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*एक राखी, एक बंधन, एक राष्ट्र सीमा के वीर जवानों के नाम राखी ने राष्ट्र और उसके वीर सैनिकों के बीच अटूट बंधन को और मजबूत किया*  मनोज शर्मा,चंडीगढ़ । 23 अगस्त 2026 को आसफवाला युद्ध स्मारक समिति ने भारतीय सेना के समन्वय से आसफवाला युद्ध स्मारक, फाजिल्का में 'राखी सरहद के नाम' कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उ‌द्देश्य सैन्य-नागरिक सौहार्द को मजबूत करना तथा सशस्त्र बलों और सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के बीच कायम गहरे एवं अटूट संबंधों को और सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम में गुलाब चंद कटारिया, माननीय राज्यपाल, पंजाब, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क, जीओसी, 10 कोर, सहित वरिष्ठ सैन्य एवं नागरिक गणमान्य व्यक्तियों ने समारोह की गरिमा बढ़ाई।  आसपास के गांवों की महिलाओं तथा स्थानीय विद्यालयों की लगभग 1,000 छात्राओं ने लगभग 800 सेना के जवानों की कलाई पर राखियां बांधीं। यह भावपूर्ण पहल देश की रक्षा में समर्पित सैनिकों के प्रति स्नेह, सम्मान, कृतज्ञता और विश्वास का प्रतीक बनी।  इस अवसर पर सीमावर्ती फाजिल्का क्षेत्र के लोगों और सशस्त्र बलों के बीच मौजूद गहरे भावनात्मक जुड़ाव, आपसी विश्वास और सैन्य-नागरिक सौहार्द की भावना और अधिक मजबूत हुई। राखी के इस पवित्र बंधन ने यह संदेश दिया कि सीमा की रक्षा करने वाले सैनिक और देशवासी एक ही राष्ट्रीय परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं।

2 days ago
user_महंत मनोज शर्मा
महंत मनोज शर्मा
Local News Reporter ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ•
2 days ago
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*एक राखी, एक बंधन, एक राष्ट्र सीमा के वीर जवानों के नाम राखी ने राष्ट्र और उसके वीर सैनिकों के बीच अटूट बंधन को और मजबूत किया*  मनोज शर्मा,चंडीगढ़ । 23 अगस्त 2026 को आसफवाला युद्ध स्मारक समिति ने भारतीय सेना के समन्वय से आसफवाला युद्ध स्मारक, फाजिल्का में 'राखी सरहद के नाम' कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उ‌द्देश्य सैन्य-नागरिक सौहार्द को मजबूत करना तथा सशस्त्र बलों और सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के बीच कायम गहरे एवं अटूट संबंधों को और सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम में गुलाब चंद कटारिया, माननीय राज्यपाल, पंजाब, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क, जीओसी, 10 कोर, सहित वरिष्ठ सैन्य एवं नागरिक गणमान्य व्यक्तियों ने समारोह की गरिमा बढ़ाई।  आसपास के गांवों की महिलाओं तथा स्थानीय विद्यालयों की लगभग 1,000 छात्राओं ने लगभग 800 सेना के जवानों की कलाई पर राखियां बांधीं। यह भावपूर्ण पहल देश की रक्षा में समर्पित सैनिकों के प्रति स्नेह, सम्मान, कृतज्ञता और विश्वास का प्रतीक बनी।  इस अवसर पर सीमावर्ती फाजिल्का क्षेत्र के लोगों और सशस्त्र बलों के बीच मौजूद गहरे भावनात्मक जुड़ाव, आपसी विश्वास और सैन्य-नागरिक सौहार्द की भावना और अधिक मजबूत हुई। राखी के इस पवित्र बंधन ने यह संदेश दिया कि सीमा की रक्षा करने वाले सैनिक और देशवासी एक ही राष्ट्रीय परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं।

