उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली सहायक अध्यापक, प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी (पुरुष/महिला शाखा) मुख्य परीक्षा-2025 को निष्पक्ष, सकुशल और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने के.पी. इण्टर कालेज और राजकीय इण्टर मीडिएट कॉलेज सहित विभिन्न विद्यालयों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों की तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभ्यर्थियों के प्रवेश की व्यवस्था, पहचान सत्यापन प्रक्रिया, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा प्रबंध, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश और विद्युत आपूर्ति जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की गहनता से जांच की। उन्होंने परीक्षा कक्षों में जाकर स्वयं व्यवस्थाओं को देखा और केंद्र व्यवस्थापक तथा संबंधित अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने परीक्षा ड्यूटी में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि वे परीक्षा अवधि के दौरान अपने-अपने केंद्रों पर लगातार भ्रमणशील रहें और परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षा सामग्री को सुरक्षित जमा कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, उन्होंने स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की गाइडलाइन के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने और सीसीटीवी कंट्रोल रूम के माध्यम से कड़ी मॉनिटरिंग रखने को कहा। उन्होंने परीक्षा में तैनात सभी कर्मियों को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने की हिदायत दी।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली सहायक अध्यापक, प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी (पुरुष/महिला शाखा) मुख्य परीक्षा-2025 को निष्पक्ष, सकुशल और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने के.पी. इण्टर कालेज
और राजकीय इण्टर मीडिएट कॉलेज सहित विभिन्न विद्यालयों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों की तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभ्यर्थियों के प्रवेश की व्यवस्था, पहचान सत्यापन प्रक्रिया, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा प्रबंध, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश और विद्युत आपूर्ति जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की गहनता से जांच की। उन्होंने परीक्षा कक्षों में जाकर
स्वयं व्यवस्थाओं को देखा और केंद्र व्यवस्थापक तथा संबंधित अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने परीक्षा ड्यूटी में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि वे परीक्षा अवधि के दौरान अपने-अपने केंद्रों पर लगातार भ्रमणशील रहें और परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षा सामग्री को सुरक्षित
जमा कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, उन्होंने स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की गाइडलाइन के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने और सीसीटीवी कंट्रोल रूम के माध्यम से कड़ी मॉनिटरिंग रखने को कहा। उन्होंने परीक्षा में तैनात सभी कर्मियों को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने की हिदायत दी।
- प्रयागराज के जार्जटाउन थाना पुलिस को गश्त के दौरान एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार (11 जुलाई 2026) को जब पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त पर थी, तभी मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने के.पी. बस स्टैण्ड के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध युवक को दबोच लिया। पकड़े गए इस शातिर अभियुक्त की जामा तलाशी लेने पर उसके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 3 कीमती चोरी के मोबाइल फोन और ₹300 की नगदी बरामद की गई है।1
- प्रयागराज के नखास कोहना चौक के पास स्थित एक पुराने विवादित मकान को शनिवार को नगर निगम द्वारा जर्जर बताकर गिराए जाने से भारी हंगामा खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई को लेकर कोर्ट में मुकदमा लड़ रही पीड़िता ने नगर निगम की नीयत और कार्रवाई के समय पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित महिला ज्योति के अनुसार, उक्त मकान को लेकर उनका विवाद गुड्डू केसरवानी से चल रहा था और यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि इस मुकदमे के लंबित रहने के दौरान ही गुड्डू केसरवानी ने विवादित संपत्ति को अमित केसरवानी नामक व्यक्ति को बेच दिया था। ज्योति का कहना है कि जब मामला अभी कोर्ट में लंबित है, तो शनिवार को अचानक मकान को गिराने की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने तीखा सवाल उठाया कि आखिर इसी दिन कार्रवाई क्यों की गई, जब शनिवार और रविवार को न्यायालय बंद रहते हैं और पीड़ित पक्ष को कोई कानूनी राहत भी नहीं मिल सकती। दूसरी ओर, नगर निगम ने इस ध्वस्तीकरण को मकान के जर्जर होने के आधार पर की गई कार्रवाई बताया है। फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया हुआ है।1
- प्रयागराज जिले के मेजा अंतर्गत जरार गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ नालों की सफाई नहीं होती है, जिसके कारण पूरे गांव में गंदगी फैल रही है।1
