*कलश शोभायात्रा के साथ कल होगा सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह का भव्य आगाज* *आठ दिवसीय महोत्सव में छाएगा सनातन संस्कृति का रंग, 20 फरवरी को आयेंगे राज्यपाल* *महोत्सव में शामिल होने के लिए देश विदेश से भीलवाड़ा पहुंचेंगे श्रद्धालु एवं संत महात्मा* होली के रंग छाने से पूर्व धर्मनगरी भीलवाड़ा गुरूवार से सनातन संस्कृति के रंगों में रंग जाएगा। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के मार्गदर्शन में 19 से 26 फरवरी तक सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इससे जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। भीलवाड़ा में पहली बार आयोजित हो रहे ‘सनातन कुंभ’ के साक्षी बनने ओर आशीर्वाद प्रदान करने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ो संत-महात्मा आएंगे तो कई प्रमुख राजनेता ओर जनप्रतिनिधि भी इस आयोजन में शामिल होंगे। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े 20 फरवरी को दोपहर 1.45 बजे भीलवाड़ा पहुंच महोत्सव में शामिल होंगे। राज्यपाल का दौरा तय होने पर आज बुधवार को जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंच व्यवस्थाओं का जायजा लिया। महंत स्वरुप दास उदासीन, महंत हनुमान राम उदासीन, संत अर्जुनदास, संत सरूपदास, संत हंसदास, संत गोविंदराम, संत प्रकाशानंद, संत ओम उदासी ने संतो की आवास व्यवस्था की सेवा संभाली। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने बताया कि आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव का आगाज कल गुरूवार सुबह 9 बजे श्रीमद् भागवत महापुराण कलश यात्रा से होगा। कलश यात्रा पोस्टऑफिस के सामने स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर पहुचेंगी। कलश यात्रा में हजारों महिलाएं मंगल कलश सिर पर धारण करके लेकर चलेगी तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी शामिल होंगे। महोत्सव के पहले दिन से ही दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर के मुखारबिंद से श्रीमद भागवत कथा का वाचन होगा। पहले दिन व्यास पीठ पर श्रीमद् भागवत की स्थापना के साथ श्रीमद् भागवत महात्म्य मंगलाचरण कथा प्रारंभ होगी। महोत्सव में विश्व शांति, सर्व संकट निवारण एवं विश्व कल्याण की भावना से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से वैदिक अग्नि अनुष्ठान पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ होगा। प्रतिदिन सुबह 8 बजे से श्री अष्टोतर शत (108) भागवत मूल पाठ एवं शतचण्डी पाठ होगा। सनातन मंगल महोत्सव के दौरान अनवरत अखण्ड श्रीमद् भगवतगीता पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ, श्रीचंद सिद्धांत सागर पाठ, अखण्ड श्री रामनाम संकीर्तन होगा। काशी के यज्ञाचार्य कामेश्वरनाथ तिवारी के सानिध्य में यज्ञ सम्पादन एवं चारों वेद के मूल पाठ का पारायण होगा। प्रतिदिन शाम 7 बजे से श्रीधाम वृन्दावन के रसिकाचार्य कुंजबिहारी शर्मा श्री निकुंज बिहारी रासलीला मण्डल के लीलाकारों द्वारा रासलीला का आयोजन होगा। महोत्सव में प्रतिदिन शाम 6 बजे से काशी की तर्ज पर गंगा आरती का आयोजन होगा। इन सभी कार्यक्रमों की पूर्णाहुति 25 फरवरी को होगी। दीक्षा दान समारोह की पूर्व संध्या पर 25 फरवरी को भव्य संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा का आयोजन होगा। सनातन मंगल महोत्सव के अंतिम दिन दीक्षा दान समारोह एवं संत समागम का मुख्य आयोजन 26 फरवरी को सुबह 9 बजे से हरि शेवा धाम परिसर में बने विशाल पांडाल में होगा। इसमें तीन दीक्षार्थी ब्रह्मचारी इन्द्रदेव, कुनाल एवं सिद्धार्थ को विधिपूर्वक दीक्षा प्रदान की जाएगी। इसके बाद श्रद्धालुओं का समष्टि भण्डारा दोपहर 1 बजे से अग्रवाल उत्सव भवन परिसर में होगा। भीलवाड़ा के विभिन्न धर्मस्थलों व मंदिरों के महन्त महात्माओं का भी पूरा सहयोग इस आयोजन में प्राप्त हो रहा है। सनातन मंगल महोत्सव का आयोजन पूरी तरह सनातन धर्म की मर्यादा ओर गरिमा के अनुरूप होगा ओर हर आयोजन सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक स्वरूप की झलक