भारत सरकार का नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल युवाओं के लिए घर बैठे नौकरी पाने का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है, जिसका संचालन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय कर रहा है। इस पोर्टल पर हजारों सत्यापित वर्क फ्रॉम होम (WFH) और रिमोट जॉब्स उपलब्ध हैं, जिनके लिए उम्मीदवार बिना किसी आवेदन शुल्क के आवेदन कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म छात्रों, महिलाओं, फ्रेशर्स और प्रोफेशनल्स को उनकी योग्यता और कौशल के अनुसार रोजगार के अवसर खोजने में मदद करता है। NCS पोर्टल पर डेटा एंट्री, टाइपिंग, कस्टमर सपोर्ट, कंटेंट राइटिंग, ग्राफिक डिजाइन, ऑनलाइन ट्यूटरिंग, बैक ऑफिस, वेबसाइट टेस्टिंग और आईटी सपोर्ट जैसी कई रिमोट जॉब्स उपलब्ध हैं। नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को सबसे पहले पोर्टल पर मुफ्त पंजीकरण करना होता है। इसके बाद, वे अपनी शिक्षा, कौशल और अनुभव की जानकारी भरकर "वर्क फ्रॉम होम" जॉब्स की तलाश कर सकते हैं और सीधे सत्यापित नियोक्ताओं को आवेदन भेज सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पोर्टल पर नौकरी के लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाती है। ऐसे में, लोगों को व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर पैसे मांगने वाले फर्जी नौकरी प्रस्तावों से सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि हाल के वर्षों में ऑनलाइन WFH स्कैम तेजी से बढ़े हैं जहाँ ठग नौकरी के नाम पर लोगों से पैसे और निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। NCS पोर्टल पर वर्तमान में 7 लाख से अधिक सक्रिय रिक्तियां मौजूद हैं और लगभग 59 लाख संगठन इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। सरकार ने Amazon और Swiggy जैसी कंपनियों के साथ भी साझेदारी की है, जिससे लाखों रोजगार अवसर तैयार हुए हैं।
भारत सरकार का नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल युवाओं के लिए घर बैठे नौकरी पाने का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है, जिसका संचालन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय कर रहा है। इस पोर्टल पर हजारों सत्यापित वर्क फ्रॉम होम (WFH) और रिमोट जॉब्स उपलब्ध हैं, जिनके लिए उम्मीदवार बिना किसी आवेदन शुल्क के आवेदन कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म छात्रों, महिलाओं, फ्रेशर्स और प्रोफेशनल्स को उनकी योग्यता और कौशल के अनुसार रोजगार के अवसर खोजने में मदद करता है। NCS पोर्टल पर डेटा एंट्री, टाइपिंग, कस्टमर सपोर्ट, कंटेंट राइटिंग, ग्राफिक डिजाइन, ऑनलाइन ट्यूटरिंग, बैक ऑफिस, वेबसाइट टेस्टिंग और आईटी सपोर्ट जैसी कई रिमोट जॉब्स उपलब्ध हैं। नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को सबसे पहले पोर्टल पर मुफ्त पंजीकरण करना होता है। इसके बाद, वे अपनी शिक्षा, कौशल और अनुभव की जानकारी भरकर "वर्क फ्रॉम होम" जॉब्स की तलाश कर सकते हैं और सीधे सत्यापित नियोक्ताओं को आवेदन भेज सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पोर्टल पर नौकरी के लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाती है। ऐसे में, लोगों को व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर पैसे मांगने वाले फर्जी नौकरी प्रस्तावों से सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि हाल के वर्षों में ऑनलाइन WFH स्कैम तेजी से बढ़े हैं जहाँ ठग नौकरी के नाम पर लोगों से पैसे और निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। NCS पोर्टल पर वर्तमान में 7 लाख से अधिक सक्रिय रिक्तियां मौजूद हैं और लगभग 59 लाख संगठन इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। सरकार ने Amazon और Swiggy जैसी कंपनियों के साथ भी साझेदारी की है, जिससे लाखों रोजगार अवसर तैयार हुए हैं।
- हाथरस के चंदपा स्थित प्रकाश गार्डन में भारतीय किसान मजदूर संगठन की एक समीक्षा बैठक संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारियों और किसानों ने भाग लिया। इस बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर गहन चर्चा की गई और साथ ही संगठन की नई जिला कार्यकारिणी के गठन का भी निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरन सिंह राणा ने की, जबकि संचालन हरेंद्र सिंह सिसोदिया ने संभाला। चर्चा के दौरान, संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ललित राणा ने किसानों द्वारा झेली जा रही आर्थिक कठिनाइयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि खाद और उर्वरकों की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण खेती की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है। ललित राणा ने हाथरस के आलू उत्पादक किसानों की दुर्दशा पर भी चिंता व्यक्त की, क्योंकि उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। बैठक में सादाबाद तहसील के किसान राधेश्याम से जुड़े एक गंभीर भूमि विवाद का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि फर्जी बैनामे के माध्यम से राधेश्याम की जमीन हड़पने का प्रयास किया गया है। भारतीय किसान मजदूर संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। इसके अतिरिक्त, बैठक में संगठन के विस्तार और भविष्य की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ। निर्णय लिया गया कि हाथरस की पुरानी जिला कार्यकारिणी को भंग कर एक नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। संगठन ने इस दौरान किसानों के हितों की रक्षा के लिए अपने संघर्ष को जारी रखने का दृढ़ संकल्प दोहराया।1
