श्रीकोलायत के समुचित विकास और नागरिक सुविधाओं के सुचारू संचालन को लेकर स्थानीय श्री गौतम ऋषि आश्रम प्रांगण में प्रबुद्ध नागरिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी हनुमान प्रसाद सांखी ने की। बैठक में कोलायत क्षेत्र की शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, बिजली-पानी, सड़क, नाली निर्माण, झझू चौराहे पर गंदे पानी की निकासी और कपिल सरोवर के समुचित विकास जैसे विभिन्न जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रबुद्धजनों ने जोर दिया कि कोलायत जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का स्थायी समाधान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इसके लिए स्थानीय नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ शासन-प्रशासन स्तर पर ठोस पहल करने की आवश्यकता बताई। इस बैठक में शिक्षाविद् भगाराम ढाल, पूर्व लोकपाल किशोर सिंह राठौड़, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मुरलीधर सेन, भंवर सिंह राजपुरोहित, चतुर्भुज जोशी, दाऊदयाल पंचारिया, ओमप्रकाश गिरी, समाजसेवी एवं तैराक रमण शर्मा, जगदीश प्रसाद राजपुरोहित, शीशपाल मेघवाल और स्वरूप शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कोलायत के विकास से संबंधित सभी मुद्दों को संगठित रूप से प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि क्षेत्र की समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।
श्रीकोलायत के समुचित विकास और नागरिक सुविधाओं के सुचारू संचालन को लेकर स्थानीय श्री गौतम ऋषि आश्रम प्रांगण में प्रबुद्ध नागरिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी हनुमान प्रसाद सांखी ने की। बैठक में कोलायत क्षेत्र की शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, बिजली-पानी, सड़क, नाली निर्माण, झझू चौराहे पर गंदे पानी की निकासी और कपिल सरोवर के समुचित विकास जैसे विभिन्न जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रबुद्धजनों ने जोर दिया कि कोलायत जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का स्थायी समाधान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इसके लिए स्थानीय नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ शासन-प्रशासन स्तर पर ठोस पहल करने की आवश्यकता बताई। इस बैठक में शिक्षाविद् भगाराम ढाल, पूर्व लोकपाल किशोर सिंह राठौड़, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मुरलीधर सेन, भंवर सिंह राजपुरोहित, चतुर्भुज जोशी, दाऊदयाल पंचारिया, ओमप्रकाश गिरी, समाजसेवी एवं तैराक रमण शर्मा, जगदीश प्रसाद राजपुरोहित, शीशपाल मेघवाल और स्वरूप शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कोलायत के विकास से संबंधित सभी मुद्दों को संगठित रूप से प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि क्षेत्र की समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।
- Bhagwanaramमुक्ता प्रसाद नगर, बीकानेर👏5 hrs ago
- यदि आप अस्थमा, नजला, जुकाम, बार-बार छींके आने, सांस लेने में दिक्कत या एलर्जी जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं, तो आप दिए गए नंबर 7568628143 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- बीकानेर के बाबूलाल फाटक पुलिया पर इन दिनों भारी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है। यह जाम पिछले दो-तीन दिन से जारी है, जिसका मुख्य कारण बी.डी.ए. (BDA) द्वारा क्षेत्र में नाले का कार्य किया जाना बताया गया है।1
