पांढुर्ना में तेंदुए का खौफ: गाय के बछड़े को बनाया शिकार, मुआवजे और सुरक्षा को लेकर भारतीय किसान संघ की बैठक के बाद कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन पांढुर्ना जिले के ग्राम हिवरा सेनाड़वार में डेम के किनारे जंगली जानवर तेंदुआ देखे जाने की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने एक किसान की गाय के बछड़े को गंभीर रूप से घायल कर दिया और इलाज के दौरान उस बछड़े की मौत हो गई. इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में भारी दहशत और भय का माहौल बना हुआ है. जंगली जानवरों के लगातार बढ़ते आतंक, भूली जलाशय परियोजना के मुआवजे और क्षेत्र की अन्य गंभीर समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ (म.प्र.) महाकौशल प्रांत जिला पांढुर्ना की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी बिंदुओं पर चर्चा के बाद कलेक्टर महोदय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया. भारतीय किसान संघ द्वारा आयोजित इस बैठक के बाद सौंपे गए ज्ञापन में भूली जलाशय परियोजना से जुड़ा एक प्रमुख और अहम मुद्दा उठाया गया है, जिसके तहत मांग की गई है कि डूब क्षेत्र में आने वाले सभी छोटे किसानों और गरीब परिवारों की भूमि, मकान एवं आजीविका का उचित मूल्यांकन किया जाए तथा उन्हें न्यायसंगत मुआवजा प्रदान किया जाए. किसानों ने यह भी मांग रखी है कि बिना किसी समुचित मुआवजे और उचित पुनर्वास व्यवस्था के किसी भी परिवार को उनके स्थान से विस्थापित न किया जाए. इसके साथ ही ज्ञापन में क्षेत्र की कई अन्य प्रमुख समस्याओं को भी विस्तार से शामिल किया गया है, जिनमें मुख्य रूप से जंगली तेंदुए, नीलगाय और जंगली सुअरों को तुरंत अपने नियंत्रण में लेने की मांग की गई है ताकि क्षेत्र के किसान और उनके मवेशी सुरक्षित रह सकें. ज्ञापन में देवराव चोपड़े, सुभाष पराडकर, सुरज टोपले, गेन्दलाल देशमुख, ज्ञानेश्वर पराडकर एवं अन्य कई किसानों की गायों को जंगली जानवरों द्वारा घायल किए जाने और उनकी मौत हो जाने का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है. किसानों की अन्य समस्याओं पर बात करते हुए ग्राम पिपलपानी में हो रही ब्लॉस्टिंग से किसानों को हो रही भारी परेशानी का मुद्दा उठाया गया है और इसे तुरंत बंद करने की मांग की गई है. इसके अलावा ग्राम हिवरा सेनाड़वार के डैम की दीवारों पर जमी घास को साफ करने, दुकानों और समितियों में मिलने वाले रासायनिक खाद के नमूनों को जांच के लिए लैब में भेजने ताकि यह पता चल सके कि खाद में पोषक तत्व हैं या नहीं, भूली जलाशय के डूब क्षेत्र वाले किसानों के राजस्व रिकार्ड में सुधार करने तथा पांढुर्ना जिले के तमाम किसानों के खेतों के नक्शों में आवश्यक सुधार करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी प्रशासन के समक्ष रखी गई हैं.