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  • सनातन धर्म सदैव अडिग अमर पर युवा पीढ़ी ही पतन का बन रही आधार {ज्वलंत पारिवारिक सामाजिक विषय} चंडीगढ़ मंगलवार 25/08/2026 एम आरके विक्रमा शर्मा रक्षत शर्मा प्रस्तुति--- 👉🏻 बच्चों की शादी 20 वर्ष की उम्र में तो एक शताब्दी में 5 पीढ़ी 👉🏻 बच्चों की शादी 25 वर्ष की उम्र में तो एक शताब्दी में 4 पीढ़ी 👉🏻 बच्चों की शादी 33 वर्ष की उम्र में तो एक शताब्दी में 3 पीढ़ी साधारण गणना से पता चलता है कि हिन्दू जनसंख्या वृद्धि दर कहां जा रही है? विचारणीय तथ्य। *❗क्या हमारा समाज अगली सदी तक रहेगा ही नहीं?* — हिन्दू समाज के आत्ममंथन का समय आ गया है — आज चारों ओर एक अजीब-सा अंधकार फैल गया है। 🏚️ गाँव सूने, मोहल्ले खाली, और घरों में चुप्पी है। बेटियाँ 30–35 की उम्र तक कुंवारी। बेटे 35 पार कर चुके, पर विवाह नहीं। शादी होती है तो बहुत देर से… बच्चे होते हैं तो एक ही… और फिर तलाक़… टूटे हुए परिवार… माता-पिता अकेले… और पूरी पीढ़ी खोखली। क्या इसे “शिक्षित समाज” कहा जाए या “आत्मघाती समाज”? *⚠️ जनसंख्या घटने की चुपचाप चलती साजिश* मान लीजिए 100 लोग हैं = 50 जोड़े। अगर हर जोड़ा केवल एक संतान पैदा करता है — तो अगली पीढ़ी में बस 45-46 बचते हैं। फिर वही क्रम चला, तो तीसरी पीढ़ी में समाज लगभग शून्य। यह कोई डराने की बात नहीं — यह गणित है, और यह हो चुका है! गाँव उजड़ चुके हैं, शहरों में ऊँची इमारतें हैं पर उनमें संयुक्त परिवार नहीं बचे। *❗ क्यों नई बहुएँ “सिर्फ एक बच्चा” चाहती हैं?* ताकि जीवन का “आनंद” ले सकें ताकि करियर न रुके ताकि शरीर पर असर न पड़े ताकि समाज में “मॉडर्न” कहलाएँ क्या यही धर्म है❓ क्या यही हमारी संस्कृति है❓ क्या यही हमारे पूर्वजों की परंपरा थी❓ *🔥 सच्चाई यह है...* अब संतान प्रेम का परिणाम नहीं, बल्कि सोशल प्रूफ बन चुकी है। “देखो, हमारे भी एक बच्चा है…” यह सोच न केवल धर्महीन है, बल्कि भविष्यविहीन भी। *⚖️ सबसे बड़ा दोष — लड़की के पिता का!* वही पिता, जिसने 22-25 की उम्र में विवाह कर परिवार बसाया, आज अपनी बेटी को 30 तक “कुंवारी राजकुमारी” बनाए रखता है। कभी करियर के नाम पर, कभी “अच्छा लड़का नहीं मिला” कहकर, तो कभी दहेज और प्रतिष्ठा के भय से। 👉 नतीजा — बेटी अवसाद में, IVF में, या तलाक़ में जा रही है। और समाज — धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है। *📉 हिन्दू समाज की भयावह तस्वीर* विवाह की औसत आयु: लड़का – 32 वर्ष, लड़की – 29 वर्ष औसतन संतान: 1 या 0.5 प्रति दंपत्ति हर 4 में 1 दंपत्ति – निःसंतान या चिकित्सीय समस्या डिवोर्स रेट – सबसे तेज़ वृद्धि दर हिन्दू समाज में हज़ारों युवक-युवतियाँ – विवाह योग्य होते हुए भी कुंवारे *🧘‍♂️ समाज के प्रबुद्ध क्या कर रहे हैं?* मौन। विवाह, परिवार और संतान — सबको त्याज्य विषय मान लिया गया है। पर यह धर्म नहीं, पलायन है। 