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बस्ती पुलिस के 8 अधिकारी-कर्मचारी सेवानिवृत्त, सम्मानपूर्वक दी गई विदाई बस्ती। पुलिस विभाग में सेवा पूरी कर 4 उपनिरीक्षक, 1 मुख्य अग्निशमन अधिकारी, 1 मुख्य आरक्षी चालक व 2 अनुचर सेवानिवृत्त हुए। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित विदाई समारोह में क्षेत्राधिकारी लाइन कुलदीप सिंह यादव व क्षेत्राधिकारी हरैया स्वर्णिमा सिंह ने प्रशस्ति पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया। अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मियों के सुखद व उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी व परिजन मौजूद रहे।

1 day ago
user_आनंद धर द्विवेदी
आनंद धर द्विवेदी
Local News Reporter हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
1 day ago
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बस्ती पुलिस के 8 अधिकारी-कर्मचारी सेवानिवृत्त, सम्मानपूर्वक दी गई विदाई बस्ती। पुलिस विभाग में सेवा पूरी कर 4 उपनिरीक्षक, 1 मुख्य अग्निशमन अधिकारी, 1 मुख्य आरक्षी चालक व 2 अनुचर सेवानिवृत्त हुए। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित विदाई समारोह में क्षेत्राधिकारी लाइन कुलदीप सिंह यादव व क्षेत्राधिकारी हरैया स्वर्णिमा सिंह ने प्रशस्ति पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया। अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मियों के सुखद व उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी व परिजन मौजूद रहे।

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  • 🤼‍♂️स्वस्थ रहो,मस्त रहो 🤼‍♀️👍
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    🤼‍♂️स्वस्थ रहो,मस्त रहो 🤼‍♀️👍
    user_Santosh Jaiswal
    Santosh Jaiswal
    Basti, Uttar Pradesh•
    12 hrs ago
  • नाली निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एमएलसी को सौंपा ज्ञापन जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने लगाई नाली निर्माण की गुहार....!! पंचायत भवन से गोशाईंगंज मार्ग तक नाली निर्माण की उठी मांग....!! अयोध्या। (सुनील यादव) विकासखंड मयाबाजार के ग्राम पंचायत काजीपुर गाडर, गोशाईंगंज के ग्रामीणों ने नाली निर्माण की मांग को लेकर एमएलसी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पंचायत भवन से गोशाईंगंज मार्ग तक लगभग 200 मीटर सड़क किनारे नाली का निर्माण नहीं होने से बरसात का पानी सड़क पर भर जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण आवागमन में भारी परेशानी होती है। इसी मार्ग पर विद्यालय भी स्थित है, जिससे छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है और कई बार बच्चे फिसलकर घायल भी हो जाते हैं। ज्ञापन में ग्रामीणों ने शीघ्र नाली निर्माण कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में करीब 33 ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जनहित को देखते हुए संबंधित विभाग जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा।
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    नाली निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एमएलसी को सौंपा ज्ञापन
जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने लगाई नाली निर्माण की गुहार....!!
पंचायत भवन से गोशाईंगंज मार्ग तक नाली निर्माण की उठी मांग....!!
