गोरखनाथ मिश्रा की दिव्य वाणी में रामकथा का अलौकिक महोत्सव खलीलाबाद में उमड़ा श्रद्धा, भाव और सनातन संस्कारों का सागर फुलवारी प्रसंग से सीता-राम विवाह तक की मार्मिक गाथा ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर, 9 अप्रैल तक चलेगी कथा, 10 को भंडारा संतकबीरनगर।खलीलाबाद के पुराने रोडवेज परिसर में इन दिनों भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रख्यात कथावाचक गोरखनाथ मिश्रा की मधुर, ओजस्वी और भावपूर्ण वाणी में प्रवाहित हो रही श्रीराम कथा ने पूरे क्षेत्र को मानो एक जीवंत तीर्थ में परिवर्तित कर दिया है। कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां हर वर्ग के लोग रामकथा के रस में सराबोर होते नजर आए। कथा के इस पावन अवसर पर गोरखनाथ मिश्रा ने “फुलवारी प्रसंग” का अत्यंत कोमल और भावनात्मक चित्रण प्रस्तुत किया। उन्होंने जनकपुरी की उस अलौकिक वाटिका का वर्णन किया, जहां भगवान श्रीराम और माता सीता का प्रथम मिलन हुआ। यह प्रसंग केवल एक कथा नहीं, बल्कि आत्माओं के दिव्य मिलन का प्रतीक बनकर श्रोताओं के हृदय में उतर गया। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, पूरा परिसर “सीता-राम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात “धनुष यज्ञ” का प्रसंग अत्यंत प्रभावशाली रहा। कथा वाचक ने राजा जनक की चिंता और उनकी मनःस्थिति को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार योग्य वर की खोज में व्याकुल जनक ने शिव धनुष की शर्त रखी, जिसे कोई भी राजा पूरा नहीं कर सका। किंतु भगवान राम ने सहजता से धनुष को उठाकर तोड़ दिया, जिससे न केवल जनक की चिंता समाप्त हुई, बल्कि यह भी सिद्ध हुआ कि सत्य, मर्यादा और धर्म की विजय सदैव होती है। कथा के क्रम में “परशुराम क्रोध” का प्रसंग भी अत्यंत रोचक और शिक्षाप्रद रहा। गोरखनाथ मिश्रा ने बड़े ही प्रभावशाली अंदाज में बताया कि कैसे भगवान परशुराम का उग्र क्रोध भी भगवान राम की विनम्रता और दिव्यता के समक्ष शांत हो गया। यह प्रसंग जीवन में अहंकार त्यागने और विनम्रता अपनाने का संदेश देता है। कथा का चरम बिंदु “सीता-राम विवाह” और “विदाई” का प्रसंग रहा, जिसने श्रद्धालुओं को भावनाओं के सागर में डुबो दिया। विवाह की भव्यता, वैदिक परंपराओं की गरिमा और उसके बाद माता सीता की विदाई का करुण वर्णन सुनकर उपस्थित जनसमूह भावुक हो उठा। अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। गोरखनाथ मिश्रा ने इस प्रसंग के माध्यम से पारिवारिक मूल्यों, प्रेम, त्याग और कर्तव्य की गहराई को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। इस धार्मिक आयोजन में समाज के अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। श्याम सिंह, गणेश यादव, संतोष श्रीवास्तव, किरण प्रजापति, सोनू प्रजापति, कृष्णानंद पांडे और उमेश बहादुर पाल सहित अनेक श्रद्धालु कथा श्रवण हेतु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य यजमान ब्रिज बिहारी पांडेय अपनी धर्मपत्नी के साथ पूरे आयोजन में श्रद्धा और समर्पण के साथ सक्रिय भूमिका निभाते नजर आए। उनके द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सभी ने सराहना की। कथा को संगीतमय स्वरूप प्रदान करने में ऑर्गन वादक अजीत और नाल वादक अंतर्राष्ट्रीय कलाकार समय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि ने कथा के प्रत्येक प्रसंग को जीवंत बना दिया और श्रोताओं को भक्ति के गहन भावों में डुबो दिया। कथा स्थल पर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की बड़ी संख्या में उपस्थिति यह दर्शाती है कि आज भी समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था विद्यमान है। लोग न केवल कथा का आनंद ले रहे हैं, बल्कि उससे मिलने वाले जीवनोपयोगी संदेशों को आत्मसात करने का भी प्रयास कर रहे हैं। यह दिव्य रामकथा 9 अप्रैल तक निरंतर चलेगी, जिसमें प्रतिदिन भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। वहीं 10 अप्रैल को भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें समस्त श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण करने का अवसर प्राप्त होगा। इस प्रकार खलीलाबाद का यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। गोरखनाथ मिश्रा की अमृतमयी वाणी में प्रवाहित यह रामकथा निस्संदेह श्रद्धालुओं के हृदय में एक अमिट छाप छोड़ रही है और आने वाले समय में भी उन्हें धर्म और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देती रहेगी।
