शिवहर के फतेहपुर गढ़ में रविवार को तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जब खिचड़ी प्लांट के सामने दो मोटरसाइकिलों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइकें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। स्थानीय निवासी राजू सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों बाइकें अनियंत्रित होकर एक-दूसरे से जा टकराईं। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि इस मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती है। टक्कर के बाद, वहां मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों की मदद के लिए दौड़कर डायल 112 सेवा को सूचित किया। पुलिस और ग्रामीणों की तत्परता के चलते, घायलों को तत्काल सुरक्षित स्थान से निकालकर इलाज के लिए शिवहर सदर अस्पताल भेजा गया। फिलहाल, सदर अस्पताल में दोनों युवकों का उपचार चल रहा है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। ग्रामीणों की समय पर की गई मदद और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं, जिससे घायलों को समय रहते चिकित्सीय सहायता प्राप्त हो सकी।
शिवहर के फतेहपुर गढ़ में रविवार को तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जब खिचड़ी प्लांट के सामने दो मोटरसाइकिलों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइकें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। स्थानीय निवासी राजू सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों बाइकें अनियंत्रित होकर एक-दूसरे से जा टकराईं। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि इस मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती है। टक्कर के बाद, वहां मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों की मदद के लिए दौड़कर डायल 112 सेवा को सूचित किया। पुलिस और ग्रामीणों की तत्परता के चलते, घायलों को तत्काल सुरक्षित स्थान से निकालकर इलाज के लिए शिवहर सदर अस्पताल भेजा गया। फिलहाल, सदर अस्पताल में दोनों युवकों का उपचार चल रहा है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। ग्रामीणों की समय पर की गई मदद और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं, जिससे घायलों को समय रहते चिकित्सीय सहायता प्राप्त हो सकी।
- मुजफ्फरपुर जिले के अमनौर पंचायत में पत्रकार आकाश प्रियदर्शन की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद भारी बवाल देखा जा रहा है। इस पूरी घटना को विकास के नाम पर हो रही राजनीति और सच्चाई उजागर करने वाले पत्रकारों पर आरोप लगाने के खेल का हिस्सा बताया जा रहा है। पत्रकार आकाश प्रियदर्शन की इस ग्राउंड रिपोर्ट के कारण पंचायत में गहरा हंगामा मच गया है।1
- बाहुबली आनंद मोहन ने एक बार फिर जोरदार हमला बोलते हुए JDU पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि JDU ने कुल 22 टिकट बेचे और इसके साथ ही मंत्री भी बनाए।1
- सिरहा नारायणी नदी तट किनारे स्थित आदि शक्ति मंदिर परिसर में शिक्षक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा और सुमन देवी द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय भागवत कथा कार्यक्रम का पाँचवाँ दिन संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए पूतना वध की कथा श्रवण कराई। संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल्यावस्था में ही राक्षसी पूतना का वध किया था। पूतना को कंस ने भेजा था, क्योंकि कंस को यह भविष्यवाणी मिली थी कि देवकी का आठवाँ पुत्र उसका वध करेगा। इस भय से कंस ने अपने आस-पास के सभी नवजात शिशुओं को मारने का आदेश दिया था और इसी उद्देश्य से पूतना को गोकुल भेजा गया था। पूतना एक सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल पहुँची और यशोदा से श्रीकृष्ण को गोद में लेने की इच्छा जताई। उसने अपने स्तनों पर विष लगाया हुआ था, किंतु जब उसने श्रीकृष्ण को स्तनपान कराया, तो भगवान ने उसके स्तनों से विष और उसके प्राण दोनों खींच लिए। पूतना अपने असली राक्षसी रूप में लौटते हुए प्राण त्याग दिए। कथाओं के अनुसार, पूतना अपने पूर्व जन्म में राजा बली की पुत्री रत्नमाला थी। जब वामन भगवान राजा बली से भिक्षा मांगने आए थे, तब रत्नमाला ने वामन रूप में भगवान को देखकर उनसे पुत्र के रूप में स्नेह करने की इच्छा की थी। परंतु, बाद में जब वामन भगवान ने अपने विराट रूप में बली से तीन पग भूमि मांगी और सब कुछ ले लिया, तो रत्नमाला ने क्रोधवश उन्हें मारने की इच्छा जताई। भगवान ने उसके दोनों भावों को स्वीकार किया, जिसके कारण अगले जन्म में उसे पूतना के रूप में जन्म मिला और भगवान श्रीकृष्ण को स्तनपान कराने का अवसर प्राप्त हुआ। श्रीकृष्ण द्वारा वध होने पर उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई। पूतना के वध के बाद, गोकुलवासी उसके विशाल राक्षसी रूप को देखकर भय और आश्चर्य से भर गए। उन्होंने पूतना के शरीर को जलाने का निर्णय लिया, और इस दौरान एक अद्भुत घटना घटी—उसके शरीर से एक दिव्य सुगंध फैलने लगी। