बाढ़ अनुमंडल प्रशासन की पहल पर शनिवार को बाढ़ उपकारा में एक 'बंदी दरबार' का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न मामलों में बंद कैदियों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाना था। इस कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी गरिमा लोहिया और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बाढ़-1 रामकृष्णा ने की। इस दौरान कैदियों ने अपनी विभिन्न समस्याएँ अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनके निवारण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। साथ ही, उपकारा परिसर में एक मेडिकल कैंप भी लगाया गया, जहाँ अनुमंडलीय अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कैदियों के स्वास्थ्य की जाँच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। अनुमंडल पदाधिकारी गरिमा लोहिया ने जेल प्रशासन को कैदियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें नियमित रूप से योग, ध्यान और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन, प्रेरणादायक एवं शैक्षणिक पुस्तकों की उपलब्धता बढ़ाना, विशेष अध्ययन के लिए आवश्यक पुस्तकें खरीदना, तथा जरूरतमंद कैदियों के लिए निःशुल्क चश्मा परीक्षण शिविर आयोजित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जेल में नियमित साक्षरता शिविर चलाने और इसमें विद्यालयों के शिक्षकों को जोड़ने का भी निर्देश दिया। कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई, नर्सिंग, ब्यूटीशियन, कृषि और पशुपालन जैसे कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी विशेष बल दिया गया। इस कार्यक्रम में उपकारा अधीक्षक, उपाधीक्षक, बाढ़ थानाध्यक्ष और विद्युत विभाग के अभियंता सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे प्रयासों से कैदियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की संभावनाएँ और अधिक मजबूत होंगी।
बाढ़ अनुमंडल प्रशासन की पहल पर शनिवार को बाढ़ उपकारा में एक 'बंदी दरबार' का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न मामलों में बंद कैदियों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाना था। इस कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी गरिमा लोहिया और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बाढ़-1 रामकृष्णा ने की। इस दौरान कैदियों ने अपनी विभिन्न समस्याएँ अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनके निवारण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। साथ ही, उपकारा परिसर में एक मेडिकल कैंप भी लगाया गया, जहाँ अनुमंडलीय अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कैदियों के स्वास्थ्य की जाँच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। अनुमंडल पदाधिकारी गरिमा लोहिया ने जेल प्रशासन को कैदियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें नियमित रूप से योग, ध्यान और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन, प्रेरणादायक एवं शैक्षणिक पुस्तकों की उपलब्धता बढ़ाना, विशेष अध्ययन के लिए आवश्यक पुस्तकें खरीदना, तथा जरूरतमंद कैदियों के लिए निःशुल्क चश्मा परीक्षण शिविर आयोजित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जेल में नियमित साक्षरता शिविर चलाने और इसमें विद्यालयों के शिक्षकों को जोड़ने का भी निर्देश दिया। कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई, नर्सिंग, ब्यूटीशियन, कृषि और पशुपालन जैसे कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी विशेष बल दिया गया। इस कार्यक्रम में उपकारा अधीक्षक, उपाधीक्षक, बाढ़ थानाध्यक्ष और विद्युत विभाग के अभियंता सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे प्रयासों से कैदियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की संभावनाएँ और अधिक मजबूत होंगी।
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर स्थित डूबाहा पंचायत के डूबाहा मस्जिद रोड पर हमेशा पानी भरा रहता है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि कोई भी नेता इस सड़क की मरम्मत पर ध्यान नहीं देना चाहता। इस स्थिति के पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि यह कमी खुद डूबाहा के मोहल्ले में है, जिसके चलते जनप्रतिनिधि इसकी उपेक्षा कर रहे हैं।1
- बख्तियारपुर में शुक्रवार शाम 'लेट्स इंस्पायर बिहार' के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें सामूहिक प्रयासों और जन-जागरूकता की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने समाज के विभिन्न वर्गों तक जागरूकता पहुंचाने और युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के महत्व पर जोर दिया। इस दौरान, 'लेट्स इंस्पायर बिहार' संगठन के उद्देश्यों और उसके आगामी कार्यक्रमों के बारे में भी विस्तृत जानकारी साझा की गई। इस बैठक के सकारात्मक प्रभाव के चलते, कई लोगों ने संगठन से जुड़ने की इच्छा जताई और तुरंत सदस्यता ग्रहण की। वक्ताओं ने इस बात को रेखांकित किया कि समाज में वास्तविक और स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सभी के सामूहिक प्रयास और निरंतर जनजागरूकता बेहद आवश्यक है। उपस्थित लोगों ने संगठन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से जारी रखने की आवश्यकता व्यक्त की।1
