न्यूज कोलार की धड़कन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया रक्षा प्रोजेक्ट का शुभारंभ *सीएम डॉ. मोहन और केंद्रीय रक्षा श्री राजनाथ सिंह ने किया रक्षा के नए प्रोजेक्ट का शुभारंभ, सेना को मजबूत करने में MP निभाएगा बड़ा रोल* - *आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड की व्हीकल फैक्ट्री में आयोजित समारोह* - *टी-सीरीज टैंक के ओवरहॉल प्रोजेक्ट का भूमि-पूजन* - *सीएम और केंद्रीय रक्षा मंत्री ने किया शिलापट्ट का अनावरण* - *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदल रहा समय* - *जबलपुर बनेगा डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग का हब* भोपाल/जबलपुर। 'रक्षाबंधन उत्सव से एक दिन पहले संस्कारधानी जबलपुर से बॉर्डर की रक्षा के लिए नए प्रकल्प की शुरुआत हो रही है। टी-सीरीज टैंक के ओवरहॉल प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय सेना एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। जबलपुर की आर्मर्ड फैक्ट्री ने कर्म के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए और सेना की मजबूती के लिए मध्यप्रदेश में स्थित अलग-अलग फैक्ट्रियों से उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। आज जबलपुर को करीब 475 करोड़ से अधिक लागत की नई परियोजना की सौगात मिली है। इससे रक्षा का परिदृश्य बदल जाएगा।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। वे जबलपुर स्थित आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड की व्हीकल फैक्ट्री में आयोजित शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सीएम डॉ. यादव एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल परियोजना का भूमि-पूजन कर शिलापट्ट का अनावरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रक्षा के मामले में जबलपुर की अलग पहचान है। इसके नाम में ही बल लगा हुआ है। जबलपुर हमारा शहर है, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हमारी सेना पराक्रम की धनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती, अमर शहीद राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह, स्वतंत्रता सेनानियों की वजह से जबलपुर की विरासत गौरवशाली रही है। उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं रानी दुर्गावती का युद्ध और इस युद्ध में वे लगातार जीत रही थीं, लेकिन तकनीक की वजह से उनकी विजय का क्रम टूट गया। उस दौर में भारतीय राजानों ने पहली बार तोप देखी थी। विरोधी नए हथियार लेकर आए और दुर्भाग्य से हमारी वीरांगना ने बलिदान दिया। *आर्थिक समृद्धि की दिशा में बड़ी छलांग* सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है। हमारे रक्षा मंत्री सिंह का संकल्प वज्र के समान कठोर है। रक्षा मंत्री सिंह के मार्गदर्शन से पिछली बार मध्यप्रदेश को भोपाल के पास बीईएमएल कारखाने की सौगात मिली। प्रदेश में वंदेभारत सहित कई ट्रेनों के कोच तैयार किए जाएंगे। राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार औद्योगीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। शिक्षा, रोजगार, निवेश सहित हर क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश का विदेशी निर्यात 76 हजार करोड़ से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश की गंगा बह रही है, जो हमारे लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलेगी। कल ही मालनपुर में लगभग 400 करोड़ रुपए लागत के गोदरेज समूह के कारखाने का लोकार्पण किया गया है। यह प्रदेश की आर्थिक समृद्धि की दिशा में बड़ी छलांग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उन बड़े राज्यों में से एक है, जिसने समान नागरिक संहिता कानून लागू करने के लिए विधानसभा में विधेयक पास किया है। यूसीसी से हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मों के लोगों को समान अवसर और अधिकार मिलेंगे। *सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा एमपी* केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम है। डायनैमिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय को पूरा सहयोग मिल रहा है। भोपाल में हुई जीआईआएस 2025 के अवसर पर पारदर्शी एवं सुगम नीतियों को प्रदेश में लागू किया