- प्रयागराज में 12 जुलाई को प्रस्तावित वृक्षारोपण महाअभियान-2026 की तैयारियों की समीक्षा के लिए शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर के संगम सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव और प्रयागराज के नोडल अधिकारी श्री अजय कुमार शुक्ला ने की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को पूरे उत्साह और जनभागीदारी के साथ शत-प्रतिशत वृक्षारोपण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने 'पेड़ लगाएं जीवन बचाएं' का संदेश देते हुए इस महाअभियान को सफल बनाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा बताया गया कि इस बार जनपद प्रयागराज के लिए 82,68,300 पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके मुकाबले जिले में लगभग 1 करोड़ पौधों की उपलब्धता है। इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के लिए जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न सामाजिक, स्वयंसेवी, शैक्षणिक, सिविल डिफेंस, औद्योगिक, व्यापारिक संगठनों और मेडिकल एसोसिएशन जैसे समूहों के साथ बैठक कर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों, सचिवों, सफाई कर्मियों और शिक्षकों को भी ऑनलाइन माध्यम से जोड़कर अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया है। पूरे उत्तर प्रदेश में इस अभियान के तहत 35 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया है, जो 'एक पेड़ माँ के नाम' थीम को समर्पित होगा। नोडल अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे इस वृहद अभियान को चुनाव मोड में लेते हुए लक्ष्य से भी अधिक वृक्षारोपण सुनिश्चित करें। उन्होंने रोपे गए सभी पौधों की शत-प्रतिशत जियो टैगिंग करने और उसे 'हरितिमा' ऐप पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। आम लोगों को अपने द्वारा रोपे गए पौधों के साथ सेल्फी लेकर अपलोड करने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। अभियान के तहत एक्सप्रेस-वे, हाईवे, गौ आश्रय स्थलों, विभागीय परिसरों और मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही पौधों के रोपण के बाद उनकी सिंचाई और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पौधों के जीवित रहने की दर को बढ़ाया जा सके। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह और अपर जिलाधिकारी संजय पांडेय सहित जिले के सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।1
- प्रयागराज एयरपोर्ट पर शनिवार को सन्नाटा पसरा हुआ है। आम दिनों में यहाँ प्रयागराज के अलावा आसपास के कई जिलों से भी बड़ी संख्या में यात्री आते हैं और टर्मिनल के बाहर कारों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। लेकिन आज परिसर में पूरी तरह सन्नाटा है, जहाँ न तो यात्रियों की चहल-पहल दिख रही है, न विमानों की आवाजाही हो रही है और न ही पार्किंग एरिया में वाहनों का कोई दबाव है। पिछले महीने तक यहाँ सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी रूप में उड़ानों की आवाजाही बनी रहती थी, लेकिन इस शनिवार को यहाँ से एक भी विमान उड़ान नहीं भरेगा। दरअसल, पिछले महीने तक अकाशा एयरलाइंस की मुंबई के लिए शनिवार की जो फ्लाइट संचालित होती थी, उसे अब बंद कर दिया गया है। इससे न सिर्फ यात्रियों को बड़ी निराशा हुई है, बल्कि एयरपोर्ट की सामान्य रफ्तार भी पूरी तरह से थम गई है।1
- प्रयागराज के शंकरगढ़ में व्यापारियों ने कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता का जन्मोत्सव उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया। इस अवसर पर श्री हनुमान जी मंदिर प्रांगण में विशेष आयोजन किया गया, जहां व्यापारियों ने एकत्र होकर श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया। पाठ संपन्न होने के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।1
- कौशाम्बी के चरवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेलहारी गांव में मेड़ काटने के विवाद को लेकर दो भाइयों पर जानलेवा हमला किया गया। पीड़ित पिता रामनारायण ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि खेत की मेड़ समेटने गए उनके बेटों पर गांव के ही लोगों ने अवैध तमंचे और फावड़े से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए पीएचसी चायल में भर्ती कराया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, सुबह जब उनके बेटे अजीत और सचिन खेत की मेड़ समेटने गए थे, तो वहां पहले से मौजूद विपक्षी राधेश्याम, बच्चालाल, जगन, निखिल, नितीश और अंकुर मेड़ काटने को लेकर उनसे बहस करने लगे। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच, राधेश्याम ने अपने अवैध तमंचे से रामनारायण के बेटे संजीत के सिर पर गोली मार दी, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इसके तुरंत बाद बच्चालाल ने फावड़े से सचिन के सिर पर वार कर दिया, जिससे वह भी गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। शोर सुनकर जब गांव और घर के लोग मौके पर पहुंचे, तो आरोपी पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। गंभीर हालत में घायल दोनों बेटों को पीएचसी चायल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पिता ने थाना प्रभारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1