हमीरपुर जनपद के मुस्करा विकास खंड क्षेत्र में स्थित पहाड़ी भिटारी ग्राम के श्री संकट मोचन धाम में चल रहे 11 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ के दौरान शनिवार रात एक और प्रेमी युगल ने शादी रचाई। इस जोड़े ने मंदिर परिसर में देवी-देवताओं को साक्षी मानकर विवाह किया, जिसके बाद यह दूसरा मामला सामने आया है। शनिवार की शाम 7 बजकर 50 मिनट पर पहाड़ी भिटारी ग्राम निवासी मंगल राजपूत के पुत्र लवकेश लोधी और मध्यप्रदेश के छतरपुर जनपद स्थित चिंतहरी ग्राम की निवासी जयदेवी ने महायज्ञ स्थल और मंदिर परिसर में सात फेरे लिए। परिजनों की मौजूदगी में दोनों ने एक-दूसरे को जयमाल पहनाई और हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह संपन्न कर साथ जीने-मरने की कसमें खाते हुए दाम्पत्य जीवन की शुरुआत की। इस विवाह के साक्षी संत, परिजनों और सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीण महिला-पुरुष रहे, जिन्होंने वर-वधू को शुभ आशीर्वाद दिया। देर रात शादी संपन्न होने के बाद गाजे-बाजे के साथ विदाई की गई। आपको बता दें कि इस महायज्ञ के दौरान शुक्रवार को भी एक प्रेमी युगल ने शादी की थी। महोबा जनपद के मिरतला ग्राम निवासी अभिषेक और रक्षा ने ग्रामीण परंपराओं को दरकिनार करते हुए महायज्ञ स्थल पर ही विवाह रचाया था। श्री संकट मोचन धाम में चल रहे इस श्रीराम महायज्ञ के दौरान लगातार दूसरे दिन किसी प्रेमी युगल ने शादी की है।
हमीरपुर जनपद के मुस्करा विकास खंड क्षेत्र में स्थित पहाड़ी भिटारी ग्राम के श्री संकट मोचन धाम में चल रहे 11 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ के दौरान शनिवार रात एक और प्रेमी युगल ने शादी रचाई। इस जोड़े ने मंदिर परिसर में देवी-देवताओं को साक्षी मानकर विवाह किया, जिसके बाद यह दूसरा मामला सामने आया है। शनिवार की शाम 7 बजकर 50 मिनट पर पहाड़ी भिटारी ग्राम निवासी मंगल राजपूत के पुत्र लवकेश लोधी और मध्यप्रदेश के छतरपुर जनपद स्थित चिंतहरी ग्राम की निवासी जयदेवी ने महायज्ञ स्थल और मंदिर परिसर में सात फेरे लिए। परिजनों की मौजूदगी में दोनों ने एक-दूसरे को जयमाल पहनाई और हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह संपन्न कर साथ जीने-मरने की कसमें खाते हुए दाम्पत्य जीवन की शुरुआत की। इस विवाह के साक्षी संत, परिजनों और सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीण महिला-पुरुष रहे, जिन्होंने वर-वधू को शुभ आशीर्वाद दिया। देर रात शादी संपन्न होने के बाद गाजे-बाजे के साथ विदाई की गई। आपको बता दें कि इस महायज्ञ के दौरान शुक्रवार को भी एक प्रेमी युगल ने शादी की थी। महोबा जनपद के मिरतला ग्राम निवासी अभिषेक और रक्षा ने ग्रामीण परंपराओं को दरकिनार करते हुए महायज्ञ स्थल पर ही विवाह रचाया था। श्री संकट मोचन धाम में चल रहे इस श्रीराम महायज्ञ के दौरान लगातार दूसरे दिन किसी प्रेमी युगल ने शादी की है।
- हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खण्डेह गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब कलारन तालाब में नहाने गए तीन मासूम बच्चे गहरे गड्ढे में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि तालाब में पिछले साल हुए अवैध मिट्टी खनन के कारण कई गहरे गड्ढे बन गए थे और इन्हीं गड्ढों में बच्चे फंस गए। मृतकों की पहचान 10 वर्षीय प्रबल यादव, 9 वर्षीय आदित्य कुशवाहा और 10 वर्षीय भोला कुशवाहा के रूप में हुई है। हादसे के बाद साथी बच्चों और ग्रामीणों ने तीनों को तालाब से बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मौदहा पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुमार वर्मा ने बताया कि इस मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।3
- बांदा की सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक ने बताया कि दिनांक 23.05.2026 को थाना कोतवाली नगर में आयोजित थाना समाधान दिवस पर एक मामला सामने आया था। इस दौरान एक प्रतिवादी को थाने बुलाया गया था, जिसने वहाँ उपस्थित उपजिलाधिकारी के साथ अभद्रता की। इस घटना के बाद उपजिलाधिकारी के आदेश पर उस व्यक्ति का चालान किया गया। यह भी संज्ञान में आया है कि उसी शाम, इस प्रतिवादी की बेटी ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है। इस पूरे प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे में वर्णिता संस्था द्वारा 'विमर्श विविधा' के तहत 'जिनका देश ऋणी है' कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आजादी के संघर्ष के सूरमा रासबिहारी बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने बोस को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनमें तलवार (असि) और कलम (मसि) का अद्भुत संयोग था। उन्होंने बताया कि रासबिहारी बोस प्रारम्भ से ही देशभक्त थे, जिन्होंने एक क्रांतिकारी संगठन खड़ा कर देश को आजाद कराने का बीड़ा उठाया। वह एक अच्छे लेखक भी थे और उन्होंने 16 पुस्तकें लिखीं। डा. भवानीदीन ने आगे बताया कि रासबिहारी बोस बाद में जापान चले गए, जहाँ उन्होंने एक जापानी महिला से विवाह किया और वहाँ की नागरिकता भी प्राप्त कर ली। इसके बावजूद उनका दिल देश के लिए धड़कता रहा। इसी कड़ी में बोस ने इंडियन इंडिपेंडेंस लीग और आईएनए (INA) का गठन किया। उन्हीं के परामर्श पर सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का गठन किया और देश की आजादी के लिए कार्य किया। रासबिहारी बोस का निधन 21 जनवरी, 1945 को टोक्यो, जापान में हो गया था। इस कार्यक्रम में बाबूलाल, सागर, प्रिन्स, रिचा, भोलू सिंह, सतेन्द्र और अजय गुप्ता सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में रेलवे स्टेशन से एक 2 वर्षीय मासूम बच्चे के अपहरण और उसे नहर में फेंकने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 3 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। यह घटना रविवार शाम करीब 8:30 बजे डायल-112 पर मिली सूचना से शुरू हुई, जिसमें बताया गया कि बांदा रेलवे स्टेशन से एक अज्ञात व्यक्ति 2 साल के बच्चे को उठा ले गया है। सूचना मिलते ही बांदा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, एसओजी और अन्य पुलिस टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया। उच्चाधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू करवाई। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला कि यह घटना शाम करीब 5:30 बजे हुई थी, जब बच्चे की मां और परिवार के सदस्य मुंबई जाने के लिए ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंचे थे और इसी दौरान आरोपी बच्चे को अपने साथ ले गया। पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और त्रिनेत्र ऐप की मदद से आरोपी की लोकेशन तिंदवारी रोड की ओर ट्रेस की। इसी बीच, कोतवाली देहात और एसओजी की टीम महोकर चौराहे के पास गश्त कर रही थी। पुलिस की घेराबंदी देखकर आरोपी ने बच्चे को नहर में फेंक दिया और भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी किशन निवासी तिंदवारी को मौके से पकड़ लिया और तुरंत नहर से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बांदा पुलिस और आरपीएफ टीम ने मासूम बच्चे को उसके परिजनों को सकुशल सौंप दिया है। इस मामले में पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 (NH-34) पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा, जहाँ हाईवे के अतिक्रमण को हटाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में हाईवे के मध्य से दोनों तरफ 55 फीट तक की जमीन को अतिक्रमण के लिए चिह्नित किया गया है। नापजोख का यह विशेष अभियान बस स्टॉप से नेहा चौराहा तक चला। प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को अपनी दुकानें और अवैध कब्जे हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि इस समय सीमा के बाद भी अतिक्रमण न हटने पर बलपूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। यह संयुक्त कार्रवाई प्रशासन, नगर पंचायत और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा मिलकर की जा रही है, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है। अभियान के दौरान कई स्थानों पर कब्जाधारियों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे सभी को पीछे हटना पड़ा।4
- तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने आज से कानपुर जोन के एडीजी का कार्यभार संभाल लिया है। कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद, उन्होंने कार्यालय का निरीक्षण भी किया। अनुपम कुलश्रेष्ठ 1995 बैच की एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्हें पूर्व एडीजी आलोक सिंह के स्थान पर यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगरा में अपनी सेवा के दौरान, उन्हें हाईटेक पुलिसिंग और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर काफी चर्चा मिली थी, और अब कानपुर जोन में भी उनसे स्मार्ट पुलिसिंग तथा मजबूत कानून व्यवस्था की उम्मीदें बढ़ गई हैं।1
- हमीरपुर के भरुआसुमेरपुर स्थित आर्यसमाज सत्संग भवन में साप्ताहिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इस यज्ञ में डॉ. विवेक आर्य ने मुख्य यजमान के रूप में आहुतियाँ दीं, जबकि मनीष आर्य ने यज्ञ के ब्रह्मा की भूमिका निभाई। यज्ञ संपन्न होने के पश्चात, प्रेमकुमार आर्य द्वारा महर्षि दयानंद सरस्वती जी के जीवन चरित्र का पाठन किया गया। श्रीराम आर्य ने सत्यार्थ प्रकाश का पाठन किया, वहीं कृष्ण कुमार मिश्रा ने भक्तिमय भजन प्रस्तुत किए। रमा आर्या और रुबी आर्या ने ऋषि भजन गाए, और सुधीर आर्य ने आर्य समाज के दस नियमों को दोहराया। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ, जिसमें श्रीराम आर्य, डॉ. विवेक आर्य, लोटन प्रसाद आर्य, मनीष आर्य, सुधीर आर्य, प्रेम कुमार आर्य, रामौतार सिपाही, महेंद्र आर्य, कृष्ण कुमार मिश्रा, रमा आर्या, रुबी आर्या, सुमेधा आर्या, अतिभा आर्या, ऐश्वर्य पान्डेय समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।4
- हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे में पड़ रही भीषण गर्मी के दौरान तहरीक ए इंसानियत हिन्द सोसाइटी ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। संस्था के कार्यकर्ताओं ने मालिकुआँ चौराहा के पास स्टॉल लगाकर राहगीरों को ठंडा शरबत वितरित किया। करीब 44 डिग्री सेल्सियस की झुलसा देने वाली गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच, यह सेवा अभियान राहगीरों, मजदूरों, रिक्शा चालकों और आम लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से चलाया गया। तेज धूप में सफर कर रहे लोगों ने ठंडा शरबत पीकर काफी राहत महसूस की और सोसाइटी के इस सराहनीय कार्य की खुलकर प्रशंसा की। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि जरूरतमंदों की सेवा करना ही सबसे बड़ा मानव धर्म है। उन्होंने भीषण गर्मी के मौसम में लोगों से सावधानी बरतने, अधिक पानी पीने और अन्य जरूरतमंदों की भी सहायता करने की अपील की।2