जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में पार्टी के सात सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर आचार संहिता के उल्लंघन और पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करके पटना और बिहार के अन्य इलाकों में बिना किसी कारण या एफआईआर के कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है। पुलिस बिना वजह कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर उन्हें परेशान कर रही है और उनके खिलाफ गलत संदेश देने का प्रयास कर रही है। मनोज भारती ने पुलिस की कार्रवाई के उदाहरण देते हुए बताया कि पीरबहोर थाने की पुलिस ने जन सुराज की सभा से घर लौट रहे एक कार्यकर्ता को आधी रात को परेशान किया। 21 जुलाई को बिना किसी कारण के अफरोज अहमद और तौसिफ को थाने में बिठाकर रखा गया। इसी तरह बुद्ध कॉलोनी थाने की पुलिस ने मध्य रात्रि में प्रदेश सचिव रवि नारायण के घर जाकर उन्हें परेशान किया, जबकि सीवान में पार्टी नेता शाहनवाज आलम के घर रात को 7-8 गाड़ियों से पुलिस टीम पहुंची और पूछताछ के नाम पर उत्पीड़न किया। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से इन सभी कार्रवाइयों की जांच कराकर सरकार के खिलाफ निर्देश देने की मांग की है। जन सुराज ने यह भी शिकायत की है कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी और एनडीए के 202 विधायक, 45 विधानपार्षद, 33 मंत्री, 30 सांसद के अलावा पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक अपनी सुरक्षा टीमों के साथ जाकर मतदाताओं को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा प्रशासन के जरिए बांकीपुर के व्यापारियों को आईटी और जीएसटी की रेड करवाने की धमकी दी जा रही है। प्रतिनिधिमंडल में एमएलसी अफाक अहमद, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ, सिद्धनाथ राय और ललन यादव भी मौजूद थे।
जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में पार्टी के सात सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर आचार संहिता के उल्लंघन और पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करके पटना और बिहार के अन्य इलाकों में बिना किसी कारण या एफआईआर के कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है। पुलिस बिना वजह कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर उन्हें परेशान कर रही है और उनके खिलाफ गलत संदेश देने का प्रयास कर रही है। मनोज भारती ने पुलिस की कार्रवाई के उदाहरण देते हुए बताया कि पीरबहोर थाने की पुलिस ने जन सुराज की सभा से घर लौट रहे एक कार्यकर्ता को आधी रात को परेशान किया। 21 जुलाई को बिना किसी कारण के अफरोज अहमद और तौसिफ को थाने में बिठाकर रखा गया। इसी तरह बुद्ध कॉलोनी थाने की पुलिस ने मध्य रात्रि में प्रदेश सचिव रवि नारायण के घर जाकर उन्हें परेशान किया, जबकि सीवान में पार्टी नेता शाहनवाज आलम के घर रात को 7-8 गाड़ियों से पुलिस टीम पहुंची और पूछताछ के नाम पर उत्पीड़न किया। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से इन सभी कार्रवाइयों की जांच कराकर सरकार के खिलाफ निर्देश देने की मांग की है। जन सुराज ने यह भी शिकायत की है कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी और एनडीए के 202 विधायक, 45 विधानपार्षद, 33 मंत्री, 30 सांसद के अलावा पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक अपनी सुरक्षा टीमों के साथ जाकर मतदाताओं को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा प्रशासन के जरिए बांकीपुर के व्यापारियों को आईटी और जीएसटी की रेड करवाने की धमकी दी जा रही है। प्रतिनिधिमंडल में एमएलसी अफाक अहमद, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ, सिद्धनाथ राय और ललन यादव भी मौजूद थे।
- बिहार विधानसभा में विधायकों और विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण सदन में जमकर बवाल हुआ है। इस दौरान सरकार और विपक्ष पूरी तरह से आमने-सामने आ गए, जिससे सदन की कार्यवाही बुरी तरह बाधित हुई।1
- पटना में वाटर कैनन की बौछार होते ही छात्र उसमें रेन डांस पार्टी करने लगे। पानी की तेज बौछार पड़ते ही छात्र हटने के बजाय वहीं रुककर मस्ती में डांस करते नजर आए।1
- पटना के सदाकत आश्रम के निकट भाजपा कार्यकर्ताओं के जुलूस पर हुए हिंसक हमले की मुंगेर से भाजपा विधायक सह विधानसभा निवेदन समिति के सदस्य कुमार प्रणय ने घोर निंदा की है। उन्होंने बुधवार को प्रदर्शन का वीडियो टैग करते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में यह शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला गया था। यह प्रदर्शन विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था से कथित छेड़छाड़ और उसमें प्रवेश के प्रयास के विरोध में आयोजित किया गया था। कुमार प्रणय के अनुसार, यह विरोध-प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और शासन-प्रशासन की निगरानी में निर्धारित मार्ग पर संचालित हो रहा था। हालांकि, जैसे ही जुलूस कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के पास पहुंचा, कांग्रेस के लोगों द्वारा ईंट-पत्थर फेंके गए। इस पथराव में कई भाजपा कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए और कई कार्यकर्ताओं के सिर में चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। विधायक ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन हिंसा, पत्थरबाजी और कानून-व्यवस्था को चुनौती देना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने इस हिंसक हमले को कांग्रेस की अराजक मानसिकता की निशानी बताया है।1
- संसद भवन के बाहर बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की मूर्ति के पास चंद्रशेखर रावण धरने पर बैठ गए हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर निहत्थे भारतीयों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में 27 जुलाई 2026 (रविवार) को संपूर्ण 'भारत बंद' का आह्वान किया गया है। सत्ता पर दिल्ली की सड़कों पर निहत्थे लोगों का खून बहाने का गंभीर आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए 'देश की आवाज़' करार दिया गया है। इस आह्वान में सत्ता पर तीखा हमला बोलते हुए कहा गया है कि सत्ता में बैठे लोग अभी संसद से दूर भाग रहे हैं और उन्हें नीरव मोदी तथा विजय माल्या की तरह झोला उठाकर लंदन भागना पड़ेगा। अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए छात्र-छात्राओं, युवा क्रांतिकारियों, भीम सैनिकों, माताओं-बहनों, बुजुर्गों और दोस्तों से एकजुट होने की अपील की गई है। साथ ही यह संदेश दिया गया है कि देश का युवा अब खामोश नहीं रहेगा और वह सड़कों पर निकल पड़ा है।1
- पटना में छात्र प्रदर्शन के दौरान एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला, जहाँ रोता हुआ एक छात्र BSF जवानों को पानी पिलाता हुआ नजर आया। रोते-रोते जवानों को पानी पिलाने के इस भावुक पल का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पटना से सामने आई यह तस्वीर इंसानियत की एक अनोखी मिसाल पेश कर रही है।1