सरायकेला नगर क्षेत्र में पेयजल और बिजली संकट पर हो रही बयानबाजी के बीच नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इसे कुछ महीनों की नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही संरचनात्मक व तकनीकी कमियों का परिणाम बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे राजनीति नहीं, बल्कि समाधान की राजनीति में विश्वास रखते हैं, क्योंकि जनता को राहत सोशल मीडिया पोस्ट से नहीं, बल्कि समस्याओं की जड़ तक पहुँचकर समाधान खोजने से मिलेगी। अध्यक्ष चौधरी ने इस स्थिति को "विरासत में मिली समस्या" बताया, लेकिन साथ ही दृढ़ता से कहा कि इसका समाधान उनकी जिम्मेदारी है और वे इससे पीछे नहीं हटेंगे। श्री चौधरी ने पानी की समस्या पर विस्तार से बताया कि हाल ही में PHED, JUDCO और नगर पंचायत के अभियंताओं के साथ WTP, इंटेक वेल, सम्प व ESR का संयुक्त निरीक्षण किया गया था। इस जाँच में जल गुणवत्ता की अनियमित जाँच, उत्पादन व वितरण में भारी अंतर, जर्जर स्विच पैनल, सम्प की अपर्याप्त क्षमता, जलस्तर निगरानी प्रणाली का अभाव, ओवरफ्लो रोकने की व्यवस्था की कमी और साफ-सफाई की कमी जैसी गंभीर खामियाँ सामने आईं। इन सभी बिंदुओं को उपायुक्त के संज्ञान में लाते हुए एक स्वतंत्र तकनीकी जाँच, तकनीकी व वित्तीय ऑडिट, जवाबदेही तय करने और दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने का अनुरोध किया गया है। बिजली संकट पर, उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय होने के बावजूद सरायकेला का अपना स्वतंत्र ग्रिड नहीं है। दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली बिजली लाइनों में बार-बार तकनीकी बाधाएँ आती हैं, जिससे समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इस दिशा में राज्य सरकार और विभागीय स्तर पर लगातार पहल की जा रही है। अंत में, श्री चौधरी ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे भ्रम फैलाने के बजाय समाधान प्रक्रिया में सहयोग करें। उन्होंने स्वीकार किया कि स्थायी समाधान में समय लग सकता है, लेकिन नगर पंचायत पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
सरायकेला नगर क्षेत्र में पेयजल और बिजली संकट पर हो रही बयानबाजी के बीच नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इसे कुछ महीनों की नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही संरचनात्मक व तकनीकी कमियों का परिणाम बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे राजनीति नहीं, बल्कि समाधान की राजनीति में विश्वास रखते हैं, क्योंकि जनता को राहत सोशल मीडिया पोस्ट से नहीं, बल्कि समस्याओं की जड़ तक पहुँचकर समाधान खोजने से मिलेगी। अध्यक्ष चौधरी ने इस स्थिति को "विरासत में मिली समस्या" बताया, लेकिन साथ ही दृढ़ता से कहा कि इसका समाधान उनकी जिम्मेदारी है और वे इससे पीछे नहीं हटेंगे। श्री चौधरी ने पानी की समस्या पर विस्तार से बताया कि हाल ही में PHED, JUDCO और नगर पंचायत के अभियंताओं के साथ WTP, इंटेक वेल, सम्प व ESR का संयुक्त निरीक्षण किया गया था। इस जाँच में जल गुणवत्ता की अनियमित जाँच, उत्पादन व वितरण में भारी अंतर, जर्जर स्विच पैनल, सम्प की अपर्याप्त क्षमता, जलस्तर निगरानी प्रणाली का अभाव, ओवरफ्लो रोकने की व्यवस्था की कमी और साफ-सफाई की कमी जैसी गंभीर खामियाँ सामने आईं। इन सभी बिंदुओं को उपायुक्त के संज्ञान में लाते हुए एक स्वतंत्र तकनीकी जाँच, तकनीकी व वित्तीय ऑडिट, जवाबदेही तय करने और दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने का अनुरोध किया गया है। बिजली संकट पर, उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय होने के बावजूद सरायकेला का अपना स्वतंत्र ग्रिड नहीं है। दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली बिजली लाइनों में बार-बार तकनीकी बाधाएँ आती हैं, जिससे समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इस दिशा में राज्य सरकार और विभागीय स्तर पर लगातार पहल की जा रही है। अंत में, श्री चौधरी ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे भ्रम फैलाने के बजाय समाधान प्रक्रिया में सहयोग करें। उन्होंने स्वीकार किया कि स्थायी समाधान में समय लग सकता है, लेकिन नगर पंचायत पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