👉 विवाह कोई सांसारिक बंधन नहीं — यह धर्म का स्तंभ है, यह वंश और संस्कार की निरंतरता का माध्यम है। *💥 आत्मस्वीकृति का समय* बेटी को “राजकुमारी” बनाकर विवेक से दूर किया। बेटे को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया। विवाह को टालते रहे, और जब किया तो बहुत देर से। एक ही संतान — और फिर वही बिखराव, वही अकेलापन। *👨‍👩‍👧‍👦 अब क्या करना होगा?* 🔹 22 वर्ष के बाद पुत्र, 20 वर्ष के बाद पुत्री — विवाह को प्राथमिकता। 🔹 एक नहीं, कम से कम तीन संतानें — समाज की आवश्यकता। 🔹 समाज के अध्यक्ष, संत, विद्वान — इन विषयों पर खुलकर बोलें। 🔹 लड़की के पिता — बेटी की उम्र, भावनाएँ और भविष्य समझें। 👉 अपेक्षाएँ घटाइए, समझ बढ़ाइए — बेटी का जीवन बचाइए। *🕯️ अंतिम चेतावनी* अब नहीं चेते तो — 📉 ना युवक रहेंगे, ना युवतियाँ 📉 ना संतानें होंगी, ना संस्कार 📉 ना समाज रहेगा, ना मंदिर 🚩 और तब इतिहास में लिखा जाएगा — *“हिन्दू समाज — जिसने खुद को चुपचाप मिटा दिया।”*
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    सनातन धर्म सदैव अडिग अमर पर युवा पीढ़ी ही पतन का बन रही आधार {ज्वलंत पारिवारिक सामाजिक विषय}
चंडीगढ़ मंगलवार 25/08/2026 एम आरके विक्रमा शर्मा रक्षत शर्मा प्रस्तुति--- 👉🏻 बच्चों की शादी 20 वर्ष की उम्र में तो एक शताब्दी में 5 पीढ़ी 
👉🏻 बच्चों की शादी 25 वर्ष की उम्र में तो एक शताब्दी में 4 पीढ़ी 
👉🏻 बच्चों की शादी 33 वर्ष की उम्र में तो एक शताब्दी में 3 पीढ़ी 
साधारण गणना से पता चलता है कि हिन्दू जनसंख्या वृद्धि दर कहां जा रही है? विचारणीय तथ्य।
*❗क्या हमारा समाज अगली सदी तक रहेगा ही नहीं?* 
— हिन्दू समाज के आत्ममंथन का समय आ गया है —
आज चारों ओर एक अजीब-सा अंधकार फैल गया है।
🏚️ गाँव सूने, मोहल्ले खाली, और घरों में चुप्पी है।
बेटियाँ 30–35 की उम्र तक कुंवारी।
बेटे 35 पार कर चुके, पर विवाह नहीं।
शादी होती है तो बहुत देर से…
बच्चे होते हैं तो एक ही…
और फिर तलाक़… टूटे हुए परिवार…
माता-पिता अकेले…
और पूरी पीढ़ी खोखली।
क्या इसे “शिक्षित समाज” कहा जाए या “आत्मघाती समाज”?
*⚠️ जनसंख्या घटने की चुपचाप चलती साजिश* 
मान लीजिए 100 लोग हैं = 50 जोड़े।
अगर हर जोड़ा केवल एक संतान पैदा करता है —
तो अगली पीढ़ी में बस 45-46 बचते हैं।
फिर वही क्रम चला, तो तीसरी पीढ़ी में समाज लगभग शून्य।
यह कोई डराने की बात नहीं — यह गणित है, और यह हो चुका है!
गाँव उजड़ चुके हैं,
शहरों में ऊँची इमारतें हैं पर उनमें संयुक्त परिवार नहीं बचे।
*❗ क्यों नई बहुएँ “सिर्फ एक बच्चा” चाहती हैं?* 
ताकि जीवन का “आनंद” ले सकें
ताकि करियर न रुके
ताकि शरीर पर असर न पड़े
ताकि समाज में “मॉडर्न” कहलाएँ
क्या यही धर्म है❓
क्या यही हमारी संस्कृति है❓
क्या यही हमारे पूर्वजों की परंपरा थी❓
*🔥 सच्चाई यह है...* 
अब संतान प्रेम का परिणाम नहीं,
बल्कि सोशल प्रूफ बन चुकी है।
“देखो, हमारे भी एक बच्चा है…”
यह सोच न केवल धर्महीन है, बल्कि भविष्यविहीन भी।
*⚖️ सबसे बड़ा दोष — लड़की के पिता का!* 
