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गोंडा थाना क्षेत्र में नगला बिरखू हृदय की नगरिया पुलिस चौकी नहर पर देर रात लगभग 2:00 बजे एक चार पहिया वाहन नहर में गिर गया। सूचना मिलते ही 112 नंबर पुलिस और गोंडा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन के चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह पुल साइड से टूटा हुआ है, जिसके कारण इस पुल पर ऐसी दुर्घटनाएं कई बार हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई सुनवाई नहीं हुई है।
MD News ( Aligarh)
गोंडा थाना क्षेत्र में नगला बिरखू हृदय की नगरिया पुलिस चौकी नहर पर देर रात लगभग 2:00 बजे एक चार पहिया वाहन नहर में गिर गया। सूचना मिलते ही 112 नंबर पुलिस और गोंडा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन के चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह पुल साइड से टूटा हुआ है, जिसके कारण इस पुल पर ऐसी दुर्घटनाएं कई बार हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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- बुधवार रात गोंडा थाना क्षेत्र के नगला बिरखू चौकी अंतर्गत किनमासा नहर के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब सामने से आ रहे एक ट्रक की तेज लाइट से अनियंत्रित होकर एक चार पहिया वाहन सीधे नहर में जा गिरा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद वाहन चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह घटना रात करीब 1:20 बजे घटी, जब अरनिया गढ़ी (थाना गोरई, खैर) निवासी शैलेंद्र पुत्र सुग्रीव सिंह अपनी कार से मथुरा की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह गोंडा थाना क्षेत्र की किनमासा नहर के पास पहुँचे, सामने से आ रहे ट्रक की तेज लाइट से उनकी आँखें चकाचौंध हो गईं, जिससे चालक का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी सीधे नहर में जा गिरी। गाड़ी में फंसा चालक लगभग 1 किलोमीटर तक नहर में बहता रहा। शैलेंद्र ने बड़ी मुश्किल से शीशा तोड़कर पुलिस को सूचना दी। हादसे की जानकारी मिलते ही, 112 नंबर की टीम के साथ गोंडा थाने के एसआई शांति शरण यादव और एसआई बलराम सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पानी में डूबी गाड़ी का दरवाजा खोलकर चालक शैलेंद्र को सुरक्षित बाहर निकाला। समय पर मिली मदद से एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद, क्षेत्रीय लोगों और चालकों ने किनमासा नहर पर बने पुल की जर्जर हालत को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि पुल के दोनों ओर की साइडें लंबे समय से टूटी हुई हैं, जिससे रात के समय खतरा बढ़ जाता है और इस पुल पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि पुल की मरम्मत के लिए कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों ने प्रशासन से जल्द पुल की मरम्मत कराने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।1
- खैर के शिवाला नहर पुल पर दोस्तों के साथ नहाते समय डूबे युवक दीपेश का शव सोमवार देर शाम तक बरामद नहीं हो सका, जिसके लिए पूरे दिन तलाश जारी रही। इसी सर्च ऑपरेशन के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब नहर में ही एक अन्य लापता युवक अर्जुन डागुर का शव उसकी मोटरसाइकिल से बंधा हुआ बरामद किया गया। एनडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय गोताखोरों ने दीपेश की तलाश में सुबह से शाम तक नहर में लगातार अभियान चलाया। शव नहीं मिलने से नाराज परिजनों ने सुबह करीब 11 बजे शिवाला नहर पुल पर अपने वाहन तिरछे खड़े कर लगभग दो घंटे तक जाम लगा दिया, जिससे यातायात बाधित रहा। सूचना पर पहुंचे खैर नायब तहसीलदार काजल तोमर और खैर इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने परिजनों को जल्द शव बरामद कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त कर दिया गया। तलाश अभियान के दौरान शाम करीब चार बजे एनडीआरएफ को शिवाला नहर पुल से लगभग दो किलोमीटर आगे एक युवक का शव मोटरसाइकिल संख्या UP 81 BK 2977 से बंधा हुआ मिला। मोटरसाइकिल के नंबर के आधार पर खैर कोतवाली पुलिस ने मृतक की पहचान राघवगढ़ी, टप्पल अलीगढ़ निवासी अर्जुन डागुर के रूप में की और उसके परिजनों को सूचित किया। देर शाम अर्जुन डागुर उर्फ कालू के परिजन खैर कोतवाली पहुंचे और शव की शिनाख्त की, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बताया गया कि अर्जुन डागुर 1 जुलाई से अपनी मोटरसाइकिल सहित लापता था। परिजनों के अनुसार, उसे आखिरी बार नौझील और बाजना के बीच एक होटल पर कुछ युवकों के साथ खाना खाते हुए देखा गया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। इस पर परिजनों ने 5 जुलाई को नौझील थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अर्जुन अपने पीछे पिता सोमेश, माता रामवती और दो विवाहित बहनों को छोड़ गया है, और इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। खैर इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि अर्जुन डागुर के मामले में परिजनों द्वारा दी जाने वाली तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दीपेश की तलाश के लिए एनडीआरएफ और अन्य टीमें अपना सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रखे हुए हैं।4
