पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जहां कमल साह हाई स्कूल परिसर में बिहार के 551वें सरस्वती विद्या निकेतन का भव्य उद्घाटन समारोह बेहद उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर जिला पदाधिकारी तरनजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यालय परिवार, शिक्षकों, अभिभावकों, गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं की सहभागिता के बीच संयुक्त रूप से फीता काटकर विद्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मनमोहक स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के दौरान विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उपस्थित अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी इस नए शिक्षण संस्थान की शुरुआत पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे क्षेत्र के भविष्य के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया। अपने संबोधन में अतिथियों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सरस्वती विद्या निकेतन विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति की भावना से भी ओत-प्रोत करेगा। यह संस्थान बच्चों के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरेगा और पश्चिम चंपारण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया केंद्र बनकर हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करेगा।
पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जहां कमल साह हाई स्कूल परिसर में बिहार के 551वें सरस्वती विद्या निकेतन का भव्य उद्घाटन समारोह बेहद उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर जिला पदाधिकारी तरनजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यालय परिवार, शिक्षकों, अभिभावकों, गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं की सहभागिता के बीच संयुक्त रूप से फीता काटकर विद्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मनमोहक स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के दौरान विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उपस्थित अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी इस नए शिक्षण संस्थान की शुरुआत पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे क्षेत्र के भविष्य के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया। अपने संबोधन में अतिथियों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सरस्वती विद्या निकेतन विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति की भावना से भी ओत-प्रोत करेगा। यह संस्थान बच्चों के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरेगा और पश्चिम चंपारण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया केंद्र बनकर हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करेगा।
- पश्चिम चंपारण के बेतिया में जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने 'My Bharat - Mera Yuva Bharat' पंजीकरण की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 31 अक्टूबर 2023 को किया गया था। जिला पदाधिकारी द्वारा पंजीकरण की यह शुरुआत 20 जुलाई को की गई है, जिसके साथ 20.07.2026 की तिथि भी दर्ज है।1
- बेतिया नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या- 03 स्थित जोड़ा ईनार स्कूल से कालीबाग मंदिर गेट तक निर्माणाधीन पीसीसी सड़क का सोमवार को महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति और निर्माण की गुणवत्ता का जायजा लिया। महापौर ने मौके पर उपस्थित सहायक अभियंता को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि संवेदक द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कार्य पूरा कराया जाना चाहिए और इसकी जिम्मेदारी वे खुद लें। छठे वित्त आयोग मद से लगभग 27.39 लाख रुपये की लागत से बन रही इस पीसीसी सड़क को नगर निगम बोर्ड द्वारा पारित किया गया है। महापौर ने बताया कि इस निर्माण कार्य का मुख्य उद्देश्य राहगीरों और स्थानीय लोगों को आवागमन की बेहतर और टिकाऊ सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम की सभी विकास योजनाओं में गुणवत्ता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान महापौर ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी होने पर संवेदक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्माण सामग्री, मोटाई, ढलाई और फिनिशिंग के हर बिंदु पर विभागीय मानकों का पूर्णतः पालन होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने योजना के प्रभारी अभियंता को भी नियमित रूप से कार्य की निगरानी करने और हर चरण में गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि सभी विकास योजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी हो सकें।2
- बिहार के पश्चिम चंपारण के बेतिया में 20 जुलाई 2026 को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) जिला परिषद के बैनर तले केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया। पार्टी कार्यालय से सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर शहर के विभिन्न मार्गों से मार्च किया और ईमली चौक पहुंचकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग की और छात्र-नौजवानों के देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था को लगातार संकट में धकेला जा रहा है और छात्रों व युवाओं की जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि आज देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर हमले हो रहे हैं, असहमति की आवाज को दबाया जा रहा है और जनता के अधिकारों को सीमित कर देश में तानाशाही व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश की जा रही है, जिसका उनकी पार्टी पुरजोर विरोध करती है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जनता की आवाज को दबाने का प्रयास करेगी तो भाकपा सड़क से सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को और तेज करेगी। इस कार्यक्रम का नेतृत्व भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति, राधामोहन यादव, युवा नेता इदू, ओम प्रकाश, चन्द्रिका प्रसाद, बाबूलाल चौरसिया, अशोक मिश्र, केदार चौधरी, समर दत्ता, गायत्री देवी, आरती, कैलाश प्रसाद, मोहन यादव, अंजारुल और बब्लू दूबे सहित अनेक नेताओं व कार्यकर्ताओं ने किया। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए लोकतंत्र, संविधान तथा जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।4
- बिहार के बगहा में रविवार शाम को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ नौरंगिया थाना क्षेत्र के भुलटोला सिरिसिया गांव के रहने वाले 45 वर्षीय केदार बैठा की भापसा नाला में मगरमच्छ के जानलेवा हमले में मौत हो गई। केदार बैठा खेत में सोहनी का काम करके अपने साथियों के साथ वापस घर लौट रहे थे। बेलहवा-सिरिसिया कच्ची सड़क के समीप गुलहरिया सरेह स्थित भापसा नाला को पार करने के दौरान पानी में छिपे मगरमच्छ ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें गहरे पानी में खींच ले गया। उनके साथ चल रहे कमल उरांव और नथुनी उरांव समेत अन्य ग्रामीणों ने शोर मचाकर उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे मगरमच्छ के चंगुल से केदार को छुड़ा नहीं पाए। इस घटना की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। सूचना पाकर स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर मामले की जाँच शुरू कर दी है। मृतक अपने पीछे पत्नी सीला देवी, दो बेटों बृजेश बैठा और राजेश बैठा व एक बेटी सीमा को छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे के बाद पूरे गाँव में मातम छाया हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मृतक के परिजनों को जल्द से जल्द मुआवजा देने, क्षेत्र में सक्रिय मगरमच्छ को पकड़ने और भापसा नाला के पास स्थायी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की पुरजोर माँग की है।1
- भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने पद से इस्तीफा देना ही होगा, क्योंकि तभी जाकर यह देश आगे बढ़ेगा। अगर वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इस देश का कुछ नहीं होने वाला है और यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की असली हकीकत है।1
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- पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड स्थित राजकीय कमल साह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आदर्श विद्यालय का शुभारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत अब स्कूल के बच्चे स्मार्ट क्लास के माध्यम से अपनी पढ़ाई करेंगे।1
- बिहार के चनपटिया में सोमवार को बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक) के बैनर तले आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं ने बाल विकास परियोजना कार्यालय के समक्ष अपनी 12 सूत्री मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) को मांगपत्र सौंपा और विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। प्रदर्शनकारियों ने बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान, मानदेय का नियमित भुगतान, गोद भराई एवं मुंहजुठ्ठी मद की राशि, बकाया मकान भाड़ा, कंटिजेंसी राशि का भुगतान, मोबाइल उपलब्ध कराने तथा सेविका-सहायिकाओं के उत्पीड़न पर रोक लगाने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया। यूनियन नेताओं ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी के कारण कर्मचारियों में भारी नाराजगी है और उन्होंने सरकार से इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की। इस आंदोलन का नेतृत्व जिला नेता ओम प्रकाश क्रांति, साधना शिल्पी, गोदावरी देवी, रेशमा शर्मा, सरिता शुक्ला और मंजू देवी सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया।1