वही पिता, जिसने 22-25 की उम्र में विवाह कर परिवार बसाया,
आज अपनी बेटी को 30 तक “कुंवारी राजकुमारी” बनाए रखता है।
कभी करियर के नाम पर, कभी “अच्छा लड़का नहीं मिला” कहकर,
तो कभी दहेज और प्रतिष्ठा के भय से।
👉 नतीजा — बेटी अवसाद में, IVF में, या तलाक़ में जा रही है।
और समाज — धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है।
*📉 हिन्दू समाज की भयावह तस्वीर* 
विवाह की औसत आयु: लड़का – 32 वर्ष, लड़की – 29 वर्ष
औसतन संतान: 1 या 0.5 प्रति दंपत्ति
हर 4 में 1 दंपत्ति – निःसंतान या चिकित्सीय समस्या
डिवोर्स रेट – सबसे तेज़ वृद्धि दर हिन्दू समाज में
हज़ारों युवक-युवतियाँ – विवाह योग्य होते हुए भी कुंवारे
*🧘‍♂️ समाज के प्रबुद्ध क्या कर रहे हैं?* 
मौन।
विवाह, परिवार और संतान — सबको त्याज्य विषय मान लिया गया है।
पर यह धर्म नहीं, पलायन है।
👉 विवाह कोई सांसारिक बंधन नहीं — यह धर्म का स्तंभ है,
यह वंश और संस्कार की निरंतरता का माध्यम है।
*💥 आत्मस्वीकृति का समय* 
बेटी को “राजकुमारी” बनाकर विवेक से दूर किया।
बेटे को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया।
विवाह को टालते रहे, और जब किया तो बहुत देर से।
एक ही संतान — और फिर वही बिखराव, वही अकेलापन।
*👨‍👩‍👧‍👦 अब क्या करना होगा?* 
🔹 22 वर्ष के बाद पुत्र, 20 वर्ष के बाद पुत्री — विवाह को प्राथमिकता।
🔹 एक नहीं, कम से कम तीन संतानें — समाज की आवश्यकता।
🔹 समाज के अध्यक्ष, संत, विद्वान — इन विषयों पर खुलकर बोलें।
🔹 लड़की के पिता — बेटी की उम्र, भावनाएँ और भविष्य समझें।
👉 अपेक्षाएँ घटाइए, समझ बढ़ाइए — बेटी का जीवन बचाइए।
*🕯️ अंतिम चेतावनी* 
अब नहीं चेते तो —
📉 ना युवक रहेंगे, ना युवतियाँ
📉 ना संतानें होंगी, ना संस्कार
📉 ना समाज रहेगा, ना मंदिर
🚩 और तब इतिहास में लिखा जाएगा —
*“हिन्दू समाज — जिसने खुद को चुपचाप मिटा दिया।”*
    user_MR K VIKRAMA SHARMA
    MR K VIKRAMA SHARMA
    Health consultant ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ•
    12 hrs ago
  • ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਸੋਸਾਇਟੀ ਦੇ ਬਿਲਕੁਲ ਸਾਹਮਣੇ. ਰੋਡ ਤੇ ਅੱਜ ਪ੍ਰੀ ਮਿਕਸ ਪਾਈ ਗਈ.. ਐਸਡੀਐਮ ਸਾਹਿਬ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਅਤੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਪ੍ਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਗੋਲਡੀ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕਰਦਿਆਂ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਪ੍ਰਭਜੋਤ ਸਿੰਘ ਖਾਲਸਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਵਾਰਡ ਨੰਬਰ ਛੇ ਖਰਡ ਦੇ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਵਰਕਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਦੱਸੇ ਕੰਮ ਹੁਣ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਹੋਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਏ ਹਨ।
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    ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਸੋਸਾਇਟੀ ਦੇ ਬਿਲਕੁਲ ਸਾਹਮਣੇ. ਰੋਡ ਤੇ ਅੱਜ ਪ੍ਰੀ ਮਿਕਸ ਪਾਈ ਗਈ.. 
