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उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में 10% की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद आगरा के निवासियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। आगरा के लोग बिजली के दाम बढ़ने को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। इस मुद्दे पर लखनऊ तक आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है।
Neeraj Kumar
उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में 10% की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद आगरा के निवासियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। आगरा के लोग बिजली के दाम बढ़ने को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। इस मुद्दे पर लखनऊ तक आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है।
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- स्थानीय निवासियों ने अपनी गली में कई दिनों से पानी भरे होने की समस्या को उजागर किया है। उन्होंने अधिकारियों से इस जलभराव को जल्द से जल्द साफ कराने की अपील की है।1
- मथुरा जनपद के बलदेव विकास खंड कार्यालय की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे तक ब्लॉक परिसर के कई कार्यालयों में ताले लटके मिले, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौके पर एडीओ पंचायत, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, जेई, बड़े बाबू सहित अनेक अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, वहीं खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) नेहा रावत भी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। अधिकारियों की इस अनुपस्थिति के कारण विभिन्न कार्यों के लिए आए ग्रामीणों को घंटों इंतजार करने पर मजबूर होना पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ब्लॉक कार्यालय में अधिकारी समय पर नहीं पहुंचते, जिससे विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही कई समस्याएं लंबित हैं और अधिकारियों की गैरमौजूदगी से उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं। सहायक विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) प्रेम सिंह ने जानकारी लेने पर बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान परिक्रमार्थियों की व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, और संबंधित अधिकारी वहीं तैनात हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया कि कौन सा अधिकारी वर्तमान में कहाँ तैनात है। इस दौरान कुछ पत्रकारों ने यह भी आरोप लगाया कि खबर संकलन के दौरान कुछ कनिष्ठ कर्मचारियों ने मीडियाकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। अब यह बड़ा सवाल उठता है कि यदि अधिकारियों की ड्यूटी किसी अन्य कार्य में लगाई गई थी, तो ब्लॉक कार्यालय में जनसुनवाई और आवश्यक कार्यों के संचालन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? ग्रामीणों को समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है, लेकिन बलदेव ब्लॉक में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है, मानो यह कार्यालय भगवान भरोसे चल रहा हो।4
- वृंदावन कोतवाली में पत्रकारों को कथित तौर पर धमकी मिलने के बाद पत्रकारों ने कोतवाली पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह प्रदर्शन टेंट लगाकर किया जा रहा है और अभी भी जारी है।1
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