बेतिया में एक वायरल वीडियो सामने आने और शिकायत मिलने के बाद जिला कृषि पदाधिकारी ने लौरिया के एक खाद विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हालांकि, प्रखंड कृषि पदाधिकारी की जांच में वीडियो में दिखाया गया कथित पदार्थ मौके पर नहीं मिला और सैंपल को जांच के लिए भेज दिया गया है। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग ने जांच रिपोर्ट आने से पहले ही जल्दबाजी में फैसला सुना दिया है और क्या कृषि विभाग की सक्रियता सिर्फ वायरल वीडियो तक ही सीमित है? जिले में सालों से नकली खाद, मिलावटी कीटनाशक, ओवररेटिंग और एक ही लाइसेंस पर कई गोदाम चलाने की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। किसानों द्वारा आवाज उठाने और मीडिया में खबरें आने के बावजूद विभाग की कार्रवाई बेहद सीमित रही है। लाल बाजार समेत जिले के अन्य इलाकों में वर्षों से कथित अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिस पर विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ी? यदि जिला कृषि पदाधिकारी को इसकी जानकारी नहीं थी, तो यह उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है, और यदि जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला और भी अधिक गंभीर हो जाता है। अब किसान यह सवाल पूछ रहे हैं कि जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी व्यापारी पर इतनी कठोर कार्रवाई क्यों की गई, जबकि सालों से मिल रही शिकायतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सवाल केवल एक दुकान का नहीं बल्कि पूरे कृषि विभाग की कार्यशैली और उसकी निष्पक्षता का है, क्योंकि किसानों को दिखावटी कार्रवाई नहीं बल्कि समान और पारदर्शी न्याय चाहिए।
बेतिया में एक वायरल वीडियो सामने आने और शिकायत मिलने के बाद जिला कृषि पदाधिकारी ने लौरिया के एक खाद विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हालांकि, प्रखंड कृषि पदाधिकारी की जांच में वीडियो में दिखाया गया कथित पदार्थ मौके पर नहीं मिला और सैंपल को जांच के लिए भेज दिया गया है। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग ने जांच रिपोर्ट आने से पहले ही जल्दबाजी में फैसला सुना दिया है और क्या कृषि विभाग की सक्रियता सिर्फ वायरल वीडियो तक ही सीमित है? जिले में सालों से नकली खाद, मिलावटी कीटनाशक, ओवररेटिंग और एक ही लाइसेंस पर कई गोदाम चलाने की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। किसानों द्वारा आवाज उठाने और मीडिया में खबरें आने के बावजूद विभाग की कार्रवाई बेहद सीमित रही है। लाल बाजार समेत जिले के अन्य इलाकों में वर्षों से कथित अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिस पर विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ी? यदि जिला कृषि पदाधिकारी को इसकी जानकारी नहीं थी, तो यह उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है, और यदि जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला और भी अधिक गंभीर हो जाता है। अब किसान यह सवाल पूछ रहे हैं कि जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी व्यापारी पर इतनी कठोर कार्रवाई क्यों की गई, जबकि सालों से मिल रही शिकायतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सवाल केवल एक दुकान का नहीं बल्कि पूरे कृषि विभाग की कार्यशैली और उसकी निष्पक्षता का है, क्योंकि किसानों को दिखावटी कार्रवाई नहीं बल्कि समान और पारदर्शी न्याय चाहिए।
- पश्चिम चंपारण के बेतिया में आगामी 15 जुलाई को ऐतिहासिक नाटक 'फनिया वध' का मंचन किया जाएगा। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी माननीय श्री राकेश कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस नाट्य प्रस्तुति का आयोजन गांधी सभागार बेतिया में किया जाएगा। यह ऐतिहासिक नाटक संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली एवं कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।1
- पश्चिम चंपारण के बेतिया में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कुमार गौतम ने ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र सागर पोखरा मंदिर और उसके आसपास के इलाके का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, आने-जाने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों का बारीकी से जायजा लेते हुए तैनात पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान एसएसपी कुमार गौतम ने वहां मौजूद छात्रों और स्थानीय लोगों से संवाद किया और उन्हें सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति या वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, क्योंकि पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल से ही अपराध पर नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से अफवाहों से बचने, सोशल मीडिया पर बिना जांचे-परखे कोई जानकारी साझा न करने तथा आपात स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने को कहा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पश्चिम चंपारण पुलिस आम लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सुरक्षा के मद्देनजर, पुलिस टीम ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, आवागमन के रास्तों और संवेदनशील स्थानों का गहन अवलोकन किया। अधिकारियों को नियमित गश्ती करने और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया गया है। इस अवसर पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-1) समेत कई पुलिस अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा, जिन्होंने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने की रणनीति पर चर्चा की।1
- पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम ने शनिवार दोपहर को मझौलिया थाने का औचक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्था, लंबित मामलों, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव, लंबित मामलों की प्रगति, गिरफ्तारी अभियान और अनुसंधान कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। एसपी ने पुलिस अधिकारियों को फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी, नियमित गश्त, प्रभावी वाहन जांच और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस कर्मियों को अनुशासित रहने, वर्दी में सजग व अपडेट रहने की नसीहत देते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और फरियादियों के साथ संवेदनशील व सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। इसके अलावा, महोदीपुर में हुई हालिया बड़ी चोरी की घटना की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि मामले के खुलासे के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है। इस दौरान एसडीपीओ अजीत कुमार, इंस्पेक्टर मिथिलेश कुमार और थानाध्यक्ष अमर कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे।2
- पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम ने शनिवार को मझौलिया थाना का निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया। उनके अचानक पहुंचने से थाना परिसर में हलचल मच गई और पुलिस पदाधिकारी आवश्यक अभिलेखों एवं व्यवस्थाओं को प्रस्तुत करने में जुट गए। निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई, अभिलेखों के संधारण, लंबित मामलों की प्रगति, गिरफ्तारी अभियान तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति की गहन समीक्षा की। अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए एसपी कुमार गौतम ने लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने, अनुसंधान में तेजी लाने तथा फरार अभियुक्तों की जल्द गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि प्रखंड में चोरी की घटनाओं को लेकर एक एसआईटी टीम का गठन किया गया है। एसपी ने महोदीपुर में हुई चोरी के पीड़ित परिवारों से मिलकर बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द चोरी में संलिप्त चोरों का खुलासा कर दिया जाएगा। एसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन करें और थाना आने वाले फरियादियों के साथ संवेदनशील, सम्मानजनक और सकारात्मक व्यवहार करें। उन्होंने क्षेत्र में लगातार गश्त, प्रभावी वाहन जांच और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने का भी निर्देश दिया। इस निरीक्षण के दौरान सदर एसडीपीओ अजीत कुमार, सदर इंस्पेक्टर मिथलेश कुमार, थानाध्यक्ष अमर कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। अंत में पुलिस अधीक्षक ने थाना की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया।3
- पश्चिम चंपारण के नौतन अंतर्गत जगदीशपुर बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के सामने संचालित एक निजी बंगाली क्लिनिक में शनिवार को इलाज के दौरान एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने क्लिनिक परिसर में जमकर हंगामा किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। मृत बच्ची की पहचान बसवरिया झखरा निवासी मधुसूदन सहनी की 10 वर्षीय पुत्री किरण कुमारी के रूप में हुई है। मृतका की मां अनिता देवी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को दांत में दर्द की शिकायत थी। इलाज के लिए क्लिनिक ले जाने पर डॉक्टर एस.के. मंडल ने बिना किसी समुचित जांच के उसे ड्रिप चढ़ा दी। उनका आरोप है कि ड्रिप चढ़ाने के कुछ ही देर बाद बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पीड़ित परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, घटना के बाद क्लिनिक संचालक के मौके से खिसक जाने की भी चर्चा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में सक्रिय रूप से संचालित हो रहे कथित झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि ऐसे क्लिनिकों में इलाज के दौरान आए दिन गरीब मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।1
- Block Yogapatti1
- पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज स्थित टीपी वर्मा कॉलेज में महिला कर्मियों से जुड़ा विवाद काफी गहरा गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी से मुलाकात कर कॉलेज के प्रधान लिपिक पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित महिला कर्मियों को न्याय दिलाने की मांग की है। भाकपा जिला सचिव के अनुसार, कॉलेज की तीन महिला कर्मियों ने प्रधान लिपिक पर दुर्व्यवहार करने और वेतन भुगतान में भेदभाव करने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि एक ही आदेश और पत्र के आधार पर नियुक्त कुछ कर्मचारियों को तो नियमित वेतन मिल रहा है, जबकि इन पीड़ित महिला कर्मियों का वेतन वर्षों से रोककर रखा गया है। भाकपा ने इसे प्रशासनिक भेदभाव और मनमानी बताते हुए कहा कि निलंबित कर्मचारियों को भी नियमानुसार आधा वेतन मिलता है, लेकिन यहां महिलाओं को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन और प्राचार्य मिलकर प्रधान लिपिक का बचाव कर रहे हैं, जिससे कॉलेज की छवि खराब हो रही है। इसके साथ ही, प्रधान लिपिक की मनमानी के कारण कॉलेज में वर्षों से चल रहे बीबीए और बीसीए कोर्स को भी बंद करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में है। पीड़ित महिलाएं पहले भी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगा चुकी हैं और जिला पदाधिकारी के निर्देश पर महिला हेल्पलाइन ने जांच भी की थी, परंतु अब तक न्याय नहीं मिल सका। इस मामले पर जिला पदाधिकारी ने अब जिला स्तरीय जांच कराने और महिला हेल्पलाइन की रिपोर्ट का परीक्षण करने का आश्वासन दिया है। भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच कर पीड़ित महिलाओं को न्याय नहीं मिला, तो नरकटियागंज में जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कॉलेज से अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं वर्ष 1979-81 बैच में इसी संस्थान से इंटर की पढ़ाई की थी, इसलिए शिक्षा के इस मंदिर की गरिमा बचाना जरूरी है। इस प्रतिनिधिमंडल में जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति के अलावा संजय सिंह, आरती और तारीक शामिल रहे।1
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के नौतन चकदहवा में बारिश के कारण जलजमाव हो गया है। इस समस्या पर किसी भी नेता का ध्यान बिल्कुल नहीं गया है। नेताओं की इस अनदेखी के कारण लोगों में भारी चिंता बनी हुई है और उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आने वाले समय में क्षेत्र की क्या दशा होगी।1