गया। यह उद्योग अनुकूल नीतियां राज्य को औद्योगिक केंद्र के रूप में आकर्षित कर रही हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में डिफेंस सेक्टर की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट और इसमें 16 हजार करोड़ से अधिक का निवेश राज्य की सोच को दर्शाता है। यह प्रयास मध्यप्रदेश को भविष्य में स्पेस, एयरो एंड डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की मजबूत नींव रख रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उनकी टीम को बधाई देता हूं। *अपडेट रहना जरूरी* केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि जबलपुर में 'टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जंग में इन्हीं टैंक के सहारे हमारे जवान दुश्मन को नष्ट कर देते हैं। यह परियोजना स्थानीय लोगों को रोजगार और छोटे उद्यमियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराएगी। वैश्विक स्तर पर युद्ध की नई तकनीक विकसित हो चुकी है। ऐसे में सेना को निरंतर अपग्रेड रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि आधुनिक जंग के तरीकों में ड्रोन, मिसाइल और साइबर तकनीक शामिल हैं। लेकिन, लड़ाई में आज भी टैंक की प्रासंगिकता खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक वॉरफेयर में सभी चीजों की आवश्यकता है। टैंक ग्राउंड ऑपरेशन में जवानों को आगे बढ़ने में मदद करते हैं। इसीलिए हम अपने टैंकों को अपडेट कर रहे हैं। टैंक की भूमिका तकनीक के विकास के साथ बदल रही है। उन्होंने कहा कि जबलपुर नई टेक्नोलॉजी के साथ डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग में हब बनेगा। यहां के स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। हमारे युवाओं में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। वे विदेशों में जाकर भी झंडे गाड़ रहे हैं। युवाओं को सही तकनीक, अवसर और ईको सिस्टम उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। *आज आत्मनिर्भर होना जरूरी* केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि हमारे नौजवान राष्ट्र निर्माण की अहम कड़ी बनेंगे। दुनिया में भारत को देखने का तरीका बदला है। पिछले 12 सालों में रक्षा क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन केवल 46 हजार करोड़ का था, जो आज 1 लाख 80 हजार करोड़ तक पहुंच गया है। 2014 में भारत का रक्षा निर्यात करीब 1000 करोड़ था, जो अब 39 हजार करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि हमने वर्ष 2030 तक निर्यात को 50 हजार करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हमारे टैंक ग्राउंड बैटल में दुश्मनों के लिए काल और आयरन वॉल बनकर खड़े हैं। पिछले वर्षों में भारतीय सेना को 4004 टैंक मिले हैं। उन्होंने कहा कि अब देश की कुल टैंक ओव्हरहॉल क्षमता प्रतिवर्ष 230 हो जाएगी। हमें दुनिया की नई चुनौतियों से सावधान रहना होगा। रक्षा क्षेत्र में हमें अब दूसरों पर निर्भर नहीं रहना है। हम अपने जवानों के लिए हथियार बनाएंगे और उन्हें अपग्रेड करेंगे। आने वाले समय में भारत डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग में दुनिया का हब बनेगा।
न्यूज कोलार की धड़कन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया रक्षा प्रोजेक्ट का शुभारंभ *सीएम डॉ. मोहन और केंद्रीय रक्षा श्री राजनाथ सिंह ने किया रक्षा के नए प्रोजेक्ट का शुभारंभ, सेना को मजबूत करने में MP निभाएगा बड़ा रोल* - *आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड की व्हीकल फैक्ट्री में आयोजित समारोह* - *टी-सीरीज टैंक के ओवरहॉल प्रोजेक्ट का भूमि-पूजन* - *सीएम और केंद्रीय रक्षा मंत्री ने किया शिलापट्ट का अनावरण* - *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदल रहा समय* - *जबलपुर बनेगा डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग का हब* भोपाल/जबलपुर। 'रक्षाबंधन उत्सव से एक दिन पहले संस्कारधानी जबलपुर से बॉर्डर की रक्षा के लिए नए प्रकल्प की शुरुआत हो रही है। टी-सीरीज टैंक के ओवरहॉल प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय सेना एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। जबलपुर की आर्मर्ड फैक्ट्री ने कर्म के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए और सेना की मजबूती के लिए मध्यप्रदेश में स्थित अलग-अलग फैक्ट्रियों से उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। आज जबलपुर को करीब 475 करोड़ से अधिक लागत की नई परियोजना की सौगात मिली है। इससे रक्षा का परिदृश्य बदल जाएगा।