इटावा के महेवा ब्लॉक क्षेत्र की लखना नगर पंचायत में स्थित किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड और ग्रामीण क्षेत्रीय सहकारी संघ की जर्जर इमारत आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। लगभग 15 वर्षों से वीरान पड़ी यह संस्था कभी भरथना तहसील की सबसे सक्रिय सहकारी संस्था हुआ करती थी, लेकिन आज यह केवल धूल और खंडहर का ढांचा बनकर रह गई है। कभी यहाँ 36 गांवों के किसान अपनी फसलों की सरकारी खरीद और खाद-बीज के लिए जुटते थे, लेकिन वर्ष 2011 के आसपास इसके बंद होने के बाद से किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं। लखना कस्बे में सेंट्रल बैंक के पास लगभग एक एकड़ क्षेत्र में फैली इस समिति की स्थापना वर्ष 1979 (पंजीकरण संख्या 886) में हुई थी, जिसका उद्घाटन तत्कालीन प्रांतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमारी बाजपेयी ने किया था। वहीं, वर्ष 1971 में स्थापित ग्रामीण क्षेत्रीय सहकारी संघ के विशाल गोदाम का उद्घाटन तत्कालीन गृह मंत्री गोपीनाथ दीक्षित और दूसरे गोदाम का उद्घाटन तत्कालीन जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने किया था। संघ के बरामदे में आज भी वर्षों पुरानी रेट सूची लिखी है, जिसमें डीएपी ₹910, एनपीके ₹823.70 और यूरिया ₹297 अंकित है, जो किसानों को इसके पुराने स्वर्णिम दिनों की याद दिलाती है। समिति के बंद होने के कारण किसानों को खाद और बीज के लिए दूर-दराज की समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और मजबूरी में निजी दुकानों से अधिक कीमतों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। सरकारी खरीद केंद्र बंद होने से किसानों को अपनी फसलें भी व्यापारियों को कम दाम पर बेचनी पड़ती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। समिति में लगभग 40 वर्षों तक सेवा देने वाले पूर्व अकाउंटेंट शिवकांत तिवारी ने अधिकारियों की लापरवाही और कथित अनियमितताओं को इसके बंद होने का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने चेतावनी दी कि समिति की करोड़ों रुपये की ज़मीन पर अवैध कब्ज़े की कोशिशें की जा रही हैं। वहीं, किसान सुधीर सिंह राजावत ने आरोप लगाया कि बंद होने के समय गोदाम में रखा करीब दो ट्रक खाद और बीज गायब हो गया था। किसान सन्नोज पाल, भूरे पहलवान और किशोर कुमार तिवारी ने सरकार से इसे जल्द पुनः संचालित करने की मांग की है। मुकुटपुर सहकारी समिति के सचिव शिवपाल सिंह ने बताया कि महेवा ब्लॉक में संचालित 13 समितियों में लखना सबसे बड़ी थी और इसके बंद होने से अन्य सहकारी समितियों पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। लखना किसान सेवा सहकारी समिति के सचिव पवन ने बताया कि भवन जर्जर होने के कारण इसे बंद किया गया था, और शासन से मरम्मत के लिए धनराशि मिलने के बाद एक-दो वर्षों में इसे पुनः संचालित किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, लखना ग्रामीण क्षेत्रीय सहकारी संघ के सचिव राजीव गोयल से इस संबंध में दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
इटावा के महेवा ब्लॉक क्षेत्र की लखना नगर पंचायत में स्थित किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड और ग्रामीण क्षेत्रीय सहकारी संघ की जर्जर इमारत आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। लगभग 15 वर्षों से वीरान पड़ी यह संस्था कभी भरथना तहसील की सबसे सक्रिय सहकारी संस्था हुआ करती थी, लेकिन आज यह केवल धूल और खंडहर का ढांचा बनकर रह गई है। कभी यहाँ 36 गांवों के किसान अपनी फसलों की सरकारी खरीद और खाद-बीज के लिए जुटते थे, लेकिन वर्ष 2011 के आसपास इसके बंद होने के बाद से किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं। लखना कस्बे में सेंट्रल बैंक के पास लगभग एक एकड़ क्षेत्र में फैली इस समिति की स्थापना वर्ष 1979 (पंजीकरण
संख्या 886) में हुई थी, जिसका उद्घाटन तत्कालीन प्रांतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमारी बाजपेयी ने किया था। वहीं, वर्ष 1971 में स्थापित ग्रामीण क्षेत्रीय सहकारी संघ के विशाल गोदाम का उद्घाटन तत्कालीन गृह मंत्री गोपीनाथ दीक्षित और दूसरे गोदाम का उद्घाटन तत्कालीन जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने किया था। संघ के बरामदे में आज भी वर्षों पुरानी रेट सूची लिखी है, जिसमें डीएपी ₹910, एनपीके ₹823.70 और यूरिया ₹297 अंकित है, जो किसानों को इसके पुराने स्वर्णिम दिनों की याद दिलाती है। समिति के बंद होने के कारण किसानों को खाद और बीज के लिए दूर-दराज की समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और मजबूरी में निजी दुकानों से अधिक कीमतों
पर खाद खरीदनी पड़ रही है। सरकारी खरीद केंद्र बंद होने से किसानों को अपनी फसलें भी व्यापारियों को कम दाम पर बेचनी पड़ती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। समिति में लगभग 40 वर्षों तक सेवा देने वाले पूर्व अकाउंटेंट शिवकांत तिवारी ने अधिकारियों की लापरवाही और कथित अनियमितताओं को इसके बंद होने का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने चेतावनी दी कि समिति की करोड़ों रुपये की ज़मीन पर अवैध कब्ज़े की कोशिशें की जा रही हैं। वहीं, किसान सुधीर सिंह राजावत ने आरोप लगाया कि बंद होने के समय गोदाम में रखा करीब दो ट्रक खाद और बीज गायब हो गया था। किसान सन्नोज पाल, भूरे पहलवान और किशोर कुमार तिवारी ने सरकार
