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बिहार के खगड़िया में चलती ट्रेन की खिड़की से मोबाइल झपट रहे एक चोर को यात्रियों ने पकड़ लिया, जिसके बाद वह करीब 9 किलोमीटर तक हवा में लटकता रहा। यह घटना मानसी स्टेशन से रवाना हो रही जनहित एक्सप्रेस में हुई। ट्रेन जैसे ही स्टेशन से खुली, एक युवक ने खिड़की के रास्ते यात्री का मोबाइल छीनने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क यात्रियों ने तुरंत उसका हाथ दबोच लिया। ट्रेन की रफ्तार तेज होने के कारण आरोपी खिड़की के बाहर हवा में लटक गया। यात्रियों ने उसकी जान बचाने के लिए उसका हाथ कसकर पकड़े रखा और वह इसी तरह खगड़िया स्टेशन तक घसीटता चला गया। स्टेशन आने पर यात्रियों ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा और जीआरपी (GRP) के हवाले कर दिया। पुलिस अब इस मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
Shiv Singh rajput dahiya journ
बिहार के खगड़िया में चलती ट्रेन की खिड़की से मोबाइल झपट रहे एक चोर को यात्रियों ने पकड़ लिया, जिसके बाद वह करीब 9 किलोमीटर तक हवा में लटकता रहा। यह घटना मानसी स्टेशन से रवाना हो रही जनहित एक्सप्रेस में हुई। ट्रेन जैसे ही स्टेशन से खुली, एक युवक ने खिड़की के रास्ते यात्री का मोबाइल छीनने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क यात्रियों ने तुरंत उसका हाथ दबोच लिया। ट्रेन की रफ्तार तेज होने के कारण आरोपी खिड़की के बाहर हवा में लटक गया। यात्रियों ने उसकी जान बचाने के लिए उसका हाथ कसकर पकड़े रखा और वह इसी तरह खगड़िया स्टेशन तक घसीटता चला गया। स्टेशन आने पर यात्रियों ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा और जीआरपी (GRP) के हवाले कर दिया। पुलिस अब इस मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मैहर में रामनगर नगर परिषद अध्यक्ष के पति और कांग्रेस नेता कैलाश (दीपू) मिश्रा पर कुर्मी क्षत्रिय समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप को लेकर आक्रोश भड़क गया है। इस टिप्पणी के विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग मैहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस मामले में पूर्व में भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी और ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की इस निष्क्रियता के विरोध में समाज के लोग एकजुट हुए और उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय को घेरकर तुरंत एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा।1
- मयहर में रविवार को क्षत्रिय कुर्मी समाज के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने ट्रैक्टरों और चारपहिया वाहनों के साथ एक विशाल रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग दीपू मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की है। अपनी मांगों को लेकर समाज के लोग ट्रैक्टरों के साथ शहर की ओर आगे बढ़े। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने जीरो पॉइंट पर भारी पुलिस बल तैनात कर रैली को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भी प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की और उन्हें समझाया। सीएसपी के समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारी शहर के अंदर प्रवेश नहीं करने पर सहमत हो गए और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।1
- सतना के मैहर में अब यह बड़ा सवाल उठाया जा रहा है कि क्या सतना सांसद सड़क का निर्माण करवाएंगे। इस मुद्दे को लेकर लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या आखिरकार सांसद द्वारा इस सड़क को बनवाया जाएगा।1
- गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश के मैहर में श्रीराम सेना द्वारा शनिवार शाम को जन जागरण संकल्प यात्रा निकाली गई। इस यात्रा का शुभारंभ मां शारदा मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद कार्यकर्ता बागेश्वर धाम के लिए रवाना हो गए। शिवम पांडेय के नेतृत्व में निकाली गई इस यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं और संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। यात्रा के दौरान जयघोष और धार्मिक नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने लोगों को गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया और इस मांग के समर्थन में आगे आने की अपील की। श्रीराम सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन लंबे समय से गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहा है और इसी उद्देश्य से जनसमर्थन जुटाने के लिए इस यात्रा का आयोजन किया गया है। संगठन द्वारा आगामी 27 जुलाई को इस मांग को लेकर मैहर कलेक्टर के माध्यम से राज्य एवं केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। इस संकल्प यात्रा में मुख्य संचालक एवं श्रीराम सेना के प्रांत मंत्री शिवम (शिब्बू) पांडेय, जिला अध्यक्ष पंकज गुप्ता, वासु तिवारी, रजनीश मिश्रा, नारायण पांडे, आकाश विश्वकर्मा, अक्षय, सोनू पांडे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।1
- सतना की ग्राम पंचायत देवीपुर (नकटी) में लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी सड़क बेहद बदतर हालत में है। इस सड़क के निर्माण को लेकर न तो यहां की मौजूदा विधायिका प्रतिमा बागरी जी ने कोई सुध ली, जो कि सूबे में मंत्री पद पर भी हैं, और न ही ग्राम पंचायत ने इसे बनवाने के लिए कोई दिलचस्पी दिखाई। जब मंत्री और ग्राम पंचायत दोनों में से किसी ने भी सड़क का निर्माण नहीं कराया और पंचायत से भी कोई मदद नहीं मिली, तो गांव के युवाओं ने खुद ही बीड़ा उठाया। इन युवाओं ने आपस में पैसे और चंदा इकट्ठा किया और सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। युवाओं द्वारा किए जा रहे इस सड़क निर्माण का काम वीडियो में भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।1
- मैहर जिले में रविवार को अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय समाज ने पंडित दीपू मिश्रा पर दर्ज एफआईआर में धाराएं बढ़ाने की मांग को लेकर एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली। इस प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी अपने ट्रैक्टरों और चार पहिया वाहनों के साथ शहर की ओर आगे बढ़े। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने जीरो पॉइंट पर भारी पुलिस बल तैनात कर रैली को रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मौके पर कड़े इंतजाम किए गए हैं।1
- सतना-सेमरिया मार्ग के परिवर्तित मार्ग पर स्थित नैना सगमनिया में सड़क और रेलवे अंडर ब्रिज की हालत बदहाल हो चुकी है। इस मार्ग पर सड़क और रेलवे अंडर ब्रिज के पूरी तरह से चिथड़े उड़ चुके हैं। इसके बावजूद, यहाँ से गुजरने वाले वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं।1
- मैहर में रविवार को क्षत्रिय कुर्मी समाज के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने ट्रैक्टरों और चारपहिया वाहनों के साथ एक विशाल रैली निकाली। प्रदर्शनकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शहर की ओर बढ़े, जिनमें उनकी मुख्य मांग दीपू मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की है। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने जीरो पॉइंट पर भारी पुलिस बल तैनात कर रैली को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद भी प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। मौके पर पहुंचे सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर उन्हें समझाइश दी, जिसके बाद वे शहर के भीतर प्रवेश न करने पर सहमत हो गए और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।1