logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

चारामा- नन्हे हाथों से सजी अनोखी राखियां

1 hr ago
user_NP Ashish Dubey Journalist
NP Ashish Dubey Journalist
Advertising agency नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

चारामा- नन्हे हाथों से सजी अनोखी राखियां

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • EXPRESS MP CG NEWS
    1
    EXPRESS MP CG NEWS
    user_NP Ashish Dubey Journalist
    NP Ashish Dubey Journalist
    Advertising agency नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • महंगाई के खिलाफ करेली में कांग्रेस का हल्लाबोल, रैली निकालकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
    1
    महंगाई के खिलाफ करेली में कांग्रेस का हल्लाबोल, रैली निकालकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • 25 करोड़ की सीवरेज परियोजना पर संकट: भुगतान के अभाव में स्टाफ ने छोड़ा काम, चोकिंग-ओवरफ्लो से साईंखेड़ा परेशान 25 करोड़ की सीवरेज परियोजना पर संकट: भुगतान के अभाव में स्टाफ ने छोड़ा काम, चोकिंग-ओवरफ्लो से साईंखेड़ा परेशान साईंखेड़ा। नगर की स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एशियन डेवलपमेंट बैंक से वित्त पोषित एवं मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (MPUDC), भोपाल के माध्यम से लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित साईंखेड़ा सीवरेज परियोजना अब अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है। जिस परियोजना को नगर के लिए बड़ी सौगात माना गया था, वही आज उपेक्षा, भुगतान संबंधी विवाद और कमजोर संचालन व्यवस्था के चलते गंभीर संकट में पहुंचती दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार नवंबर 2024 में परियोजना के ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस का कार्य प्रारंभ हुआ था। आरोप है कि इसके बाद लंबे समय से संबंधित ठेकेदार को भुगतान नहीं किया गया। भुगतान लंबित होने के कारण ठेकेदार कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ हुआ और परियोजना के संचालन तथा रखरखाव में लगे कर्मचारियों के काम छोड़ने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई। स्टाफ हटते ही चरमराई व्यवस्था तकनीकी एवं मेंटेनेंस स्टाफ की कमी का सीधा असर अब जमीन पर दिखाई दे रहा है। नगर के विभिन्न हिस्सों में सीवरेज पाइपलाइन चोक होने, मैनहोल ओवरफ्लो होने, नालियां भरने और गंदा पानी फैलने जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद इनके स्थायी समाधान को लेकर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि यदि परियोजना की नियमित मेंटेनेंस व्यवस्था इसी प्रकार प्रभावित रही तो करोड़ों रुपये से तैयार किया गया सीवरेज नेटवर्क धीरे-धीरे तकनीकी रूप से खराब होने की स्थिति में पहुंच सकता है। इसका सीधा असर नगरवासियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण पर पड़ेगा। ठेकेदार ने भी ऑपरेशन-मेंटेनेंस से अलग होने का दिया संकेत सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भुगतान नहीं होने की स्थिति में संबंधित ठेकेदार द्वारा विभाग को अपनी कठिनाइयों से अवगत कराते हुए ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस कार्य से अलग किए जाने का अनुरोध भी किया गया है। यदि यह स्थिति सही है तो यह केवल भुगतान का मामला नहीं, बल्कि इतनी बड़ी सार्वजनिक परियोजना के भविष्य के संचालन पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। परियोजना का भविष्य कौन तय करेगा? नगरवासियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद परियोजना को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी किसकी है? नगर परिषद, MPUDC और संबंधित PIU के बीच समन्वय की स्थिति क्या है? लंबित भुगतान का समाधान कब होगा? मेंटेनेंस के लिए पर्याप्त तकनीकी स्टाफ कब उपलब्ध होगा? और यदि वर्तमान एजेंसी ऑपरेशन-मेंटेनेंस से अलग होती है तो आगे परियोजना किस व्यवस्था से संचालित होगी? इन सवालों का स्पष्ट जवाब नगरवासियों को अब तक नहीं मिल पा रहा है। नए क्षेत्रों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की योजना भी अस्पष्ट परियोजना का उद्देश्य केवल वर्तमान नेटवर्क को संचालित करना ही नहीं, बल्कि नगर के अधिकाधिक घरों एवं नए क्षेत्रों को सीवरेज सुविधा से जोड़ना भी है। लेकिन किस चरण में कितने नए घर जोड़े जाएंगे, नए क्षेत्रों को कब लाभ मिलेगा और इसके लिए क्या कार्ययोजना तैयार की गई है, इस संबंध में भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ रही है। करोड़ों की परियोजना पर अब जवाबदेही जरूरी यह मामला महज नाली चोक होने या मैनहोल ओवरफ्लो होने तक सीमित नहीं है। यह करोड़ों रुपये की सार्वजनिक निधि से निर्मित एक महत्वपूर्ण अधोसंरचना की कार्यक्षमता और उसके भविष्य से जुड़ा विषय है। यदि समय रहते परियोजना के संचालन, रखरखाव, भुगतान और विस्तार को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आशंका है कि करोड़ों रुपये से निर्मित यह व्यवस्था धीरे-धीरे अनुपयोगी होती चली जाएगी और अंततः इसका आर्थिक एवं सामाजिक भार नगरवासियों को उठाना पड़ेगा। अब आवश्यकता है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा करें, परियोजना की वर्तमान तकनीकी स्थिति की जांच कराएं, लंबित भुगतान की स्थिति स्पष्ट करें, जिम्मेदार एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करें और भविष्य के संचालन की ठोस कार्ययोजना सार्वजनिक करें। सवाल सीधा है—25 करोड़ रुपये की परियोजना यदि आज ही रखरखाव और संचालन के संकट में फंस गई है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है और जवाबदेही तय कब होगी?
