डेढ़ माह बाद हत्या का खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य हिस्ट्रीशीटर फरार डेढ़ माह बाद हत्या का खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य हिस्ट्रीशीटर फरार कायमगंज (फर्रुखाबाद)। कोतवाली क्षेत्र के गांव रसीदपुर में डेढ़ माह पूर्व झाड़ियों में मिले युवक के लहूलुहान शव के मामले का मंगलवार को फतेहगढ़ पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर अब भी फरार चल रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि 24 दिसंबर को रसीदपुर निवासी सोवरन का शव झाड़ियों में पड़ा मिला था। शव पर गोली लगने के निशान पाए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर सनी और विकल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि घटना वाले दिन वे अपने साथी जबर सिंह के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक की टक्कर सोवरन की साइकिल से हो गई। टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और गाली-गलौज होने लगी। विवाद बढ़ने पर जबर सिंह ने तमंचे से फायर कर दिया, जिससे सोवरन की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शव को झाड़ियों में फेंककर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी जबर सिंह, जो कि हिस्ट्रीशीटर बदमाश है, अभी फरार है। फतेहगढ़ पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
डेढ़ माह बाद हत्या का खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य हिस्ट्रीशीटर फरार डेढ़ माह बाद हत्या का खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य हिस्ट्रीशीटर फरार कायमगंज (फर्रुखाबाद)। कोतवाली क्षेत्र के गांव रसीदपुर में डेढ़ माह पूर्व झाड़ियों में मिले युवक के लहूलुहान शव के मामले का मंगलवार को फतेहगढ़ पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर अब भी फरार चल रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि 24 दिसंबर को रसीदपुर निवासी सोवरन का शव झाड़ियों में पड़ा मिला था। शव पर गोली लगने के निशान पाए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर सनी और विकल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों
ने बताया कि घटना वाले दिन वे अपने साथी जबर सिंह के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक की टक्कर सोवरन की साइकिल से हो गई। टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और गाली-गलौज होने लगी। विवाद बढ़ने पर जबर सिंह ने तमंचे से फायर कर दिया, जिससे सोवरन की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शव को झाड़ियों में फेंककर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी जबर सिंह, जो कि हिस्ट्रीशीटर बदमाश है, अभी फरार है। फतेहगढ़ पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
- पत्नी ने अज्ञात पर लगाया हत्या का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर क्षेत्र के गांव हरिहरपुर निवासी संतोष सिंह (42) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। युवक के साथ हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है। मृतक की पत्नी मोनी ने अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के अनुसार संतोष सिंह गाजियाबाद की दुर्गा कॉलोनी में अपने साढ़ू सोनू सिंह के साथ टाइल लगाने का कार्य करते थे। घटना से पूर्व संतोष ने अपनी पत्नी को फोन कर बताया था कि कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की है और उनके मुंह पर चोट लगी है। इतना कहने के बाद फोन कट गया। इसके बाद परिजनों का उनसे संपर्क नहीं हो सका। घटना की सूचना पर राजेपुर थाना पुलिस ने 15 फरवरी 2026 को शव का पोस्टमार्टम कराया। चूंकि घटना स्थल गाजियाबाद बताया जा रहा है, इसलिए पुलिस ने परिजनों को संबंधित थाने में तहरीर देने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी हो सकेगी। मृतक संतोष सिंह अपनी वृद्ध माता के इकलौते पुत्र थे। परिवार में पत्नी मोनी, 9 वर्षीय बेटी देवांशी और एक वर्ष का पुत्र बिनायक हैं। संतोष ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया है। फिलहाल संतोष की मौत रहस्य बनी हुई है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।1
- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट राजेपुर 24 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई ।1
- *दीपावली की रंजिश में खूनी संघर्ष: घात लगाकर हमला, लाठी-डंडों से मारपीट में दो युवक गंभीर घायल; फायरिंग को लेकर पुलिस-ग्रामीणों के दावे अलग-अलग* *अमृतपुर/फर्रुखाबाद* थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर सोमवार देर शाम को दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। आरोप है कि खेत से लौट रहे युवक पर पहले से घात लगाकर बैठे विपक्षियों ने हमला कर दिया। दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले,जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने घटना के दौरान कई राउंड फायरिंग होने का दावा किया है, जबकि पुलिस ने गोली चलने की पुष्टि से इनकार किया है। जानकारी के अनुसार दिनेश पुत्र शालिग्राम अपने खेत में गेहूं की फसल में पानी लगाकर ट्रैक्टर से घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में मुकेश, वीरपाल व रामासरे के खेत के पास कई लोग पहले से घात लगाए बैठे थे। जैसे ही दिनेश वहां पहुंचे, आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। शोर सुनकर दूसरे पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मारपीट में दिनेश (30) और ध्यानपाल पुत्र अहिलकार (19) गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को अस्पताल भिजवाकर मेडिकल परीक्षण कराया। ग्रामीणों के अनुसार मारपीट के दौरान करीब सात राउंड फायरिंग भी हुई, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। घायल दिनेश ने आरोप लगाया कि संदीप यादव समेत कई लोगों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया और फायरिंग भी की। हालांकि चिकित्सीय परीक्षण में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे फायरिंग की पुष्टि हो सके। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच बीती दीपावली पर हुए विवाद के बाद से रंजिश चली आ रही थी, जिसकी वजह से यह घटना हुई। सूचना पर क्षेत्राधिकारी संजय वर्मा मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों पक्षों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला लाठी-डंडों से मारपीट का है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। वहीं दूसरे पक्ष के संदीप यादव ने भी आरोप लगाया कि उनके घर की छत पर पथराव किया गया, जिससे उनके परिवार के कई लोगों को चोटें आई हैं। पुलिस ने बताया तहरीर मिलने पर जांच शुरू कर दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।4
- टंकी से निकल रहा पानी आखिर कियू जानिये1
- *फतेहगढ़ पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई: दो वांछित अभियुक्त गिरफ्तार* फतेहगढ़, 17 फरवरी 2026 - फतेहगढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिन पर धारा 315/03 और 315/02 के तहत मामला दर्ज है। अभियुक्तों के नाम *विक्की पुत्र अज्ञात* और *सोनू पुत्र अज्ञात* हैं। मुकदमा 24 दिसंबर 2025 को दर्ज किया गया था, जिसमें अभियुक्तों पर अवैध हथियार रखने और गैर इजाजतनामा शस्त्र रखने का आरोप है। अभियुक्तों पर धारा 350/25 (1)(ए) और 315/03 के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तार करने वाली टीम में *श्री आलोक सिंह* (अपर पुलिस महानिदेशक), *श्री हरीश चन्द्र* (उपमहानिरीक्षक), *श्री अशोक कुमार मीना* (पुलिस अधीक्षक), *श्री सुशील कुमार* (क्षेत्राधिकारी), और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से अवैध हथियार बरामद किए हैं और उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी और आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी। फतेहगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को आम जनता ने सराहा है और उम्मीद जताई है कि आगे भी पुलिस इसी तरह से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करती रहेगी।1
- Post by Ranjeet Yadav1
- जलालाबाद में भुगतान न मिलने से सीएससी केंद्र पर आशा वर्करो का धरना प्रदर्शन जारी जमकर कर प्रदर्शन कर नारेबाजी की आशा वर्करों ने प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप जलालाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो दर्जन आशा वर्करों धरना प्रदर्शन जारी है संविधान स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर खड़े होकर आज 3:30 बजे आशा वर्करो ने प्रदर्शन किया और नारेबाजी की और सीएससी प्रभारी पर आरोप लगाते हुए बतायाकी उन्होंने कहा सुरक्षा गार्ड्स से की इनको बाहर निकालो यह लोग यहां पर शोर मचा रहे हैं और उन्हें बताया कि होमगार्ड की जवानों ने भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया और आशा वर्कों ने बताया कि सीएससी प्रभारी ने कहा इन लोगों पर मुकदमा लिखवा दो और उनके पद से उनको मुक्त कर दो सहित आशा वर्कों में तमाम आरोप लगाए जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया1
- उचित दर विक्रेता के चुनाव में बवाल, प्रत्याशियों में धक्का-मुक्की; पुलिस न होने से स्थगित हुई प्रक्रिया अमृतपुर (फर्रुखाबाद) अमृतपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम लीलापुर उधरनपुर में उचित दर विक्रेता (राशन दुकान) के चुनाव के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब दो प्रत्याशी पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। स्थिति बिगड़ते देख अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया और मौके से हट गए। बताया जा रहा है कि मंगलवार को गांव में उचित दर विक्रेता के चयन के लिए चुनाव प्रक्रिया निर्धारित थी। इसी दौरान एक प्रत्याशी पक्ष के बीमार होने और दूसरे प्रत्याशी द्वारा आवेदन देने के बाद विवाद की स्थिति बन गई। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल मौजूद नहीं था, जिससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की होने लगी। घटना के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अधिकारियों ने किसी तरह स्वयं को सुरक्षित किया और स्थिति को देखते हुए चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब चुनाव की अगली तिथि पुलिस बल की मौजूदगी में ही तय की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मौके पर पुलिस बल मौजूद होता तो विवाद की नौबत नहीं आती और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकता था। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। गौरतलब है कि ग्राम लीलापुर उधरनपुर की आबादी करीब 6000 है, जबकि यहां लगभग 2100 मतदाता हैं। चुनाव प्रक्रिया के दौरान एडीओ (एसबी) विकासखंड, सचिव शिव सिंह, सचिव राजीव सुमन, सचिव नौशाद अहमद, ग्राम प्रधान सहित करीब एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन अब पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित कर दोबारा चुनाव कराने की तैयारी में जुट गया है, ताकि गांव में उचित दर विक्रेता का चयन शांतिपूर्ण तरीके से कराया जा सके।3