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मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल स्थित पंचमुखी चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद यह स्थान एक सियासी अखाड़ा और रणभूमि में तब्दील हो गया। प्रदर्शन के दौरान पानी की बौछारें चलाई गईं और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाज़ी की। इस राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता शामिल थे, जिसमें मनीष परमार और मीनाक्षी नटराजन का भी जिक्र है। यह प्रदर्शन राज्यसभा चुनाव और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर था, जिसके चलते कार्यकर्ताओं में रोष देखने को मिला। इस पूरे घटनाक्रम को 'लोकतंत्र की लड़ाई' का दावा करते हुए, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की वाटर कैनन का सामना किया। यह टकराव पंचमुखी चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच एक खुले राजनीतिक संघर्ष के रूप में उभरा।
Anil Sharma
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल स्थित पंचमुखी चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद यह स्थान एक सियासी अखाड़ा और रणभूमि में तब्दील हो गया। प्रदर्शन के दौरान पानी की बौछारें चलाई गईं और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाज़ी की। इस राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता शामिल थे, जिसमें मनीष परमार और मीनाक्षी नटराजन का भी जिक्र है। यह प्रदर्शन राज्यसभा चुनाव और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर था, जिसके चलते कार्यकर्ताओं में रोष देखने को मिला। इस पूरे घटनाक्रम को 'लोकतंत्र की लड़ाई' का दावा करते हुए, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की वाटर कैनन का सामना किया। यह टकराव पंचमुखी चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच एक खुले राजनीतिक संघर्ष के रूप में उभरा।
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- झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1828 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ था। उनके बचपन का नाम मणिकर्णिका था, लेकिन उन्हें प्यार से मनु बुलाया जाता था। उनके पिता का नाम मोरोपंत तांबे और माता का नाम भागीरथी था। रानी लक्ष्मीबाई का जन्म काशी (वाराणसी) के असीघाट क्षेत्र में हुआ था। उनके जीवन और ब्रिटिशकालीन इतिहास में उनके योगदान के बारे में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया और ब्रिटानिका के संबंधित पृष्ठों को पढ़ा जा सकता है।1
- सीहोर प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति के की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे अवैध कॉलोनाइजरों और नियमों का उल्लंघन कर भूखंडों की बिक्री करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर रहा है जहाँ बिना वैधानिक स्वीकृति के कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। संबंधित विभागों की संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू कर दी है, और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति विकसित की गई कॉलोनियों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएँ नहीं मिल पातीं, जिससे उन्हें भविष्य में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड या प्लॉट की खरीदारी से पहले उसकी वैधानिक स्वीकृतियों और दस्तावेजों की जाँच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक बड़ी मुहिम माना जा रहा है, जिससे शहर में अवैध प्लॉटिंग के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगने की उम्मीद है।1
- भोपाल मेमोरियल अस्पताल, जिसे विशेष रूप से गैस पीड़ितों के लिए स्थापित किया गया था, में दोपहर 3:00 बजे तक कोई भी डॉक्टर अपनी कुर्सी पर मौजूद नहीं रहता है।1
- राजधानी भोपाल में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। नगरीय पुलिस कमिश्नर संजय सिंह के निर्देशों पर शहर के प्रमुख चौराहों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सघन चेकिंग जारी है, जिसमें बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वालों के चालान काटे जा रहे हैं। इस अभियान के तहत पिपलानी थाना क्षेत्र के बी सेक्टर स्थित इलाहाबाद बैंक तिराहे पर विशेष चेकिंग की गई। इस दौरान दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने तथा शराब पीकर गाड़ी न चलाने की समझाइश दी गई। साथ ही, जिन वाहनों के दस्तावेज पूरे नहीं पाए गए, उनके चालान भी काटे गए। यह चेकिंग अभियान पिछले तीन दिनों से लगातार शाम 6 बजे से रात 10:30 बजे तक चलाया जा रहा है और पुलिस के अनुसार यह आगे भी जारी रहेगा। अभियान में थाना प्रभारी पिपलानी चंद्रका यादव, सहायक उप निरीक्षक यातायात राम सहाय तिवारी, प्रधान आरक्षक महेश धाकड़ समेत संभाग का पुलिस बल उपस्थित रहा।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए लोग भटक रहे हैं। अपनी शिकायत लेकर लोग नगर निगम वार्ड के मंत्री कैलाश सारंग के पास पहुंचे। इस मामले पर मंत्री कैलाश सारंग ने वार्ड प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। मंत्री सारंग ने स्पष्ट किया कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना से यह बात सामने आई है कि राशन कार्ड से जुड़े मुद्दों पर लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।1
- मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक अवैध कॉलोनी पर प्रशासन ने बुलडोजर की कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर तमाम अधिकारी मौजूद रहे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस तरह की कार्रवाई केवल सीहोर जिले तक ही सीमित रहेगी या फिर जिले के अन्य शहरों में भी अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलेगा।1
- भोपाल में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस सख्त हो गई है। नगरीय पुलिस कमिश्नर संजय सिंह के निर्देश पर शहर के प्रमुख चौराहों पर दो पहिया और चार पहिया वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। इसी क्रम में पिपलानी थाना क्षेत्र के बी सेक्टर स्थित इलाहाबाद बैंक तिराहे पर विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने तथा शराब पीकर गाड़ी न चलाने की समझाइश दी गई। जिन वाहनों के दस्तावेज पूरे नहीं पाए गए, उनके चालान भी काटे गए। यह चेकिंग अभियान पिछले तीन दिनों से लगातार शाम 6 बजे से रात 10:30 बजे तक चल रहा है और आगे भी जारी रहेगा। इस अभियान में पिपलानी थाना प्रभारी चंद्रका यादव, सहायक उप निरीक्षक यातायात राम सहाय तिवारी, प्रधान आरक्षक महेश धाकड़ सहित संभाग का पुलिस बल उपस्थित रहा।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की आर्थिक राजधानी और लोकमाता देवी अहिल्याबाई की नगरी इंदौर पहुंचने पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं उपस्थित होकर राष्ट्रपति का सम्मान किया।2
- भोपाल के एमपी नगर स्थित शासकीय प्रेस के सामने एक युवक खंभे पर चढ़ गया। इस घटना को देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है। सूचना मिलते ही एमपी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय प्रशासन युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास कर रहे हैं और स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। हालांकि, युवक के खंभे पर चढ़ने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।1