- 09 जुलाई, 2026 को जनपद हाथरस में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने वर्षा ऋतु के दौरान संभावित जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने तथा शहर की जल निकासी व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने नगर पालिका परिषद हाथरस क्षेत्र के खाती खाना, गणेशगंज मुख्य ड्रेनेज, ढकपुरा रोड स्थित वाटर वर्क्स पार्क, आगरा रोड, सरस्वती इंटर कॉलेज, सरस्वती डिग्री कॉलेज, आवास विकास कॉलोनी और स्टेट बैंक कॉलोनी सहित विभिन्न प्रमुख नालों एवं जल निकासी स्थलों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने पाया कि अधिकांश मुख्य नालों से जल निकासी सुचारु रूप से हो रही है। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्य नालों से जुड़ी छोटी नालियों पर आवश्यकतानुसार जाली लगाई जाए, ताकि कूड़ा-करकट मुख्य नालों में प्रवेश न कर सके और जल प्रवाह निर्बाध बना रहे, जिससे भविष्य में जलभराव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। तालाब चौराहे पर स्थित पंपिंग स्टेशन के मुआयने में, जिलाधिकारी ने पाया कि पंपिंग स्टेशन तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच रहा था। इसके समाधान हेतु उन्होंने संबद्ध ड्रेनेज लाइन की तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि पंपिंग सेट की क्षमता का पूर्ण उपयोग हो सके और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। आगे, आवास विकास कॉलोनी के निरीक्षण के दौरान, एक क्षतिग्रस्त पुलिया पाई गई जिसके समीप कूड़ा फंसा होने के कारण जल निकासी प्रभावित हो रही थी। जिलाधिकारी ने तत्काल पुलिया की मरम्मत कराने तथा अवरुद्ध कूड़े को हटाने के निर्देश दिए, जिससे जल प्रवाह निर्बाध रहे। वहीं, स्टेट बैंक कॉलोनी का क्षेत्र अपेक्षाकृत नीचा होने के कारण वहां जलभराव की संभावना को देखते हुए, जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पंप सेट स्थापित कर प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर के सभी मुख्य नालों पर जमा कूड़ा-करकट तत्काल हटाया जाए तथा निकाले गए कूड़े का शीघ्र उठान सुनिश्चित हो ताकि वह पुनः नालों में न पहुंचे। उन्होंने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद हाथरस को निर्देश दिए कि नगर में नियमित एवं प्रभावी स्वच्छता अभियान चलाया जाए, कहीं भी कूड़ा एकत्र न होने पाए और सभी संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि नगर की स्वच्छता एवं जल निकासी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, तथा सभी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0), उप जिलाधिकारी सदर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद हाथरस सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।4
- हाथरस जिले में आलू की लगातार गिरती कीमतों और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने से भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बेहद नाराज हैं। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने सादाबाद में एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए आगरा रोड स्थित चौधरी चरण सिंह स्मारक से "आलू की अंतिम शव यात्रा" निकाली। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से किसानों ने आलू की बदहाल कीमतों को लेकर अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने विधायक प्रदीप चौधरी को एक ज्ञापन भी सौंपा।4
- 'नए उत्तर प्रदेश' की नई पहचान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और समग्र विकास को बताया गया है। यही कारक प्रदेश के लिए एक नई पहचान स्थापित कर रहे हैं, जो उसके संपूर्ण विकास का आधार है।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के कस्बा गोंडा में, गोरई रोड राना बरौला पर स्थित एक डेमो पुल टूट गया है।1
- हाथरस जिले की सिकंदराराऊ तहसील में भारी बरसात के बाद बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। बारिश के चलते सिकंदराराऊ की सड़कें, तहसील परिसर और कई सरकारी कार्यालय पानी में डूबकर तालाब जैसे बन गए हैं। जलभराव के कारण सिकंदराराऊ में कई स्थानों पर सड़कें धंस गईं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। धंसी हुई सड़कों पर बने गड्ढों में वाहन और पैदल राहगीर दोनों ही फंस गए, जिन्हें बाद में रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। बताया गया है कि सड़कों के धंसने का एक मुख्य कारण 'हर घर जल योजना' के तहत बिछाई गई पाइपलाइन है, जिसने बरसात के बीच सड़कों को कमजोर कर दिया।1