ਐਸਡੀਐਮ ਸਾਹਿਬ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਅਤੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਪ੍ਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਗੋਲਡੀ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕਰਦਿਆਂ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਪ੍ਰਭਜੋਤ ਸਿੰਘ ਖਾਲਸਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਵਾਰਡ ਨੰਬਰ ਛੇ ਖਰਡ ਦੇ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਵਰਕਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਦੱਸੇ ਕੰਮ ਹੁਣ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਹੋਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਏ ਹਨ।
    user_Satnam Siswan
    Satnam Siswan
    ਖਰੜ, ਐਸ.ਏ.ਐਸ. ਨਗਰ (ਮੋਹਾਲੀ), ਪੰਜਾਬ•
    8 hrs ago
  • ਮੀਰੀ-ਪੀਰੀ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦੇ ਸਵਾਗਤ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੀਟਿੰਗ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ ਮੀਰੀ-ਪੀਰੀ ਸਿਧਾਂਤ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਸਜਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦੇ ਸਵਾਗਤ ਅਤੇ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੀਟਿੰਗ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਹ ਮੀਟਿੰਗ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਜੂਨੀਅਰ ਮੀਤ ਪ੍ਰਧਾਨ ਜਥੇਦਾਰ ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਰਿਆ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਹੇਠ ਹੋਈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਭਰ ਤੋਂ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਕਮੇਟੀ ਮੈਂਬਰਾਂ, ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਅਤੇ ਵਰਕਰਾਂ ਨੇ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਕੀਤੀ। ਮੀਟਿੰਗ ਦੌਰਾਨ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦੇ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਹੱਦ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚਣ ਮੌਕੇ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਸਵਾਗਤੀ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਵਿਚਾਰ-ਵਟਾਂਦਰਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਜਥੇਦਾਰ ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਰਿਆ ਅਤੇ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਮੈਨੇਜਰ ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕੰਗ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ ਮੀਰੀ-ਪੀਰੀ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਇਹ ਨਗਰ ਕੀਰਤਨ 30 ਅਗਸਤ ਦੀ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਹੱਦ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦੇ ਸਵਾਗਤ ਲਈ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪੜਾਵਾਂ ’ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਇਲਾਕੇ ਦੀਆਂ ਸੰਗਤਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਥਾਵਾਂ ’ਤੇ ਸਜਾਵਟੀ ਗੇਟ ਲਗਾਉਣ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਲੰਗਰਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਵੀ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਸੰਗਤਾਂ ਵੱਲੋਂ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦਾ ਸ਼ਰਧਾ ਅਤੇ ਉਤਸ਼ਾਹ ਨਾਲ ਸਵਾਗਤ ਕਰਨ ਦੀਆਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਜਥੇਦਾਰ ਰਿਆ ਅਤੇ ਮੈਨੇਜਰ ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕੰਗ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦੇ ਰਾਤਰੀ ਠਹਿਰਾਓ ਲਈ 30 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸ੍ਰੀ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਇਸ ਉਪਰੰਤ 31 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ 9 ਵਜੇ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਅਗਲੇ ਪੜਾਅ ਲਈ ਰਵਾਨਾ ਹੋਵੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਵੱਲੋਂ ਦਰਸਾਏ ਮੀਰੀ-ਪੀਰੀ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ ਅਤੇ ਸਿੱਖ ਪੰਥ ਦੀਆਂ ਮਹਾਨ ਰਵਾਇਤਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਇਸ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦਾ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਧਰਤੀ ’ਤੇ ਪਹੁੰਚਣਾ ਸਮੂਹ ਸੰਗਤਾਂ ਲਈ ਮਾਣ ਅਤੇ ਸ਼ਰਧਾ ਦਾ ਮੌਕਾ ਹੈ।