अयोध्या। (सुनील यादव)
विकासखंड मयाबाजार के ग्राम पंचायत काजीपुर गाडर,  गोशाईंगंज के ग्रामीणों ने नाली निर्माण की मांग को लेकर एमएलसी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पंचायत भवन से गोशाईंगंज मार्ग तक लगभग 200 मीटर सड़क किनारे नाली का निर्माण नहीं होने से बरसात का पानी सड़क पर भर जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण आवागमन में भारी परेशानी होती है। इसी मार्ग पर विद्यालय भी स्थित है, जिससे छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है और कई बार बच्चे फिसलकर घायल भी हो जाते हैं।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने शीघ्र नाली निर्माण कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में करीब 33 ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जनहित को देखते हुए संबंधित विभाग जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा।
    user_पत्रकार सुनील यादव9415998497
    पत्रकार सुनील यादव9415998497
    DJ फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • गुरु पूर्णिमा पर कोल्हमपुर धाम में आस्था का महासैलाब, दीनदयाल माता जी ने दिया गुरु-सम्मान संदेश।
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    गुरु पूर्णिमा पर कोल्हमपुर धाम में आस्था का महासैलाब, दीनदयाल माता जी ने दिया गुरु-सम्मान संदेश।
    user_Arvind Tiwari patrakar
    Arvind Tiwari patrakar
    Media and information sciences faculty फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अयोध्या असहाय गरीब तथा निम्न वर्ग की सैकड़ो महिलाओं ने थामा सपा का दमन अयोध्या असहाय गरीब तथा निम्न वर्ग की सैकड़ो महिलाओं ने थामा सपा का दमन। विधानसभा बीकापुर की पिपरी जलालपुर निषाद बस्ती की महिलाए तथा गोसाईगंज विधानसभा की रतनपुर तेंदुआ की महिलाओं ने PDA के नेता सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव जी में आस्था जताते हुए समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव दिव्यांग पंडित समरजीत के नेतृत्व में हजारों महिलाओं ने समाजवादी झंडा थमने का काम किया। पंडित समरजीत ने कहां- भाजपा सरकार में महिलाओं के ऊपर हो रहे अत्याचारों तथा महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, छुट्टा जानवर से ऊब चुकी गरीब तथा असहाय महिलाएं गांव-गांव समाजवादी पार्टी का दामन थाम रही है और जिस प्रकार से सत्ता परिवर्तन की लहर चल रही है उससे यह साफ हो चुका है कि 2027 में देश की आधी आबादी सत्ता परिवर्तन करके रहेगी वही हमारी माताएं बहने सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव जी में आस्था जताते हुए पंडित समरजीत के नेतृत्व में समाजवादी झंडा पड़कर सत्ता परिवर्तन का शंखनाद कर दिया है इस मौके पर राजकला देवी, माधुरी निषाद, कैलाश, सुनीता, मीना देवी, उषा निषाद, रीता, पूजा, पूजा, अर्चना, रेखा, संगीता, संगीता, आशा, साधना, साधना, शकुंतला, रूपा।
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    अयोध्या

असहाय गरीब तथा निम्न वर्ग की सैकड़ो महिलाओं ने थामा सपा का दमन
अयोध्या
असहाय गरीब तथा निम्न वर्ग की सैकड़ो महिलाओं ने थामा सपा का दमन।
विधानसभा बीकापुर की पिपरी जलालपुर निषाद बस्ती की महिलाए तथा गोसाईगंज विधानसभा की रतनपुर तेंदुआ की महिलाओं ने PDA के नेता सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव जी में आस्था जताते हुए समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव दिव्यांग पंडित समरजीत के नेतृत्व में हजारों महिलाओं ने समाजवादी झंडा थमने का काम किया।
पंडित समरजीत ने कहां- भाजपा सरकार में महिलाओं के ऊपर हो रहे अत्याचारों तथा महंगाई,  बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, छुट्टा जानवर से ऊब चुकी गरीब तथा असहाय महिलाएं गांव-गांव समाजवादी पार्टी का दामन थाम रही है और जिस प्रकार से सत्ता परिवर्तन की लहर चल रही है उससे यह साफ हो चुका है कि 2027 में देश की आधी आबादी सत्ता परिवर्तन करके रहेगी वही हमारी माताएं बहने सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव जी में आस्था जताते हुए पंडित समरजीत के नेतृत्व में समाजवादी झंडा पड़कर सत्ता परिवर्तन का शंखनाद कर दिया है
इस मौके पर राजकला देवी, माधुरी निषाद, कैलाश, सुनीता, मीना देवी, उषा निषाद, रीता, पूजा, पूजा, अर्चना, रेखा, संगीता, संगीता, आशा, साधना, साधना, शकुंतला, रूपा।
    user_Varun kumar
    Varun kumar
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    3 hrs ago