गोरखनाथ मिश्रा की दिव्य वाणी में रामकथा का अलौकिक महोत्सव खलीलाबाद में उमड़ा श्रद्धा, भाव और सनातन संस्कारों का सागर फुलवारी प्रसंग से सीता-राम विवाह तक की मार्मिक गाथा ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर, 9 अप्रैल तक चलेगी कथा, 10 को भंडारा संतकबीरनगर।खलीलाबाद के पुराने रोडवेज परिसर में इन दिनों भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रख्यात कथावाचक गोरखनाथ मिश्रा की मधुर, ओजस्वी और भावपूर्ण वाणी में प्रवाहित हो रही श्रीराम कथा ने पूरे क्षेत्र को मानो एक जीवंत तीर्थ में परिवर्तित कर दिया है। कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां हर वर्ग के लोग रामकथा के रस में सराबोर होते नजर आए। कथा के इस पावन अवसर पर गोरखनाथ मिश्रा ने “फुलवारी प्रसंग” का अत्यंत कोमल और भावनात्मक चित्रण प्रस्तुत किया। उन्होंने जनकपुरी की उस अलौकिक वाटिका का वर्णन किया, जहां भगवान श्रीराम और माता सीता का प्रथम मिलन हुआ। यह प्रसंग केवल एक कथा नहीं, बल्कि आत्माओं के दिव्य मिलन का प्रतीक बनकर श्रोताओं के हृदय में उतर गया। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, पूरा परिसर “सीता-राम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात “धनुष यज्ञ” का प्रसंग अत्यंत प्रभावशाली रहा। कथा वाचक ने राजा जनक की चिंता और उनकी मनःस्थिति को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार योग्य वर की खोज में व्याकुल जनक ने शिव धनुष की शर्त
रखी, जिसे कोई भी राजा पूरा नहीं कर सका। किंतु भगवान राम ने सहजता से धनुष को उठाकर तोड़ दिया, जिससे न केवल जनक की चिंता समाप्त हुई, बल्कि यह भी सिद्ध हुआ कि सत्य, मर्यादा और धर्म की विजय सदैव होती है। कथा के क्रम में “परशुराम क्रोध” का प्रसंग भी अत्यंत रोचक और शिक्षाप्रद रहा। गोरखनाथ मिश्रा ने बड़े ही प्रभावशाली अंदाज में बताया कि कैसे भगवान परशुराम का उग्र क्रोध भी भगवान राम की विनम्रता और दिव्यता के समक्ष शांत हो गया। यह प्रसंग जीवन में अहंकार त्यागने और विनम्रता अपनाने का संदेश देता है। कथा का चरम बिंदु “सीता-राम विवाह” और “विदाई” का प्रसंग रहा, जिसने श्रद्धालुओं को भावनाओं के सागर में डुबो दिया। विवाह की भव्यता, वैदिक परंपराओं की गरिमा और उसके बाद माता सीता की विदाई का करुण वर्णन सुनकर उपस्थित जनसमूह भावुक हो उठा। अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। गोरखनाथ मिश्रा ने इस प्रसंग के माध्यम से पारिवारिक मूल्यों, प्रेम, त्याग और कर्तव्य की गहराई को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। इस धार्मिक आयोजन में समाज के अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। श्याम सिंह, गणेश यादव, संतोष श्रीवास्तव, किरण प्रजापति, सोनू प्रजापति, कृष्णानंद पांडे और उमेश बहादुर पाल सहित अनेक श्रद्धालु कथा श्रवण हेतु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य यजमान ब्रिज बिहारी पांडेय अपनी धर्मपत्नी के साथ पूरे आयोजन में श्रद्धा और समर्पण के
साथ सक्रिय भूमिका निभाते नजर आए। उनके द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सभी ने सराहना की। कथा को संगीतमय स्वरूप प्रदान करने में ऑर्गन वादक अजीत और नाल वादक अंतर्राष्ट्रीय कलाकार समय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि ने कथा के प्रत्येक प्रसंग को जीवंत बना दिया और श्रोताओं को भक्ति के गहन भावों में डुबो दिया। कथा स्थल पर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की बड़ी संख्या में उपस्थिति यह दर्शाती है कि आज भी समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था विद्यमान है। लोग न केवल कथा का आनंद ले रहे