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। वे जबलपुर स्थित आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड की व्हीकल फैक्ट्री में आयोजित शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सीएम डॉ. यादव एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल परियोजना का भूमि-पूजन कर शिलापट्ट का अनावरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रक्षा के मामले में जबलपुर की अलग पहचान है। इसके नाम में ही बल लगा हुआ है। जबलपुर हमारा शहर है, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हमारी सेना पराक्रम की धनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती, अमर शहीद राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह, स्वतंत्रता सेनानियों की वजह से जबलपुर की विरासत गौरवशाली रही है। उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं रानी दुर्गावती का युद्ध और इस युद्ध में वे लगातार जीत रही थीं, लेकिन तकनीक की वजह से उनकी विजय का क्रम टूट गया। उस दौर में भारतीय राजानों ने पहली बार तोप देखी थी। विरोधी नए हथियार लेकर आए और दुर्भाग्य से हमारी वीरांगना ने बलिदान दिया। *आर्थिक समृद्धि की दिशा में बड़ी छलांग* सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है। हमारे रक्षा मंत्री सिंह का संकल्प वज्र के समान कठोर है। रक्षा मंत्री सिंह के मार्गदर्शन से पिछली बार मध्यप्रदेश को भोपाल के पास बीईएमएल कारखाने की सौगात मिली। प्रदेश में वंदेभारत सहित कई ट्रेनों के कोच तैयार किए जाएंगे। राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार औद्योगीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। शिक्षा, रोजगार, निवेश सहित हर क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश का विदेशी निर्यात 76 हजार करोड़ से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश की गंगा बह रही है, जो हमारे लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलेगी। कल ही मालनपुर में लगभग 400 करोड़ रुपए लागत के गोदरेज समूह के कारखाने का लोकार्पण किया गया है। यह प्रदेश की आर्थिक समृद्धि की दिशा में बड़ी छलांग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उन बड़े राज्यों में से एक है, जिसने समान नागरिक संहिता कानून लागू करने के लिए विधानसभा में विधेयक पास किया है। यूसीसी से हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मों के लोगों को समान अवसर और अधिकार मिलेंगे। *सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा एमपी* केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम है। डायनैमिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय को पूरा सहयोग मिल रहा है। भोपाल में हुई जीआईआएस 2025 के अवसर पर पारदर्शी एवं सुगम नीतियों को प्रदेश में लागू किया गया। यह उद्योग अनुकूल नीतियां राज्य को औद्योगिक केंद्र के रूप में आकर्षित कर रही हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में डिफेंस सेक्टर की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट और इसमें 16 हजार करोड़ से अधिक का निवेश राज्य की सोच को दर्शाता है। यह प्रयास मध्यप्रदेश को भविष्य में स्पेस, एयरो एंड डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की मजबूत नींव रख रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उनकी टीम को बधाई देता हूं। *अपडेट रहना जरूरी* केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि जबलपुर में 'टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जंग में इन्हीं टैंक के सहारे हमारे जवान दुश्मन को नष्ट कर देते हैं। यह परियोजना स्थानीय लोगों को रोजगार और छोटे उद्यमियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराएगी। वैश्विक स्तर पर युद्ध की नई तकनीक विकसित हो चुकी है। ऐसे में सेना को निरंतर अपग्रेड रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि आधुनिक जंग के तरीकों में ड्रोन, मिसाइल और साइबर तकनीक शामिल हैं। लेकिन, लड़ाई में आज भी टैंक की प्रासंगिकता खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक वॉरफेयर में सभी चीजों की आवश्यकता है। टैंक ग्राउंड ऑपरेशन में जवानों को आगे बढ़ने में मदद करते हैं। इसीलिए हम अपने टैंकों को अपडेट कर रहे हैं। टैंक की भूमिका तकनीक के विकास के साथ बदल रही है। उन्होंने कहा कि जबलपुर नई टेक्नोलॉजी के साथ डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग में हब बनेगा। यहां के स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। हमारे युवाओं में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। वे विदेशों में जाकर भी झंडे गाड़ रहे हैं। युवाओं को सही तकनीक, अवसर और ईको सिस्टम उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। *आज आत्मनिर्भर होना जरूरी* केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि हमारे नौजवान राष्ट्र निर्माण की अहम कड़ी बनेंगे। दुनिया में भारत को देखने का तरीका बदला है। पिछले 12 सालों में रक्षा क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन केवल 46 हजार करोड़ का था, जो आज 1 लाख 80 हजार करोड़ तक पहुंच गया है। 2014 में भारत का रक्षा निर्यात करीब 1000 करोड़ था, जो अब 39 हजार करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि हमने वर्ष 2030 तक निर्यात को 50 हजार करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हमारे टैंक ग्राउंड बैटल में दुश्मनों के लिए काल और आयरन वॉल बनकर खड़े हैं। पिछले वर्षों में भारतीय सेना को 4004 टैंक मिले हैं। उन्होंने कहा कि अब देश की कुल टैंक ओव्हरहॉल क्षमता प्रतिवर्ष 230 हो जाएगी। हमें दुनिया की नई चुनौतियों से सावधान रहना होगा। रक्षा क्षेत्र में हमें अब दूसरों पर निर्भर नहीं रहना है। हम अपने जवानों के लिए हथियार बनाएंगे और उन्हें अपग्रेड करेंगे। आने वाले समय में भारत डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग में दुनिया का हब बनेगा।
- कोलार की धड़कन न्यूज कांग्रेस कार्यकर्ताओं का महंगाई के खिलाफ सामूहिक विरोध प्रदर्शन कोलार ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा *कांग्रेस कार्यकर्ताओं का महंगाई के खिलाफ कोलार मे मंदाकिनी चौराहे पर कोलार ब्लॉक कांग्रेस का अनूठा प्रदर्शन* *मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल शहर के कोलार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा कोलार मे मंदाकिनी चौराहे पर बढ़ती महंगाई के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल शहर अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना और कोलार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राहुल सिंह राठौर के नेतृत्व में जोरदार एवं अनूठा प्रदर्शन किया गया. महंगाई के विरोध के कोलार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के इस प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने चूल्हा जलाया,कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने गैस सिलेंडर को माला पहनाई और बाइक पर चादर ओढ़ाकर फूल डाले एवं आमजनता को राखी और चीनी बाँटकर सखी सैंया तो बहुत ही कमाल है महंगाई डायन खाए जात का गायन किया.. कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने शक़्कर बांटकर आमजनता को बताया कि चीनी के दाम ₹70 प्रति किलो से अधिक हो गए हैं, पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों ने रक्षाबंधन पर आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है.प्रदर्शन मे दौरान मुख्य रूप से जिला कांग्रेस भोपाल शहर अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, कोलार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राहुल सिंह राठौड़,जिला कांग्रेस संगठन महामंत्री श्री अभिषेक शर्मा जी,वरिष्ठ नेता श्री सुखलाल ठाकुर जी,प्रदेश कांग्रेस सचिव राजकुमार सिंह,नयापुरा उप ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्री अमित मीणा जी, महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव सुश्री महक राणा जी, जिला कांग्रेस महामंत्री योगेश सराठे,नितिन राजोरिया, गायत्री प्रसाद शर्मा, रत्ना ताई, चम्पालाल मीना,बबलू खान,मुबीना बीउषा कटारिया,गुड्डू मनोहर,सुजीत पांडा, प्रवीण वर्मा, सोनू जैन, रमेश कटारिया,सुनील पाटिल, दीपक चार्वे, अनिल दुबे, विजय वर्मा, रिंकू यादव, राजवीर सिंह राजपूत सहित मंडलम अध्यक्षगण, कांग्रेस पदाधिकारी,बड़ी संख्या मे महिलाए एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।