बदायूँ में बोर्ड परीक्षा में बड़ा खेल! 12वीं की छात्राओं को गलत प्रश्नपत्र, विरोध पर अभद्रता का आरोप बदायूँ। बदायूँ के श्री ऋषिदेव सिंह बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित बोर्ड परीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। कक्षा 12 विज्ञान वर्ग की छात्राओं ने जिला विद्यालय निरीक्षक, बदायूँ को प्रार्थना पत्र देकर परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और भविष्य सुरक्षित रखने की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला? छात्राओं के अनुसार दिनांक 18 फरवरी 2026 को द्वितीय पाली में कक्ष संख्या 2 में उन्हें सामान्य हिन्दी की जगह हिन्दी का प्रश्नपत्र थमा दिया गया। जब छात्राओं ने कक्ष निरीक्षक को गलती से अवगत कराया तो कथित तौर पर उन्हें यह कहकर चुप करा दिया गया कि “जो प्रश्नपत्र मिला है, वही हल करो।” इतना ही नहीं, परीक्षा समाप्त होने पर कक्ष निरीक्षक ने गेट बंद कर छात्राओं से पहले दिया गया हिन्दी का प्रश्नपत्र छीन लिया और जबरन सामान्य हिन्दी का प्रश्नपत्र पकड़ा दिया। छात्राओं का आरोप है कि जो प्रश्नपत्र बाद में दिए गए, उन पर पहले से ही अन्य परीक्षार्थियों के नाम और रोल नंबर अंकित थे, जिन्हें काट दिया गया था। यह स्थिति परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। विरोध पर अभद्र व्यवहार का आरोप पीड़ित छात्राओं का कहना है कि जब उन्होंने इस अव्यवस्था का विरोध किया तो केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक द्वारा उनके साथ अभद्रता की गई और उन्हें वहां से भगा दिया गया। छात्राओं का आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई, जिससे उनका भविष्य दांव पर लग गया है। छात्राओं की मांग छात्राओं— पायल कश्यप (रोल नं. 2265691430) नीतू (रोल नं. 2265691428) रेनू चौहान पूनम शाक्य राजो कश्यप ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और परीक्षा को लेकर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है, ताकि उनके परिणाम पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। बड़ा सवाल परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र वितरण में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? दूसरे छात्रों के नाम और रोल नंबर कटे हुए प्रश्नपत्र छात्राओं को कैसे दे दिए गए? क्या यह लापरवाही है या सुनियोजित अनियमितता? अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर प्रकरण पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और छात्राओं को न्याय कब तक मिल पाता है। जितेन्द्र कुमार यादव पी० एन० पी० न्यूज स्टेट व्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश
बदायूँ में बोर्ड परीक्षा में बड़ा खेल! 12वीं की छात्राओं को गलत प्रश्नपत्र, विरोध पर अभद्रता का आरोप बदायूँ। बदायूँ के श्री ऋषिदेव सिंह बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित बोर्ड परीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। कक्षा 12 विज्ञान वर्ग की छात्राओं ने जिला विद्यालय निरीक्षक, बदायूँ को प्रार्थना पत्र देकर परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और भविष्य सुरक्षित रखने की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला? छात्राओं के अनुसार दिनांक 18 फरवरी 2026 को द्वितीय पाली में कक्ष संख्या 2 में उन्हें सामान्य हिन्दी की जगह
हिन्दी का प्रश्नपत्र थमा दिया गया। जब छात्राओं ने कक्ष निरीक्षक को गलती से अवगत कराया तो कथित तौर पर उन्हें यह कहकर चुप करा दिया गया कि “जो प्रश्नपत्र मिला है, वही हल करो।” इतना ही नहीं, परीक्षा समाप्त होने पर कक्ष निरीक्षक ने गेट बंद कर छात्राओं से पहले दिया गया हिन्दी का प्रश्नपत्र छीन लिया और जबरन सामान्य हिन्दी का प्रश्नपत्र पकड़ा दिया। छात्राओं का आरोप है कि जो प्रश्नपत्र बाद में दिए गए, उन पर पहले से ही अन्य परीक्षार्थियों के नाम और रोल नंबर अंकित थे, जिन्हें काट
दिया गया था। यह स्थिति परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। विरोध पर अभद्र व्यवहार का आरोप पीड़ित छात्राओं का कहना है कि जब उन्होंने इस अव्यवस्था का विरोध किया तो केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक द्वारा उनके साथ अभद्रता की गई और उन्हें वहां से भगा दिया गया। छात्राओं का आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई, जिससे उनका भविष्य दांव पर लग गया है। छात्राओं की मांग छात्राओं— पायल कश्यप (रोल नं. 2265691430) नीतू (रोल नं. 2265691428) रेनू चौहान पूनम शाक्य राजो कश्यप ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मामले की
निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और परीक्षा को लेकर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है, ताकि उनके परिणाम पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। बड़ा सवाल परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र वितरण में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? दूसरे छात्रों के नाम और रोल नंबर कटे हुए प्रश्नपत्र छात्राओं को कैसे दे दिए गए? क्या यह लापरवाही है या सुनियोजित अनियमितता? अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर प्रकरण पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और छात्राओं को न्याय कब तक मिल पाता है। जितेन्द्र कुमार यादव पी० एन० पी० न्यूज स्टेट व्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश
