जमुई में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में चन्द्रदीप थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित दो पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल द्वारा की गई इस कार्रवाई में, एफआईआर दर्ज करने में देरी, शिकायतकर्ता को कथित रूप से अवैध रूप से थाने में घंटों रोके रखने और थाना परिसर में सीसीटीवी व्यवस्था के रखरखाव में लापरवाही को आधार बनाया गया है। निलंबित किए गए दोनों अधिकारियों का मुख्यालय पुलिस केंद्र, जमुई निर्धारित किया गया है। यह कार्रवाई सुरेश यादव द्वारा दिए गए एक शिकायत आवेदन की विस्तृत जांच के बाद की गई। सुरेश यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 17 जून को उनकी मां के साथ हुई मारपीट की घटना की सूचना चन्द्रदीप थाना को देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 18 जून को लिखित आवेदन देने पर उन्हें 19 जून को थाना बुलाया गया, जहाँ प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय उन्हें कई घंटे तक थाने में बैठाकर समझौते का दबाव बनाया गया। मामले की गहन जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), जमुई से कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक अरविन्द कुमार एवं पुलिस अवर निरीक्षक अमरजीत कुमार के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी, और शिकायतकर्ता को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के लगभग आठ घंटे तक थाने में रोके रखना एक गंभीर अनियमितता थी। इसके अतिरिक्त, थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव में भी गंभीर लापरवाही सामने आई थी। इन्हीं सभी तथ्यों के आधार पर, पुलिस अधीक्षक ने दोनों पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जमुई में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में चन्द्रदीप थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित दो पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल द्वारा की गई इस कार्रवाई में, एफआईआर दर्ज करने में देरी, शिकायतकर्ता को कथित रूप से अवैध रूप से थाने में घंटों रोके रखने और थाना परिसर में सीसीटीवी व्यवस्था के रखरखाव में लापरवाही को आधार बनाया गया है। निलंबित किए गए दोनों अधिकारियों का मुख्यालय पुलिस केंद्र, जमुई निर्धारित किया गया है। यह कार्रवाई सुरेश यादव द्वारा दिए गए एक शिकायत आवेदन की विस्तृत जांच के बाद की गई। सुरेश यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 17 जून को उनकी मां के साथ हुई मारपीट की घटना की सूचना चन्द्रदीप थाना को देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 18 जून को लिखित आवेदन देने पर उन्हें 19 जून को थाना बुलाया गया, जहाँ प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय उन्हें कई घंटे तक थाने में बैठाकर समझौते का दबाव बनाया गया। मामले की गहन जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), जमुई से कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक अरविन्द कुमार एवं पुलिस अवर निरीक्षक अमरजीत कुमार के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी, और शिकायतकर्ता को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के लगभग आठ घंटे तक थाने में रोके रखना एक गंभीर अनियमितता थी। इसके अतिरिक्त, थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव में भी गंभीर लापरवाही सामने आई थी। इन्हीं सभी तथ्यों के आधार पर, पुलिस अधीक्षक ने दोनों पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- चेवाड़ा पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार सुबह थाना के समीप एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान बिना आवश्यक कागजात के वाहन चला रहे चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल ₹7,500 का जुर्माना वसूला गया। चेवाड़ा थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया कि यह सघन जांच अभियान सुबह करीब 9 बजे तक जारी रहा, जिसमें दोपहिया और चारपहिया दोनों तरह के वाहनों की पड़ताल की गई। पुलिस ने वाहन चालकों से उनके ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन निबंधन प्रमाणपत्र (आरसी), बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच के क्रम में जिन वाहन चालकों के पास आवश्यक कागजात नहीं पाए गए या जिनके द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन किया गया, उन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई और कुल ₹7,500 का जुर्माना लगाया गया। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाने और यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए इस प्रकार के अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे। उन्होंने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे वाहन चलाते समय सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं से बचा जा सके।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत तेतरहाट थाना का 8वां स्थापना दिवस शनिवार को धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। थानाध्यक्ष इलू उपाध्याय के नेतृत्व में थाना परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यालय डीएसपी अजय कुमार और इंस्पेक्टर अमित कुमार द्वारा थाना परिसर में सामूहिक पौधारोपण से हुई, जहाँ दोनों अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी पुलिसकर्मियों और उपस्थित लोगों से प्रकृति की रक्षा की अपील की। इस अवसर को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए, थाना परिसर में एक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। तेतरहाट थाना के पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। समापन सत्र में, सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों ने एक साथ आकर केक काटकर स्थापना दिवस का जश्न मनाया और एक-दूसरे को बधाई दी। इस दौरान, डीएसपी अजय कुमार ने थाना क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तेतरहाट पुलिस बल के प्रयासों की सराहना की और सभी जवानों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। पूरे थाना परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा और सभी कर्मियों ने कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने का अपना संकल्प दोहराया।1