पांढुर्ना में तेंदुए का खौफ: गाय के बछड़े को बनाया शिकार, मुआवजे और सुरक्षा को लेकर भारतीय किसान संघ की बैठक के बाद कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन पांढुर्ना जिले के ग्राम हिवरा सेनाड़वार में डेम के किनारे जंगली जानवर तेंदुआ देखे जाने की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने एक किसान की गाय के बछड़े को गंभीर रूप से घायल कर दिया और इलाज के दौरान उस बछड़े की मौत हो गई. इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में भारी दहशत और भय का माहौल बना हुआ है. जंगली जानवरों के लगातार बढ़ते आतंक, भूली जलाशय परियोजना के मुआवजे और क्षेत्र की अन्य गंभीर समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ (म.प्र.) महाकौशल प्रांत जिला पांढुर्ना की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी बिंदुओं पर चर्चा के बाद कलेक्टर महोदय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया. भारतीय किसान संघ द्वारा आयोजित इस बैठक के बाद सौंपे गए ज्ञापन में भूली जलाशय परियोजना से जुड़ा एक प्रमुख और अहम मुद्दा उठाया गया है, जिसके तहत मांग की गई है कि डूब क्षेत्र में आने वाले सभी छोटे किसानों और गरीब परिवारों की भूमि, मकान एवं आजीविका का उचित मूल्यांकन किया जाए तथा उन्हें न्यायसंगत मुआवजा प्रदान किया जाए. किसानों ने यह भी मांग रखी है कि बिना किसी समुचित मुआवजे और उचित पुनर्वास व्यवस्था के किसी भी परिवार को उनके स्थान से विस्थापित न किया जाए. इसके साथ ही ज्ञापन में क्षेत्र की कई अन्य प्रमुख समस्याओं को भी विस्तार से शामिल किया गया है, जिनमें मुख्य रूप से जंगली तेंदुए, नीलगाय और जंगली सुअरों को तुरंत अपने नियंत्रण में लेने की मांग की गई है ताकि क्षेत्र के किसान और उनके मवेशी सुरक्षित रह सकें. ज्ञापन में देवराव चोपड़े, सुभाष पराडकर, सुरज टोपले, गेन्दलाल देशमुख, ज्ञानेश्वर पराडकर एवं अन्य कई किसानों की गायों को जंगली जानवरों द्वारा घायल किए जाने और उनकी मौत हो जाने का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है. किसानों की अन्य समस्याओं पर बात करते हुए ग्राम पिपलपानी में हो रही ब्लॉस्टिंग से किसानों को हो रही भारी परेशानी का मुद्दा उठाया गया है और इसे तुरंत बंद करने की मांग की गई है. इसके अलावा ग्राम हिवरा सेनाड़वार के डैम की दीवारों पर जमी घास को साफ करने, दुकानों और समितियों में मिलने वाले रासायनिक खाद के नमूनों को जांच के लिए लैब में भेजने ताकि यह पता चल सके कि खाद में पोषक तत्व हैं या नहीं, भूली जलाशय के डूब क्षेत्र वाले किसानों के राजस्व रिकार्ड में सुधार करने तथा पांढुर्ना जिले के तमाम किसानों के खेतों के नक्शों में आवश्यक सुधार करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी प्रशासन के समक्ष रखी गई हैं.
- mehrakhapa dadaji darbar me Rishi Panchami har sal ki tarah aaj bi dhum dham se manaya gaya jai shree dadaji ki1
- ग्राम बोथिया में जुए के अड्डों पर पुलिस का छापा दो स्थानों पर दबिश देकर 10 जुआरी गिरफ्तार, ₹5,130 नगद और ताश बरामद पांढुर्णा | 15 सितंबर 2026 पांढुर्णा क्षेत्र के अंतर्गत चौकी बड़ चिचोली पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए ग्राम बोथिया में जुआ खेल रहे 10 लोगों को दबोचने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन, एसडीओपी बृजेश भार्गव और थाना प्रभारी अमित दानी के निर्देशन में की गई। पुलिस को ग्राम बोथिया में जुआ खेले जाने की गुप्त सूचना मिली थी जिस पर चौकी बड़ चिचोली की टीमों ने दो अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान दोनों स्थलों से पांच-पांच यानी कुल 10 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। पहले मामले में मनेश डोंगरे निवासी बोथिया, सुनील इनवाती निवासी कोडर, रतन चौधरी निवासी आजनगांव, सूरज नवसरे निवासी बोथिया और प्रवीण खड़से को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से ₹2,480 नगद और 52 ताश के पत्ते जब्त किए गए। दूसरे मामले में शुभम पाटील निवासी बड़ चिचोली, मुरलीधर राउत निवासी बोथिया, जावेद निवासी बड़ चिचोली, यश मानमोड़े निवासी बोथिया और संजय खड़से निवासी बोथिया पकड़े गए। इनके कब्जे से ₹2,650 नगद और 52 ताश के पत्ते बरामद हुए। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने कुल ₹5,130 नगद और ताश के पत्ते जब्त करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम के ये सदस्य रहे शामिल इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में सहायक उपनिरीक्षक ओमप्रकाश मालवीय, सहायक उपनिरीक्षक प्रमोद डोंगरे, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र उइके, आरक्षक ओमबीर, आरक्षक पंकज शर्मा और आरक्षक रोहित तिलानते की सराहनीय भूमिका रही। बड़ चिचोली पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध जुआ और सट्टा चलाने वालों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।1
- बैतूल में महाराष्ट्र की तर्ज पर देढ़ दिन के गणेश जी की स्थापना1