    1
    25 करोड़ की सीवरेज परियोजना पर संकट: भुगतान के अभाव में स्टाफ ने छोड़ा काम, चोकिंग-ओवरफ्लो से साईंखेड़ा परेशान
25 करोड़ की सीवरेज परियोजना पर संकट: भुगतान के अभाव में स्टाफ ने छोड़ा काम, चोकिंग-ओवरफ्लो से साईंखेड़ा परेशान
साईंखेड़ा। नगर की स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एशियन डेवलपमेंट बैंक से वित्त पोषित एवं मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (MPUDC), भोपाल के माध्यम से लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित साईंखेड़ा सीवरेज परियोजना अब अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है। जिस परियोजना को नगर के लिए बड़ी सौगात माना गया था, वही आज उपेक्षा, भुगतान संबंधी विवाद और कमजोर संचालन व्यवस्था के चलते गंभीर संकट में पहुंचती दिखाई दे रही है।
जानकारी के अनुसार नवंबर 2024 में परियोजना के ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस का कार्य प्रारंभ हुआ था। आरोप है कि इसके बाद लंबे समय से संबंधित ठेकेदार को भुगतान नहीं किया गया। भुगतान लंबित होने के कारण ठेकेदार कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ हुआ और परियोजना के संचालन तथा रखरखाव में लगे कर्मचारियों के काम छोड़ने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई।
स्टाफ हटते ही चरमराई व्यवस्था
तकनीकी एवं मेंटेनेंस स्टाफ की कमी का सीधा असर अब जमीन पर दिखाई दे रहा है। नगर के विभिन्न हिस्सों में सीवरेज पाइपलाइन चोक होने, मैनहोल ओवरफ्लो होने, नालियां भरने और गंदा पानी फैलने जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद इनके स्थायी समाधान को लेकर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि यदि परियोजना की नियमित मेंटेनेंस व्यवस्था इसी प्रकार प्रभावित रही तो करोड़ों रुपये से तैयार किया गया सीवरेज नेटवर्क धीरे-धीरे तकनीकी रूप से खराब होने की स्थिति में पहुंच सकता है। इसका सीधा असर नगरवासियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण पर पड़ेगा।
ठेकेदार ने भी ऑपरेशन-मेंटेनेंस से अलग होने का दिया संकेत
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भुगतान नहीं होने की स्थिति में संबंधित ठेकेदार द्वारा विभाग को अपनी कठिनाइयों से अवगत कराते हुए ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस कार्य से अलग किए जाने का अनुरोध भी किया गया है। यदि यह स्थिति सही है तो यह केवल भुगतान का मामला नहीं, बल्कि इतनी बड़ी सार्वजनिक परियोजना के भविष्य के संचालन पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
परियोजना का भविष्य कौन तय करेगा?
नगरवासियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद परियोजना को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी किसकी है? नगर परिषद, MPUDC और संबंधित PIU के बीच समन्वय की स्थिति क्या है? लंबित भुगतान का समाधान कब होगा? मेंटेनेंस के लिए पर्याप्त तकनीकी स्टाफ कब उपलब्ध होगा? और यदि वर्तमान एजेंसी ऑपरेशन-मेंटेनेंस से अलग होती है तो आगे परियोजना किस व्यवस्था से संचालित होगी?
इन सवालों का स्पष्ट जवाब नगरवासियों को अब तक नहीं मिल पा रहा है।
नए क्षेत्रों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की योजना भी अस्पष्ट
परियोजना का उद्देश्य केवल वर्तमान नेटवर्क को संचालित करना ही नहीं, बल्कि नगर के अधिकाधिक घरों एवं नए क्षेत्रों को सीवरेज सुविधा से जोड़ना भी है। लेकिन किस चरण में कितने नए घर जोड़े जाएंगे, नए क्षेत्रों को कब लाभ मिलेगा और इसके लिए क्या कार्ययोजना तैयार की गई है, इस संबंध में भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ रही है।
करोड़ों की परियोजना पर अब जवाबदेही जरूरी
यह मामला महज नाली चोक होने या मैनहोल ओवरफ्लो होने तक सीमित नहीं है। यह करोड़ों रुपये की सार्वजनिक निधि से निर्मित एक महत्वपूर्ण अधोसंरचना की कार्यक्षमता और उसके भविष्य से जुड़ा विषय है।
यदि समय रहते परियोजना के संचालन, रखरखाव, भुगतान और विस्तार को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आशंका है कि करोड़ों रुपये से निर्मित यह व्यवस्था धीरे-धीरे अनुपयोगी होती चली जाएगी और अंततः इसका आर्थिक एवं सामाजिक भार नगरवासियों को उठाना पड़ेगा।
अब आवश्यकता है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा करें, परियोजना की वर्तमान तकनीकी स्थिति की जांच कराएं, लंबित भुगतान की स्थिति स्पष्ट करें, जिम्मेदार एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करें और भविष्य के संचालन की ठोस कार्ययोजना सार्वजनिक करें।
सवाल सीधा है—25 करोड़ रुपये की परियोजना यदि आज ही रखरखाव और संचालन के संकट में फंस गई है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है और जवाबदेही तय कब होगी?
    user_Ranjeet Tomar
    Ranjeet Tomar