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के स्पर्श से पूतना को मोक्ष प्राप्त हुआ था और उसका शरीर पवित्र हो गया था। इसलिए, जब उसका अंतिम संस्कार किया गया, तो वह सुगंधित धुआँ में परिवर्तित हो गया, जो देवताओं की कृपा का प्रतीक था। गोकुलवासियों ने इस घटना को भगवान श्रीकृष्ण की लीला और उनकी दिव्यता का प्रमाण माना और भगवान की जय-जयकार की। उन्होंने श्रीकृष्ण को भगवान के रूप में मानना शुरू कर दिया और उनके प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति और अधिक बढ़ गई। पूतना, जो भगवान श्रीकृष्ण के हाथों मारी गई थी, अंत में गोलोक धाम को प्राप्त हुई। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान किसी भी व्यक्ति की भावना को महत्व देते हैं, चाहे वह कैसी भी हो। पूतना ने भगवान श्रीकृष्ण को माँ के रूप में स्तनपान कराने का प्रयास किया था, भले ही उसका उद्देश्य बुरा था, किंतु श्रीकृष्ण ने उसकी इस सेवा को माँ के समान माना। इस प्रकार, श्रीकृष्ण ने पूतना को मातृत्व का दर्जा दिया और उसे मोक्ष प्रदान किया, जिससे वह अपनी मृत्यु के बाद गोलोक धाम चली गई, जहाँ उसे भगवान श्रीकृष्ण के साथ रहने का सौभाग्य मिला। यह भगवान की करुणा और अनुग्रह का प्रतीक है कि उन्होंने अपने शत्रु को भी मोक्ष प्रदान कर दिया। आज के भागवत कथा कार्यक्रम में अमरेंद्र कुमार कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती सुमन देवी, श्री जगलाल प्रसाद कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती देवी, बहु सह शिक्षिका श्रीमती शर्मिला सिन्हा, श्रीमती मीना देवी, श्रीमती चंदा देवी, उपेंद्र प्रसाद कुशवाहा, श्री गोवर्धन प्रसाद कुशवाहा अपनी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ, एवं श्री यादों लाल सहनी अपनी पत्नी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ उपस्थित रहे। दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव भी अपनी अर्धांगिनी श्रीमती प्रियंका भार्गव और छोटे पुत्र राजकुमार हार्षित कुमार भार्गव के साथ, साथ ही इटवा के श्री गजाधर पासवान सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।1
- एक घोषणा में दावा किया गया है कि मोदी जी से जुड़ी ‘इंडियन फाइल’ खुलकर सामने आई है। यह पोस्ट उन मतदाताओं को विशेष रूप से संबोधित करती है जिन्होंने लोकसभा चुनावों में मोदी जी को वोट दिया था, और उनसे इस खुलासे पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है।1
- मुजफ्फरपुर जिले के अमनौर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ग्राहकों को अपने बैंक संबंधी कार्यों को कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग विभिन्न कामों के लिए बैंक पहुँचे, उन्हें सिर्फ़ परेशानियाँ ही मिल रही हैं और उनका काम नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति को एक जनहित मुद्दे के तौर पर देखा जा रहा है, जिसकी जानकारी आकाश प्रियदर्शी से संबंधित है और यह विषय अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है।1
- एक वीडियो के वायरल होने की आशंका जताई जा रही है, जिसमें एक बलात्कारी 'मोदी' को अपना भाई बता रहा है। इस व्यक्ति पर कई बलात्कार और हत्याओं को अंजाम देने का गंभीर आरोप है। वीडियो के वायरल होने पर इस बात पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है कि बलात्कारी द्वारा 'मोदी' को अपना भाई बताए जाने और इतने जघन्य अपराधों में उसकी संलिप्तता के बावजूद 'मोदी' को 'जय' कैसे मिल सकती है।1
- सीतामढ़ी जिले के बेलसंड थाना क्षेत्र में माननीय न्यायालय द्वारा निर्गत कुर्की अधिपत्र की कार्रवाई विधिवत् रूप से की गई। यह कार्रवाई दहेज प्रताड़ना से संबंधित एक मामले में अभियुक्त संतोष दास के विरुद्ध की गई है, जो बेलसंड थानांतर्गत भंडारी के वार्ड नंबर-02 का निवासी है।2
- तुर्की टर्मिनल और पताही हवाई अड्डे से संबंधित विषयों पर जनता ने अपनी बात रखी है। राकेश कुमार उर्फ गोनू जी ने इन मामलों पर जनता द्वारा व्यक्त किए गए विचारों को सामने रखा है।1
- दानापुर रेलवे स्टेशन की गंभीरता का आकलन इस बात पर निर्भर करता है कि किस संदर्भ में पूछा जा रहा है। रेल संचालन की दृष्टि से यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण जंक्शन है। पटना क्षेत्र का यह बड़ा रेलवे केंद्र दिल्ली-हावड़ा मुख्य मार्ग पर स्थित है, जहाँ से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियाँ गुजरती हैं। हाल की घटनाओं में, मई 2026 में स्टेशन के पास सिग्नल केबल काटे जाने के कारण कई ट्रेनें प्रभावित हुई थीं, जिसे एक परिचालन बाधा माना गया था, न कि बड़े पैमाने की आपदा। अन्य बड़े रेलवे स्टेशनों की तरह, दानापुर स्टेशन पर भी समय-समय पर दुर्घटनाएँ या सुरक्षा संबंधी घटनाएँ सामने आती रही हैं। किसी ताज़ा हादसे, दुर्घटना, आग, भीड़, ट्रेन रद्द होने या सुरक्षा स्थिति के बारे में सटीक और नवीनतम जानकारी प्राप्त करने के लिए, उस विशिष्ट घटना का विवरण देना आवश्यक होगा।1