- सरायकेला जिले के आदित्यपुर फुटबॉल मैदान में दो दिवसीय 'उलि बगईचा परब - 2026 आम महोत्सव - सह - बागवानी मेला' का भव्य शुभारंभ किया गया। सांसद श्रीमती जोबा मांझी ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा और उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हासदा सहित अन्य विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित किया। यह आयोजन 20 से 21 जून तक चलेगा, जिसका मुख्य लक्ष्य बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से बागवानी आधारित आजीविका को बढ़ावा देना है, जिससे जिले के 6000 किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े आम उत्पादकों को सम्मानित किया गया, और मुख्य अतिथि श्रीमती जोबा मांझी का स्वागत पुष्प गुच्छ व जिले में उत्पादित आम भेंट कर किया गया।5
- पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुदड़ी प्रखंड अंतर्गत कमरगांव में शनिवार शाम एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब सेरेंगदा हाट से लौट रही एक सवारी गाड़ी को पीछे से आ रही एक जेसीबी मशीन ने टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, शाम करीब चार बजे हुई इस दुर्घटना के समय सवारी गाड़ी में नीचे और छत पर लगभग 25 लोग सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। कमरगांव के पास जेसीबी से हुई इस टक्कर में कुल सात लोग घायल हुए थे। घायलों को तत्काल इलाज के लिए सोनुवा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ 50 वर्षीय एतवा मोतिया की रास्ते में ही मौत हो गई। सोनुवा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर रूप से घायल 50 वर्षीय डेबो मछुवाईंन, 40 वर्षीय बासु नाग और 18 वर्षीय आर्यन मांझी को बेहतर इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर जिला परिषद सदस्य सुनीता लुगुन ने वाहन की व्यवस्था की, और सहिया बसंती मांझी सहित अन्य समाजसेवियों के सहयोग से तीनों घायलों को चाईबासा सदर अस्पताल पहुँचाया गया। सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने डेबो मछुवाईंन की हालत चिंताजनक बताई है, उनके शरीर की कई हड्डियां टूट गई हैं। अन्य घायलों का इलाज भी जारी है। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।1
- बिहार के पूर्णिया में एक होटल मालिक और उसके नाबालिग बेटे को गोमांस बेचने के आरोप में बेरहमी से पीटा गया, अपमानित किया गया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने पर मजबूर किया गया। आरोप लगाने वालों ने दावा किया था कि होटल में गोमांस बेचा जा रहा था। हालांकि, पुलिस द्वारा की गई जांच में मौके से कोई गोमांस या अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब किसी का नाम और धर्म ही भीड़ के लिए उसे अपराधी घोषित करने के लिए पर्याप्त है, या फिर कानून और सबूतों की भी कोई अहमियत बाकी बची है।1
- आगामी नीट परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से चाईबासा जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में शनिवार को जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने चाईबासा शहर के विभिन्न होटलों में सघन छापेमारी अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान टीम ने होटलों के रजिस्टर, आगंतुकों की जानकारी और सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जाँच की। प्रशासन ने सभी होटल संचालकों को यह निर्देश दिया कि वे किसी भी व्यक्ति को बिना पहचान पत्र के कमरा उपलब्ध न कराएँ, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।1
- चौका थाना पुलिस ने 19 जून 2026 को एक +2 हाई स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कानूनी प्रावधानों, सुरक्षा उपायों की जानकारी देना और उन्हें सामाजिक बुराइयों व अपराधों के प्रति सचेत करना था। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस टीम ने बच्चों को पॉक्सो (POCSO) एक्ट, महिला अपराध से जुड़े कानूनी प्रावधानों, महिलाओं के अधिकारों और बाल विवाह निषेध कानून के बारे में विस्तार से जागरूक किया। इसके अतिरिक्त, नशा मुक्ति और डायन प्रथा रोकथाम अधिनियम पर भी गहन चर्चा की गई, जिसके तहत समाज से इन बुराइयों को जड़ से मिटाने का आह्वान किया गया। छात्र-छात्राओं को किसी भी आपात स्थिति या अपराध की सूचना देने के लिए डायल-112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर-1098 और साइबर फ्रॉड से बचाव हेतु हेल्पलाइन नंबर-1930 के उपयोग के बारे में भी बताया गया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बच्चा चोरी जैसी भ्रामक अफवाहों से दूर रहने तथा यातायात नियमों का पालन करते हुए सड़क सुरक्षा अपनाने की भी महत्वपूर्ण सीख दी।1
