बिजली बिल बना मौत की वजह: ₹1.60 लाख का बिल देख चाय विक्रेता की हार्ट अटैक से मौत स्मार्ट मीटर की गलत रीडिंग का आरोप, शिकायत के बावजूद नहीं हुई सुनवाई; रिश्वत मांगने का भी आरोपइटावा से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां एक साधारण चाय विक्रेता की जान बिजली बिल के सदमे में चली गई। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित को अचानक ₹1.60 लाख का भारी-भरकम बिजली बिल थमा दिया गया, जिसे देखकर वह गहरे सदमे में चला गया। परिजनों के अनुसार, बिल में गड़बड़ी स्मार्ट मीटर की गलत रीडिंग के कारण हुई थी। उन्होंने कई बार बिजली विभाग में शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप यह भी है कि समस्या ठीक करने के बदले रिश्वत की मांग की गई। बताया जा रहा है कि मानसिक तनाव के चलते चाय विक्रेता को हार्ट अटैक आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
बिजली बिल बना मौत की वजह: ₹1.60 लाख का बिल देख चाय विक्रेता की हार्ट अटैक से मौत स्मार्ट मीटर की गलत रीडिंग का आरोप, शिकायत के बावजूद नहीं हुई सुनवाई; रिश्वत मांगने का भी आरोपइटावा से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां एक साधारण चाय विक्रेता की जान बिजली बिल के सदमे में चली गई। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित को अचानक ₹1.60 लाख का भारी-भरकम बिजली बिल थमा दिया गया, जिसे देखकर वह गहरे सदमे में चला गया। परिजनों के अनुसार, बिल में गड़बड़ी स्मार्ट मीटर की गलत रीडिंग के कारण हुई थी। उन्होंने कई बार बिजली विभाग में शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप यह भी है कि समस्या ठीक करने के बदले रिश्वत की मांग की गई। बताया जा रहा है कि मानसिक तनाव के चलते चाय विक्रेता को हार्ट अटैक आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
- गोवा के वागाटर बीच पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, गुजरात से आए एक पर्यटक ने अपनी SUV को समुद्र के किनारे ले जाकर पानी से धोने की कोशिश की, लेकिन यह फैसला भारी पड़ गया।1
- बैरसिया-भोपाल मुख्य मार्ग पर हिनौती और हर्राखेड़ा के बीच एक और खून से सना हादसा… एक अज्ञात भारी वाहन ने इंसानियत को कुचलते हुए राहगीर को टक्कर मारी और बेखौफ फरार हो गया। लेकिन उसी रास्ते से गुजरते हुए पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भीकम सिंह मीणा "राजू भैया" देवदूत बनकर सामने आए… तुरंत एंबुलेंस बुलवाई, घायल को अस्पताल पहुंचाया—जहां एक तरफ लापरवाही थी, वहीं दूसरी तरफ मानवता जिंदा नजर आई। हे ईश्वर! घायल को जीवनदान दें… उसे हर बड़ी अनहोनी से बचाएं। पर सवाल ये है—आखिर कब तक सड़कें यूं ही खून मांगती रहेंगी? माननीय सांसद आलोक शर्मा ने वादा किया था कि एक साल में यह सड़क फोरलेन बनेगी… आज दो साल बीत चुके हैं, लेकिन हालात वही हैं—टूटी सड़कें, तेज रफ्तार मौत, और हर दिन उजड़ते परिवार। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से विनम्र लेकिन कठोर अपील— अब और नहीं… जागिए, सुध लीजिए… क्योंकि हर अगला हादसा सिर्फ एक खबर नहीं, किसी का पूरा संसार उजड़ना होता है।1
- Post by AM NEWS1
- *हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच की मांग गो हत्यारो के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई शीघ्र किया जाए गिरफ्तार भोपाल का माहौल खराब करने का जो प्रयास करें उसे पर लगे रासुका* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने शासन से मांग की है कि जिस प्रकार से आज फिर कालीघाट मंदिर के समीप नवरात्रों में गौ माता की हत्या करके किनारे पटक दिया गया यह सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है कल शांतिपूर्वक मुसलमानों का ईद का त्यौहार हो गया अब हमारी नवरात्रि में विघ्न डालकर हमारी हिंदू जन भावनाओं को ठेस पहुंचा कर यह कृत किया जा रहा है प्रशासन अगर असलम चमड़े के साथ जो लोग गो तस्करी में सम्मिलित थे उन सभी पर कार्रवाई करता तो शायद इन लोगों के हौसले बुलंद नहीं होते चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी असलम चमड़े के खिलाफ भी उचित कार्रवाई करे उसकी संपत्ति की जांच हो उसके घर पर बुलडोजर चले जिससे कि अन्य लोग गौ हत्या करने के पहले विचार करें भोपाल में जानबूझकर यह कृत किया जा रहा है जिससे कि भोपाल का माहौल खराब हो अगर इस प्रकार का कृत्य और किया जाएगा तो हिंदू समाज को सड़कों पर आकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा*1
- Post by शाहिद खान रिपोर्टर1
- उज्जैन के राजा विक्रमदित्य ने कि थी स्थापना इस मंदिर कि1
- Post by Naved khan1
- _बड़े तालाब के अतिक्रमण हटाने को लेकर जनता ने लगाई गुहार_ भोपाल, 14 मार्च - राजधानी के बड़ा तालाब और कलियासोत नदी को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग को लेकर बाग मुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी विकास समिति द्वारा एक बड़ा आंदोलन किया गया। इस आंदोलन में महिला, बच्चे, बुजुर्ग और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आंदोलनकारियों का कहना है कि रसूखदार लोगों के अतिक्रमण के कारण जलस्रोत कम होते जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण और जल संसाधनों को खतरा हो रहा है। उनका कहना है कि नदी-तालाब बचेंगे, तभी हम बचेंगे। आंदोलनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि बड़े तालाब और कलियासोत नदी को अतिक्रमण मुक्त किया जाए और जलस्रोतों की रक्षा की जाए।1