प्रस्तुत करने वाला होगा। आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालु भक्तों को सनातन संस्कृति मर्यादानुसार वस्त्र धारण करने होंगे। महोत्सव में शामिल होने के लिए देश विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए शहर में कई स्थानों पर स्वागत द्धार बनाए गए है। *शोभायात्रा से दिखेगी सनातन एकता की झलक* सनातन मंगल महोत्सव के तहत दीक्षा दान समारोह की पूर्व संध्या पर 25 फरवरी को भीलवाड़ा में संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा का आयोजन होगा। इस आयोजन के माध्यम से संत दर्शन के साथ सनातन एकता की झलक भी दिखेगी। भीलवाड़ा के अयोध्यानगर (शहीद चौक) से प्रारंभ होने वाली शोभायात्रा में दीक्षार्थी बंधुओं, संत महापुरूषों के साथ नगर प्रभात फेरी मण्डलियां शामिल होगी। शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु भाई बहन शामिल होकर सनातन एकता प्रदर्शित करेंगे। शोभायात्रा नगर परिक्रमा करते हुए हरि शेवा धाम पहुंच सम्पन्न होगी। *दीक्षा दान समारोह एवं संत समागम में पहुंचेंगे देशभर से भक्तगण* सनातन मंगल महोत्सव के अंतिम दिन दीक्षा दान समारोह एवं संत समागम का आयोजन होगा। इसमें तीन दीक्षार्थी ब्रह्मचारी इन्द्रदेव, कुनाल एवं सिद्धार्थ को विधिपूर्वक दीक्षा प्रदान की जाएगी। समारोह में उदासीन कार्ष्णि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी गुरूशरणानंद महाराज रमणरेती मथुरा, परम त्यागी महामंडलेश्वर बाबा कल्याणदास महाराज अमरकंटक, गुरू गंगेश्वरधाम के अध्यक्ष महामंडेलश्वर स्वामी भास्कारानंद महाराज, श्री रैवासा वृन्दावन धाम के श्री अग्रपीठाधीश्वर मलूकपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज सहित देवभूमि भारत के कई महान संत महात्माओं का सानिध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त होगा। *समर्पित भाव से सेवाएं देने में जुटे हुए सैकड़ो कार्यकर्ता* सनातन मंगल महोत्सव के भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए सैकड़ो सनातन धर्मावलम्बी कार्यकर्ता समर्पित भाव से सेवाएं देने में जुटे हुए है। सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा भक्त मण्डल के सदस्य विभिन्न व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए सेवाएं दे रहे है। आयोजन समिति के कई वरिष्ठ सदस्यों के मार्गदर्शन में कार्यकर्ताओं को अलग-अलग दायित्व सौंपे गए है।
*कलश शोभायात्रा के साथ कल होगा सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह का भव्य आगाज* *आठ दिवसीय महोत्सव में छाएगा सनातन संस्कृति का रंग, 20 फरवरी को आयेंगे राज्यपाल* *महोत्सव में शामिल होने के लिए देश विदेश से भीलवाड़ा पहुंचेंगे श्रद्धालु एवं संत महात्मा* होली के रंग छाने से पूर्व धर्मनगरी भीलवाड़ा गुरूवार से सनातन संस्कृति के रंगों में रंग जाएगा। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के मार्गदर्शन में 19 से 26 फरवरी तक सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इससे जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। भीलवाड़ा में पहली बार आयोजित हो रहे ‘सनातन कुंभ’ के साक्षी बनने ओर आशीर्वाद प्रदान करने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ो संत-महात्मा आएंगे तो कई प्रमुख राजनेता ओर जनप्रतिनिधि भी इस आयोजन में शामिल होंगे। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े 20 फरवरी को दोपहर 1.45 बजे भीलवाड़ा पहुंच महोत्सव में शामिल होंगे। राज्यपाल का दौरा तय होने पर आज बुधवार को जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंच व्यवस्थाओं का जायजा लिया। महंत स्वरुप दास उदासीन, महंत हनुमान राम उदासीन, संत अर्जुनदास, संत सरूपदास, संत हंसदास, संत गोविंदराम, संत प्रकाशानंद, संत ओम उदासी ने संतो की आवास व्यवस्था की सेवा संभाली। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने बताया कि आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव का आगाज कल गुरूवार सुबह 9 बजे श्रीमद् भागवत महापुराण कलश यात्रा से होगा। कलश यात्रा पोस्टऑफिस के सामने स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर पहुचेंगी। कलश यात्रा में हजारों महिलाएं मंगल कलश सिर पर धारण करके लेकर चलेगी तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी शामिल होंगे। महोत्सव के पहले दिन से ही दोपहर 1 से शाम