- नागौर के नगर सेठ बंशीवाला मंदिर में सात दिनों से चल रहा ताल सप्ताह भक्तिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इस दौरान, प्रतिदिन 24 घंटे महिलाओं और पुरुषों द्वारा पूजा-अर्चना की गई, वहीं रात्रि में भजन गायकों ने नगर सेठ बंशीवाला के एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। इन भजनों पर स्त्री, पुरुष और बच्चे ऐसे नाचते-झूमते नजर आए, मानो साक्षात नगर सेठ बंशीवाला भक्तों के बीच मौजूद हों। बंशीवाला मंदिर के पुजारी महेश पारासर ने बताया कि ताल सप्ताह के अंतिम दिन बंशीवाला मंदिर प्रांगण में हवन की आहुति दी गई। शाम 5:30 बजे बंशीवाला मंदिर से नगर सेठ बंशीवाला की सवारी गाजे-बाजे के साथ शहर के विभिन्न मार्गों से भ्रमण के लिए निकली। इस भ्रमण के दौरान शहर के ऐतिहासिक गिनाणी तालाब पर नगर सेठ बंशीवाला की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके अतिरिक्त, जगह-जगह बंशीवाला सेठ की सवारी पर पुष्प वर्षा कर आरती भी उतारी गई। इस अवसर पर, बाजार के व्यापारियों द्वारा श्रद्धालुओं को ठंडाई भी पिलाई गई। नगर सेठ बंशीवाला मंदिर में हवन और नगर सेठ बंशीवाला के इस भव्य नगर भ्रमण के साथ ही ताल सप्ताह का सफलतापूर्वक समापन हुआ।1
- लेखक ने अपनी सोशल मीडिया फैमिली को राम राम कहकर गर्मजोशी से अभिवादन किया। उन्होंने अपने प्यारे से गांव मालसर का एक नज़ारा साझा किया, जो भानीपुरा तहसील का एक छोटा सा गांव है। लेखक ने गांव की झलक दिखाते हुए बताया कि उनके न्यूज़ चैनल पर रोज़ाना आस-पास के इलाकों की खबरें और रिपोर्ट मिलेंगी।1
- नागौर पुलिस ने बजरी माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सात वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई बजरी के अवैध खनन और परिवहन पर नकेल कसने के उद्देश्य से की गई।1
- राजस्थान के बज्जू उपखंड के रणजीतपुरा थाना क्षेत्र में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाके में एक संदिग्ध कबूतर मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सतर्क हो गई हैं। यह कबूतर चक 13 आरडीवाई-ए में किसान रूपाराम लेघा के खेत में पाया गया था, जिसके पंखों पर नीले रंग की मोहर लगी हुई मिली। हालांकि, उस पर अंकित शब्द स्पष्ट रूप से पढ़े नहीं जा सके हैं। किसान रामचंद्र ने जब कबूतर के पंखों पर नीली स्याही की मोहर देखी तो उन्होंने तत्काल रणजीतपुरा पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और कबूतर को अपने कब्जे में लेकर थाना परिसर ले गए। रणजीतपुरा थानाधिकारी सीआई लक्ष्मणसिंह राठौड़ ने बताया कि कबूतर को थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है। इस घटना की जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बीएसएफ की जी ब्रांच और वन विभाग को भी दे दी गई है। वर्तमान में क्षेत्र में शांति बनी हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। गौरतलब है कि भारत-पाक सीमा से लगे क्षेत्रों में पहले भी कई बार संदिग्ध परिस्थितियों में कबूतर, गुब्बारे और अन्य वस्तुएं मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों में हर पहलू की गहनता से जांच करती हैं। फिलहाल, संबंधित विभाग कबूतर पर लगी मोहर और उसके स्रोत के बारे में जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।1
- यदि किसी व्यक्ति को अस्थमा, नजला, जुकाम, छींकें आने, साँस लेने में दिक्कत या एलर्जी जैसी समस्याएँ हैं, तो वे 7568628143 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- बीकानेर संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जबकि इस क्षेत्र से आधा दर्जन विधायक चुने गए हैं और केंद्र सरकार में भी बीकानेर का प्रतिनिधित्व करने वाले एक केंद्रीय मंत्री मौजूद हैं। अस्पताल में दवाइयों की कमी, भवन से संबंधित समस्याएं और अन्य व्यवस्थाओं की बदहाली लगातार सामने आ रही है। ट्रॉमा सेंटर में बारिश का पानी टपकने जैसी घटनाओं ने मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। आमजन इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की निगरानी के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं की हालत में सुधार क्यों नहीं हो रहा है। स्थिति यह है कि इतने प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों के होने के बावजूद, पीबीएम अस्पताल बदहाल बना हुआ है।1