभी की निगाहें जांच के परिणामों पर टिकी हुई हैं।
- मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दधेड़ू कला की मस्जिद में चोरी करने के इरादे से घुसे एक युवक को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। ग्रामीणों ने आरोपी युवक को तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी अजीम, जो शामली का निवासी और इलयास का पुत्र है, को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के ₹2,000 रुपये और घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल किया गया इलेक्ट्रिक टैम्पो भी बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, और इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।1
- मुज़फ़्फ़रनगर में शहर विधायक पंकज मलिक ने मंगलवार को सूजडू स्थित वेस्ट एंड वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। स्थानीय कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगों से गंदगी व कूड़ा निस्तारण की लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर वे प्लांट पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्हें प्लांट कार्यालय में न कोई जिम्मेदार अधिकारी मिला और न ही कोई कर्मचारी। प्लांट परिसर में वर्षों से पड़े कूड़े के बड़े-बड़े ढेरों को देखकर विधायक ने गहरी नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि ये कूड़े के ढेर करीब 10-10 वर्षों से पड़े हैं, जिनका आज तक समुचित निस्तारण नहीं किया गया। उन्होंने मौके पर मौजूद सुपरवाइजर से इस पर जवाब-तलब करते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए और उसे जमकर फटकार लगाई। पंकज मलिक ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो इस गंभीर मामले को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कराई जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और प्रशासन को शहर की सफाई व्यवस्था व कूड़ा निस्तारण को लेकर गंभीरता से काम करना होगा ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।4
- मुजफ्फरनगर की साइबर क्राइम पुलिस ने आम जनता को डिजिटल अरेस्ट कर अवैध धन की वसूली और साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक शातिर वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह अभियुक्त ₹20,000 के पुरस्कार घोषित अपराधी था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा ने इस गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी दी है।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल विधायक पंकज मलिक ने नमामि गंगे योजना के तहत संचालित ए टू ज सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्लांट परिसर और उसके आसपास फैली गंदगी व कूड़े के बड़े ढेर देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। विधायक मलिक ने प्लांट में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आ सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो मुजफ्फरनगर को भी गाज़ीपुर के कूड़े के पहाड़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। मलिक ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाए और कहा कि उपचारित पानी के निस्तारण को लेकर भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी, जिसकी जांच आवश्यक है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पंकज मलिक ने कहा कि वह इस गंभीर मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे और जनस्वास्थ्य व पर्यावरण से जुड़े मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।1
- मेरठ के गंगानगर थाने में तैनात 1993 बैच के दरोगा प्रकाश चंद को मेरठ एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निरोधक) टीम ने ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।1
- मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से जुड़े एक गिरोह के वांछित सदस्य रिहान को गिरफ्तार किया है। रिहान पर ₹20 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, उसके बैंक खातों में साइबर ठगी से संबंधित लगभग ₹31.71 लाख का लेन-देन पाया गया है, और उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में करीब 20 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी रिहान ने बताया कि उसने 'रिहान ट्रांसपोर्ट' नामक फर्जी फर्म के नाम से बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों का उपयोग यूएसडीटी (USDT) ट्रेडिंग और साइबर ठगी से मिली धनराशि को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था। इस मामले में पुलिस ने पहले ही पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में, आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।1
- थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर ने एक शातिर वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जो डिजिटल अरेस्ट करके अवैध धन की वसूली और साइबर ठगी करने वाले गिरोह का सदस्य था। इस अपराधी पर ₹20,000 का पुरस्कार घोषित था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा ने इस गिरफ्तारी के संबंध में बयान दिया है।2
- जनपद अमरोहा में पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देश पर थाना रजबपुर पुलिस ने मंगलवार रात एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर ग्राम कालाखेड़ा के पास एक खेत में बने खंडहरनुमा कमरे पर छापा मारा गया, जहाँ से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए गए। पुलिस टीम को देखते ही एक अभियुक्त जंगल के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे शातिर आरोपी मनफुल पुत्र जबर सिंह, निवासी ग्राम हैबतपुर, थाना रजबपुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 8 अवैध देशी तमंचे (315 बोर), 3 खोखा कारतूस (315 बोर), 4 अधबनी नालें, 2 अधबनी बॉडी और तमंचा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपी मनफुल ने खुलासा किया कि वह कबाड़ी और अन्य जगहों से कच्चा माल इकट्ठा कर घरेलू स्तर पर अवैध तमंचे बनाता था। उसका साथी शकील पुत्र शगीर, निवासी सैदपुर इम्मा, थाना नौगावां सादात, इन बने हुए तमंचों को ग्राहकों को उचित दाम पर बेचता था। दोनों लंबे समय से आर्थिक लाभ और शौक के लिए इस अवैध कारोबार में संलिप्त थे। थाना रजबपुर में मुकदमा संख्या 126/2026 धारा 5/25 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज कर पुलिस ने अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार आरोपी शकील की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम भी गठित की गई है, और पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है।4
- मुजफ्फरनगर के लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय आचार्य योग्यता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन 30 जून 2026 को हुआ। कार्यशाला के अंतिम दिन विद्या भारती के प्रशिक्षक अर्जुन कुमार ने शिक्षकों को पंचपदी अधिगम पद्धति के अनुसार आदर्श पाठ योजना बनाने के विषय में विस्तृत जानकारी दी। इस कार्यशाला का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अखिलेश कुमार शर्मा, महेश कुमार और प्रशिक्षक अर्जुन कुमार ने माँ शारदे के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया था। प्रधानाचार्य डॉ. अखिलेश कुमार शर्मा ने प्रशिक्षक अर्जुन कुमार को तिलक लगाकर और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। अपने सत्र में अर्जुन कुमार ने प्राचीन भारत की गुरुकुल पद्धति, बुनियादी शिक्षा पद्धति, शांति निकेतन शिक्षा पद्धति, सरस्वती शिशु मंदिर शिक्षा पद्धति और पंचपदी अधिगम पद्धति जैसी विभिन्न शिक्षण पद्धतियों का उल्लेख किया। उन्होंने जोर दिया कि पंचपदी अधिगम पद्धति का मुख्य उद्देश्य छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है। प्रशिक्षक ने इस पद्धति की अवधारणा और इसके पांच घटकों - अधीति, बोध, अभ्यास, प्रयोग और प्रसार - को विस्तार से समझाया। उन्होंने पाश्चात्य शिक्षण पद्धति और पंचपदी अधिगम पद्धति के बीच के अंतर को भी स्पष्ट किया और पीपीटी के माध्यम से आदर्श पाठ योजना बनाने के अनिवार्य बिंदुओं पर व्यापक जानकारी प्रदान की। कार्यशाला के अंत में, विद्यालय प्रधानाचार्य डॉ. अखिलेश कुमार शर्मा ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों के ज्ञान को उन्नत करना और शिक्षण में नवाचार को बढ़ावा देना है। डॉ. शर्मा ने सभी शिक्षकों से कार्यशाला में सिखाई गई बातों को अपने शिक्षण में प्रभावी ढंग से लागू करने का भी आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन महेश कुमार ने किया और विद्यालय के समस्त शिक्षकगण इस अवसर पर उपस्थित रहे। कार्यशाला का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ।1