सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड के काशनगर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय बन्नीबासा में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब बच्चों को परोसे गए मिड-डे मील में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई सोनबरसा प्रखंड के काशनगर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय बन्नीबासा में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब बच्चों को परोसे गए मिड-डे मील में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई। बच्चों का आरोप है कि भोजन में न सिर्फ कीड़े थे, बल्कि सब्जी की गुणवत्ता भी बेहद खराब थी और उसमें अत्यधिक पानी मिला हुआ था। इससे नाराज़ बच्चों ने खाना खाने से साफ इनकार कर दिया और भोजन लौटा दिया। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए। ग्रामीणों ने जब भोजन की जांच की, तो उन्होंने भी इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। 👥 ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और मिड-डे मील आपूर्ति व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजीव मंडल ने बताया कि बच्चों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत करा दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं, जिनकी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि 1 अप्रैल से इस क्षेत्र के कई स्कूलों में मिड-डे मील की आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में यह घटना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है। आखिर बच्चों को मिलने वाला भोजन अगर इस स्तर का होगा, तो उनके स्वास्थ्य और पोषण का क्या होगा? लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या सिर्फ जांच से समस्या का समाधान होगा या जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई भी होगी?
सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड के काशनगर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय बन्नीबासा में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब बच्चों को परोसे गए मिड-डे मील में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई सोनबरसा प्रखंड के काशनगर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय बन्नीबासा में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब बच्चों को परोसे गए मिड-डे मील में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई। बच्चों का आरोप है कि भोजन में न सिर्फ कीड़े थे, बल्कि सब्जी की गुणवत्ता भी बेहद खराब थी और उसमें अत्यधिक पानी मिला हुआ था। इससे नाराज़ बच्चों ने खाना खाने से साफ इनकार कर दिया और भोजन लौटा दिया। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए। ग्रामीणों ने जब भोजन की जांच की, तो उन्होंने भी इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। 👥 ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य के
साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और मिड-डे मील आपूर्ति व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजीव मंडल ने बताया कि बच्चों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत करा दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं, जिनकी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि 1 अप्रैल से इस क्षेत्र के कई स्कूलों में मिड-डे मील की आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में यह घटना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है। आखिर बच्चों को मिलने वाला भोजन अगर इस स्तर का होगा, तो उनके स्वास्थ्य और पोषण का क्या होगा? लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या सिर्फ जांच से समस्या का समाधान होगा या जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई भी होगी?
- Post by मिथिलेश कुमार1
- सहरसा: अंतरजिला लुटेरा गिरोह का पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार, एक बालक निरुद्ध1
- नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कर दिया खेल1
- 😱❤️🔥😂Marab 6 Goli sixer ke chhati mein re#varalshorts #bhojpurisong #trendingshorts #ytshorts ❤️🔥😱5
- Post by MD Ataullah1
- फैंसी डांस कंपटीशन स्कूली बच्चों एवं उनके अभिभावक के द्वारा प्रस्तुत किया गया खगड़िया शहर के बचपन प्ले स्कूल में1
- Post by किरण देव यादव1
- Post by किरण देव यादव1