कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र के ग्राम सावांरावां में पैतृक जमीन के बंटवारे के विवाद में एक भाई ने अपने ही सगे भाई की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मारपीट में गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी भाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस जांच के अनुसार, 23 जून 2026 की सुबह लगभग 9:30 बजे आरोपी शारदा कुशवाहा ने अपने भाई ललित कुशवाहा के साथ हाथ-मुक्कों और डंडे से बेरहमी से मारपीट की थी। गंभीर रूप से घायल ललित को इलाज के लिए पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर रेफर कर दिया। उपचार के दौरान 25 जून 2026 की शाम करीब 6:15 बजे ललित की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मर्ग जांच में यह पुष्टि हुई कि मारपीट के दौरान आई गंभीर चोटों के कारण ही ललित की जान गई। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी गुलाबी कुशवाहा, पिता सुभाषचंद, माता इन्द्रवती और अन्य गवाहों के बयान दर्ज कर आरोपी शारदा कुशवाहा के खिलाफ धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने 8 जुलाई 2026 की शाम 4:00 बजे आरोपी शारदा कुशवाहा (36 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले की आगे की विवेचना नियमानुसार जारी है।
कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र के ग्राम सावांरावां में पैतृक जमीन के बंटवारे के विवाद में एक भाई ने अपने ही सगे भाई की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मारपीट में गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी भाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस जांच के अनुसार, 23 जून 2026 की सुबह लगभग 9:30 बजे आरोपी शारदा कुशवाहा ने अपने भाई ललित कुशवाहा के साथ हाथ-मुक्कों और डंडे से बेरहमी से मारपीट की थी। गंभीर रूप से घायल ललित को इलाज के लिए पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर रेफर कर दिया। उपचार के दौरान 25 जून 2026 की शाम करीब 6:15 बजे ललित की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मर्ग जांच में यह पुष्टि हुई कि मारपीट के दौरान आई गंभीर चोटों के कारण ही ललित की जान गई। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी गुलाबी कुशवाहा, पिता सुभाषचंद, माता इन्द्रवती और अन्य गवाहों के बयान दर्ज कर आरोपी शारदा कुशवाहा के खिलाफ धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने 8 जुलाई 2026 की शाम 4:00 बजे आरोपी शारदा कुशवाहा (36 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले की आगे की विवेचना नियमानुसार जारी है।
- कोरिया जिला कार्यालय में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने राजस्व अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर लंबित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में अपर कलेक्टर, दोनों अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिले के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सीमांकन के समय-सीमा से अधिक लंबित मामलों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि वर्षा ऋतु को देखते हुए मैदानी या गैर-कृषि भूमि का सीमांकन तत्काल किया जाए, जबकि खड़ी फसल वाले खेतों का सीमांकन 15 अक्टूबर के बाद किया जाए ताकि किसानों को असुविधा न हो। इसके अलावा, अविवादित नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों के त्वरित निपटारे के लिए प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए गए। अब इन प्रकरणों के आवेदन सीधे पटवारी कार्यालय में प्राप्त किए जाएंगे और पटवारी जांच प्रतिवेदन तैयार कर सीधे राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे, जिससे नागरिकों को तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। न्यायालयीन प्रकरणों में पटवारियों द्वारा समय पर प्रतिवेदन न सौंपने के कारण मामलों के लंबित रहने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और दोषी पटवारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही, नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, एग्रीस्टैक पंजीयन और खसरा मैपिंग के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए निर्देश दिया गया कि प्रत्येक सोमवार को सभी पटवारी और राजस्व निरीक्षक (आरआई) अपने-अपने मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करेंगे। इसके अलावा, हर पंद्रह दिन में पटवारियों की समीक्षा बैठक होगी और दोनों अपर कलेक्टर हर महीने तहसीलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेंगे। बैठक के अंत में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा है, इसलिए सभी अधिकारी-कर्मचारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करें। कार्यों में लापरवाही मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र वैद्य, अपर कलेक्टर श्री डी.डी. मंडावी, सोनहत के एसडीएम श्री अमित कुमार गुप्ता और बैकुंठपुर के एसडीएम श्री उमेश पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- सूरजपुर के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल उपस्थित रहे। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने में शिक्षा को सबसे प्रभावी माध्यम बताया। श्री वारियाल ने विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध व पारिस्थितिक अपराध के बीच अंतर और उनसे संबंधित दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 तथा किशोर न्याय से संबंधित प्रमुख कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ बाल विवाह के दुष्परिणामों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। अपने छात्र जीवन से न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को साझा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवन जीने और उच्च लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की सलाह दी और विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता व NALSA की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स भी मौजूद रहे।4