- बदायूं में एक युवक को थाने के सामने रील बनाना महंगा पड़ गया। उसने वजीरगंज थाने के सामने फिल्मी गाने पर रील बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में युवक को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की है। उसे एसडीएम कोर्ट में पेश करने की तैयारी चल रही है। यह घटना कस्बा वजीरगंज की है। वार्ड संख्या छह का निवासी अंकुल सिंह तिरपाल की दुकान पर काम करता है और उसे रील बनाने का शौक है। रविवार देर रात उसका एक वीडियो इंस्टाग्राम पर सामने आया, जिसमें वह वजीरगंज थाने के सामने रील बना रहा था। रील में "रोक सके जो दिलवालों को... ऐसी कोई जेल नहीं..." गाना बज रहा था। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने सोमवार सुबह अंकुल सिंह को हिरासत में ले लिया। वजीरगंज के एसएचओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस ने उसकी रील को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी हटवा दिया है।1
- बदायूं में एक हरियाणा नंबर की बाइक का चालान ट्रैफिक पुलिस ने काटा तो वह उसे व्यक्ति रिश्वत देने लगा ट्रैफिक पुलिस ने रिश्वत नहीं ली ज्यादा रुपए का चालान काटा1
- हरिद्वार चिल्ला के रास्ते में जाते हुए चिता ने किया लोगो सभी लोग रास्ता निकालने के लिए हुए परेशान1
- शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश अभिनेता राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। शाहजहांपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से जुड़े सभी प्रश्नों का उत्तर हाई कोर्ट में तथ्यों और सच्चाई के साथ दिया जाएगा। राजपाल यादव ने भावुक होते हुए कहा, “मुझे बच्चों, बुजुर्गों और नौजवानों के आशीर्वाद ने पाला है। जनता का स्नेह और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।” उन्होंने भरोसा जताया कि न्यायालय में सच्चाई सामने आएगी और कानून के अनुसार स्थिति स्पष्ट होगी। अभिनेता के इस बयान के बाद उनके समर्थकों में सकारात्मक संदेश गया है। वहीं, यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।1
- बदायूं। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने मथुरा बरेली सिक्सलेन हाइवे पर ग्रामीण अंचलों के सम्पर्क मार्ग के आवागमन के लिए अंडरपास बनबाने को लेकर ग्रामीणों की पंचायत ग्राम बहेड़ी में बुधवार को आयोजित की। इस अवसर पर भाकियू नेताओं ने कहा कि केन्द्रीय और यूपी की सरकारों को हाइवे के विकास के साथ ग्रामीणों को सुरक्षित रास्ता अंडरपास के जरिए देकर उनकी कीमती जान की भी रक्षा करनी चाहिए। इस दौरान भाकियू की ओर से केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री के नाम ज्ञापन निर्माण कार्य में लगे इंजीनियर को सौंपा। पंचायत को भाकियू के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने संबोधित करते हुए कहा सड़क बनना जनता के हित के कार्य हैं परंतु जनता को जो सैकड़ो वर्षों से अपने गांव और गलियारों के लिए इस मार्ग से निकलते थे उस मार्ग को मिट्टी डाल कर ऊंचा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बन रहे सिक्सलेन हाइवे पर बदायूं जिले के करुऊ, बहेड़ी लिंक रोड से कई गांव जुड़ते हैं परंतु यहां पर अंडर पास नहीं दिया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रामीणों की जान की सुरक्षा हेतु अंडरपास बनाए जाते हैं परंतु इसमें कोताही बरती जा रही है। केन्द्रीय मंत्री को भेजे गए ज्ञापन में बहेड़ी, गुनौरा वाजिदपुर, जिरौली, बुटला बोडर्, फूलपुर, समेत अन्य जरूरत के हिसाब के अंडरपास बनबाने की मांग की गई साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर हाइवे पर अंडरपास न बने तो आंदोलन किया जाएगा।1
- Post by राजेश कुमार वर्मा1
- यह कॉलोनी सब गिरा हुआ है यहां पर कई लोगों की जान खतरे में हैं यहां एक पार्क बनाया जाए जो यहां के बच्चों के लिए बहुत अच्छे सुविधा होगी1
- बदायूं में स्थित न्यू होप्स पब्लिक स्कूल में छात्रा की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची की सांस नली में मोती फंसा मिला, जिससे उसकी दम घुटने से मौत हो गई। डॉक्टरों ने मोती को सुरक्षित रख लिया है। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए हैं। घटना अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा ककराला स्थित न्यू होप्स पब्लिक स्कूल में सोमवार को हुई थी। कुछ दिन पूर्व बदायूं अलापुर थाना क्षेत्र ककराला में 6 साल की मासूम बच्ची ने स्कूल में खेल-खेल में ब्रेसलेट का मोती निगल लिया। मोती बच्ची की सांस नली में अटक गया वह तड़पने लगी। हालत बिगड़ने पर बच्ची को प्रिंसिपल अपनी गाड़ी से नजदी के डॉक्टर के पास भी ले गए, लेकिन वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था ।बच्ची ने स्कूल में निगला मोती, तड़प कर मौत:खेल-खेल में मुंह में रखा ब्रेसलेट का मोती, गला पकड़कर रोने लगी थी टीचर और स्कूल स्टॉफ उसे लेकर वॉशरूम गए। वहां उसे कुल्ला कराया। उल्टा लटका कर उसकी पीठ ठोंकी। सूचना पर परिजन भी स्कूल पहुंचे। जब हालत और बिगड़ गई, तो प्रिंसिपल अपनी गाड़ी से उसे नजदीक के डॉक्टर के पास भी ले गए। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा- स्कूल में बच्ची का ध्यान नहीं रखा गया। मामला सोमवार सुबह का अलापुर थाना क्षेत्र का है।1