हैं, बल्कि उससे मिलने वाले जीवनोपयोगी संदेशों को आत्मसात करने का भी प्रयास कर रहे हैं। यह दिव्य रामकथा 9 अप्रैल तक निरंतर चलेगी, जिसमें प्रतिदिन भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। वहीं 10 अप्रैल को भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें समस्त श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण करने का अवसर प्राप्त होगा। इस प्रकार खलीलाबाद का यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। गोरखनाथ मिश्रा की अमृतमयी वाणी में प्रवाहित यह रामकथा निस्संदेह श्रद्धालुओं के हृदय में एक अमिट छाप छोड़ रही है और आने वाले समय में भी उन्हें धर्म और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देती रहेगी।
- संतकबीरनगर। जनपद में 10 मई को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के तत्वावधान में सामाजिक समरसता महा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम स्थानीय जूनियर हाई स्कूल के प्रांगण में आयोजित होगा, जिसकी तैयारियों को लेकर संगठन स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। सम्मेलन में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं तथा लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है। पार्टी के प्रदेश सचिव अब्दुल अजीम ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना और संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई है और इसमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन के दौरान सामाजिक न्याय, पिछड़े वर्गों के अधिकार, संगठन की नीतियों और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की जाएगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस सम्मेलन के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर एकजुटता का संदेश दिया जाएगा। सम्मेलन को लेकर समर्थकों में उत्साह का माहौल है, वहीं प्रशासन भी आयोजन को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए है।1
- संत कबीर नगर।। सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने उनके आवास पर पहुँचकर शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतिम संस्कार में सम्मिलित होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। संत कबीर नगर।।राजधानी के चारबाग रेलवे स्टेशन के पास स्थित रवीन्द्रालय परिसर में यह कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा। इस महा समागम का उद्देश्य समाज की एकता को मजबूत करना, सामाजिक ताकत को बढ़ाना और राजनीतिक भागीदारी को सशक्त बनाना है। आयोजकों ने समाज के सभी लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी आवाज को मजबूत बनाएं और इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें। कार्यक्रम में समाज के कई प्रमुख चेहरे शामिल होंगे, जिनमें श्याम सुंदर वर्मा, प्रिंस वर्मा, राजेश वर्मा, कन्हैया वर्मा, दिनेश वर्मा और अरविंद वर्मा प्रमुख हैं। आयोजकों के अनुसार, यह समागम समाज के भविष्य की दिशा तय करने और समस्याओं के समाधान पर चर्चा का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। तो आइए, 11 अप्रैल को लखनऊ पहुंचें और इस महा समागम का हिस्सा बनकर समाज की ताकत को एक नई दिशा दें।1
- 🏫 रामेश्वर प्रसाद मौर्य स्मारक इंटर कॉलेज 📍 ठकुराडाड़ी, धनघटा - संत कबीर नगर 📢 प्रवेश प्रारम्भ 📅 सत्र 2026-27 🗓️ प्रवेश प्रारम्भ: 02 फरवरी से 📚 मान्यता प्राप्त उ.प्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा ✔️ हाईस्कूल – सभी विषय (सभी वर्ग) ✔️ इंटरमीडिएट – कला एवं विज्ञान वर्ग के सभी विषय 🏫 संचालित कक्षाएं 👉 कक्षा 1 से 12 तक 🎖️ NCC सुविधा उपलब्ध 👉 क्षेत्र का एकमात्र NCC मान्यता प्राप्त संस्थान 🚌 वाहन सुविधा उपलब्ध 👉 सभी मार्गों पर 📌 विशेष सूचना 👉 11वीं एवं 12वीं में कला एवं विज्ञान वर्ग की सभी कक्षाएं संचालित 📞 संपर्क करें: 9005740059 7080847797 70808483121
- Post by रवि चन्द्र पत्रकार1
- Post by अनिल कुमार प्रजापति1
- पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य हेतु विशेष पहल* *थाना बखिरा में “हार्टफुलनेस मेडिटेशन” सत्र का सफल आयोजन* पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के कुशल निर्देशन में आज दिनांक 06.04.2026 को थाना बखिरा परिसर में पुलिस कर्मियों के लिए एक विशेष योग एवं ध्यान (Meditation) सत्र का सफल आयोजन किया गया। *🎯 आयोजन का मुख्य उद्देश्य* वर्तमान परिवेश में पुलिस ड्यूटी की अनिश्चितता, लंबी कार्य अवधि एवं अनियमित दिनचर्या के कारण उत्पन्न मानसिक तनाव को कम करना तथा कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहा। *👨🏫 विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण* इस सत्र में अनुभवी हार्टफुलनेस मेडिटेशन प्रशिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा प्रशिक्षकों ने सरल एवं प्रभावी तकनीकों के माध्यम से ध्यान एवं योग का अभ्यास कराया । *🧠 प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु* सत्र के दौरान पुलिस कर्मियों को तनाव मुक्ति के प्रभावी उपाय बताये गये तथा मानसिक संतुलन बनाए रखने की तकनीक विभिन्न योगासनों का अभ्यास व ध्यान (Meditation) की सरल विधियाँ के बारे में विस्तृत जानकारी एवं अभ्यास कराया गया। *💡 योग एवं ध्यान के प्रमुख लाभ* प्रशिक्षकों द्वारा बताया गया कि नियमित ध्यान एवं योग के अभ्यास से मानसिक शांति एवं आत्मविश्वास में वृद्धि होती है व एकाग्रता एवं कार्यक्षमता में सुधार होता है तथा तनावपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है *🤝 सराहनीय पहल* यह आयोजन पुलिस कर्मियों के मानसिक एवं शारीरिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन अधिक ऊर्जा, संतुलन एवं दक्षता के साथ कर सकेंगे।1
- अपने भाषण में सीएम योगी ने पत्रकारिता पर बोलते हुए पत्रकारों का नैतिक धर्म दिलाया याद कहा कि ये समाज के आईने हैं, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है।1
- संतकबीरनगर । पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने सोमवार को थाना दुधारा का वार्षिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, बैरक, शौचालय, कार्यालय, हवालात सहित विभिन्न इकाइयों की साफ-सफाई और अभिलेखों की स्थिति का गहन परीक्षण किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने नवनिर्मित साइबर थाना/सीसीटीएनएस कक्ष का उद्घाटन किया। साथ ही मिशन शक्ति अभियान 5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत मिशन शक्ति केंद्र का भी फीता काटकर शुभारंभ किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रहरियों, संभ्रांत नागरिकों एवं चौकीदारों के साथ संवाद स्थापित किया गया। उत्कृष्ट सूचना संकलन और सराहनीय कार्य के लिए दो ग्राम चौकीदारों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने महिला हेल्प डेस्क एवं मिशन शक्ति केंद्र पर महिला संबंधी शिकायतों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि महिला फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका त्वरित निस्तारण किया जाए। साथ ही महिला कर्मियों को क्षेत्र में जाकर हेल्पलाइन नंबरों के प्रति जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने एफआईआर रजिस्टर, विवेचना अभिलेख, मालखाना रजिस्टर एवं लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी विवेचनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल अपराधों में विशेष सतर्कता और निर्धारित एसओपी के कड़ाई से पालन पर जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को शस्त्रों के रखरखाव एवं संचालन का अभ्यास भी कराया गया। एसपी ने जनता के प्रति शालीन व्यवहार, त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष पुलिसिंग पर बल देते हुए क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रखने, रात्रि गश्त बढ़ाने और अपराधियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार, गोपनीय निरीक्षक अविनाश प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक अरविन्द शर्मा, रीडर एसपी रामआशीष यादव, पीआरओ पी.के. गुप्ता सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।1