- आज हाथरस में, जिला मजिस्ट्रेट (DM) अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक (SP) चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने सभी जिले वासियों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना चाहिए।1
- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो चीफ मायावती ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक भरी सभा में चेतावनी दी है। इस चेतावनी से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हुआ है।1
- बल्लभगढ़ से तेविका नाम की एक महिला ने रो-रो कर गुहार लगाई है और अपनी जान बचाने की विनती की है। तेविका का आरोप है कि उसके पति आरिफ खान के परिवार, जिसमें उसकी पहली पत्नी शबनम और तीन बच्चे शामिल हैं, ने मिलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की है। महिला ने ओल्ड चौकी आदर्श नगर, बल्लभगढ़, मलेरना रोड पर 24 फीट रोड, पांचाल समाज धर्मशाला के पास का पता बताते हुए मदद की अपील की है। यह पूरी घटना महिला पुलिस और संबंधित अधिकारियों से तत्काल सहायता की मांग करती है।1
- हाथरस के सासनी क्षेत्र में नानऊ मार्ग पर सिकुर बंबा के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, गांव दौराहिय निवासी जितेंद्र पुत्र राकेश अपनी बाइक पर परिवार के तीन अन्य सदस्यों — 12 वर्षीय रेनू पुत्री रवि, चंचल पुत्री राकेश और राकेश पुत्र पन्ना लाल — को बैठाकर इगलास के सिकंदरपुर से वापस अपने घर लौट रहे थे। नानऊ मार्ग पर सिकुर बंबा के निकट उनकी बाइक को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ये सभी बुरी तरह घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस को सूचित किया। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सासनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां चिकित्सक डॉ. अन्नत ने उनका प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, जितेंद्र और 12 वर्षीय रेनू की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।3
- यह एक मेहनती टीम है जो बाग के मालिक से ठेका लेकर आम की फसल तैयार करने का काम करती है। टीम के सदस्य सुबह से शाम तक पेड़ों पर चढ़कर बहुत सावधानी से पके हुए आम तोड़ते हैं ताकि फलों को कोई नुकसान न हो। आम तोड़ने के बाद उन्हें इकट्ठा किया जाता है, फिर उनकी छंटाई और पैकिंग की जाती है। इस पूरे काम के लिए काफी अनुभव, संतुलन और कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है। यह आम तोड़ने वाली टीम किसानों और व्यापारियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करती है, जिससे स्वादिष्ट आम सही सलामत बाजार तक पहुँच पाते हैं और सभी लोग ताजे फलों का लाभ उठा पाते हैं।1
- कल्याणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अंबेडकर पुरम आवास विकास स्थित उत्सव पार्क के पास देर रात करीब 11 बजे बाइक सवार दबंगों ने बमबाजी कर इलाके में दहशत फैला दी। जानकारी के अनुसार, युवती से संबंध और बाद में बातचीत बंद होने को लेकर विवाद बढ़ा, जिसके बाद दबंगों ने अपनी धमक कायम करने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, शिवा यादव, पारस ठाकुर और शान तिवारी समेत अन्य युवकों ने दो बाइकों से पहुंचकर हंगामा किया। आरोप है कि तीन बम लाए गए थे, जिनमें से दो बम फोड़े गए, जबकि एक मिस हो गया। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि आरोपी पहले भी मारपीट और पत्थरबाजी जैसी घटनाओं में शामिल रहे हैं। दो महीने पहले भी दबंग शिवा यादव और उसके साथियों द्वारा माधव अग्निहोत्री के घर पत्थरबाजी करने की बात सामने आई थी। इलाके में नशे और दबंगई के चलते दबंगों की दहशत बनी रहती है, लेकिन डर के कारण लोग पहले शिकायत करने से बचते रहे हैं। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल देखा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से एक बम बरामद कर तत्काल जांच शुरू कर दी है। कानपुर पुलिस की सक्रियता के चलते पारस नाम का एक आरोपी गिरफ्तार हो चुका है, और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।1
- हाथरस में एक विवादित जमीन को खाली कराने के लिए पहुंची नगर पालिका को भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बिना कोई कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा। नगर पालिका इस भूमि पर अपना मालिकाना हक जता रही है, जबकि वहाँ पिछले 25 सालों से रह रहे परिवार का दावा है कि वे इस जमीन का नियमित किराया कोर्ट में जमा कर रहे हैं। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन के साथ तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ। फिलहाल, मौके पर मालिकाना हक के पुख्ता दस्तावेज न मिल पाने के कारण यह काम रोक दिया गया है। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि दोनों पक्षों के कागजातों की गहन जांच के बाद ही आगे का कोई फैसला लिया जाएगा।1