- विश्व योग दिवस के अवसर पर, 21 जून को चौका हाईस्कूल मैदान में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। श्री शनिदेव भक्त मंडली ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस शिविर के माध्यम से सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे मानव सेवा के लिए आगे आएं और रक्तदान कर मानवता तथा जनसेवा का संदेश प्रसारित करें। इस संबंध में बिष्णु पद से 9471102055 (व्हाट्सएप) पर संपर्क किया जा सकता है।1
- सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन ने आदित्यपुर फुटबॉल मैदान में दो दिवसीय 'उलि बगाइचा परब-2026' (आम महोत्सव) का शुभारंभ किया, जो 20 और 21 जून तक चलेगा। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित आम बागानों से उत्पादित आमों के विपणन को बढ़ावा देना, आम उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराना, जिले में उत्पादित आम की विभिन्न किस्मों का प्रचार-प्रसार करना तथा किसानों को खरीदारों एवं व्यावसायिक अवसरों से जोड़ना है। कार्यक्रम का शुभारंभ सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र की माननीया सांसद श्रीमती जोबा मांझी, जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा और उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और जिले में उत्पादित आम भेंट कर किया गया। उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा ने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों को बागवानी आधारित आजीविका से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना, अनुपयोगी भूमि का उत्पादक उपयोग सुनिश्चित करना और किसानों के लिए स्थायी आय स्रोत विकसित करना है। उन्होंने उल्लेख किया कि जिले में लगभग 6,000 किसान आम बागवानी से जुड़े हैं और इस वर्ष 4,000 क्विंटल से अधिक आम का उत्पादन हुआ है। जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा ने कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने में किसान समूहों, एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया और किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों तथा सामूहिक विपणन को अपनाने का आह्वान किया। माननीया सांसद श्रीमती जोबा मांझी ने अपने संबोधन में आम महोत्सव को किसानों के परिश्रम और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना से किसानों को बागवानी आधारित आजीविका के नए अवसर मिले हैं और जिले में आम उत्पादन को नई पहचान मिली है। सांसद ने किसानों को आम के साथ-साथ केला, अमरूद, लीची, अदरक और हल्दी जैसी अन्य बागवानी फसलों की खेती को बढ़ावा देने की सलाह दी, ताकि कृषि विविधीकरण के माध्यम से उनकी आय बढ़ सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों की आय वृद्धि और कृषि विकास के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ कर सकते हैं। महोत्सव के दौरान मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों ने विभिन्न प्रदर्शनी एवं बिक्री स्टॉलों का निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें आम की किस्मों, उत्पादन पद्धतियों और विपणन व्यवस्था संबंधी जानकारी मिली। इस आयोजन में आम्रपाली, हिमसागर और मालदा जैसी प्रमुख आम की किस्मों का प्रदर्शन किया गया, साथ ही आम आधारित प्रसंस्कृत उत्पादों की प्रदर्शनी, किसान-खरीदार संवाद और विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में, आम विपणन एवं बिक्री में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सरायकेला एफपीओ को सम्मानित किया गया, जबकि बागवानी और महोत्सव में उल्लेखनीय योगदान के लिए अन्य किसान समूहों, समितियों एवं एफपीओ को भी पुरस्कृत किया गया। इस दो दिवसीय महोत्सव में जिले के विभिन्न प्रखंडों के आम उत्पादक, किसान समूह, एफपीओ, स्वयं सहायता समूह, उद्यमी और आमजन भाग ले रहे हैं। महोत्सव के दूसरे दिन भी आम प्रदर्शनी, किसान-खरीदार संवाद और विपणन गतिविधियाँ जारी रहेंगी।3