4 बजे तक श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर के मुखारबिंद से श्रीमद भागवत कथा का वाचन होगा। पहले दिन व्यास पीठ पर श्रीमद् भागवत की स्थापना के साथ श्रीमद् भागवत महात्म्य मंगलाचरण कथा प्रारंभ होगी। महोत्सव में विश्व शांति, सर्व संकट निवारण एवं विश्व कल्याण की भावना से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से वैदिक अग्नि अनुष्ठान पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ होगा। प्रतिदिन सुबह 8 बजे से श्री अष्टोतर शत (108) भागवत मूल पाठ एवं शतचण्डी पाठ होगा। सनातन मंगल महोत्सव के दौरान अनवरत अखण्ड श्रीमद् भगवतगीता पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ, श्रीचंद सिद्धांत सागर पाठ, अखण्ड श्री रामनाम संकीर्तन होगा। काशी के यज्ञाचार्य कामेश्वरनाथ तिवारी के सानिध्य में यज्ञ सम्पादन एवं चारों वेद के मूल पाठ का पारायण होगा। प्रतिदिन शाम 7 बजे से श्रीधाम वृन्दावन के रसिकाचार्य कुंजबिहारी शर्मा श्री निकुंज बिहारी रासलीला मण्डल के लीलाकारों द्वारा रासलीला का आयोजन होगा। महोत्सव में प्रतिदिन शाम 6 बजे से काशी की तर्ज पर गंगा आरती का आयोजन होगा। इन सभी कार्यक्रमों की पूर्णाहुति 25 फरवरी को होगी। दीक्षा दान समारोह की पूर्व संध्या पर 25 फरवरी को भव्य संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा का आयोजन होगा। सनातन मंगल महोत्सव के अंतिम दिन दीक्षा दान समारोह एवं संत समागम का मुख्य आयोजन 26 फरवरी को सुबह 9 बजे से हरि शेवा धाम परिसर में बने विशाल पांडाल में होगा। इसमें तीन दीक्षार्थी ब्रह्मचारी इन्द्रदेव, कुनाल एवं सिद्धार्थ को विधिपूर्वक दीक्षा प्रदान की जाएगी। इसके बाद श्रद्धालुओं का समष्टि भण्डारा दोपहर 1 बजे से अग्रवाल उत्सव भवन परिसर में होगा। भीलवाड़ा के विभिन्न धर्मस्थलों व मंदिरों के महन्त महात्माओं का भी पूरा सहयोग इस आयोजन में प्राप्त हो रहा है। सनातन मंगल महोत्सव का आयोजन पूरी तरह सनातन धर्म की मर्यादा ओर गरिमा के अनुरूप होगा ओर हर आयोजन सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक स्वरूप की झलक प्रस्तुत करने वाला होगा। आयोजन में
शामिल होने वाले श्रद्धालु भक्तों को सनातन संस्कृति मर्यादानुसार वस्त्र धारण करने होंगे। महोत्सव में शामिल होने के लिए देश विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए शहर में कई स्थानों पर स्वागत द्धार बनाए गए है। *शोभायात्रा से दिखेगी सनातन एकता की झलक* सनातन मंगल महोत्सव के तहत दीक्षा दान समारोह की पूर्व संध्या पर 25 फरवरी को भीलवाड़ा में संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा का आयोजन होगा। इस आयोजन के माध्यम से संत दर्शन के साथ सनातन एकता की झलक भी दिखेगी। भीलवाड़ा के अयोध्यानगर (शहीद चौक) से प्रारंभ होने वाली शोभायात्रा में दीक्षार्थी बंधुओं, संत महापुरूषों के साथ नगर प्रभात फेरी मण्डलियां शामिल होगी। शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु भाई बहन शामिल होकर सनातन एकता प्रदर्शित करेंगे। शोभायात्रा नगर परिक्रमा करते हुए हरि शेवा धाम पहुंच सम्पन्न होगी। *दीक्षा दान समारोह एवं संत समागम में पहुंचेंगे देशभर से भक्तगण* सनातन मंगल महोत्सव के अंतिम दिन दीक्षा दान समारोह एवं संत समागम का आयोजन होगा। इसमें तीन दीक्षार्थी ब्रह्मचारी इन्द्रदेव, कुनाल एवं सिद्धार्थ को विधिपूर्वक दीक्षा प्रदान की जाएगी। समारोह में उदासीन कार्ष्णि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी गुरूशरणानंद महाराज रमणरेती मथुरा, परम त्यागी महामंडलेश्वर बाबा कल्याणदास महाराज अमरकंटक, गुरू गंगेश्वरधाम के अध्यक्ष महामंडेलश्वर स्वामी भास्कारानंद महाराज, श्री रैवासा वृन्दावन धाम के श्री अग्रपीठाधीश्वर मलूकपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज सहित देवभूमि भारत के कई महान संत महात्माओं का सानिध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त होगा। *समर्पित भाव से सेवाएं देने में जुटे हुए सैकड़ो कार्यकर्ता* सनातन मंगल महोत्सव के भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए सैकड़ो सनातन धर्मावलम्बी कार्यकर्ता समर्पित भाव से सेवाएं देने में जुटे हुए है। सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा भक्त मण्डल के सदस्य विभिन्न व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए सेवाएं दे रहे है। आयोजन समिति के कई वरिष्ठ सदस्यों के मार्गदर्शन में कार्यकर्ताओं को अलग-अलग दायित्व सौंपे गए है।
- नवीन राज्य स्तरीय चारागाह नीति बनाने की मांग सरकार ट्रस्टी की भूमिका निभाए भीलवाड़ा 18 अप्रैल। भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने राजस्थान विधानसभा में विशेष उल्लेख प्रस्ताव (नियम 295) के अंतर्गत प्रदेश में घटती चारागाह भूमि के संरक्षण एवं विकास हेतु नवीन राज्य स्तरीय चारागाह नीति बनाने की मांग उठाई। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष का विषय पर समय प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय चरागाह एवं पशुपालक वर्ष घोषित किया गया है, जिसका उद्देश्य चारागाहों और पशुपालकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए समावेशी एवं दीर्घकालीन नीतियों का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में पशुपालन का लगभग 11.5 प्रतिशत एवं कृषि का लगभग 17.5 प्रतिशत योगदान है। ग्रामीण राजस्थान में कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक हैं तथा राज्य की दो-तिहाई से अधिक आबादी इन पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गौवंश संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, किंतु निर्देशों की पूर्ण पालना के अभाव में निराश्रित गौवंश फसलों को नुकसान पहुँचाने तथा सड़कों पर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। विधायक कोठारी ने कहा कि राजस्थान काश्तकारी अधिनियम एवं राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम के तहत चारागाह भूमि पशुओं के लिए सुरक्षित रखी गई है, लेकिन आरक्षित चारागाह भूमि पर अतिक्रमण एवं अन्य प्रयोजनों हेतु आवंटन के कारण इनका क्षेत्रफल निरंतर घट रहा है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 एवं अनुच्छेद 48 का उल्लेख करते हुए कहा कि चारागाह भूमि का संरक्षण नागरिकों के जीवन के अधिकार तथा राज्य के पर्यावरणीय कर्तव्यों से जुड़ा हुआ है। राज्य सरकार चारागाह भूमि की ट्रस्टी है,तो ट्रस्टी की भूमिका निभाए। विधायक कोठारी ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार चारागाह विकास हेतु पृथक राज्य स्तरीय योजना प्रारंभ करे, जिसके अंतर्गत चारागाह भूमि का विकास जलग्रहण , वी बी जी रामजी,एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से क्रियान्वित किया जाए। इससे प्रदेश में पशुधन संख्या में वृद्धि के साथ प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। अंत में विधायक कोठारी ने माननीय मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि सरकार इस दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएगी।2
- Post by Dev karan Mali1
- मांडल विधानसभा क्षेत्र के लिरडिया ग्राम पंचायत बारिश का तेज आगमन साथ तेज ओल गिर,भयंकर आंधी के साथ 20 मिनट लगातार सिलसिला जारी रहा1