- मोकामा घाट स्थित सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य कार्यक्रम के लिए पिछले लगभग एक सप्ताह से लगातार योग शिविर संचालित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवान नियमित रूप से योगाभ्यास कर रहे हैं। योग गुरु हरिनारायण प्रधान के मार्गदर्शन और रविन्द्र भगत के नेतृत्व में सैकड़ों सीआरपीएफ कर्मी इस प्रशिक्षण शिविर में भाग ले रहे हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य जवानों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें अनुशासित जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर इस बार केंद्र में विशेष तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम में सैकड़ों जवानों के अलावा स्कूली बच्चों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है, ताकि योग के महत्व और स्वस्थ जीवन के संदेश को समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सके। सीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि शरीर और मन के संतुलन का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आज की परम आवश्यकता है।1
- मोहर्रम के त्यौहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मुसरीघरारी थाना में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड में शुक्रवार शाम आई भीषण आंधी ने भारी तबाही मचाई है, जिससे सैकड़ों घर, दफ्तर और दर्जनों बिजली के खंभे बर्बाद हो गए हैं। इस तूफान के कहर से गरीब और अमीर, दोनों तरह के परिवारों के सैकड़ों आशियाने बिखरकर चकनाचूर हो गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में आवागमन बाधित हो गया है। मोहनपुर प्रखंड के जलालपुर, दशहरा, जौनापुर सहित कई अन्य इलाके इस बर्बादी की चपेट में हैं। दशहरा पंचायत के वार्ड संख्या 5 स्थित डीह दशहरा गांव के सन्नी कुमार के घर का पूरा 'एलेस्टर' आंधी में उड़ गया, जिससे उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ा है। जौनापुर निवासी बाबा ईंट निर्माता अनंत कुमार सिंह के दफ्तर और घर को भी आंधी ने पूरी तरह से 'पोस्टमार्टम' कर दिया; श्री सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी तबाही कभी नहीं देखी। जलालपुर पंचायत के वार्ड संख्या 14 में भी दर्जनों बिजली के खंभे, तार, पेड़ और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित है और लोग अपने घरों में प्रवेश करने को लेकर भी सोचने पर मजबूर हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पूरे इलाके में ऐसा ही भयावह मंजर है, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। आवागमन ठप्प होने, घरों के उजड़ने और बिजली बाधित होने के कारण पीने के पानी तक की समस्या खड़ी हो गई है। लोग अभी भी डरे और सहमे हुए हैं कि अपने छोटे बच्चों को लेकर आखिर कहां जाएं। इस भारी तबाही के बाद भी सरकार की ओर से न तो कोई सुध लेने आया है और न ही कोई मदद पहुंची है, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इस 'उजड़े हुए चमन' को वापस पटरी पर कैसे लाया जाएगा।1
- जन सुराज पार्टी के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कुमार विभूति ने बिहारशरीफ, नालंदा में बातचीत के दौरान राज्य के पारंपरिक व्यापारियों द्वारा ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते प्रभाव के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकार से स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए एक ठोस और संतुलित व्यापार नीति बनाने की पुरजोर मांग की है। विभूति ने व्यापार नीति के अतिरिक्त, बिहार से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। इनमें रोजगार के अवसर पैदा करने, पलायन की समस्या को रोकने, राज्य में शराबबंदी के प्रभाव, फुटपाथ वेंडरों की दैनिक चुनौतियाँ और बिहार में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने की आवश्यकता जैसे विषय शामिल थे। उनका स्पष्ट मानना है कि बिहार को आर्थिक रूप से तभी सशक्त बनाया जा सकता है, जब व्यापार और उद्योग के लिए एक अनुकूल और सहायक माहौल तैयार किया जाए।1
- समस्तीपुर जिले के पूसारोड गुमती पर एक दर्दनाक हादसे में एक महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना में मृतका की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।1
- दरभंगा पुस्तक मेले के अंतर्गत एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें साहित्य प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा सहित कई प्रसिद्ध कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। समय इंडिया ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विषयों पर अपनी प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने खूब तालियां बटोरीं। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोताओं ने इन काव्य प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने बताया कि पुस्तक मेले का मुख्य उद्देश्य लोगों में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना और साहित्य तथा कला के प्रति रुचि विकसित करना है।1
- पुस्तक मेला के अंतर्गत एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें साहित्य प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।1