जौनपुर में 23 जून को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया, जहाँ देश और दुनिया भर में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और सामाजिक संगठनों ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ओलंपिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने इस दौरान बताया कि ओलंपिक केवल खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह विश्व शांति, भाईचारे, अनुशासन और मानवता का प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि खेल व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाकर खेलों की ओर बढ़ना चाहिए, ताकि वे अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सकें। पाण्डेय ने यह भी कहा कि ओलंपिक आंदोलन का मूल उद्देश्य विभिन्न देशों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच एकता और सद्भाव को बढ़ावा देना है, और आज खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। इस महत्वपूर्ण दिवस पर खिलाड़ियों की उपलब्धियों को याद करते हुए उन्हें सम्मानित करने तथा खेल सुविधाओं के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। लोगों से नियमित व्यायाम, योग और विभिन्न खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की गई। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस का मूल संदेश यह है कि खेल केवल जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्टता की भावना का उत्सव है, जिसका सार "खेलो, सीखो और आगे बढ़ो" में निहित है।
जौनपुर में 23 जून को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया, जहाँ देश और दुनिया भर में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और सामाजिक संगठनों ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ओलंपिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने इस दौरान बताया कि ओलंपिक केवल खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह विश्व शांति, भाईचारे, अनुशासन और मानवता का प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि खेल व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाकर खेलों की ओर बढ़ना चाहिए, ताकि वे अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सकें। पाण्डेय ने यह भी कहा कि ओलंपिक आंदोलन का मूल उद्देश्य विभिन्न देशों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच एकता और सद्भाव को बढ़ावा देना है, और आज खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। इस महत्वपूर्ण दिवस पर खिलाड़ियों की उपलब्धियों को याद करते हुए उन्हें सम्मानित करने तथा खेल सुविधाओं के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। लोगों से नियमित व्यायाम, योग और विभिन्न खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की गई। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस का मूल संदेश यह है कि खेल केवल जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्टता की भावना का उत्सव है, जिसका सार "खेलो, सीखो और आगे बढ़ो" में निहित है।
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- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक मौलाना तांत्रिक द्वारा एक किसान युवक से करोड़ों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है, जिसके बाद ऐसे लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। अमरोहा के गजरौला में तंत्र विद्या से पैसे दोगुने करने का झांसा देकर एक किसान से करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये हड़प लिए गए। थाना बछरायूं के गांव सरकड़ा कलां निवासी किसान आकाश चौधरी ने गजरौला निवासी तांत्रिक जाने आलम पर यह गंभीर आरोप लगाया है। आकाश चौधरी के अनुसार, तांत्रिक जाने आलम ने उसे तंत्र क्रिया के जरिए रकम दोगुनी करने का लालच दिया था। पीड़ित किसान ने यह बड़ी रकम तांत्रिक को कई किश्तों में दी, जिसके लिए उसने अपनी सारी जमीन तक बेच दी थी। इस ठगी से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें तांत्रिक नोटों की गड्डियों के साथ कुछ तंत्र विद्या करते हुए दिखाई दे रहा है। यह घटना ऐसे तांत्रिकों और उनके झांसे में आने वाले लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है।1
- भदोही जनपद के गोपीगंज स्थित बड़े शिव मंदिर में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार के पावन अवसर पर, सुबह से ही भक्तजन भगवान शिव के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर में पहुंचते रहे, जिससे पूरा वातावरण 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ को जल, दूध, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन का यह क्रम देर तक जारी रहा, और भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर व्यवस्थापकों द्वारा विशेष ध्यान दिया गया। यह घटना सावन से पूर्व ही शिवालयों में भक्तों की बढ़ती आस्था को दर्शाती है, और गोपीगंज के प्रसिद्ध शिव मंदिर में सोमवार को उमड़ी इस भीड़ ने एक बार फिर भगवान भोलेनाथ के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा को प्रमाणित किया।1