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    ਮੀਰੀ-ਪੀਰੀ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦੇ ਸਵਾਗਤ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੀਟਿੰਗ
ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ ਮੀਰੀ-ਪੀਰੀ ਸਿਧਾਂਤ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਸਜਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦੇ ਸਵਾਗਤ ਅਤੇ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੀਟਿੰਗ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਹ ਮੀਟਿੰਗ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਜੂਨੀਅਰ ਮੀਤ ਪ੍ਰਧਾਨ ਜਥੇਦਾਰ ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਰਿਆ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਹੇਠ ਹੋਈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਭਰ ਤੋਂ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਕਮੇਟੀ ਮੈਂਬਰਾਂ, ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਅਤੇ ਵਰਕਰਾਂ ਨੇ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਕੀਤੀ।
ਮੀਟਿੰਗ ਦੌਰਾਨ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦੇ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਹੱਦ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚਣ ਮੌਕੇ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਸਵਾਗਤੀ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਵਿਚਾਰ-ਵਟਾਂਦਰਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਜਥੇਦਾਰ ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਰਿਆ ਅਤੇ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਮੈਨੇਜਰ ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕੰਗ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ ਮੀਰੀ-ਪੀਰੀ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਇਹ ਨਗਰ ਕੀਰਤਨ 30 ਅਗਸਤ ਦੀ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਹੱਦ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚੇਗਾ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦੇ ਸਵਾਗਤ ਲਈ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪੜਾਵਾਂ ’ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਇਲਾਕੇ ਦੀਆਂ ਸੰਗਤਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਥਾਵਾਂ ’ਤੇ ਸਜਾਵਟੀ ਗੇਟ ਲਗਾਉਣ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਲੰਗਰਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਵੀ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਸੰਗਤਾਂ ਵੱਲੋਂ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦਾ ਸ਼ਰਧਾ ਅਤੇ ਉਤਸ਼ਾਹ ਨਾਲ ਸਵਾਗਤ ਕਰਨ ਦੀਆਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ।
ਜਥੇਦਾਰ ਰਿਆ ਅਤੇ ਮੈਨੇਜਰ ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕੰਗ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦੇ ਰਾਤਰੀ ਠਹਿਰਾਓ ਲਈ 30 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸ੍ਰੀ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਇਸ ਉਪਰੰਤ 31 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ 9 ਵਜੇ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਅਗਲੇ ਪੜਾਅ ਲਈ ਰਵਾਨਾ ਹੋਵੇਗਾ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਵੱਲੋਂ ਦਰਸਾਏ ਮੀਰੀ-ਪੀਰੀ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ ਅਤੇ ਸਿੱਖ ਪੰਥ ਦੀਆਂ ਮਹਾਨ ਰਵਾਇਤਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਇਸ ਖ਼ਾਲਸਾ ਮਾਰਚ ਦਾ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਧਰਤੀ ’ਤੇ ਪਹੁੰਚਣਾ ਸਮੂਹ ਸੰਗਤਾਂ ਲਈ ਮਾਣ ਅਤੇ ਸ਼ਰਧਾ ਦਾ ਮੌਕਾ ਹੈ।