- नवादा जिले के अकबरपुर इलाके में खखंदुआ माइंस के विरोध में ग्रामीण सड़कों पर उतरकर नाकाबंदी करेंगे। ग्रामीणों ने ओवरलोड वाहनों के परिचालन को पूरी तरह बंद कराने की मांग को लेकर यह कदम उठाने का ऐलान किया है, जिसके तहत वे सड़कों पर उतरेंगे।2
- जमुई जिले के खैरा प्रखंड स्थित पकरी में किउल नदी किनारे बने स्मारक स्थल पर पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता स्वर्गीय नरेंद्र सिंह की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस श्रद्धांजलि सभा में हजारों की संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व विधायक अजय प्रताप, मंत्री सुमित कुमार सिंह, उनकी धर्मपत्नी सागर मणि तथा परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई। इसके बाद परिवहन मंत्री दामोदर रावत सहित कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा में सर्वधर्म प्रार्थना, भजन-कीर्तन और दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय नरेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने उनके राजनीतिक जीवन, वर्ष 1974 के छात्र आंदोलन में भूमिका, आपातकाल के दौरान संघर्ष तथा चिकित्सा शिक्षा एवं कृषि मंत्री के रूप में उनके योगदान को याद किया। उनके कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा कृषि कर्मण सम्मान भी प्रदान किया गया था। कार्यक्रम में उनके पुत्रों ने जनसेवा के उनके अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।1
- अंकुरित धान के बीजों का उपयोग करते हुए, वर्तमान में धान की नर्सरी तैयार की जा रही है। बोआई की इस तैयारी से पहले, खेत में 200 लीटर ट्राइकोडर्मा डाला गया था। इस ट्राइकोडर्मा के प्रयोग से खेत में लाभकारी सूक्ष्मजीव सक्रिय हो गए हैं, जो फसल के लिए उपयुक्त वातावरण बनाने में सहायक होंगे।1
- शनिवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति और जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले में चल रही पेयजल एवं स्वच्छता योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जाँच की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से लागू किया जाए, ताकि आम जनता को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने विशेष रूप से जलापूर्ति योजनाओं के नियमित संचालन, खराब हुए जलस्रोतों की तत्काल मरम्मत, पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जाँच और स्वच्छता गतिविधियों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को योजनाओं की लगातार निगरानी करने का निर्देश देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही या ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया। समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, इन योजनाओं को लागू करने में सामने आ रही समस्याओं का जल्द समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह बैठक शनिवार शाम 4:00 बजे संपन्न हुई, जिसमें उप विकास आयुक्त, डीआरडीए निदेशक, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, तथा जिला जल एवं स्वच्छता मिशन से जुड़े विभिन्न विभागों के पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।1
- जमुई जिले के सोनो-डुमरी चेक पोस्ट पर मद्य निषेध विभाग ने एक सघन जांच अभियान के दौरान शराब के नशे में चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों की मेडिकल जांच में उनके द्वारा शराब का सेवन किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके उपरांत उन्हें उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से मद्य निषेध विभाग द्वारा विभिन्न चेक पोस्टों पर चलाए जा रहे लगातार वाहन जांच और विशेष अभियानों का ही एक हिस्सा थी।1
- पुलिस एनकाउंटर और मॉब लिंचिंग की घटनाओं के विरोध में भाकपा माले ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया।1
- लखीसराय जिले के कवैया थाना क्षेत्र के लाल पहाड़ी में महज 1 कट्ठा 17 धूर जमीन के विवाद ने सगे भाइयों के रिश्तों को खून से रंग दिया। आरोप है कि पंचायत में मुखिया द्वारा सुनाए गए एक पक्षपातपूर्ण फैसले के बाद यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जहाँ तीन भाइयों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। बताया जा रहा है कि छह भाइयों के इस परिवार में जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए एक पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन पंचायत के इस फैसले पर एक पक्ष ने पक्षपात का आरोप लगाया। इसके बाद कहासुनी इतनी बढ़ गई कि इसने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस हिंसक झड़प में कई लोग घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस आंगन में कभी ये सभी भाई एक साथ रहते थे, आज उसी परिवार में जमीन के एक छोटे से टुकड़े ने उनके रिश्तों को दुश्मनी में बदल दिया है।1