- शाहपुरा -भैरू लाल लक्षकार भीम उनियारा सड़क मार्ग 148 पर राज्यास गांव के पास आमली,मालपुरा(टोंक) जिले से आए राजपूत समाज के लोगो की कार पलक झपकते ही खाक हो गई, उनकी चीख-पुकार मच गई, प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयानक था कि स्कार्पियो के पलटते ही उसमें धमाका हुआ और वह आग की लपटों से घिर गई। गाड़ी में सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आग का गोला बनी गाड़ी को देख राहगीरों और ग्रामीणों के हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही फूलियाकलां पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। तीन घायलों की हालत नाजुक, शाहपुरा रेफर वहां से भीलवाड़ा किया रेफर हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए तीन लोगों को ग्रामीणों और पुलिस की मदद से जलती गाड़ी के पास से रेस्क्यू किया गया। उन्हें तत्काल उपचार के लिए शाहपुरा जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां तीनों फूलचंद, शंकर सिंह, विजय सिंह की हालत बेहद नाजुक होने से उनको भीलवाड़ा रेफर कर दिया गया है। दोनों मृतक पिता पुत्र कज़ोड़ (45) व अजय सिंह (35)बताए जा रहे उनके शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया गया। हादसे के मेगा हाईवे पर लंबा जाम लग गया राज्यास के पास हुए इस हादसे के बाद मेगा हाईवे 148 डी पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने क्रेन की मदद से जली हुई गाड़ी को सडक़ किनारे कर यातायात सुचारू करवाया। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा है और पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या पलटने के दौरान फ्यूल टैंक फटने से लगी है या नहीं जांच के बाद पता लगेगा। मृतकों का सुबह परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम होगा। सभी गुहली मायरा भरने जा रहे थे, इस दौरान हादसा हो गया।2
- Post by DINESH KUMAR MEENA1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में एएनएम और जीएनएम नर्सिंग कोर्स की मान्यता को लेकर चल रहा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दो छात्र गुटों के बीच मारपीट और तोड़फोड़ की घटना में छह छात्र घायल हो गए। पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। छात्रों का आरोप है कि यदि समय पर मान्यता और परीक्षा नहीं हुई तो उनका एक वर्ष बर्बाद हो सकता है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है, जबकि विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि मान्यता प्रक्रिया सरकार स्तर पर लंबित है।1
- Post by Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉस्पिटल1
- भीलवाड़ा = कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (सीआईटीआई) की इकाई सीआईटीआई–कॉटन डेवलपमेंट एंड रिसर्च एसोसिएशन (सीआईटीआई-सीडीआरए) द्वारा “भारत कॉटननेट 2026” का आयोजन स्थानीय द इम्पीरियल प्राइम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह सम्मेलन लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया गया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “टिकाऊ कपास मूल्य श्रृंखला के लिए सहयोग” रही। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त सचिव (फाइबर) श्रीमती पद्मिनी सिंगला, कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निर्यातक, प्रमाणन एजेंसियां तथा किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान कपास उत्पादकता में वृद्धि, जलवायु अनुकूल खेती, तथा संस्थागत सहयोग जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने कपास उत्पादन में गुणवत्ता सुधार, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने और किसानों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसी अवसर पर टेक्सप्रोसिल एवं सीआईटीआई-सीडीआरए द्वारा “कस्तूरी कॉटन गांव एवं कस्तूरी कॉटन मित्र” पहल का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया। इस पहल के अंतर्गत मॉडल क्लस्टर विकसित किए जाएंगे तथा प्रशिक्षित फील्ड सलाहकार किसानों को वैज्ञानिक मार्गदर्शन देंगे, जिससे गुणवत्ता, ट्रेसबिलिटी और टिकाऊ उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने उद्योग की आवश्यकताओं, कपास की स्रोत से पहचान (ट्रेसबिलिटी), टिकाऊ उत्पादन तथा भविष्य की रणनीतियों पर विचार साझा किए। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों के लिए नितिन स्पिनर्स लिमिटेड का उद्योग भ्रमण भी कराया गया। सम्मेलन ने किसानों से लेकर उद्योग तक टिकाऊ कपास मूल्य श्रृंखला के लिए मजबूत सहयोग मंच प्रदान किया2