    user_Kajal
    Kajal
    Mandi Agent ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ, ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ, ਪੰਜਾਬ•
    23 hrs ago
  • ਪੰਜਾਬ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਤੇ ਪੈਨਸ਼ਨਰਜ਼ ਸਾਂਝਾ ਫਰੰਟ ਅਤੇ ਸਾਂਝਾ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਮੰਚ, ਪੰਜਾਬ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਮੂਹ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ 27 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਸਮੂਹਿਕ ਛੁੱਟੀ ਤੇ ਜਾਣ ਦੀ ਅਪੀਲ। ਗੜ੍ਹਸ਼ੰਕਰ (ਅਸ਼ਵਨੀ ਸ਼ਰਮਾ) ਪੰਜਾਬ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਤੇ ਪੈਨਸ਼ਨਰਜ਼ ਸਾਂਝਾ ਫਰੰਟ ਅਤੇ ਸਾਂਝਾ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਮੰਚ, ਪੰਜਾਬ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਮੂਹ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ 27 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਸਮੂਹਿਕ ਛੁੱਟੀ ਤੇ ਜਾਣ ਦੀ ਅਪੀਲ। 27 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਬਾਜ਼ਾਰ ਖੁੱਲੇ ਰਹਿਣਗੇ ਅਤੇ ਸੜਕੀ ਆਵਾਜਾਈ ਬੰਦ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ।
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    ਪੰਜਾਬ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਤੇ ਪੈਨਸ਼ਨਰਜ਼ ਸਾਂਝਾ ਫਰੰਟ ਅਤੇ ਸਾਂਝਾ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਮੰਚ, ਪੰਜਾਬ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਮੂਹ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ 27 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਸਮੂਹਿਕ ਛੁੱਟੀ ਤੇ ਜਾਣ ਦੀ ਅਪੀਲ।
ਗੜ੍ਹਸ਼ੰਕਰ (ਅਸ਼ਵਨੀ ਸ਼ਰਮਾ) ਪੰਜਾਬ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਤੇ ਪੈਨਸ਼ਨਰਜ਼ ਸਾਂਝਾ ਫਰੰਟ ਅਤੇ ਸਾਂਝਾ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਮੰਚ, ਪੰਜਾਬ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਮੂਹ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ 27 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਸਮੂਹਿਕ ਛੁੱਟੀ ਤੇ ਜਾਣ ਦੀ ਅਪੀਲ। 27 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਬਾਜ਼ਾਰ ਖੁੱਲੇ ਰਹਿਣਗੇ ਅਤੇ ਸੜਕੀ ਆਵਾਜਾਈ ਬੰਦ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ।
    user_Ashwani Kumar Sharma
    Ashwani Kumar Sharma
    Local News Reporter ਗੜ੍ਹਸ਼ੰਕਰ, ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ, ਪੰਜਾਬ•
    11 hrs ago
  • ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਬਣੀ ਜੰਗ ਦਾ ਅਖਾੜਾ, ਬੀਜੇਪੀ ਅਤੇ ਆਪ ਕੋਂਸਲਰਾ ਚ ਹੋਈ ਹੱਥੋਂ ਪਾਈ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਬਣੀ ਜੰਗ ਦਾ ਅਖਾੜਾ, ਬੀਜੇਪੀ ਅਤੇ ਆਪ ਕੋਂਸਲਰਾ ਚ ਹੋਈ ਹੱਥੋਂ ਪਾਈ
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    ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਬਣੀ ਜੰਗ ਦਾ ਅਖਾੜਾ, ਬੀਜੇਪੀ ਅਤੇ ਆਪ ਕੋਂਸਲਰਾ ਚ ਹੋਈ ਹੱਥੋਂ ਪਾਈ  
ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਬਣੀ ਜੰਗ ਦਾ ਅਖਾੜਾ, ਬੀਜੇਪੀ ਅਤੇ ਆਪ ਕੋਂਸਲਰਾ ਚ ਹੋਈ ਹੱਥੋਂ ਪਾਈ
    user_Trilok Breaking news
    Trilok Breaking news
    Business management consultant ਲੁਧਿਆਣਾ (ਪੂਰਬੀ), ਲੁਧਿਆਣਾ, ਪੰਜਾਬ•
    12 hrs ago
  • ਵੱਧ ਬਿਜਲੀ ਬਿਲ ਦੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਦੇ ਨਿਪਟਾਰੇ ਲਈ ਜਾਰੀ ਹੋਵੇਗਾ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਨੰਬਰ! 👉🏻 ਉਸ ਨੰਬਰ 'ਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲ਼ੀਆਂ ਕਾਲਾਂ ਵਾਸਤੇ ਬੈਠੇਗੀ 20 ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਟੀਮ 👉🏻 15 ਕੰਮ-ਕਾਜੀ ਦਿਨਾਂ 'ਚ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਵੱਧ ਬਣੇ ਹੋਏ ਬਿਲ ਦੀ ਪੜਤਾਲ 👉🏻 ਭਵਿੱਖ 'ਚ ਮੁਸ਼ਕਿਲਾਂ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਲਈ ਸਾਫ਼ਟਵੇਅਰ 'ਚ ਕੀਤੇ ਗਏ ਬਦਲਾਅ - ਤਰੁਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਸੌਂਦ ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ, ਪੰਜਾਬ