* *कोलार ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल सिंह राठौड़ ने कहा कि आम जनता की आवाज को मजबूती से उठाना कांग्रेस की जिम्मेदारी है, आज आज राखी के त्योहार पर भी आम जनता बुरी तरह महंगाई से परेशान है और घर-घर में यह नारा गूंज रहा है कि सखी सैंया तो बहुत ही कमाते हैं महंगाई डायन खाए जात है इसलिए महंगाई के खिलाफ यह संघर्ष जनहित में निरंतर जारी रहेगा* न्यूज कोलार की धड़कन4
- 🚨 ब्रेकिंग | बाड़ी, रायसेन सरकारी अनुबंध की प्राइवेट बोलेरो, रात में ड्राइवर के हाथों दौड़ी—उठे सवाल! जल संसाधन विभाग बाड़ी में अनुबंधित बोलेरो MP 04 TB 2393 को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। वाहन निजी स्वामित्व का बताया जा रहा है, लेकिन उस पर “मध्य प्रदेश शासन” लिखा है। 27 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे वाहन बाड़ी बस स्टैंड के आसपास ड्राइवर द्वारा चलाते हुए देखा गया। उस समय एसडीओ वाहन में मौजूद नहीं थीं। अब सवाल— ➡️ वाहन किस शासकीय काम से निकला था? ➡️ क्या लॉगबुक में इस यात्रा की एंट्री है? ➡️ किस अधिकारी के निर्देश पर वाहन चलाया गया? ➡️ वाहन पर “मध्य प्रदेश शासन” लिखने की अनुमति किस आधार पर है? ➡️ अगर वाहन विभाग से हट चुका है, तो सरकारी पहचान क्यों नहीं हटाई गई? ➡️ अनुबंध और वाहन के भुगतान का रिकॉर्ड क्या कहता है? ड्राइवर के कथित जवाब “वो तो हट गई है, ये भी निकालना है” ने भी सवाल बढ़ा दिए हैं। मामले में जल संसाधन विभाग के ईई ने कार्यालय से जानकारी लेकर जवाब देने की बात कही है। अब नजर अनुबंध, लॉगबुक, ड्यूटी रिकॉर्ड और भुगतान विवरण पर है। 🔥 सबसे बड़ा सवाल—अगर गाड़ी विभाग से हट गई है तो ‘मध्य प्रदेश शासन’ क्यों नहीं हटा?3
- भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट ने प्रदेश में 10 हजार 630 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों को हरी झंडी दी है। इसमें सिवनी-बालाघाट फोरलेन बायपास सहित कई सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। प्रदेश की 12 सड़कों का निर्माण हाइब्रिड मॉडल पर किया जा रहा है। साथ ही नाबार्ड के माध्यम से 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग, खलघाट-मनावर मार्ग, मंदसौर-सीतामऊ-बसई-सुवासरा मार्ग और पूर्वी भोपाल बायपास को 6 लेन करने सहित अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी निर्णय लिए गए। किसानों से जमीन अधिग्रहण के लिए आपसी सहमति के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए तय किया गया कि सहमत किसान को अधिग्रहित जमीन की चार गुना राशि तत्काल दी जाएगी। उज्जैन में धनवंतरी विश्वविद्यालय के लिए पदों की स्वीकृति, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है। बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। 20 अगस्त से फार्मर आईडी बनाने का काम शुरू हो चुका है और अब अधिकारी किसानों के पास जाकर फार्मर आईडी बनाएंगे। खाद वितरण व्यवस्था को आसान बनाने के लिए व्हाट्सऐप के जरिए खाद की बुकिंग की सुविधा भी शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में असामान्य बारिश की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिक बारिश वाले जिलों में राहत-बचाव कार्य और कम बारिश वाले जिलों के लिए पहले से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। वहीं, रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपये अतिरिक्त भेजे जाने की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले मध्यप्रदेश के 32 खिलाड़ियों को बधाई दी। विदिशा के विभोर जैन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात को भी प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया गया।1
- सा रे गा मा म्यूजिकल ग्रुप द्वारा संगीत संध्या का आयोजन भोपाल के सावन मेले में किया गया पूरी खबर अवश्य देखे1