  • संसद परिसर में संत वेश को लेकर विवाद, संत राजूदास की तीखी प्रतिक्रिया अयोध्या। संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव द्वारा संत वेश धारण कर किए गए प्रदर्शन को लेकर विवाद गहरा गया है। इस घटनाक्रम पर अयोध्या के संत राजूदास ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संत राजूदास ने कहा, "सनातन का अपमान करने वालों को जो अपना मानता है, वह हिन्दू नहीं हो सकता।" उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। गौरतलब है कि संसद परिसर में विपक्ष द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया गया था, जिसमें पप्पू यादव संत वेश में दिखाई दिए। इस प्रदर्शन को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस पूरे घटनाक्रम पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। वहीं, इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा हो रही है।
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    संसद परिसर में संत वेश को लेकर विवाद, संत राजूदास की तीखी प्रतिक्रिया
अयोध्या। संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव द्वारा संत वेश धारण कर किए गए प्रदर्शन को लेकर विवाद गहरा गया है। इस घटनाक्रम पर अयोध्या के संत राजूदास ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
संत राजूदास ने कहा, "सनातन का अपमान करने वालों को जो अपना मानता है, वह हिन्दू नहीं हो सकता।" उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।
गौरतलब है कि संसद परिसर में विपक्ष द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया गया था, जिसमें पप्पू यादव संत वेश में दिखाई दिए। इस प्रदर्शन को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
इस पूरे घटनाक्रम पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। वहीं, इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा हो रही है।
    user_Nation 7 TV
    Nation 7 TV
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • महुडर गांव में खूनी संघर्ष: 29 जुलाई की शाम हुए विवाद में एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर पर आईं गंभीर चोटें, बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा। अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती: पुरानी बस्ती पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, गंभीर चोटों को भी मामूली धाराओं में दबाने का आरोप महुडर गांव में खूनी संघर्ष: 29 जुलाई की शाम हुए विवाद में एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर पर आईं गंभीर चोटें, बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा। ​तहरीर बदलवाने का गंभीर आरोप: पीड़िताओं का दावा, थाने पर पुलिस ने दबाव बनाकर बदलवाई तहरीर और संगीन मामले को किया हल्का। ​तहसील समाधान दिवस में पहुंचा पीड़िताओं का दर्द: न्याय की गुहार लगाते हुए मुकदमा अपराध संख्या 148/26 में BNS की धारा 109 बढ़ाने की उठी जोरदार मांग। ​बस्ती: जनपद के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर खासे चर्चा और सवालों के घेरे में है। यहां न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचने वाले फरियादियों को शायद यह नहीं पता होगा कि खाकी के दरबार में न्याय की परिभाषा अब दर्द और सबूतों की गंभीरता से नहीं, बल्कि शायद किसी और पैमाने पर तय होती है। ताजा मामला थाना क्षेत्र के महुडर गांव का है, जहां जमीन विवाद के खूनी संघर्ष में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन पुलिस की मेहरबानी से संगीन मामले को महज मामूली धाराओं में दर्ज कर खानापूर्ति कर ली गई। ​क्या है पूरा मामला? ​बीती 29 जुलाई को शाम 4:00 बजे महुडर गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। यह मारपीट इतनी उग्र थी कि इसमें एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि एक बुजुर्ग महिला का हाथ तक टूट गया। ​खून से लथपथ और दर्द से कराहती ये महिलाएं जब न्याय की आस लेकर पुरानी बस्ती थाने पहुंचीं, तो पुलिस का रवैया देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़िताओं का सीधा आरोप है कि थाने पर उनसे जबरन तहरीर बदलवाई गई और इतनी भीषण मारपीट व गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस ने मुकदमे को महज मामूली धाराओं में दर्ज कर आरोपियों को बचाने का खुला रास्ता तैयार कर दिया। ​तहसील समाधान दिवस में गूंजा दर्द, न्याय की गुहार ​थानों से नाउम्मीद होने के बाद पीड़ित महिलाएं अपनी टूटी हड्डियों और सिर पर लगे गंभीर जख्मों को लेकर तहसील समाधान दिवस पहुंचीं। वहां उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। ​पीड़ित पक्ष की साफ और दो टूक मांग है कि मुकदमा अपराध संख्या 148/26 में महज औपचारिकता निभाने वाली धाराओं के बजाय भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (प्रयास या ऐसी चोट जो मृत्यु का कारण बन सके) जैसी गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएं, ताकि आरोपियों को उनके किए की सही सजा मिल सके। ​तीखा सवाल: क्या खाकी के लिए इंसानियत के दर्द के कोई मायने नहीं? ​यह घटना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर एक