शनिवार, 30 मई को हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने भिवानी स्थित बाल आश्रम का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आश्रम में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और पेयजल व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, जिसके लिए संबंधित स्टाफ की सराहना भी की गई। हालांकि, बच्चों की शिक्षा और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आने पर चेयरपर्सन ने कड़ा रुख अपनाया। निरीक्षण में यह खुलासा हुआ कि शैक्षणिक परिणाम घोषित हुए करीब तीन महीने बीत जाने के बावजूद आश्रम की बच्चियों का किसी भी स्कूल में दाखिला नहीं कराया गया है। इसे बच्चों के शिक्षा के अधिकार के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए, तृप्ति श्योराण ने आश्रम प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से सभी पात्र बच्चों का स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, बच्चियों को उपलब्ध कराई जाने वाली दैनिक जरूरत की वस्तुओं में भी कमी पाई गई, जिस पर नाराजगी जताते हुए चेयरपर्सन ने स्पष्ट किया कि बच्चों की बुनियादी जरूरतों के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी कमियां तुरंत दूर की जानी चाहिए। इस अवसर पर तृप्ति श्योराण ने बताया कि आयोग का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं बल्कि बच्चों को बेहतर भविष्य देना है, जिसके तहत 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम पर विशेष रूप से कार्य किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानजनक जीवन जी सकें। जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) भिवानी के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने भी बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और दैनिक जरूरतों के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त न करने की स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि समिति लगातार औचक निरीक्षण करती रहेगी ताकि सुधार केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई दें, यह सुनिश्चित करते हुए कि बच्चों के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं होगा और शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता प्राथमिकता रहेगी।
शनिवार, 30 मई को हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने भिवानी स्थित बाल आश्रम का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आश्रम में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और पेयजल व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, जिसके लिए संबंधित स्टाफ की सराहना भी की गई। हालांकि, बच्चों की शिक्षा और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आने पर चेयरपर्सन ने कड़ा रुख अपनाया। निरीक्षण में यह खुलासा हुआ कि शैक्षणिक परिणाम घोषित हुए करीब तीन महीने बीत जाने के बावजूद आश्रम की बच्चियों का किसी भी स्कूल में दाखिला नहीं कराया गया है। इसे बच्चों के शिक्षा के अधिकार के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए, तृप्ति श्योराण ने आश्रम प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से सभी पात्र बच्चों का स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, बच्चियों को उपलब्ध कराई जाने वाली दैनिक जरूरत की वस्तुओं में भी कमी पाई गई, जिस पर नाराजगी जताते हुए चेयरपर्सन ने
स्पष्ट किया कि बच्चों की बुनियादी जरूरतों के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी कमियां तुरंत दूर की जानी चाहिए। इस अवसर पर तृप्ति श्योराण ने बताया कि आयोग का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं बल्कि बच्चों को बेहतर भविष्य देना है, जिसके तहत 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम पर विशेष रूप से कार्य किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानजनक जीवन जी सकें। जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) भिवानी के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने भी बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और दैनिक जरूरतों के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त न करने की स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि समिति लगातार औचक निरीक्षण करती रहेगी ताकि सुधार केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई दें, यह सुनिश्चित करते हुए कि बच्चों के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं होगा और शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता प्राथमिकता रहेगी।
- भिवानी में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की जिला कमेटी ने शहर में एक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पेट्रोल, डीजल और गैस के बढ़ते दामों के साथ-साथ किसानों के लिए खरीफ सीजन में उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था न होने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।1
- भोले बाबा के भक्तों के मन में यह सवाल उठता है कि जब नंदी जी महाराज घर पर आते हैं, तो यह क्या संदेश लेकर आता है।1
- भिवानी में कामरेड ओमप्रकाश ने महंगाई के मुद्दे को लेकर जिला उपायुक्त (डीसी) को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन महंगाई के विरोध में दिया गया।1
- शहीद भगतसिंह के प्रपौत्र युग्वेंदर सिंह सिन्धु ने युवाओं से रक्तदान करने की भावुक अपील की है। उन्होंने बताया कि 13 जून 2026 को विश्व रक्तदाता दिवस की पूर्व संध्या पर एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया। युग्वेंदर सिंह सिन्धु ने जोर देकर कहा कि रक्तदान करना शहीदों को एक सच्ची श्रद्धांजलि है, क्योंकि यह किसी के अनमोल जीवन को बचाने में सहायक होता है।1
- निजी अस्पतालों द्वारा की जा रही लूट का पर्दाफाश हुआ है, जहाँ आयुष्मान कार्ड धारकों से भी पैसे वसूले गए। इस घटना ने एक बार फिर निजी स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त अनियमितताओं को उजागर किया है। इस गंभीर मामले में, कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री राजेश नागर ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने नोडल अधिकारी विनोद शर्मा को निलंबित कर दिया और संबंधित अस्पताल पर भी कड़ी गाज़ गिरी, जो दिखाता है कि इस धोखाधड़ी पर प्रशासन ने सख्ती बरती है।1
- भिवानी में आयोजित ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में मंत्री राजेश नागर ने शिकायत सुनी।1
- भिवानी के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब शहर में ही स्पाइन और सर्वाइकल से संबंधित समस्याओं के लिए एक बड़े और विशेषज्ञ डॉक्टर की सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे स्थानीय लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।1
- एक फौजी की बेटी की पुकार अब बड़े पैमाने पर चर्चा का विषय बन गई है, जिसे समाज के मुँह पर एक सीधा तमाचा बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि फौजी की बेटी ने ऐसा क्या माँग लिया कि उनकी इस बहादुर पहल की अब हर तरफ बात हो रही है।1