शिवपुरी जिले की मगरौनी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 7 में इन दिनों आवारा पशुओं और खूंखार सांडों का आतंक अपने चरम पर है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों और राहगीरों का सड़कों से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है और आए दिन हादसों का सामना करना पड़ रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि नगर परिषद क्षेत्र में सरकारी गौशाला मौजूद होने के बावजूद, प्रशासनिक उदासीनता के कारण ये पशु सड़कों पर ही डेरा जमाए हुए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने नगर परिषद मगरौनी के आला अधिकारियों, कर्मचारियों और क्षेत्र के स्थानीय वार्ड पार्षद को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया है। इसके बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों ने इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। वार्डवासियों ने अपना रोष व्यक्त करते हुए बताया कि सड़कों के बीचों-बीच लड़ने वाले आवारा सांडों के कारण कई लोग चोटिल हो चुके हैं और वाहनों को भी नुकसान पहुँचा है। नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) से तुरंत यह मांग की है कि सड़कों पर घूम रहे इन आवारा पशुओं को तत्काल गौशाला भिजवाया जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।
शिवपुरी जिले की मगरौनी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 7 में इन दिनों आवारा पशुओं और खूंखार सांडों का आतंक अपने चरम पर है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों और राहगीरों का सड़कों से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है और आए दिन हादसों का सामना करना पड़ रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि नगर परिषद क्षेत्र में सरकारी गौशाला मौजूद होने के बावजूद, प्रशासनिक उदासीनता के कारण ये पशु सड़कों पर ही डेरा जमाए हुए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने नगर परिषद मगरौनी के आला अधिकारियों, कर्मचारियों और क्षेत्र के स्थानीय वार्ड पार्षद को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया है। इसके बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों ने इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। वार्डवासियों ने अपना रोष व्यक्त करते हुए बताया कि सड़कों के बीचों-बीच लड़ने वाले आवारा सांडों के कारण कई लोग चोटिल हो चुके हैं और वाहनों को भी नुकसान पहुँचा है। नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) से तुरंत यह मांग की है कि सड़कों पर घूम रहे इन आवारा पशुओं को तत्काल गौशाला भिजवाया जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।
- ग्वालियर में पुलिस भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाते हुए, एक पोस्ट में उपयोगकर्ताओं से सीधे पूछा गया है कि वे टिप्पणी करके बताएं कि उनकी राय में ग्वालियर का "सबसे भ्रष्ट पुलिस थाना" कौन सा है। यह पोस्ट ग्वालियर पुलिस में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ सार्वजनिक राय जानने का आह्वान करती है, जो भ्रष्टाचार के विरोध के मजबूत संदेश को दर्शाती है।1
- संवाददाता आशीष मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, टी20 टीम की कप्तानी से हटाए जाने और टीम से बाहर किए जाने के बाद क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल हो रहे फर्जी बयानों का खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह टीम के साथ हैं और इस फैसले से नाराज नहीं हैं, साथ ही सोशल मीडिया पर चल रही 'झूठी खबरों' को भी नकारा। इसके अतिरिक्त, सूर्यकुमार यादव ने 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को एक विशेष संदेश देते हुए कहा कि यह उनके शानदार सफर की शुरुआत है और उन्हें देश का मान बढ़ाते रहना चाहिए।1
- शिवपुरी जिले की नरवर थाना पुलिस ने मगरौनी चौकी क्षेत्र से 13 वर्षीय बालिका के अपहरण के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक 'विधि विरुद्ध बालक' को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे किशोर न्यायालय में पेश किया है। यह कार्रवाई तब हुई जब 1 जुलाई 2026 को बालिका के परिजनों ने मगरौनी चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी घर से लापता हो गई है, जिसके बाद नरवर थाना में धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के मार्गदर्शन में एक टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 7 जुलाई 2026 को 15 वर्षीय 'विधि विरुद्ध बालक' को दस्तयाब कर लिया। पूछताछ और विवेचना के दौरान इस प्रकरण में बीएनएस की धाराएं 65(1), 64(2)(एम), 87, 3(5) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गईं। गिरफ्तार किए गए 'विधि विरुद्ध बालक' को नियमानुसार किशोर न्यायालय में पेश किया गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय यादव और चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अमोल चौबे सहित पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- शिवपुरी के जिला पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इस घटना से मौके पर हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालाँकि, वहाँ मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को तुरंत रोक लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह महिला किसी शिकायत के निराकरण की मांग को लेकर जनसुनवाई में पहुंची थी। फिलहाल, पुलिस उसके इस कदम के पीछे के वास्तविक कारणों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने महिला को सुरक्षित रूप से अपने संरक्षण में ले लिया है और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से इस घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है, और आधिकारिक पुष्टि होने पर ही समाचार को अपडेट किया जाएगा।1
- शिवपुरी जिले के बैराड़ नगर परिषद क्षेत्र में भदेरा माता मंदिर के लिए भक्तों द्वारा डीजे के साथ एक अद्भुत दंडवत यात्रा निकाली गई। यह यात्रा आस्था और भक्ति का एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहाँ श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ लेटकर यात्रा करते हैं। डीजे पर बजने वाले भजनों की गूंज से पूरा माहौल भक्तिमय और ऊर्जा से भर गया, जिससे वहां उपस्थित सभी लोग इस आध्यात्मिक वातावरण का हिस्सा बन गए।1
- पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के एक बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, "अगर हम 7500 वोट से हारें तो अहंकारी कहलाते हैं, और आप 35 हजार वोट से हारें तो संस्कारी?" डॉ. मिश्रा ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए जीतू पटवारी को आईना दिखाया।1
- अधिवक्ता आशुतोष दुबे ने जान से मारने की धमकी मिलने के बाद एक FIR दर्ज कराई है। उन्हें यह धमकी एक ऐसे व्यक्ति द्वारा दी गई थी जिसने खुद को महेंद्र सिंह यादव का करीबी बताया था।1
- राजस्थान में आयोजित LDC भर्ती परीक्षा के दौरान एक डमी अभ्यर्थी को बायोमेट्रिक जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से पकड़ा गया है। यह व्यक्ति पहले अपने दोस्त के लिए एक फोर्थ ग्रेड भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दे चुका था, और जब वह अपनी खुद की परीक्षा देने आया, तब AI सिस्टम ने उसे पहचान लिया। गिरफ्तार किए गए इस अभ्यर्थी की पहचान आशीष मिश्रा के रूप में हुई है। प्रतियोगी परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों को पकड़ने के लिए राजस्थान में हाई-टेक तकनीकों का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र में मंगलवार को कोटा-झांसी हाईवे पर स्थित उत्कर्ष होटल के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। युवक अमोला अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने आया था। घटना के बाद, अज्ञात वाहन चालक अपने वाहन सहित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर अमोला थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की।1