बड़ा और गंभीर सवालिया निशान लगाती है— ​क्या पुरानी बस्ती थाने की पुलिस किसी बड़े दबाव में काम कर रही है? ​क्या एक बुजुर्ग महिला का हाथ टूटना और 8 महिलाओं के सिर फटना पुलिस की नजर में 'मामूली बात' है? ​अगर थाने की चौखट पर ही फरियादियों की तहरीर बदलवाकर उनके जख्मों का मजाक उड़ाया जाएगा, तो आम जनता कानून और न्याय व्यवस्था पर कैसे भरोसा करेगी? ​जिले के उच्चाधिकारियों को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। महुडर गांव के इस प्रकरण में लिप्त लापरवाह पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मुकदमे में तत्काल गंभीर धाराएं जोड़कर पीड़िताओं को वास्तविक न्याय दिलाया जाना चाहिए, ताकि खाकी की वर्दी पर लगे इस दाग को धोया जा सके।
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    महुडर गांव में खूनी संघर्ष: 29 जुलाई की शाम हुए विवाद में एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर पर आईं गंभीर चोटें, बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा।
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती: पुरानी बस्ती पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, गंभीर चोटों को भी मामूली धाराओं में दबाने का आरोप
महुडर गांव में खूनी संघर्ष: 29 जुलाई की शाम हुए विवाद में एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर पर आईं गंभीर चोटें, बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा।
​तहरीर बदलवाने का गंभीर आरोप: पीड़िताओं का दावा, थाने पर पुलिस ने दबाव बनाकर बदलवाई तहरीर और संगीन मामले को किया हल्का।
​तहसील समाधान दिवस में पहुंचा पीड़िताओं का दर्द: न्याय की गुहार लगाते हुए मुकदमा अपराध संख्या 148/26 में BNS की धारा 109 बढ़ाने की उठी जोरदार मांग।
​बस्ती: जनपद के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर खासे चर्चा और सवालों के घेरे में है। यहां न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचने वाले फरियादियों को शायद यह नहीं पता होगा कि खाकी के दरबार में न्याय की परिभाषा अब दर्द और सबूतों की गंभीरता से नहीं, बल्कि शायद किसी और पैमाने पर तय होती है। ताजा मामला थाना क्षेत्र के महुडर गांव का है, जहां जमीन विवाद के खूनी संघर्ष में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन पुलिस की मेहरबानी से संगीन मामले को महज मामूली धाराओं में दर्ज कर खानापूर्ति कर ली गई।
​क्या है पूरा मामला?
​बीती 29 जुलाई को शाम 4:00 बजे महुडर गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। यह मारपीट इतनी उग्र थी कि इसमें एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि एक बुजुर्ग महिला का हाथ तक टूट गया।
​खून से लथपथ और दर्द से कराहती ये महिलाएं जब न्याय की आस लेकर पुरानी बस्ती थाने पहुंचीं, तो पुलिस का रवैया देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़िताओं का सीधा आरोप है कि थाने पर उनसे जबरन तहरीर बदलवाई गई और इतनी भीषण मारपीट व गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस ने मुकदमे को महज मामूली धाराओं में दर्ज कर आरोपियों को बचाने का खुला रास्ता तैयार कर दिया।
​तहसील समाधान दिवस में गूंजा दर्द, न्याय की गुहार
​थानों से नाउम्मीद होने के बाद पीड़ित महिलाएं अपनी टूटी हड्डियों और सिर पर लगे गंभीर जख्मों को लेकर तहसील समाधान दिवस पहुंचीं। वहां उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई।
​पीड़ित पक्ष की साफ और दो टूक मांग है कि मुकदमा अपराध संख्या 148/26 में महज औपचारिकता निभाने वाली धाराओं के बजाय भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (प्रयास या ऐसी चोट जो मृत्यु का कारण बन सके) जैसी गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएं, ताकि आरोपियों को उनके किए की सही सजा मिल सके।
​तीखा सवाल: क्या खाकी के लिए इंसानियत के दर्द के कोई मायने नहीं?
​यह घटना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर एक बड़ा और गंभीर सवालिया निशान लगाती है—
​क्या पुरानी बस्ती थाने की पुलिस किसी बड़े दबाव में काम कर रही है?
​क्या एक बुजुर्ग महिला का हाथ टूटना और 8 महिलाओं के सिर फटना पुलिस की नजर में 'मामूली बात' है?
​अगर थाने की चौखट पर ही फरियादियों की तहरीर बदलवाकर उनके जख्मों का मजाक उड़ाया जाएगा, तो आम जनता कानून और न्याय व्यवस्था पर कैसे भरोसा करेगी?
​जिले के उच्चाधिकारियों को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। महुडर गांव के इस प्रकरण में लिप्त लापरवाह पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मुकदमे में तत्काल गंभीर धाराएं जोड़कर पीड़िताओं को वास्तविक न्याय दिलाया जाना चाहिए, ताकि खाकी की वर्दी पर लगे इस दाग को धोया जा सके।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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