- मुलताई में जुआ फड़ पर पुलिस की दबिश, 6 आरोपी गिरफ्तार मुलताई। पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपूसे एवं एसडीओपी मुलताई एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना मुलताई पुलिस ने जुआ फड़ पर कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी निरीक्षक विकास पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 13 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर नेहरू वार्ड स्थित नागदेव मंदिर के बाजू वाली गली की टपरी पर दबिश दी। मौके पर ताश के पत्तों से रुपये-पैसों का दांव लगाकर जुआ खेल रहे धनराज प्रजापति, गोविंद उर्फ गुड्डू साहू, सुरेन्द्र विश्वकर्मा, नरेन्द्र विश्वकर्मा, ऋषि साहू एवं आसिफ सिंघानिया को पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹1,225 नकद और 52 ताश के पत्ते जब्त किए। आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 770/26, धारा 13 जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। सभी को सूचना नोटिस तामील कर न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास पटेल, प्र.आर. गजराज सिंह सहित आरक्षक विवेक, नरेन्द्र कुशवाह, प्रिंश अहिरवार, सेवाराम पवार, गोपाल परिहार एवं अरविंद पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- बरसाली स्टेशन के पास जयपुर-मैसूर एक्सप्रेस में एक्सल ओवरहीटिंग से निकला धुआं, यात्रियों में मचा हड़कंप1
- ग्राम दहीपानी में नल-जल योजना कागजों पर सिमटी, पाइपलाइन होने के बाद भी कुएं और गढ्ढों से पानी ढोने को मजबूर हैं ग्रामीण, आठनेर विकासखण्ड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अंम्बाड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम दहीपानी में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बारिश के दिनों में ग्रामीण बुंद बुंद पानी के मशक्कत करते नजर आ रहे हैं। शासन और प्रशासन के दावों के विपरीत, गांव में बिछाई गई नल-जल योजना की पाइपलाइन शो पीस की वस्तु बनकर रह गई है। पाइपलाइन होने के बावजूद उसमें एक बूंद पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण मटमेला पानी पिने को मजबूर हैं। जान जोखिम में डालकर बिना मुंडेर और फिसलन जैसे कुओं से पानी निकाल रहें हैं ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सरपंच सहित जनप्रतिनिधियों को मामले से अवगत कराया परन्तु आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से नल-जल योजना की जांच और निराकरण की मांग की है। 1
- मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव शीघ्र बहाल किए जाएं : अभाविप छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वर्ष 2017 से बंद छात्रसंघ चुनावों को पुनः प्रारंभ करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् छिंदवाड़ा ने प्रदेश सरकार से शीघ्र चुनाव बहाल करने की मांग की है। अभाविप ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, सामाजिक चेतना, उत्तरदायित्व एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। शैक्षणिक परिसरों में विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और उनके समाधान के लिए निर्वाचित छात्र प्रतिनिधित्व आवश्यक है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् सदैव छात्रहित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लोकतांत्रिक परंपराओं के सुदृढ़ीकरण एवं राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के लिए कार्य करती रही है। परिषद् द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों एवं अधिवेशनों में पारित शैक्षिक प्रस्तावों के माध्यम से सरकार से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग की जाती रही है। अभाविप ने कहा कि माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा भी छात्रसंघ चुनाव के संबंध में राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके पश्चात सरकार की ओर से सितंबर माह में चुनाव आयोजित कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक चुनाव संबंधी कोई आधिकारिक सूचना अथवा चुनाव सारणी जारी नहीं की गई है। इससे प्रदेश के विद्यार्थी समुदाय में निराशा का भाव है। अतः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् छिंदवाड़ा प्रदेश सरकार से मांग करती है कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप अकादमिक कैलेंडर के अनुसार तथा लिंगदोह समिति की अनुशंसाओं के आधार पर प्रत्यक्ष, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध छात्रसंघ चुनाव शीघ्र आयोजित किए जाएं। अभाविप का स्पष्ट मत है कि छात्रसंघ चुनाव शैक्षणिक परिसरों में लोकतांत्रिक संस्कृति एवं विद्यार्थी नेतृत्व को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। प्रदेश सरकार विद्यार्थियों की इस दीर्घकालिक एवं न्यायसंगत मांग पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए अविलंब छात्रसंघ चुनाव बहाल करे। जिला संयोजक पियूष श्रीवास जी ने कहा कि प्रदेश के लाखों विद्यार्थी लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार को विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक भावनाओं का सम्मान करते हुए अब किसी प्रकार की देरी किए बिना छात्रसंघ चुनाव की आधिकारिक घोषणा करनी चाहिए। अभाविप विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों एवं छात्रहित के लिए सदैव आवाज उठाती रहेगी।4
- mehrakhapa dadaji darbar tekdi rishi Panchami hardik shubh kamnaye1