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    2 hrs ago
  • नरसिंहपुर - गांव में बिक रही अवैध शराब बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर sp को सौपा ज्ञापन सागौनी खुर्द में अवैध तरीके से बिक रही शराब पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है आज ग्रामीण युवा एसपी ऑफिस पहुंचे और एसपी को आवेदन दिया जिसमें उन्होंने गांव में बिक रही अवैध शराब पर प्रतिबंध लगाने की मांग की उनका कहना है कि गांव में कुछ लोगों के द्वारा अवैध शराब का विक्रय किया जा रहा है जिससे ग्रामीणों के साथ युवा पीढ़ी भी बर्बाद हो रही है वहीं गांव में पूर्णता शराब विक्रय पर रोक लगवाई जाए जिसको लेकर ग्रामीणों ने एसपी को ज्ञापन सोपा और शराब पूर्णता बंद करवाने की मांग
    1
    नरसिंहपुर - गांव में बिक रही अवैध शराब बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर sp को सौपा ज्ञापन
सागौनी खुर्द में अवैध तरीके से बिक रही शराब पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है आज ग्रामीण युवा एसपी ऑफिस पहुंचे और एसपी को आवेदन दिया जिसमें उन्होंने गांव में बिक रही अवैध शराब पर प्रतिबंध लगाने की मांग की उनका कहना है कि गांव में कुछ लोगों के द्वारा अवैध शराब का विक्रय किया जा रहा है जिससे ग्रामीणों के साथ युवा पीढ़ी भी बर्बाद हो रही है वहीं गांव में पूर्णता शराब विक्रय पर रोक लगवाई जाए जिसको  लेकर ग्रामीणों ने एसपी को ज्ञापन सोपा और शराब पूर्णता बंद करवाने की मांग
    user_SATISH DUBEY
    SATISH DUBEY
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    3 hrs ago
  • *सरकारी कॉलेजों की बदहाली पर ABVP का कड़ा सवाल* *सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं का टोटा... ABVP ने खोला व्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा!* एंकर— नरसिंहपुर में शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। ABVP ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकारी कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कॉलेजों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। ज्ञापन में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर और RO मशीनों को दुरुस्त कराने, पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराने तथा छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन व डिस्पोजल की व्यवस्था की मांग की गई है। वहीं कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई गई है। ABVP ने महाविद्यालयों की लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने, प्रयोगशालाओं में जरूरी उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं देने तथा खेल मैदान और खेल सामग्री की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलेज परिसरों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, पौधरोपण और हरित वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। सबसे अहम मांग कॉलेज परिसरों की सुरक्षा को लेकर है। ABVP ने प्रवेश और निकास द्वार पर उचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परिसरों में असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकना जरूरी है, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें। बाइट - डिप्टी कलेक्टर बाइट – प्रयांश पटेल, जिला संयोजक ABVP बाइट – रोशनी रजक, ABVP बाइट – संदीप, ABVP *सरकारी कॉलेजों की बदहाली पर ABVP का कड़ा सवाल* *सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं का टोटा... ABVP ने खोला व्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा!* एंकर— नरसिंहपुर में शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। ABVP ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकारी कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कॉलेजों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। ज्ञापन में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर और RO मशीनों को दुरुस्त कराने, पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराने तथा छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन व डिस्पोजल की व्यवस्था की मांग की गई है। वहीं कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई गई है। ABVP ने महाविद्यालयों की लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने, प्रयोगशालाओं में जरूरी उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं देने तथा खेल मैदान और खेल सामग्री की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलेज परिसरों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, पौधरोपण और हरित वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। सबसे अहम मांग कॉलेज परिसरों की सुरक्षा को लेकर है। ABVP ने प्रवेश और निकास द्वार पर उचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परिसरों में असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकना जरूरी है, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें। बाइट - डिप्टी कलेक्टर बाइट – प्रयांश पटेल, जिला संयोजक ABVP बाइट – रोशनी रजक, ABVP बाइट – संदीप, ABVP
    4
    *सरकारी कॉलेजों की बदहाली पर ABVP का कड़ा सवाल*


*सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं का टोटा... ABVP ने खोला व्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा!*

एंकर— नरसिंहपुर में शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। ABVP ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकारी कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कॉलेजों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
ज्ञापन में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर और RO मशीनों को दुरुस्त कराने, पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराने तथा छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन व डिस्पोजल की व्यवस्था की मांग की गई है। वहीं कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई गई है।
ABVP ने महाविद्यालयों की लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने, प्रयोगशालाओं में जरूरी उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं देने तथा खेल मैदान और खेल सामग्री की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलेज परिसरों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, पौधरोपण और हरित वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
सबसे अहम मांग कॉलेज परिसरों की सुरक्षा को लेकर है। ABVP ने प्रवेश और निकास द्वार पर उचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परिसरों में असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकना जरूरी है, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें।

बाइट - डिप्टी कलेक्टर
बाइट – प्रयांश पटेल, जिला संयोजक ABVP
बाइट – रोशनी रजक, ABVP
बाइट – संदीप, ABVP
*सरकारी कॉलेजों की बदहाली पर ABVP का कड़ा सवाल*
*सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं का टोटा... ABVP ने खोला व्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा!*
एंकर— नरसिंहपुर में शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। ABVP ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकारी कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कॉलेजों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
ज्ञापन में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर और RO मशीनों को दुरुस्त कराने, पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराने तथा छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन व डिस्पोजल की व्यवस्था की मांग की गई है। वहीं कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई गई है।
ABVP ने महाविद्यालयों की लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने, प्रयोगशालाओं में जरूरी उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं देने तथा खेल मैदान और खेल सामग्री की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलेज परिसरों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, पौधरोपण और हरित वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
सबसे अहम मांग कॉलेज परिसरों की सुरक्षा को लेकर है। ABVP ने प्रवेश और निकास द्वार पर उचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परिसरों में असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकना जरूरी है, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें।
बाइट - डिप्टी कलेक्टर
बाइट – प्रयांश पटेल, जिला संयोजक ABVP
बाइट – रोशनी रजक, ABVP
बाइट – संदीप, ABVP
    user_Bablu Choudhary.
    Bablu Choudhary.
    नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • प्रदीप शर्मा करेली एसीएन भारत नरसिंहपुर ​अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) नरसिंहपुर द्वारा उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन: शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की मांग सुविधाओं के अभाव को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री (मध्य प्रदेश शासन) को कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा गया है।
    1
    प्रदीप शर्मा करेली एसीएन भारत 
 नरसिंहपुर ​अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) नरसिंहपुर द्वारा उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन: शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की मांग
 सुविधाओं के अभाव को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री (मध्य प्रदेश शासन) को  कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा गया है।
    user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    50 min ago
  • नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट स्काई इंडिया टीवी चैनल महंगाई के खिलाफ करेली में कांग्रेस का हल्लाबोल, रैली निकालकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी*
    1
    नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट स्काई इंडिया टीवी चैनल 

महंगाई के खिलाफ करेली में कांग्रेस का हल्लाबोल, रैली निकालकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी*
    user_Satish Vishwakarma
    Satish Vishwakarma
    Photographer करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    58 min ago
  • बड़वानी - मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की तिथि में हुआ संसोधन सेंधवा तहसील की 13 ग्राम पंचायतो में आयोजित होगें जध विश्वास शिविर
    1
    बड़वानी - मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की तिथि में हुआ संसोधन 
सेंधवा तहसील की 13 ग्राम पंचायतो में आयोजित होगें जध विश्वास शिविर
    user_NP Ashish Dubey Journalist
    NP Ashish Dubey Journalist
    Advertising agency नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.