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रायगढ़ जिले में स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन शुरू,2 अगस्त से घर घर चलाएगी हस्ताक्षर।
Raigarh Chhattisgarh
रायगढ़ जिले में स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन शुरू,2 अगस्त से घर घर चलाएगी हस्ताक्षर।
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- अधूरी पुलिया बनी आफत: उफनती नदी में जान हथेली पर रखकर स्कूल पहुंच रहे मासूम, जिम्मेदारों की लापरवाही कब लेगी किसी की जान? *निर्माण कार्य में सुस्ती से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, ठेकेदार और अधिकारियों पर गंभीर सवाल* *बरसात में पितनी नदी बनी मौत का रास्ता, रोजाना जोखिम उठाने को मजबूर स्कूली बच्चे और ग्रामीण* कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा और रामपुर के बीच बहने वाली पितनी नदी पर निर्माणाधीन पुल की धीमी रफ्तार अब आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। बरसात के मौसम में नदी उफान पर है, लेकिन पुल निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। हालात इतने भयावह हैं कि तेज बहाव के बीच बच्चों का स्कूल जाना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण महीनों पहले शुरू हुआ था, लेकिन कार्य की गति इतनी धीमी रही कि बरसात आने से पहले इसे पूरा नहीं किया जा सका। अब आधा-अधूरा पुल ग्रामीणों के किसी काम का नहीं है। दूसरी ओर नदी पूरे उफान पर है और मजबूरी में लोगों को तेज बहाव के बीच नदी पार करनी पड़ रही है। सबसे अधिक चिंता उन मासूम बच्चों की है, जो शिक्षा हासिल करने के लिए हर सुबह मौत से मुकाबला कर स्कूल पहुंचते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार छोटे-छोटे बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करते देखे गए। कई बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग और पैरों के नीचे फिसलन भरे पत्थर—ऐसा दृश्य देखकर हर किसी की सांसें थम जाती हैं। जरा सी चूक किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी अब भी गहरी नींद में दिखाई दे रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही ने पूरे क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। यदि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाता तो आज लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार की सुस्त कार्यशैली पर किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है। हर दिन बना रहता है हादसे का डर बरसात के दौरान पितनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नदी पार करना बेहद खतरनाक हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है, जिससे बच्चों और महिलाओं को संभालना मुश्किल हो जाता है। गांव के लोग एक-दूसरे का सहारा लेकर नदी पार करते हैं, लेकिन यह व्यवस्था कब तक चलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से नाराजगी ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि कागजों में विकास कार्य तेजी से पूरे होने का दावा किया जाता है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। अधूरी पुलिया आज पूरे क्षेत्र के लिए आफत बन चुकी है। शिक्षा पर भी पड़ रहा असर माता-पिता का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी बन गया है। कई अभिभावक डर के कारण बच्चों को घर पर ही रोक लेते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार की बात करने वाला प्रशासन पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। ग्रामीणों की चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी और कोई बड़ा हादसा हो गया, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी। *बड़ा सवाल...* *क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने का इंतजार कर रहा है?* क्या अधूरी पुलिया की कीमत ग्रामीणों की जिंदगी से चुकाई जाएगी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सिर्फ फाइलों तक सीमित है? पितनी नदी पर अधूरी पुलिया आज सिर्फ एक अधूरा निर्माण कार्य नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन समय रहते चेतता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन ही मिलता है।2