- भोपाल में शिक्षक भर्ती में पद-वृद्धि जैसी अन्य मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों से आज वीडियो कॉल पर बात की! उनकी पूरी बात/मुद्दे को ध्यान से सुना! उनकी पीड़ा, चिंता और भविष्य को लेकर उनकी बेचैनी और अनिश्चितता को भी समझा! मैं सभी मांग का पूरी तरह समर्थन करता हूं! इस पूरे संघर्ष में उनके साथ खड़ा हूं! @DrMohanYadav51 जी, युवाओं की आवाज़ को दबाने या नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें सुनिए! तमाम मांगों पर संवेदनशीलता और सकारात्मकता के साथ तत्काल निर्णय लीजिए! प्रदेश के युवाओं ने परीक्षा दी, योग्यता हासिल की, अब अपने हिस्से का रोजगार मांग रहे हैं! सरकार उनकी उम्मीदों का सम्मान करे, उन्हें सड़क पर संघर्ष करने के लिए मजबूर न करे!1
- 28 अगस्त सुबह होगा साल का आखिर आंशिक चंद्र ग्रहण,लेकिन भारत में रहेगा अदृश्य, विज्ञान प्रसारक सारिका ने कहा-सुबह तांबे जैसा लाल नजर आएगा चांद शुक्रवार को रक्षाबंधन की पूर्णिमा पर अंतरिक्ष में एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण या डीप पार्शियल लुनर इकलिप्स होने जा रहा है। जिसमें चंद्रमा का 96.3% हिस्सा पृथ्वी की घनी छाया में छिप जाएगा और वह तांबे जैसा लाल दिखाई देगा। नेशनल अवार्ड प्राप्त ख्गोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि भारतीय समय के अनुसार यह घटना सुबह के समय घटित होगी, जब भारत में चंद्रमा क्षितिज से नीचे रहेगा। यही कारण है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा। यह ग्रहण उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, पश्चिमी यूरोप,पश्चिम अफ्रीका और अटलांटिक के कुछ भागों में देखा जा सकेगा। सारिका ने बताया कि जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी इस स्थिति में आती है कि पृथ्वी की गहरी छाया चंद्रमा को पूरी तरह नहीं ढक पाती है बल्कि आंशिक भाग को ढ़कती है तो चंद्रमा का गहरी छाया से ढका भाग ग्रहणग्रस्त दिखाई देता है ।इसे आंशिक चंद्र ग्रहण या पार्शियल लुनर इकल्प्सि कहते हैं। सारिका ने बताया कि एक गणितीय अनुमान के अनुसार विश्व की लगभग 41 प्रतिशत जनसंख्या इसे देख सकेगी। 12 अगस्त को हुये सूर्य ग्रहण के 15 दिन के अंतराल से यह घटना होने पर सोशल मीडिया में यह बताया जा रहा है कि 15 दिन के अंतर से ग्रहण होना अनिष्ट करता है जबकि वैज्ञानिक तथ्य यह है कि कोई भी ग्रहण अकेला नहीं होता है। हर ग्रहण जोड़ी के रूप मे 15 दिन के अंतर पर होता है। आज तक जितने भी ग्रहण हुये है उनके 15 दिन के अंतर पर दूसरा ग्रहण होता ही है। इसलिये आज का ग्रहण कोई अनोखी घटना नहीं है। आंशिक ग्रहण आरंभ प्रात: 08 बजकर 03 मिनिट 54 सेकंड आंशिक ग्रहण समाप्ति दोपहर 11 बजकर 21 मिनिट 59 सेकंड आंशिक ग्रहण की अवधि लगभग 03 घंटे 18 मिनिट आगामी ग्रहण 06 फरवरी 2027 वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत मे नहीं दिखेगा 20-21 फरवरी 2027 उपछाया चंद्रग्रहण् भारत में दिखेगा लेकिन उपछाया ग्रहण की मान्यता नहीं है 02 अगस्त 2027 पूर्णसूर्यग्रहण भारत में आंशिक सूर्यग्रहण के रूप में दिखेगा 16-17 अगस्त 2027 उपछाया चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखेगा3
- आपदा मानव ही नहीं जंगल जानवरों पर भी कहर बरपाती है न्यूज कोलार की धड़कन नेपाल में त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ में बहकर हाथी उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले में आ पहुँचे आपदा मानव ही नहीं जंगल जानवरों पर भी कहर बरपाती है नेपाल में त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ में बहकर हाथी उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले में आ पहुँचे जो नदी तट पर सुरक्षित आ गए है साथ में हाथी के बच्चा भी है1
- भोपाल में पकड़ाया बच्चा चोर लगी पिटाई, मस्जिद रोड के शाहीन अपार्टमेंट के पास हंगामा भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र स्थित मस्जिद रोड, शाहीन अपार्टमेंट के पास रहवासियों ने बच्चा चोरी के शक में एक युवक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने युवक को तलैया थाना पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। #BhopalNews #TalaiyaPolice #CrimeUpdate #BhopalCrime #ViralVideo MobViolence MPNews #getnoticed #growth #reachmore #fyp #explorepage1