- सूरजपुर के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर के माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून और समाज के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल थे। उन्होंने अपने संबोधन में बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने में शिक्षा की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहद सरल भाषा में न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध और पारिस्थितिक अपराध के बीच का अंतर, अपराधों की गंभीरता तथा उनके लिए तय दंडात्मक प्रावधानों के बारे में समझाया। इसके साथ ही उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 और किशोर न्याय से जुड़े वर्तमान कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। न्यायाधीश श्री वारियाल ने बाल विवाह के दुष्परिणामों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले इसके दीर्घकालिक प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने अपने छात्र जीवन और न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को साझा करते हुए छात्रों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित व जिम्मेदार उपयोग करने और ज्ञानवर्धन के लिए इंटरनेट व मोबाइल का सकारात्मक इस्तेमाल करने की सलाह दी। इसके अलावा, उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली मुफ्त कानूनी सहायता और NALSA के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता के बारे में भी बताया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण सहित पैरा लीगल वॉलेंटियर्स श्री सत्य नारायण, श्री बृजवासी सिंह एवं श्री उमेश कुमार रजवाड़े उपस्थित रहे।3
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में आज मौसम का तापमान काफी अधिक है और तेज धूप निकली हुई है। ऐसी भीषण धूप को लेकर चिंता जताई जा रही है कि यदि दो-चार दिन और ऐसी ही स्थिति रही, तो खेतों में लगाई जा रही धान की फसल पूरी तरह मुरझा जाएगी और जमीन सूख जाएगी। हालांकि, अत्यधिक तापमान और इस भीषण धूप के बीच यह संभावना भी जताई जा रही है कि कुछ समय में बारिश हो सकती है।1
- कोरिया जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने एग्रीस्टैक (AgriStack) पंजीयन और खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों को लेकर सभी तहसीलदारों, आरएईओ, समिति प्रबंधकों तथा कृषि व खाद्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। बैठक में पंजीयन कार्य में आने वाली तकनीकी कठिनाइयों को दूर करने के लिए अधिकारियों को एग्रीस्टैक पंजीयन मॉड्यूल का प्रशिक्षण भी दिया गया। कलेक्टर ने एग्रीस्टैक पंजीयन, खसरा मैपिंग और किसान पंजीयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे मिशन मोड में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया है। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विशेष निर्देश दिए कि पिछले वर्ष के छूटे हुए 135 एक्सेम्प्टेड श्रेणी के किसानों का पंजीयन और लगभग 3500 लंबित खसरों की एग्रीस्टैक से मैपिंग इसी सप्ताह प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाए। राजस्व, कृषि और खाद्य विभाग को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करने को कहा गया है, ताकि जिले का कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भूमि संबंधी सभी शासकीय सेवाओं का लाभ एग्रीस्टैक पंजीयन के आधार पर ही मिलेगा। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या अनावश्यक देरी करने वाले दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। कलेक्टर ने जिले के सभी भू-स्वामियों और किसानों से अपील की है कि वे शनिवार, 18 जुलाई को अपनी संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में आयोजित विशेष शिविर में उपस्थित होकर अपना पंजीयन जरूर कराएं। पंजीयन के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि के दस्तावेज (खसरा/बी-1) साथ लाना होगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र वैद्य, अपर कलेक्टर डीडी मंडावी, सोनहत के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री अमित कुमार गुप्ता, बैकुंठपुर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री उमेश पटेल, खाद्य अधिकारी श्री नटवर सिंह रावटे सहित जिले के सभी तहसीलदार, आरएईओ और समिति प्रबंधक उपस्थित रहे।2
- सूरजपुर जिले के पर्यटन स्थल पिलखा पहाड़ स्थित मोरडी बांध में सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में कुछ युवकों द्वारा तेज रफ्तार कारों से खतरनाक स्टंट करने का मामला सामने आया है। रील बनाने के जुनून में ये युवक लापरवाही से वाहन दौड़ाकर खुलेआम मौत का खेल खेल रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह खतरनाक स्टंटबाजी उस जगह पर हो रही है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में परिवार, महिलाएं और बच्चे प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टंटबाजों की एक छोटी सी चूक कभी भी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय मोरभंज गांव के ग्रामीणों ने बाहरी क्षेत्रों से आने वाले इन युवकों पर आए दिन गांव के लोगों से बहस, विवाद और अभद्रता करने का आरोप लगाया है। इससे क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ रहा है और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन स्टंटबाजों पर लगाम नहीं लगाई, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा या कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक तंत्र की होगी। ग्रामीणों ने पुलिस और जिला प्रशासन से मांग की है कि मोरडी बांध क्षेत्र में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए, स्टंट करने वालों की पहचान कर उनके वाहनों को जब्त किया जाए और मोटर वाहन अधिनियम व अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि पर्यटन स्थल मनोरंजन के लिए हैं, न कि रील बनाने के नाम पर लोगों की जान जोखिम में डालने के लिए।1