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    ਵੱਧ ਬਿਜਲੀ ਬਿਲ ਦੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਦੇ ਨਿਪਟਾਰੇ ਲਈ ਜਾਰੀ ਹੋਵੇਗਾ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਨੰਬਰ!
👉🏻 ਉਸ ਨੰਬਰ 'ਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲ਼ੀਆਂ ਕਾਲਾਂ ਵਾਸਤੇ ਬੈਠੇਗੀ 20 ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਟੀਮ  
👉🏻 15 ਕੰਮ-ਕਾਜੀ ਦਿਨਾਂ 'ਚ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਵੱਧ ਬਣੇ ਹੋਏ ਬਿਲ ਦੀ ਪੜਤਾਲ
👉🏻 ਭਵਿੱਖ 'ਚ ਮੁਸ਼ਕਿਲਾਂ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਲਈ ਸਾਫ਼ਟਵੇਅਰ 'ਚ ਕੀਤੇ ਗਏ ਬਦਲਾਅ 
- ਤਰੁਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਸੌਂਦ 
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ, ਪੰਜਾਬ
    user_RD Times News
    RD Times News
    ਲੁਧਿਆਣਾ (ਪੱਛਮੀ), ਲੁਧਿਆਣਾ, ਪੰਜਾਬ•
    16 hrs ago
  • ਫਿਲੋਰ ਗੁਰਾਇਆ ਰੋਡ ਤੇ ਹੋਇਆ ਇੱਕ ਐਕਸੀਡੈਂਟ ਛੋਟੇ ਹਾਥੀ ਨੇ ਡਿਵਾਈਡਰ ਪਾਰ ਕਰਕੇ ਦੂਸਰੀ ਗੱਡੀ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਹਿਟ ਜਾਨੀ ਮਾਲ ਦਾ ਰਿਹਾ ਬਚਾਅ ਫਿਲੋਰ ਗੁਰਾਇਆ ਰੋਡ ਤੇ ਹੋਇਆ ਇੱਕ ਐਕਸੀਡੈਂਟ ਛੋਟੇ ਹਾਥੀ ਨੇ ਡਿਵਾਈਡਰ ਪਾਰ ਕਰਕੇ ਦੂਸਰੀ ਗੱਡੀ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਹਿਟ ਜਾਨੀ ਮਾਲ ਦਾ ਰਿਹਾ ਬਚਾਅ
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    ਫਿਲੋਰ ਗੁਰਾਇਆ ਰੋਡ ਤੇ ਹੋਇਆ ਇੱਕ ਐਕਸੀਡੈਂਟ ਛੋਟੇ ਹਾਥੀ ਨੇ ਡਿਵਾਈਡਰ ਪਾਰ ਕਰਕੇ ਦੂਸਰੀ ਗੱਡੀ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਹਿਟ ਜਾਨੀ ਮਾਲ ਦਾ ਰਿਹਾ ਬਚਾਅ
ਫਿਲੋਰ ਗੁਰਾਇਆ ਰੋਡ ਤੇ ਹੋਇਆ ਇੱਕ ਐਕਸੀਡੈਂਟ ਛੋਟੇ ਹਾਥੀ ਨੇ ਡਿਵਾਈਡਰ ਪਾਰ ਕਰਕੇ ਦੂਸਰੀ ਗੱਡੀ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਹਿਟ ਜਾਨੀ ਮਾਲ ਦਾ ਰਿਹਾ ਬਚਾਅ
    user_Jagjit Bhatti
    Jagjit Bhatti
    ਫਿਲੌਰ, ਜਲੰਧਰ, ਪੰਜਾਬ•
    23 hrs ago
  • ਜਦੋਂ ਅਚਾਨਕ ਰੋਡ ਤੇ ਬੰਦ ਖੜੀ ਗੱਡੀ ਵਿੱਚ ਬੈਠੇ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਆ ਗਿਆ ਹਾਰਟ ਅਟੈਕ ਕੁਰਾਲੀ ਤੋਂ ਬੱਦੀ ਰੋਡ ਤੇ ਸਥਿਤ ਇਕ ਜੂਸ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੇ ਗੱਡੀ ਸਵਾਰ ਜੂਸ ਪੀਣ ਲਈ ਰੁਕਦੇ ਹਨ।ਗੱਡੀ ਦਾ ਡਰਾਈਵਰ ਅਤੇ ਉਸ ਨਾਲ ਦੀ ਇੱਕ ਹੋਰ ਮਹਿਲਾ ਬਾਥਰੂਮ ਲਈ ਗੱਡੀ ਵਿੱਚ ਬੈਠੇ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਲਾਕ ਕਰਕੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਪਿੱਛੋਂ ਅਚਾਨਕ ਗੱਡੀ ਵਿੱਚ ਬੈਠੇ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਹਾਰਟ ਅਟੈਕ ਆ ਗਿਆ ਤੇ ਗੱਡੀ ਲਾਕ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਉਸ ਨੂੰ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾ ਮਿਲਣ ਕਾਰਨ ਉਸ ਦੀ ਜਾਨ ਚਲੀ ਗਈ।
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    ਜਦੋਂ ਅਚਾਨਕ ਰੋਡ ਤੇ ਬੰਦ ਖੜੀ ਗੱਡੀ ਵਿੱਚ ਬੈਠੇ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਆ ਗਿਆ ਹਾਰਟ ਅਟੈਕ 
ਕੁਰਾਲੀ ਤੋਂ ਬੱਦੀ ਰੋਡ ਤੇ ਸਥਿਤ ਇਕ ਜੂਸ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੇ ਗੱਡੀ ਸਵਾਰ ਜੂਸ ਪੀਣ ਲਈ ਰੁਕਦੇ ਹਨ।ਗੱਡੀ ਦਾ ਡਰਾਈਵਰ ਅਤੇ ਉਸ ਨਾਲ ਦੀ ਇੱਕ ਹੋਰ ਮਹਿਲਾ ਬਾਥਰੂਮ ਲਈ ਗੱਡੀ ਵਿੱਚ ਬੈਠੇ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਲਾਕ ਕਰਕੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਪਿੱਛੋਂ ਅਚਾਨਕ ਗੱਡੀ ਵਿੱਚ ਬੈਠੇ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਹਾਰਟ ਅਟੈਕ ਆ ਗਿਆ ਤੇ ਗੱਡੀ ਲਾਕ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਉਸ ਨੂੰ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾ ਮਿਲਣ ਕਾਰਨ ਉਸ ਦੀ ਜਾਨ ਚਲੀ ਗਈ।
    user_Satnam Siswan
    Satnam Siswan
    ਖਰੜ, ਐਸ.ਏ.ਐਸ. ਨਗਰ (ਮੋਹਾਲੀ), ਪੰਜਾਬ•
    8 hrs ago
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