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- *ट्रांसपोर्ट कंपनी से ₹32 लाख की धोखाधड़ी का फरार आरोपी गिरफ्तार* 🚨 *फर्जी बिल-वाउचर बनाकर कंपनी को पहुंचाई थी लाखों की आर्थिक क्षति, 4 माह से चल रहा था फरार* 🚨 *कोतवाली पुलिस की सटीक मुखबिर सूचना पर दरोगापारा से दबोचा गया आरोपी दीपक शर्मा* 🚨 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में फरार आरोपियों पर लगातार जारी है कार्रवाई* *31 जुलाई, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में संचालित "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत कोतवाली पुलिस को धोखाधड़ी अपराध के एक चर्चित मामले में बड़ी सफलता मिली है। ट्रांसपोर्ट कंपनी से ₹32 लाख की धोखाधड़ी कर लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी दीपक शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलकर छिप रहा था, लेकिन कोतवाली पुलिस की सतर्क निगरानी और मुखबिर तंत्र की सटीक सूचना के आधार पर उसे दरोगापारा से दबोच लिया गया। जानकारी के अनुसार 24 मार्च 2026 को श्रीराम ट्रांसपोर्ट, ढिमरापुर चौक रायगढ़ के संचालक कमल किशोर शाह ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके यहां कार्यरत प्रकाश मिश्रा एवं दीपक शर्मा ट्रांसपोर्ट वाहनों के बिल-वाउचर तैयार कर भुगतान के लिए प्रस्तुत करते थे। भुगतान के दौरान एक ही क्रमांक के कई वाउचर मिलने पर जांच की गई, जिसमें सितंबर 2025 से लगातार फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में पाया गया कि एक ही वाउचर नंबर पर अलग-अलग वाहनों के नाम से डुप्लीकेट वाउचर तैयार कर भुगतान कराया गया तथा संदीप बंसल, जासमिन बंजारा, नेहा चौहान, सूर्यकांत अग्रवाल, कमल बसोड़ एवं प्रियंका गुप्ता के खातों का उपयोग कर कंपनी से करीब ₹32 लाख की राशि धोखाधड़ी से निकाली गई। इस पर *थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 187/2026 के तहत धारा 316(5), 338, 336(3), 340(2), 60 बीएनएस* के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान प्रस्तुत बिल-वाउचरों में अंकित वाहन नंबरों का सत्यापन क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से कराया गया। जांच में कई वाहन नंबर दोपहिया एवं छोटे निजी वाहनों के निकले, जिनका श्रीराम ट्रांसपोर्ट अथवा माल परिवहन कार्य से कोई संबंध नहीं था। वाहन स्वामियों ने भी पुलिस को स्पष्ट बताया कि उन्होंने कभी उक्त ट्रांसपोर्ट कंपनी के लिए कोई परिवहन कार्य नहीं किया। ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत फरार आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि फरार *आरोपी दीपक शर्मा पिता शंकरलाल शर्मा, उम्र 32 वर्ष, निवासी दरोगापारा, रायगढ़* अपने मोहल्ले में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर 29 जुलाई 2026 को उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह श्रीराम ट्रांसपोर्ट में कार्यरत ऑपरेटर प्रकाश मिश्रा के साथ मिलकर फर्जी बिल-वाउचर तैयार करता था और विभिन्न वाहन नंबरों का उपयोग कर भुगतान करवाता था। आरोपी ने बताया कि जिन लोगों के खातों में राशि भेजी जाती थी, वे कमीशन काटकर शेष रकम वापस उसके और प्रकाश मिश्रा द्वारा बताए गए बैंक खातों, क्यूआर कोड एवं फोन-पे नंबरों पर ट्रांसफर कर देते थे। आरोपी के अनुसार करीब ₹32 लाख की धोखाधड़ी में से लगभग ₹16-17 लाख प्रकाश मिश्रा एवं दीपक प्रधान को दिए गए, जबकि उसे लगभग ₹15 लाख प्राप्त हुए, जिनमें से करीब ₹4 लाख उसने अपनी मां के इलाज में तथा शेष राशि घूमने-फिरने एवं व्यक्तिगत खर्चों में खर्च कर दी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। फरार आरोपी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी में उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष चंद्राकर, एएसआई कोसो सिंह, आरक्षक कमलेश यादव एवं आरक्षक कोमल तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कोतवाली पुलिस द्वारा प्रकरण के अन्य आरोपियों की तलाश एवं मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। 👉🏻 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* *" फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए रायगढ़ पुलिस 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत लगातार अभियान चला रही है। व्यापारियों और आम नागरिकों के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"*3