- भदोही जिले में जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने के उद्देश्य से सोमवार को नगर पंचायत ज्ञानपुर और ग्राम पंचायत उवारी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर पंचायत ज्ञानपुर में, पुराने दीवानी परिसर के पास स्थित एक तालाब की भूमि पर मिट्टी डालकर अवैध कब्जा करने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे। निरीक्षण में शिकायत को प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर उन्होंने तहसीलदार ज्ञानपुर को हरिशंकर नामक व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, तालाब की भूमि पर डाली गई मिट्टी को जेसीबी मशीन से तुरंत हटवाकर भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि तालाबों और अन्य जल स्रोतों पर अतिक्रमण पर्यावरणीय संतुलन के लिए हानिकारक होने के साथ-साथ जनहित के भी विपरीत है, और ऐसे मामलों में कोई भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके बाद, जिलाधिकारी ग्राम पंचायत उवारी पहुंचे, जहां लगभग एक सप्ताह पूर्व ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की नवीन परती भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। स्थलीय निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ लोग ग्राम पंचायत की इस भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद राजस्व अधिकारियों से जानकारी ली और भूमि संरक्षण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लेखपाल राकेश कुमार को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार को निर्देश दिया कि वे तत्काल भूमि का सीमांकन और चिन्हांकन करवाकर ग्राम पंचायत की भूमि को सुरक्षित करें, और अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध राजस्व व अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने घोषणा की कि ग्राम समाज, तालाब, चारागाह, परती और अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ पूरे जनपद में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अतिक्रमण की पहचान करने और शिकायत का इंतजार किए बिना सक्रिय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेताया कि सरकारी भूमि की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि सरकारी संपत्तियां जनता की धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी की इस सख्त कार्रवाई से अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान को इससे और अधिक गति मिलने की उम्मीद है। जिलाधिकारी ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या अतिक्रमण हो रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।4
- गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के चूड़िहारी मोहल्ला में मां की डांट से नाराज़ होकर एक 15 वर्षीय किशोरी हैदरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से उसके परिवार में गहरा कोहराम मच गया है। हैदरी ख्वाजा मैनुद्दीन की पुत्री थी। जानकारी के अनुसार, सोमवार की सुबह किसी बात को लेकर हैदरी की मां ने उसे डांटा था। इससे नाराज़ होकर किशोरी अपने कमरे में चली गई और रोशनदान में दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर के बाहर थे। जब परिजन कुछ देर बाद घर लौटे और कमरा अंदर से बंद पाया, तो काफी प्रयासों के बाद दरवाजा तोड़ दिया। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। परिजनों ने आनन-फानन में किशोरी को फंदे से उतारा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीगंज ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतका के पिता ख्वाजा मैनुद्दीन ने थाने में लिखित तहरीर दी है, जिसमें बताया गया है कि उनकी पुत्री ने मां की डांट से नाराज़ होकर यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।1
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अलीगंज में हुई अग्निकांड की घटना पर अपना दुख व्यक्त किया है। इस घटना को लेकर वे दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हो चुके हैं और जानकारी के अनुसार, सुबह 9:30 बजे तक लखनऊ हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे।1
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- जौनपुर जनपद के बक्सा थाना क्षेत्र में खाना-पीना करने के दौरान हुई आपसी कहासुनी और उसके बाद हुई मारपीट की घटना में घायल सुमित सिंह की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई है। इस सूचना के आधार पर बक्सा थाने में संबंधित धाराओं के तहत एक अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने मामले में नामजद अभियुक्तों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है, और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है। घटना से जुड़े अन्य आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं। क्षेत्राधिकारी सदर श्री परमानन्द कुशवाहा के अनुसार, यह घटना कहासुनी में हुई मारपीट का परिणाम थी, और वर्तमान में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी हुई है।1
- लखनऊ में हुई भीषण अग्नि दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके उपरांत, वे किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुँचे, जहाँ उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से घायलों के उपचार तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सभी घायलों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपचार व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी न रहे और पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस घटना को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताते हुए मुख्यमंत्री ने जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में सभी प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है, साथ ही उन्होंने प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को तत्काल ₹5-5 लाख और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और दुर्घटना के कारणों की भी जांच कराई जाएगी।1