से इसे जल्द पुनः संचालित करने की मांग की है। मुकुटपुर सहकारी समिति के सचिव शिवपाल सिंह ने बताया कि महेवा ब्लॉक में संचालित 13 समितियों में लखना सबसे बड़ी थी और इसके बंद होने से अन्य सहकारी समितियों पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। लखना किसान सेवा सहकारी समिति के सचिव पवन ने बताया कि भवन जर्जर होने के कारण इसे बंद किया गया था, और शासन से मरम्मत के लिए धनराशि मिलने के बाद एक-दो वर्षों में इसे पुनः संचालित किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, लखना ग्रामीण क्षेत्रीय सहकारी संघ के सचिव राजीव गोयल से इस संबंध में दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
- उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक अपने ही परिवार की महिलाओं और लड़कियों के नहाते समय उनके अश्लील वीडियो बनाता था। आरोपी इन सभी अश्लील वीडियो को अपने गूगल ड्राइव में सेव करके सुरक्षित रखता था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब गूगल ने संदिग्ध व आपत्तिजनक सामग्री का पता चलने पर इसकी सूचना राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से भारतीय एजेंसियों को दी। इसके बाद पुलिस ने आईपी एड्रेस और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी के मोबाइल फोन को ट्रैक किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस 24-25 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके मोबाइल व गूगल ड्राइव से कथित तौर पर कई आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बरामद किए हैं।1
- Available for Sale Brand : Hyundai Verna (डीजल) Model : 2013 Year of Registration : 2013 Price (₹) : 320,000 City / Locality : बाबरपुर औरैया Vehicle Condition : Like new Fuel Type : Diesel Vehicle Type : Car राजा तिवारी कार शेल बाबरपुर औरैया1
- जसवंतनगर में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से प्रमुख स्थानों पर हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इस सुरक्षा पहल को लेकर सीओ आयुषी सिंह ने जानकारी दी कि इन कैमरों के माध्यम से अब क्षेत्र में 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि इससे न केवल अपराधियों की पहचान करने में आसानी होगी, बल्कि किसी भी प्रकार की घटनाओं की सटीक जांच करने में भी पुलिस को काफी मदद मिलेगी।1
- इटावा में लुहन्ना चौराहे से महज 500 मीटर की दूरी पर बसी पवन विहार कॉलोनी आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। करीब 1000 से अधिक की आबादी वाली इस कॉलोनी को नगर पालिका में शामिल हुए 20 साल बीत चुके हैं, लेकिन यहां के हालात जस के तस बने हुए हैं। कॉलोनी के लोग सरकारी सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर उनमें भारी आक्रोश है। कॉलोनी में गंदगी और अव्यवस्था का अंबार लगा हुआ है। यहां की मुख्य सड़क और गलियां कच्ची होने के कारण थोड़ी सी बारिश में ही कीचड़ और जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे निपटने के लिए लोगों को खुद पंप लगाकर पानी निकालना पड़ता है। इसके अलावा, बिजली के लिए सिर्फ सीमेंट के पोल खड़े किए गए हैं, लेकिन तार और केबल न होने की वजह से रात के समय पूरी कॉलोनी अंधेरे में डूबी रहती है। नालियां जाम पड़ी हैं और गंदा पानी खाली प्लॉटों व घरों में भर रहा है। सफाई व्यवस्था का हाल यह है कि यहां कूड़ा उठाने वाली गाड़ी तक नहीं आती और न ही कोई सरकारी डंपिंग या स्ट्रीट लाइट की सुविधा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक कई बार शिकायतें कीं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस नरकीय स्थिति से तंग आकर अमन दुबे, राहुल सिंह, प्रवेश मिश्रा, आकांक्षा मिश्रा, रागिनी दुबे, मंजू देवी, अनिकेत दुबे, मयंक राजपूत, अभिषेक, नीतेश दुबे और दीपक कुमार सहित अन्य कॉलोनीवासियों ने अखबार 'हिन्दुस्तान' के माध्यम से जिला प्रशासन और नगर पालिका से सड़कों, नालियों, बिजली और सफाई की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।4
- पेट पालने के लिए इंसान को कितना कड़ा संघर्ष करना पड़ता है, इसे एक वीडियो क्लिप के जरिए बेहद करीब से समझा जा सकता है। इसमें करीब 60 से 70 किलोग्राम वजन का एक व्यक्ति अपने से कहीं भारी, लगभग 100 किलोग्राम के व्यक्ति को अपनी पीठ पर लादकर दर्शन करवाने के लिए ऊपर पहाड़ी तक ले जाता है। पेट भरने की इस बेहद कठिन जद्दोजहद और भारी शारीरिक श्रम के बावजूद, उस व्यक्ति के चेहरे पर जो मुस्कान तैर रही है, वह सचमुच देखने लायक है।1
- इटावा में एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के कड़े निर्देशन और ऊसराहार थाना प्रभारी नरेंद्र मिश्रा की त्वरित कार्रवाई के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक मासूम से दरिंदगी करने वाले आरोपी को वारदात के महज ढाई घंटे के भीतर ही मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है।1